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शी-मार्ट से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा बाजार, अमित शाह ने केरलम में कई सहकारी पहलों की शुरुआत की

कोल्लम / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को केरलम के कोल्लम में सहकारिता क्षेत्र और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई पहलों की शुरुआत की। इनमें शी-मार्ट पहल प्रमुख रही। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को केवल ऋण लेने वाली लाभार्थी के बजाय अपने उत्पादों का कारोबार चलाने वाली उद्यमी के रूप में आगे बढ़ाना है।

शी-मार्ट की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शी-मार्ट मिशन के तहत की थी। इस पहल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और ग्रामीण उद्योगों से जुड़े उद्यमियों के उत्पादों को सीधे बाजार और ग्राहकों तक पहुंचाने की योजना है।

2500 से अधिक रिटेल आउटलेट पर उपलब्ध होंगे उत्पाद

अमित शाह ने बताया कि एनसीसीएफ के 2,500 से अधिक रिटेल आउटलेट पर भारतीय ब्रांड और स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ ही केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 से अधिक शी-मार्ट स्टोर स्थापित किए जाने की बात कही गई है।

इस पहल का मकसद ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने का अवसर देना है।

सस्ती दरों पर प्याज, भारत आटा और भारत चावल

कार्यक्रम के दौरान एनसीसीएफ और नेफेड की मोबाइल वैन के माध्यम से लोगों को सस्ती दरों पर प्याज, भारत आटा और भारत चावल उपलब्ध कराने की शुरुआत भी की गई। इसके अलावा नेफेड कल्याण छात्रवृत्ति योजना के तहत दो किसान परिवारों की बेटियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

केरलम के सहकारी क्षेत्र की अमित शाह ने की तारीफ

अमित शाह ने केरलम में सहकारिता के पुराने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में आजादी से पहले से ही सहकारी व्यवस्था मजबूत रही है। उन्होंने त्रावणकोर, कोचीन और मालाबार क्षेत्रों में सहकारी आंदोलन के इतिहास का जिक्र किया।

शाह के अनुसार, केरलम में 23 हजार से अधिक सहकारी समितियां काम कर रही हैं। उन्होंने राज्य से केंद्र की सहकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। साथ ही डेयरी, बीज और जैविक कृषि जैसे क्षेत्रों में विशेष सहायता और मार्गदर्शन देने की बात कही।

महिला सशक्तिकरण पर केंद्र का जोर

अमित शाह ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। शी-मार्ट के जरिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सरकार की ओर से सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैविक उत्पादों और सहकारी निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

केदारनाथ धाम यात्रा 27 सितंबर तक स्थगित, रेड अलर्ट के चलते प्रशासन का फैसला

रुद्रप्रयाग / सत्ता संदेश

मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट को देखते हुए केदारनाथ धाम यात्रा को शनिवार दोपहर से 27 सितंबर तक स्थगित कर दिया गया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून की ओर से जारी मौसम पूर्वानुमान में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। खराब मौसम को देखते हुए देश-विदेश से चारधाम यात्रा पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया है।

खराब मौसम का असर केदारनाथ धाम की हेली सेवा पर भी पड़ा। शनिवार को मौसम की स्थिति को देखते हुए हेली सेवा संचालित नहीं की गई।

प्रशासन ने यात्रा मार्ग के सभी सेक्टर अधिकारियों, चेकपोस्ट और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मौसम सामान्य होने के बाद केदारनाथ यात्रा दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली : 2,453 PG पर सवाल: 70% से ज्यादा इमारतों के नक्शे ट्रेस नहीं, सत्या निकेतन हादसे के बाद बढ़ी जांच

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

सत्या निकेतन में पेइंग गेस्ट (PG) इमारत गिरने और सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली में चल रहे PG आवासों की सुरक्षा और वैधता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि राजधानी के 12 जोन में कुल 2,453 PG इमारतें चिन्हित की गई हैं। इनमें 32,247 कमरे हैं और करीब 50,529 लोगों के रहने का अनुमान है।

सबसे अहम बात यह सामने आई है कि इन 2,453 PG इमारतों में से केवल 512 इमारतें मास्टर प्लान के अनुरूप पाई गई हैं, जबकि सिर्फ 730 इमारतों के मंजूर बिल्डिंग प्लान उपलब्ध या सत्यापित हो सके हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि बाकी 1,723 इमारतों को सीधे अवैध PG घोषित कर दिया गया है। MCD के मुताबिक इन इमारतों के भवन नक्शों की जानकारी फिलहाल ट्रेस या सत्यापित नहीं हो सकी है और परिसर-वार जांच जारी है।

चार PG इमारतें खतरनाक स्थिति में

MCD के सर्वे में 2,342 PG इमारतें देखने में सुरक्षित पाई गईं। वहीं 91 इमारतों में मामूली मरम्मत और 30 में बड़ी मरम्मत की जरूरत बताई गई। सर्वे के दौरान चार इमारतों को खतरनाक स्थिति में पाया गया। इसके अलावा कई ऐसी इमारतों को भी चिन्हित किया गया है जिनमें जमीन के ऊपर अधिक मंजिलें हैं और जिनकी सुरक्षा को लेकर आगे जांच की जरूरत है।

सत्या निकेतन हादसे के बाद MCD की कार्रवाई

सत्या निकेतन में PG इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद MCD ने अपने पांच अधिकारियों को निलंबित किया, जिनमें संबंधित जोन के डिप्टी कमिश्नर और भवन विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारी शामिल हैं। मामले की जांच भी शुरू की गई है।

MCD ने हाईकोर्ट को बताया कि 6 से 23 सितंबर के बीच 543 संपत्तियां ध्वस्त, 178 सील और 354 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा 205 सीलिंग शो-कॉज नोटिस और 98 ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किए गए। हालांकि, अदालत के सामने यह स्पष्ट किया गया कि ये आंकड़े सामान्य अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े हैं और इन्हें सीधे PG इमारतों पर हुई कार्रवाई नहीं माना जा सकता।

क्या दिल्ली में PG चलाना अवैध है?

दिल्ली में PG चलाना अपने आप में अवैध नहीं है। हालांकि, इसके लिए मास्टर प्लान, स्वीकृत भवन नक्शे, जमीन के इस्तेमाल, भवन सुरक्षा और लागू बिल्डिंग बायलॉज समेत अन्य नियमों का पालन जरूरी है।

सत्या निकेतन हादसे के बाद अब मुख्य सवाल केवल यह नहीं है कि दिल्ली में कितने PG चल रहे हैं, बल्कि यह भी है कि उनमें से कितने नियमानुसार संचालित हो रहे हैं और कितने भवनों में रहने वाले छात्रों और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित है।

1,723 PG पर आगे की जांच अहम

फिलहाल तस्वीर के तीन आंकड़े सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं—2,453 PG इमारतें, 730 उपलब्ध/सत्यापित मंजूर नक्शे और 512 मास्टर प्लान के अनुरूप PG। ऐसे में बाकी 1,723 इमारतों की स्थिति स्पष्ट होना आगे की जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गया है।

MCD की परिसर-वार जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें कितनी इमारतों के वैध नक्शे बाद में मिलते हैं, कितनी जगहों पर नियमों का उल्लंघन सामने आता है और वहां रह रहे लोगों की सुरक्षा की स्थिति क्या है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी PG व्यवस्था और भवन सुरक्षा को लेकर अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी मांगी है।

एशियन गेम्स में भारत का कबड्डी में डबल धमाल, पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर जीता गोल्ड

खेल डेस्क / आइची-नागोया / सत्ता संदेश

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कबड्डी में शानदार प्रदर्शन करते हुए डबल गोल्ड अपने नाम कर लिया। शनिवार, 26 सितंबर को महिला टीम के बाद भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने भी फाइनल में ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही भारत ने पुरुष कबड्डी में एशियन गेम्स का खिताब एक बार फिर अपने नाम कर लिया।

भारत और ईरान के बीच मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक रहा। पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। ईरान ने शानदार डिफेंस के दम पर हाफ टाइम तक भारत पर 18-17 की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ की शुरुआत में भी ईरान ने अपनी बढ़त बनाए रखी, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी की।

भारत की वापसी में डिफेंस की अहम भूमिका रही। सुमित और जयदीप दहिया के शानदार टैकल्स के साथ भारतीय रेडर्स ने लगातार अंक जुटाए। दूसरे हाफ में भारत ने ईरान पर दबाव बढ़ाया और मुकाबले का रुख पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया। अंततः भारत ने 40-34 से जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

महिला टीम ने भी जीता गोल्ड

इससे पहले शनिवार सुबह भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह भारत ने एक ही दिन महिला और पुरुष दोनों कबड्डी स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल हासिल किया।

पुरुष कबड्डी में भारत का 9वां गोल्ड

ईरान के खिलाफ जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स के पुरुष कबड्डी में अपना 9वां स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष कबड्डी 1990 से एशियन गेम्स का हिस्सा है और 2026 तक इसके 10 संस्करण हो चुके हैं। भारत ने 10 में से 9 संस्करणों में गोल्ड जीता है। 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में ईरान ने भारत को सेमीफाइनल में हराकर उसका स्वर्ण पदक अभियान रोक दिया था और खुद गोल्ड जीता था।

2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में गोल्ड जीता था। 2026 में भी दोनों टीमों ने खिताब बरकरार रखते हुए भारत को कबड्डी में एक बार फिर दोहरी स्वर्णिम सफलता दिलाई है।

चुनाव आयोग की अहम बैठक में बड़े फैसले, दिल्ली-महाराष्ट्र में SIR की समयसीमा बढ़ी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी की मौजूदगी में अहम बैठक की। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई और दावे-आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की ओर से मिली मांग के आधार पर आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। वहीं, नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर 2026 तक कर दी गई है।

महाराष्ट्र के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है। महाराष्ट्र में नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 10 नवंबर 2026 तय की गई है।

BLO घर जाकर जुटाएंगे दस्तावेज

आयोग के आधिकारिक बयान के मुताबिक, SIR के तहत जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके दस्तावेज जुटाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) उनके घर जाएंगे। आयोग ने कहा कि सामान्य तौर पर ऐसे मामलों में व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत नहीं होगी।

इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को जरूरत के अनुसार नाइट शेल्टर, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

फॉर्म-6 और घोषणा पत्र पर आयोग की सफाई

बैठक में फॉर्म-6 से जुड़े विवाद पर भी चर्चा हुई। आयोग ने कहा कि फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करने की व्यवस्था जारी रहेगी। आयोग के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट भी फॉर्म-6 में दिए जाने वाले घोषणा पत्र की वैधता को सही ठहरा चुका है।

ECINET की होगी समीक्षा

आयोग ने ECINET की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया है। इसमें एक वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त (DEC) के साथ IIT और IIM के स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होंगे।

आयोग ने यह भी तय किया कि उसकी सभी बैठकों का एजेंडा पहले से जारी किया जाएगा और बैठकों की कार्यवाही की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।

अधिकारियों की विदेश यात्रा के लिए पूर्व मंजूरी जरूरी

बैठक में अधिकारियों की विदेश यात्राओं को लेकर भी फैसला लिया गया। अब अधिकारियों को विदेश यात्रा से पहले चुनाव आयोग से अनुमति लेना जरूरी होगा। चुनाव आयुक्तों की ओर से अधिकारियों को जारी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आयोग ने अधिकारियों की APAR यानी वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट को हर साल 31 दिसंबर तक पूरा करने की समयसीमा पर भी जोर दिया।

कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र पर आयोग की सफाई

कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर आयोग ने स्पष्ट किया कि इसका आयोग या उसके IT विभाग की किसी नीतिगत व्यवस्था से संबंध नहीं था। आयोग के अनुसार, पत्र ECI में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।

आयोग ने कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा जारी कार्य-वितरण संबंधी आदेश दो चुनाव आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किए गए थे। साथ ही IT विभाग की निगरानी में उप निर्वाचन आयुक्त (DEC) की भूमिका कभी वापस नहीं ली गई।

20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR पूरा

आयोग के मुताबिक, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। SIR के दौरान या उसके बाद जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसमें युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाता भी शामिल हैं। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को ऐसे मतदाताओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने कहा कि देशभर में SIR से जुड़े फैसलों समेत हाल के महीनों में कई निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के अनुसार, 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR कराने का आदेश सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था। इसकी शुरुआत बिहार से हुई और इसके बाद पश्चिम बंगाल तथा अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रक्रिया आगे बढ़ी।

ब्रैम्पटन में कनाडा की सबसे बड़ी दस दिवसीय पंजाबी पुस्तक प्रदर्शनी का आगाज

लुधियाना / सत्ता संदेश

कनाडा के ब्रैम्पटन स्थित वर्ल्ड पंजाबी भवन में कनाडा की सबसे बड़ी दस दिवसीय पंजाबी पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। प्रसिद्ध पंजाबी कवि बाबा नजमी, पंजाब के एक्साइज एवं टैक्सेशन विभाग के पूर्व एडिशनल कमिश्नर एस. गुरतेज सिंह और वर्ल्ड पंजाबी भवन के फाउंडर चेयरमैन डॉ. दलबीर सिंह कथूरिया ने संयुक्त रूप से प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

यह पुस्तक प्रदर्शनी चेतना प्रकाशन, पंजाबी भवन लुधियाना और उसकी सहयोगी संस्था गुलाटी पब्लिशर्स की ओर से आयोजित की गई है। चेतना प्रकाशन के मालिक सतीश गुलाटी ने बताया कि डॉ. दलबीर सिंह कथूरिया के निमंत्रण पर यह प्रदर्शनी लगाई गई है, ताकि अक्टूबर के पहले सप्ताह में आयोजित होने वाली 7वीं वर्ल्ड पंजाबी कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर से पहुंचने वाले प्रतिनिधियों और पंजाबी साहित्य प्रेमियों को पंजाबी किताबें उपलब्ध हो सकें।

प्रदर्शनी में 2000 से अधिक पंजाबी पुस्तकों के शीर्षक उपलब्ध हैं। इसमें पुराने और नए दौर के अनेक चर्चित लेखकों की किताबें शामिल की गई हैं। प्रदर्शनी में प्रिंसिपल संत सिंह सेखों, जसवंत सिंह कंवल, प्रिंसिपल सरवन सिंह, डॉ. वरयाम सिंह संधू, गुरशरण सिंह नाटकर, मनमोहन बावा, अमृता प्रीतम, सुखविंदर अमृत, डॉ. मनमोहन, गुरतेज कोहरवाला, सुरजीत पातर, त्रैलोचन लोची, मनजिंदर धनोआ, जगविंदर जोधा, गुरभजन गिल, बाबा नजमी, ताहिरा सरा, सुगरा सदफ, बुशरा ऐजाज और निंदर घुग्यानवी सहित कई लेखकों की पुस्तकें मौजूद हैं।

उद्घाटन समारोह में पाकिस्तानी पंजाब के प्रसिद्ध पंजाबी कवि बाबा नजमी, पंजाबी सभा के अध्यक्ष डॉ. दलबीर सिंह कथूरिया, डॉ. दर्शनदीप अरोड़ा, डॉ. जगदीप सिंह, एडिशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर गुरतेज सिंह, पाकिस्तानी गायक हुसैन लाहौर, जसविंदर बिट्टा, कंवलजीत सिंह लकी, सतबीर सिंह सिद्धू और सतीश गुलाटी सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर बड़ी संख्या में पंजाबी साहित्य प्रेमी और पाठक पहुंचे। लोगों ने अपने पसंदीदा लेखकों की किताबों की खरीदारी की। आयोजकों के अनुसार, यह प्रदर्शनी आगामी दस दिनों तक पाठकों के लिए खुली रहेगी और पंजाबी साहित्य को कनाडा में पाठकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

चुनाव आयोग में 14 बार उठे सवाल, ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर विवाद गहराया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत के चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। द इंडियन एक्सप्रेस की हालिया जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई। इन आपत्तियों का संबंध मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव, चुनावी डेटा के केंद्रीकरण और SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों से बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों को अपने संज्ञान में लिए बिना किए जाने पर सवाल उठाए और कुछ कदमों को “अनधिकृत” तथा “अवैध” बताया। एक प्रमुख विवाद नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में SIR से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जोड़े जाने को लेकर सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने इस बदलाव की वैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे हटाने की मांग की थी।

विवाद केवल फॉर्म-6 तक सीमित नहीं रहा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, चुनावी रोल के डिजिटल डेटाबेस और ECINet से जुड़े कामकाज को दिल्ली में केंद्रीकृत किए जाने तथा जमीनी स्तर के निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की गईं। दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस मामले में कैबिनेट सचिव तक अपनी चिंताएं पहुंचाईं। ( सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक बिहार से शुरू हुई SIR प्रक्रिया के बाद 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। हालांकि, नामों का ड्राफ्ट सूची से हटना अपने आप में अंतिम रूप से मताधिकार समाप्त होना नहीं है, क्योंकि संबंधित प्रक्रिया में दावे और आपत्तियां दर्ज करने तथा पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की व्यवस्था मौजूद है।

पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में SIR को लेकर बड़ी संख्या में दावे और अपीलें भी सामने आई हैं। इसी बीच, चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल हुई हैं। हालिया एक याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कथित एकतरफा फैसलों की जांच के लिए SIT गठित करने की मांग की गई है। इसमें फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची के केंद्रीकरण और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर आरोप लगाए गए हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया भी इस विवाद के केंद्र में है। 2023 के कानून के तहत चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए गठित चयन समिति में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं। इससे पहले 2023 में Anoop Baranwal v. Union of India मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अलग चयन व्यवस्था का सुझाव दिया था, जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली समिति की बात कही गई थी। बाद में संसद द्वारा कानून बनाकर नियुक्ति की नई व्यवस्था लागू की गई।

इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया, बहु-सदस्यीय आयोग में आपसी सहमति और मतदाता सूची के प्रबंधन को लेकर गंभीर सार्वजनिक बहस खड़ी कर दी है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां मुख्य चुनाव आयुक्त को भी भेजी गई थीं, जबकि आयोग की ओर से रिपोर्ट में उठाए गए सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया गया था।

अब इस विवाद का केंद्र यह है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में संस्थागत पारदर्शिता और वैधानिक प्रक्रिया का कितना पालन हुआ और आयोग के भीतर दर्ज असहमतियों का किस तरह समाधान किया गया। आने वाले समय में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित याचिकाओं और चुनाव आयोग की ओर से दिए जाने वाले जवाबों से इन सवालों पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

चंडीगढ़ में ‘स्वच्छता ही सेवा 6.0’ के तहत युवाओं ने दिया जनभागीदारी का संदेश

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘स्वच्छता ही सेवा 6.0’ अभियान के तहत केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) एवं पत्र सूचना कार्यालय (PIB), चंडीगढ़ ने माई भारत, चंडीगढ़ के समन्वय से श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, सेक्टर-44 में स्वच्छता अभियान, स्वच्छता शपथ और जागरूकता रैली का आयोजन किया। कार्यक्रम स्कूल के नजदीक स्थित पब्लिक ग्राउंड में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना तथा स्वच्छता से जुड़ी सरकारी पहलों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवकों और अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और स्वच्छता को जनभागीदारी के माध्यम से जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया।

वरिष्ठ उप-महापौर जसमनप्रीत सिंह ने दिलाई स्वच्छता की शपथ

कार्यक्रम में चंडीगढ़ के वरिष्ठ उप-महापौर जसमनप्रीत सिंह ने भाग लिया और सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने में युवाओं की भूमिका और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर जोर दिया।

विशेष अभियान ‘स्वच्छता ही सेवा 6.0’ के तहत सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता के साथ लंबित मामलों के निपटारे, अनावश्यक अभिलेखों एवं सामग्री के निस्तारण तथा कार्यस्थलों को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और कार्यकुशल बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

युवा क्लब और स्थानीय संस्थानों ने दिया सहयोग

कार्यक्रम के सफल आयोजन में वृक्षिता यूथ क्लब का महत्वपूर्ण योगदान रहा। क्लब के स्वयंसेवकों ने विद्यार्थियों के साथ स्वच्छता गतिविधियों और जागरूकता रैली में सक्रिय सहभागिता की।

वहीं, जनभागीदारी की भावना को मजबूत करते हुए उत्तम स्वीट्स एंड बेकर्स, सेक्टर-44, चंडीगढ़ की ओर से प्रतिभागियों और स्वयंसेवकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।

इस अवसर पर पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह ने वरिष्ठ उप-महापौर श्री जसमनप्रीत सिंह को स्मृति चिह्न भेंट किया। सीबीसी की ओर से प्रतिभागियों को टोपी, मास्क और ग्लव्स भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में माई भारत, चंडीगढ़ के जिला युवा अधिकारी विनय कुमार का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही इसे स्थायी जन-अभियान बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों और युवाओं की सक्रिय सहभागिता ने स्वच्छता के संदेश को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गोल्डन एज सीनियर सिटिजन एसोसिएशन का मासिक मिलन समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

तारीख : 26 सितंबर 2026

गोल्डन एज सीनियर सिटिजन एसोसिएशन की ओर से मासिक मिलन समारोह हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से हुआ।

समारोह में मुख्य अतिथि काउंसलर प्रेम लता एवं लवलीन कौर ने विशेष रूप से शिरकत की। कार्यक्रम का आयोजन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट गोपाल कृष्ण सूद, सेक्रेटरी दीपक रिखी तथा फाइनेंस सेक्रेटरी रेखा छाबड़ा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया।

समारोह के दौरान एसोसिएशन के सदस्यों ने गीत-संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सदस्यों की प्रस्तुतियों ने समारोह में खूब रंग जमाया और माहौल को खुशनुमा बना दिया।

इस अवसर पर राधा अष्टमी के पावन पर्व को समर्पित विशेष कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। भक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों से समारोह में आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम के दौरान एसोसिएशन के सदस्यों के जन्मदिन भी धूमधाम से मनाए गए। इस मौके पर सभी सदस्यों ने जन्मदिन मनाने वाले सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और उनके साथ खुशियां साझा कीं।

समारोह के अंत में सभी सदस्यों के लिए विशेष लंच का आयोजन किया गया। सदस्यों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजक आयोजन वरिष्ठ नागरिकों को आपस में जुड़ने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और मिल-जुलकर खुशियां साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।

लुधियाना : गरबा-डांडिया का रंग चढ़ना शुरू, इंफ्लुएंसर्स ने किया प्रमोशनल धमाल

लुधियाना / सत्ता संदेश

गरबा-नवरात्रि 2026 को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं और गरबा-डांडिया को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ने लगा है। इसी कड़ी में टीएसपी इवेंट्स एलएलपी की ओर से श्री बालाजी फिल्म सिटी में इंफ्लुएंसर गेट-टुगेदर और प्रमोशनल शूट का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में शहर के प्रमुख डिजिटल क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के साथ-साथ फूड और लाइफस्टाइल कंटेंट क्रिएटर्स ने हिस्सा लिया। इस दौरान इंफ्लुएंसर्स ने गरबा और डांडिया थीम पर फेस्टिव कंटेंट तैयार किया। डांडिया के साथ हुए प्रमोशनल शूट ने कार्यक्रम के माहौल को भी उत्सवी बना दिया।

आयोजकों के मुताबिक, गरबा-नवरात्रि 2026 का दो दिवसीय गरबा-डांडिया उत्सव 17 और 18 अक्टूबर को साउथ सिटी स्थित F2 Raceway में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में गरबा और डांडिया के साथ लाइव एंटरटेनमेंट, म्यूजिक, फूड, फैशन और विभिन्न स्टॉल्स आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन के जरिए शहरवासियों को नवरात्रि के रंग, संगीत और डांडिया की पारंपरिक संस्कृति के साथ मनोरंजन का अनुभव मिलेगा। कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रमोशनल गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं।