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LPU हिंसा मामले में 9 गिरफ्तार, 7 छात्र शामिल; पुलिस ने 40 संदिग्धों की पहचान की

जालंधर / सत्ता संदेश

फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 27 और 28 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पंजाब पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 7 LPU के छात्र हैं, जबकि 2 अन्य लोग बाहरी बताए गए हैं। पुलिस ने मामले में 20 लोगों को नामजद किया है और जांच के दौरान 40 से अधिक संदिग्धों की पहचान किए जाने की बात कही है।

जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 26 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल होने के बाद छात्रों में रोष बढ़ा और अगले दिन प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ हुई, वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे भी जाम कर दिया था।

पुलिस के मुताबिक हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया। DIG नवीन सिंगला ने कहा कि पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज, सोशल मीडिया सामग्री, समाचार चैनलों की वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए 9 लोगों में 7 छात्र शामिल हैं। इनमें एक नाबालिग भी है, जिसकी तस्वीर यूनिवर्सिटी के गेट के पास लगे MiG-23 विमान के ऊपर चढ़ने के दौरान सामने आई थी। गिरफ्तार किए गए दो बाहरी आरोपियों की पहचान फगवाड़ा निवासी गगनदीप और जस्मीत कुमार के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि मामले में 20 आरोपियों को FIR में नामजद किया गया है, जबकि जांच के दौरान 40 से अधिक संदिग्धों की पहचान हुई है। पुलिस डिजिटल और CCTV साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

वहीं, LPU में प्रदर्शन की शुरुआत एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या से जुड़े सोशल मीडिया दावों के बाद हुई थी। पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन दावों की जांच के लिए अलग से SIT गठित की है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान DIG नवीन सिंगला के साथ कपूरथला के SSP गौरव तूरा और SIT से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस ने कहा है कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है।

LPU में रेप के दावे पर बवाल, हिंसक प्रदर्शन के बाद केस दर्ज; 7 सदस्यीय SIT करेगी जांच

फगवाड़ा / सत्ता संदेश

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से कथित रेप और बाद में आत्महत्या से जुड़े दावों को लेकर शुरू हुआ विवाद रविवार को हिंसक प्रदर्शन में बदल गया। छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ की, कुछ स्थानों पर आगजनी की और जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी जाम कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों की शुरुआत को लेकर भी जांच जारी है।

प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्हें एक छात्रा से जुड़ी कथित घटना की जानकारी मिली है और वे मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया और छात्रों के बीच घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए। हालांकि, शुरुआती स्तर पर पुलिस ने ऐसी किसी शिकायत की जानकारी होने से इनकार किया था।

बाद में पुलिस ने मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेप का केस दर्ज किया और सात सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की। SIT अब वायरल दावों, कथित घटना और उससे जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।

रातभर चला हंगामा, परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी

घटना को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने यूनिवर्सिटी परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कुछ वाहनों तथा अन्य सामान में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी।

प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। बाद में पुलिस प्रशासन ने यातायात बहाल कराया और स्थिति को नियंत्रण में बताया।

LPU ने कथित खबरों को बताया झूठा और मनगढ़ंत

हंगामे के बीच LPU प्रशासन ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित हो रही कथित खबरों और अफवाहों का खंडन किया। विश्वविद्यालय ने कहा कि छात्रों के बीच भ्रम पैदा करने वाली सूचनाएं फैलाई जा रही हैं और वर्तमान में प्रसारित अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है।

विश्वविद्यालय ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट सूचनाओं को साझा या आगे प्रसारित न करें और केवल विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर भरोसा करें।

LPU ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रामक सूचनाओं को व्यवस्थित तरीके से फैलाने से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, विश्वविद्यालय ने किसी विशेष व्यक्ति या संगठन को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज भी जांच के घेरे में

पूरे मामले में अब वायरल हुए कथित मैसेज और उसके स्रोत की भूमिका भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस और SIT यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि छात्रा से जुड़ा दावा कहां से सामने आया, उसमें कितनी तथ्यात्मक जानकारी थी और किस तरह यह जानकारी सोशल मीडिया पर फैली।

इस बीच, LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं निलंबित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित किया है।

फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है। रेप के आरोप से जुड़े तथ्यों, वायरल दावों और रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों की भूमिका पर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।