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अमृतसर में IDH मार्केट में दुकान के मालिकाना हक को लेकर हुआ विवाद
  • अमृतसर बस स्टैंड के पास दुकान को लेकर विवाद, दो पार्टियों ने किया मालिकाना हक का दावा

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर बस स्टैंड के पास स्थित शहीद भगत सिंह मार्केट, जिसे IDH मार्केट के नाम से भी जाना जाता है, में एक दुकान को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। मामला दुकान के मालिकाना हक, किराएदारी और पार्टनरशिप से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों पक्ष दुकान पर अपना-अपना अधिकार जता रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद मामला पुलिस चौकी तक पहुंच गया है।

पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर दुकान से संबंधित कागजात और अन्य दस्तावेज पेश करने को कहा है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि “कागजात पेश करें, डॉक्यूमेंट्स के आधार पर फैसला होगा।”

2018 में हुई थी पार्टनरशिप

दुकान पर मालिकाना हक का दावा करने वाले पवन कुमार ने बताया कि उनके पिता बलविंदर कुमार उर्फ बब्बा ने यह दुकान किराए पर ली थी। उनके अनुसार, दुकान की किराएदारी वर्ष 2010 में शुरू हुई थी और 2017 में लीज को रिन्यू कराया गया था।

पवन कुमार के मुताबिक, वर्ष 2018 में दोनों पक्षों के बीच बिजनेस पार्टनरशिप हुई थी और इसके लिए पेपरवर्क भी किया गया था। इस पार्टनरशिप के तहत बैग, अटैची, ट्रॉली बैग और स्कूल बैग आदि का कारोबार किया जाता था।

8 साल के अकाउंट्स और किराए को लेकर सवाल

पवन कुमार ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024-25 के दौरान दूसरी पार्टी ने कथित तौर पर नगर निगम के साथ मिलीभगत कर दुकान को अपने नाम पर रजिस्टर कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कारोबार के अकाउंट्स मांगे तो दूसरी पार्टी ने कथित तौर पर किसी तरह के ट्रांजैक्शन को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2018 से उन्हें किराया नहीं दिया गया और करीब आठ साल का किराया बकाया है। इसके अलावा पार्टनरशिप से जुड़े अकाउंट्स भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

पवन कुमार ने आरोप लगाया कि मौजूदा विवाद के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। उन्होंने पुलिस से मामले में इंसाफ की मांग की है। उनका कहना है कि इस संबंध में पुलिस कमिश्नर और रामबाग SHO को भी आवेदन दिया गया है।

पवन कुमार के समर्थन में पहुंचे संदीप सिंह जंडियाला

मामले में भगवान वाल्मीकि एकता संघर्ष मोर्चा के चेयरमैन संदीप सिंह जंडियाला भी पवन कुमार के समर्थन में पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पवन कुमार ने उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी है और उन्हें लगता है कि परिवार को परेशान किया जा रहा है।

संदीप सिंह के मुताबिक, पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर दस्तावेज दिखाने को कहा। उनका दावा है कि उन्होंने पुलिस के सामने अपने दस्तावेज पेश किए, जबकि दूसरी पार्टी ने उस समय दस्तावेज पेश नहीं किए। उनके अनुसार, पुलिस ने दूसरे पक्ष को अगले दिन सुबह 10 बजे तक अपने दस्तावेज पेश करने का समय दिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच पूरी होने तक दुकानें बंद रखने की बात कही गई है।

दुकानदार ने भी दस्तावेजों के आधार पर फैसले की बात कही

वहीं, मार्केट के दुकानदार राजेश कुमार ने कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक यह बिल्डिंग बलविंदर कुमार उर्फ बब्बा की है और वह खुद किराएदार हैं। उन्होंने बताया कि बलविंदर कुमार की मौत के बाद उनकी पत्नी को किराए पर दुकान दी गई थी।

राजेश कुमार ने कहा कि दुकान के मालिकाना हक का वास्तविक फैसला दस्तावेजों के आधार पर ही किया जा सकता है। जो भी पक्ष मालिकाना हक का दावा कर रहा है, उसे अपने दस्तावेज पेश करने चाहिए।

पुलिस ने दोनों पक्षों से मांगे दस्तावेज

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुकान को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद है। पुलिस ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।

पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों की ओर से पेश किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच की जाएगी और रिकॉर्ड के आधार पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। किराएदारी, लीज, पार्टनरशिप और मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल मामला पुलिस जांच में है। दुकान पर वास्तविक मालिकाना हक किसका है, इसका फैसला दस्तावेजों और संबंधित कानूनी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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