डॉ. जितेंद्र सिंह ने दक्षिण कोरिया के गृह एवं सुरक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता की
नई दिल्ली / सत्ता संदेश
भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए दक्षिण कोरिया गणराज्य के गृह एवं सुरक्षा मंत्री युन होजुंग ने कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की। डिजिटल शासन, ई-गवर्नेंस, लोक प्रशासन, क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्रों में भारत तथा दक्षिण कोरिया के बीच संभावित सहयोग पर चर्चा की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया दोनों ही जीवंत लोकतंत्र हैं जो अपने साझा मूल्यों, विरासत और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हम दो प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाएं हैं जो एक विशेष रणनीतिक साझेदारी साझा करती हैं और यह ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी दोनों ही है।”
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कोरिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में भारत-कोरिया संबंधों को मजबूत करने में अतिथि मंत्री के योगदान की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करेगी।
उन्होंने राष्ट्रपति ली जे म्युंग की हालिया यात्रा का भी जिक्र किया, जिसके परिणामस्वरूप व्यापार और निवेश, बंदरगाह और समुद्री मामले, डिजिटल और फिनटेक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति, खेल आदि सहित प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने सेवा वितरण और पारदर्शिता में सुधार के लिए भारत की पहलों जैसे कि सीपीग्राम, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन प्लेटफार्मों के उपयोग का उल्लेख किया। कोरियाई पक्ष ने स्मार्ट शासन, डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और आपदा एवं सुरक्षा प्रबंधन में अपने अनुभव साझा किए।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर हो रही द्विपक्षीय वार्ता का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि कोरिया गणराज्य में योग की लोकप्रियता बढ़ रही है। उन्होंने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को योग समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
दोनों पक्षों की चर्चाओं में सरकारी सेवाओं के डिजिटल रूपांतरण, सार्वजनिक प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग, सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण, शासन में नागरिकों की भागीदारी और सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणालियों में सर्वोत्तम विधियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

