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Punjab Anti-Drug Campaign: फिल्लौर में CM भगवंत मान की समीक्षा बैठक, 117 DSP नियुक्त

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिल्लौर में नशा विरोधी अभियान की समीक्षा की। पंजाब में पुलिस विभाग को मजबूत करने के लिए 117 डीएसपी नियुक्त किए गए और नए वाहनों को मंजूरी दी गई।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

दिनांक : 16 अक्टूबर 2026

पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज फिल्लौर में समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी जिलों के एसएसपी, डीसी, डीएसपी और एसडीएम ने हिस्सा लिया। इस दौरान नशा विरोधी अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई और पुलिस विभाग को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसे जन-आंदोलन बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को इस अभियान में भागीदारी निभानी चाहिए, ताकि पंजाब को नशे की समस्या से मुक्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान से जुड़ी सिफारिशों को लागू करने की पूरी अनुमति दे दी गई है। पुलिस विभाग को और मजबूत बनाने के लिए 117 डीएसपी नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस के लिए नए वाहनों को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिल सके।

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब गुरुओं और संतों की पवित्र धरती है और इस भूमि पर नशे का कलंक नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकार का सहयोग करें और मिलकर पंजाब को फिर से खुशहाल बनाने में योगदान दें।

मुख्यमंत्री ने महाराजा रणजीत सिंह के न्यायपूर्ण शासन का उल्लेख करते हुए ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा।

मौड़ : राजपाल सिंह की संदिग्ध मौत का खुलासा, पत्नी और कथित प्रेमी गिरफ्तार

बठिंडा / मौड़ / सत्ता संदेश

पंजाब के बठिंडा जिले के मौड़ थाना क्षेत्र के गांव कोटली खुर्द में राजपाल सिंह की संदिग्ध मौत के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस जांच के अनुसार, राजपाल सिंह ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या की गई और बाद में शव को घर की रसोई में लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी किरणपाल कौर और गांव कोटली कलां निवासी ब्रह्मजीत सिंह उर्फ पीता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच कथित संबंध होने की बात जांच में सामने आई है।

मौड़ थाने के SHO इंस्पेक्टर तरनदीप सिंह के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि कोटली खुर्द गांव स्थित घर में राजपाल सिंह का शव लटका हुआ मिला है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद घटनास्थल और अन्य पहलुओं की गहनता से जांच शुरू की गई।

पुलिस के मुताबिक, मृतक के चचेरे भाई सतपाल सिंह के बयानों और जांच के दौरान सामने आया कि राजपाल सिंह की पत्नी किरणपाल कौर के ब्रह्मजीत सिंह के साथ कथित संबंध थे। पुलिस का कहना है कि राजपाल सिंह को इन कथित संबंधों के बारे में जानकारी हो गई थी और घटना से पहले दोनों के बीच विवाद भी हुआ था।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया कि किरणपाल कौर ने ब्रह्मजीत सिंह को अपने घर बुलाया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर कपड़े से राजपाल सिंह का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को घर की खुली रसोई में लोहे के एंगल से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान घर में लगे CCTV कैमरों का DVR और मोबाइल फोन भी गायब मिला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी किरणपाल कौर और ब्रह्मजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

SHO इंस्पेक्टर तरनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस घटना में इस्तेमाल किए गए कपड़े, गायब मोबाइल फोन, CCTV DVR और मामले से जुड़े अन्य सामान की बरामदगी के लिए कार्रवाई कर रही है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जा रहा है। रिमांड के दौरान पुलिस हत्या से जुड़े घटनाक्रम, कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए सामान और गायब CCTV DVR व मोबाइल फोन समेत अन्य तथ्यों की जांच करेगी।

Amritsar : दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद गरमाया माहौल, कांग्रेस पार्षदों ने पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

कांग्रेस नेता और इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। दिनेश बस्सी के समर्थन में कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने पुलिस प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगाए। वहीं, पुलिस द्वारा पार्षदों को थाने से बाहर निकालने का एक वीडियो भी सामने आया है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दिनेश बस्सी को पुलिस ने पूछताछ में सहयोग करने के लिए थाने बुलाया था, लेकिन बाद में उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। इसके बाद कांग्रेस के कुछ पार्षद उनके साथ सिविल लाइंस थाने पहुंचे।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की और उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

पार्षद संजीव टांगरी ने पंजाब पुलिस और सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को थाने से धक्का देकर बाहर निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि दिनेश बस्सी को राजनीतिक दबाव के चलते मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। संजीव टांगरी के मुताबिक, दिनेश बस्सी की गलती सिर्फ इतनी है कि वह कांग्रेस की ओर से ईस्ट हलके से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

वहीं, पार्षद रमन रम्मी ने आरोप लगाया कि दिनेश बस्सी को पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। रमन रम्मी के मुताबिक, जब पांच पार्षद उनके साथ थाने पहुंचे तो बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे और कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

रमन रम्मी ने यह भी आरोप लगाया कि थाने के अंदर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की ओर से कोई गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस पार्षद थाने में ही गिरफ्तारी देने से पीछे नहीं हटेंगे।

पार्षद सतीश बल्लू ने कहा कि पुलिस के संदेश के बाद दिनेश बस्सी खुद थाने पहुंचे थे और वह पांच पार्षदों के साथ SHO के कमरे में बैठे थे। उनके मुताबिक, SHO को एक फोन आने के बाद स्थिति बदल गई और पुलिस ने उन्हें थाने से जाने के लिए कहा। सतीश बल्लू ने आरोप लगाया कि इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और चुने हुए प्रतिनिधियों को धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया।

कांग्रेस नेता बॉबी पहलवान ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने दावा किया कि जिस FIR का पुलिस की ओर से जिक्र किया जा रहा है, उसमें दिनेश बस्सी का नाम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दिनेश बस्सी के खिलाफ जबरदस्ती या गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस की ओर से धक्का-मुक्की या कथित तौर पर गलत कार्रवाई जारी रही तो शहर के बाजार बंद करवाने और सड़कों पर धरना देने का फैसला लिया जा सकता है। मामले को लेकर अमृतसर में राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।

खेड़ा वतन पंजाब दियां में आशा सैनी का शानदार प्रदर्शन, 10 मीटर शूटिंग में जीता गोल्ड मेडल

चंडीगढ़ / मोहाली / सत्ता संदेश

दिनांक : 06 अक्टूबर 2026

पंजाब में चल रही ‘खेड़ा वतन पंजाब दियां’ प्रतियोगिता में मोहाली जिले की ओर से हिस्सा लेते हुए आशा सैनी ने 10 मीटर शूटिंग कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। न्यू चंडीगढ़ के इकोसिटी-1 निवासी आशा सैनी पंजाब पुलिस मुख्यालय के लीगल सेल में कार्यरत हैं।

आशा सैनी ने बताया कि विभाग में ज्वाइनिंग के बाद से ही वह शूटिंग की नियमित प्रैक्टिस कर रही हैं। शूटिंग में बेहतर प्रदर्शन और तकनीकी दक्षता हासिल करने के लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच बाबू राम की देखरेख में प्रशिक्षण लिया। इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल करने के लिए उन्होंने लगातार शूटिंग रेंज में अभ्यास किया।

नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ शूटिंग के लिए समय निकालने के सवाल पर आशा सैनी ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए अतिरिक्त समय और छुट्टियों का उपयोग करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वह अपने खाली समय और छुट्टी वाले दिनों में नियमित रूप से शूटिंग की प्रैक्टिस करती हैं।

आशा सैनी, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के वकील कुलदीप सिंह सैनी की धर्मपत्नी हैं। उन्होंने 10 मीटर शूटिंग श्रेणी में मोहाली जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। इससे पहले जुलाई में पंजाब राइफल शूटिंग एसोसिएशन की ओर से मोहाली में आयोजित शूटिंग चैंपियनशिप में भी आशा सैनी ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।

लगातार बेहतर प्रदर्शन के साथ आशा सैनी ने शूटिंग के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत की है और ‘खेड़ा वतन पंजाब दियां’ में उनकी इस उपलब्धि से मोहाली जिले का भी गौरव बढ़ा है।

LPU हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 11 गिरफ्तारियां; 20 लोग नामजद

जालंधर / सत्ता संदेश

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) हिंसा मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश अपूर्वा, निवासी मेहराटा, राजस्थान और आदित्य, निवासी हाजीपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पर हिंसा के दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ करने का आरोप है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करने की तैयारी की जा रही है।

इससे पहले पुलिस इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी और 20 लोगों को नामजद किया गया था। नई गिरफ्तारियों के बाद मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

LPU परिसर में हुई हिंसा के दौरान तोड़फोड़, दुकानों में लूटपाट, पुलिस वाहनों में आगजनी और NH-44 को 18 घंटे से अधिक समय तक जाम किए जाने के मामले सामने आए थे। पुलिस ने पूरे मामले में 4 अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। जांच को आगे बढ़ाने के लिए 8 सदस्यीय SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का भी गठन किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए CCTV फुटेज समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर कथित भड़काऊ और फर्जी AI वीडियो के प्रसार को लेकर भी साइबर क्राइम टीम कार्रवाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक ऐसे करीब 300 पोस्ट हटाए गए हैं।

इस मामले में सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ कथित रेप की खबर भी तेजी से वायरल हुई थी। हालांकि, संबंधित छात्रा ने वीडियो जारी कर खुद को सुरक्षित बताया था और ऐसी किसी घटना से इनकार किया था।

LPU हिंसा मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी पंजाब सरकार और पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।

LPU हिंसा मामले में 9 गिरफ्तार, 7 छात्र शामिल; पुलिस ने 40 संदिग्धों की पहचान की

जालंधर / सत्ता संदेश

फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 27 और 28 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पंजाब पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 7 LPU के छात्र हैं, जबकि 2 अन्य लोग बाहरी बताए गए हैं। पुलिस ने मामले में 20 लोगों को नामजद किया है और जांच के दौरान 40 से अधिक संदिग्धों की पहचान किए जाने की बात कही है।

जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 26 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल होने के बाद छात्रों में रोष बढ़ा और अगले दिन प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ हुई, वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे भी जाम कर दिया था।

पुलिस के मुताबिक हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया। DIG नवीन सिंगला ने कहा कि पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज, सोशल मीडिया सामग्री, समाचार चैनलों की वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए 9 लोगों में 7 छात्र शामिल हैं। इनमें एक नाबालिग भी है, जिसकी तस्वीर यूनिवर्सिटी के गेट के पास लगे MiG-23 विमान के ऊपर चढ़ने के दौरान सामने आई थी। गिरफ्तार किए गए दो बाहरी आरोपियों की पहचान फगवाड़ा निवासी गगनदीप और जस्मीत कुमार के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि मामले में 20 आरोपियों को FIR में नामजद किया गया है, जबकि जांच के दौरान 40 से अधिक संदिग्धों की पहचान हुई है। पुलिस डिजिटल और CCTV साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

वहीं, LPU में प्रदर्शन की शुरुआत एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या से जुड़े सोशल मीडिया दावों के बाद हुई थी। पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन दावों की जांच के लिए अलग से SIT गठित की है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान DIG नवीन सिंगला के साथ कपूरथला के SSP गौरव तूरा और SIT से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस ने कहा है कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है।

पटियाला : ATM लूट की कोशिश नाकाम, बरनाला के दो आरोपी गिरफ्तार

पटियाला: पटियाला के गांधी नगर इलाके में ATM लूटने की कोशिश के मामले में लाहौरीगेट थाना पुलिस और CIA पटियाला की टीम ने बरनाला निवासी दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने रात के समय ATM काटकर नकदी निकालने की कोशिश की थी, लेकिन अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके।

जानकारी के अनुसार, 14 तारीख की रात दो अज्ञात लोगों ने लाहौरीगेट थाना क्षेत्र के गांधी नगर में स्थित एक ATM को काटने की कोशिश की। घटना के संबंध में लाहौरीगेट पुलिस स्टेशन में केस नंबर 167 दर्ज किया गया था।

मामले की जांच के दौरान लाहौरीगेट थाना पुलिस ने CIA पटियाला की टीमों के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए बरनाला के रहने वाले दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उनका रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इस मामले में आगे भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Amritser : काउंटर इंटेलिजेंस की बड़ी कार्रवाई, 4 युवक गिरफ्तार; हेरोइन और हथियार बरामद

अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस ने अमृतसर-लाहौर हाईवे पर चार युवकों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में बड़ी मात्रा में हेरोइन और हथियार बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ काउंटर इंटेलिजेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। टीम ने यह कार्रवाई अमृतसर-लाहौर इंटरनेशनल हाईवे पर खासा के पास की।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हेरोइन और हथियार बरामद किए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में बरामद हेरोइन की मात्रा करीब 30 से 35 किलोग्राम बताई गई है, जबकि द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार इस कार्रवाई में 27 किलोग्राम हेरोइन और एक पिस्तौल बरामद हुई है। बरामदगी की अंतिम मात्रा और हथियारों का पूरा विवरण जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगा।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करन, समरप्रीत, विशाल और सनी के रूप में बताई गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में एक संदिग्ध विदेशी हैंडलर से इनके संपर्क की जानकारी भी सामने आई है और एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही हैं।

जांच एजेंसियों को शक है कि नशीले पदार्थों की खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए पहुंचाई जा रही थी। काउंटर इंटेलिजेंस टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि खेप कहां से आई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

अमृतसर में ड्रग्स और अवैध हथियारों के खिलाफ हाल के दिनों में पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की कई कार्रवाइयां सामने आई हैं। पंजाब पुलिस ने भी हाल में ड्रग और हथियार सप्लाई से जुड़े कई नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है।

फिलहाल चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं। आने वाले समय में इस मामले में और बरामदगी या गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

पंजाब पुलिस की स्पेशल यूनिट्स की CM मान ने की समीक्षा, गैंगस्टर-ड्रग नेटवर्क पर बड़े ऑपरेशन के निर्देश

पंजाब CM भगवंत मान ने पुलिस की CI, AGTF और ANTF इकाइयों की समीक्षा की। 8 महीनों में 10 विदेशी भगोड़ों को भारत लाने और गैंगस्टर-ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई पर जोर।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को पंजाब पुलिस की प्रमुख विशेष इकाइयों के कामकाज और उनकी परिचालन तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में काउंटर इंटेलिजेंस (CI), एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा चलाए जा रहे जमीनी अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस अधिकारियों को पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार बड़े ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गैंगस्टरवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को पंजाब से जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस को पूरी मजबूती के साथ कार्रवाई जारी रखनी होगी।

बैठक के दौरान प्रवासी भगोड़े ट्रैकिंग और प्रत्यर्पण प्रकोष्ठ (OFTEC) के प्रदर्शन की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। पुलिस के अनुसार, जनवरी 2026 में स्थापित इस विशेष प्रकोष्ठ ने महज आठ महीनों में विदेशों में छिपे 10 भगोड़ों को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है।

इनमें से 9 आरोपियों को प्रत्यर्पण प्रक्रिया के माध्यम से भारत लाया गया, जबकि एक आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लाया गया। OFTEC का नेतृत्व IG आशीष चौधरी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को मजबूत करने में AIG डी. सुदरवी और SP दीपिका सिंह के प्रयासों की सराहना की।

मोल्दोवा से अमृत दलम को लाने में सफलता

बैठक के दौरान SP बिक्रम बराड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक विशेष स्मृति चिन्ह भेंट किया। पुलिस के अनुसार, यह स्मृति चिन्ह मोल्दोवा गणराज्य के अधिकारियों द्वारा पंजाब पुलिस को दिया गया था।

पंजाब पुलिस ने मोल्दोवा प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के प्रमुख सक्रिय सदस्य अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम को यूरोप के मोल्दोवा से कानूनी प्रत्यर्पण प्रक्रिया के जरिए भारत वापस लाया था।

AGTF के ऑपरेशन की मुख्यमंत्री ने की सराहना

मुख्यमंत्री ने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की कार्यशैली और राज्य में गैंगस्टरों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए किए जा रहे अभियानों पर संतोष जताया। उन्होंने DSP राजन परमिंदर सिंह और उनकी ऑपरेशनल टीम के प्रयासों और साहस की सराहना की।

इस दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए समय से पहले पदोन्नति पाने वाले सुखजीत सिंह को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने DSP का पदभार ग्रहण कराया और उनके कंधों पर DSP का बैज लगाया। मुख्यमंत्री ने इंस्पेक्टर से DSP पद पर पदोन्नत हुए सुखजीत सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विदेशी नेटवर्क और सीमा पार गतिविधियों पर नजर

बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पंजाब पुलिस अब स्थानीय स्तर पर कार्रवाई के साथ-साथ केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के साथ भी खुफिया जानकारी साझा कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में बैठकर पंजाब का माहौल खराब करने की साजिश रचने वाले भगोड़ों, उनके स्थानीय सहयोगियों और उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस को ऐसे नेटवर्क की पहचान कर आरोपियों को गिरफ्तार करने और उन्हें कानून के तहत सजा दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

खन्ना पुलिस ने अंतर्राज्यीय ट्रक लूट गिरोह का किया पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार

खन्ना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : परमिंदर वर्मा

खन्ना पुलिस ने ट्रकों को लूटने और चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में करीब 30 वारदातों को अंजाम दे चुका है।

गिरोह के मास्टरमाइंड तरुण कुमार उर्फ तरुण सिंह, निवासी डबुआ कॉलोनी, फरीदाबाद को पुलिस ने करीब 1700 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई वारदातों में शामिल होने की बात कबूल की है।

खन्ना के एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि 29 अगस्त की रात थाना सदर खन्ना क्षेत्र में राजपुरा के ट्रांसपोर्टर सुमित सहगल की कंपनी का स्क्रैप से भरा ट्रक लूट लिया गया था। करीब पांच आरोपियों ने ट्रक चालक बचन सिंह को अगवा कर उसके साथ मारपीट की और बाद में उसे सुनसान स्थान पर छोड़ दिया। इसके बाद आरोपी ट्रक लेकर फरार हो गए।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले लुधियाना के भामियां निवासी चेतन कुमार लाडी और उसके पिता प्रेम प्रकाश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने गिरोह के मास्टरमाइंड के तौर पर तरुण कुमार का नाम बताया।

इसके बाद तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने तरुण की लोकेशन पश्चिम बंगाल में ट्रेस की। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी पहचान के आधार पर लुधियाना निवासी जसप्रीत सिंह के नाम से रेलवे टिकट बुक करवाकर फरार होने की तैयारी में था। पुलिस ने रेलवे पुलिस की मदद से उसे जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से स्क्रैप बेचकर हासिल किए गए 1.10 लाख रुपये बरामद किए हैं। उसकी निशानदेही पर लूटा गया ट्रक हरियाणा के चीका से बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक ट्रक में करीब 4.50 लाख रुपये का स्क्रैप लदा हुआ था, जिसे गुरुग्राम के स्क्रैप कारोबारियों गणेश कुमार और उसके बेटे विकास राय को बेचा गया था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह मुख्य रूप से लोहे और अन्य कीमती स्क्रैप से भरे ट्रकों को निशाना बनाता था। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करने के साथ-साथ गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

एसएसपी के मुताबिक चेतन कुमार के खिलाफ पांच मामले, तरुण कुमार के खिलाफ नौ मामले दर्ज हैं, जबकि प्रेम प्रकाश के खिलाफ लुधियाना में नशा तस्करी का एक मामला दर्ज है।

ट्रांसपोर्टर सुमित सहगल ने गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया और पूरी पुलिस टीम का धन्यवाद किया।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों तथा पूर्व की वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।