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Rahul Gandhi Acquitted: अमित शाह मानहानि केस में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस का जश्न

सुल्तानपुर की MP-MLA अदालत ने अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े 2018 के मानहानि मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया। फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।

सुल्तानपुर / सत्ता संदेश

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को बरी कर दिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने माना कि उनकी टिप्पणी मानहानिकारक नहीं थी। शिकायतकर्ता के मामले में शिकायत करने के अधिकार से जुड़े पहलू को भी फैसले में महत्वपूर्ण माना गया।

फैसले के समय राहुल गांधी अदालत में मौजूद थे। निर्णय के बाद अदालत परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इसके बाद राहुल गांधी के लखनऊ रवाना होने की जानकारी सामने आई।

2018 के बयान से जुड़ा था मानहानि का मामला

यह मामला मई 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा था कि लोग यह भूल जाते हैं कि भाजपा अध्यक्ष हत्या के मामले में आरोपी रहे हैं।

यह टिप्पणी सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले के संदर्भ में थी। अमित शाह को 2014 में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने इस मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया था।

राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इस बयान से अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

करीब आठ साल तक चली कानूनी लड़ाई

सुल्तानपुर की अदालत ने नवंबर 2023 में राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था। फरवरी 2024 में अदालत में पेश होने के बाद उन्हें जमानत मिल गई। जुलाई 2024 में राहुल गांधी ने अपना बयान दर्ज कराया और आरोपों से इनकार करते हुए मामले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य पेश किए गए। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी की आवाज के नमूने का भाषण की रिकॉर्डिंग से मिलान कराने की मांग भी की थी। ट्रायल कोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी थी। इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी आगे सफल नहीं हुईं।

अक्टूबर 2026 में दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने 26 अक्टूबर को फैसला सुनाया।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काफिले की गाड़ियों की टक्कर

सुल्तानपुर जाते समय राहुल गांधी के काफिले की कुछ गाड़ियां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपस में टकरा गईं। शुरुआती रिपोर्टों में इस घटना की पुष्टि हुई, हालांकि टक्कर में शामिल वाहनों की संख्या और नुकसान से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग-अलग रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं थी।

इस मामले में अदालत के फैसले से राहुल गांधी के खिलाफ इस आपराधिक मानहानि मुकदमे की ट्रायल कोर्ट में कार्यवाही समाप्त हो गई है। फैसले को चुनौती देने के लिए शिकायतकर्ता के पास उच्च अदालत का रुख करने का विकल्प हो सकता है।

संजय दत्त की मांग- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दें इस्तीफा, दोबारा चुनाव करवाने की चुनौती

कांग्रेस नेता संजय दत्त ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इस्तीफे और दोबारा चुनाव की मांग की। राव नरेंद्र ने भी कथित वोट चोरी, लोकतंत्र और चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाए।

हरियाणा / सत्ता संदेश

चुनाव और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता संजय दत्त ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इस्तीफे की मांग करते हुए हरियाणा में दोबारा चुनाव करवाने की चुनौती दी। वहीं, राव नरेंद्र ने लोकतंत्र, संविधान और विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल उठाए।

संजय दत्त ने आरोप लगाया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में जनादेश चुराया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को इस्तीफा देना चाहिए और राज्य में दोबारा चुनाव करवाए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, दोबारा चुनाव होने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

संजय दत्त ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के फैसलों की समीक्षा होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर लोगों के भरोसे का मुद्दा उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग की।

दूसरी ओर, राव नरेंद्र ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र और संविधान का अपमान किया जा रहा है तथा विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।

राव नरेंद्र ने दावा किया कि पार्टी की जिला इकाइयों के साथ ऑनलाइन बैठक के दौरान कुछ जिला अध्यक्षों के पास पुलिसकर्मी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने हरियाणा के डीजीपी से बात की और बताया कि पार्टी कोई प्रदर्शन नहीं, बल्कि बैठक कर रही थी। उनके अनुसार, डीजीपी ने इस बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही। राव नरेंद्र ने यह भी दावा किया कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया।

संजय दत्त ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी अहम भूमिका होती है। उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव और वोट चोरी का मुद्दा अब केवल कांग्रेस का संघर्ष नहीं, बल्कि हर नागरिक के अधिकारों से जुड़ा विषय बन गया है।

कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, हरियाणा चुनाव में जनादेश चोरी होने और वोट चोरी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।

वाल्मीकि तीर्थ पहुंचे प्रगट सिंह और सचिन पायलट, केंद्र पर बरसे कांग्रेस नेता; 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने का लगाया आरोप

अमृतसर के श्री वाल्मीकि तीर्थ पर प्रगट सिंह और सचिन पायलट ने माथा टेका। सचिन पायलट ने मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने का आरोप लगाया, जबकि प्रगट सिंह ने नफरत की राजनीति के खिलाफ आवाज उठाई।

सचिन पायलट बोले—नोटबंदी के बाद अब देश में ‘वोटबंदी’ का खेल; प्रगट सिंह ने कहा, नफरत और विभाजनकारी ताकतों को कांग्रेस देगी जवाब

अमृतसर / सत्ता संदेश

दिनांक : 9 अक्टूबर 2026

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष प्रगट सिंह और पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने अमृतसर स्थित पवित्र श्री वाल्मीकि तीर्थ पर माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विपक्षी दलों को लेकर अपने विचार रखे। सचिन पायलट ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाया, जबकि प्रगट सिंह ने कांग्रेस की एकजुटता और पंजाब में शांति व भाईचारे की रक्षा के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई।

‘देश में वोटबंदी का खेल खेला जा रहा है’: सचिन पायलट

सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद अब देश में ‘वोटबंदी’ का खेल चल रहा है। पायलट के मुताबिक, मतदाता सूची के मसौदे से लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार सवाल पूछने वाले विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए जनआंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोगों को जागरूक करने और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाने का आह्वान किया।

नफरत की राजनीति का विरोध करेगी कांग्रेस: प्रगट सिंह

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष प्रगट सिंह ने कहा कि वह श्री वाल्मीकि तीर्थ पर पंजाब की शांति, भाईचारे और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नफरत और विभाजन की राजनीति का मजबूती से विरोध करेगी और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।

आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर बात करते हुए प्रगट सिंह ने कांग्रेस संगठन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी की टीम मजबूत है और उसके पास प्रतिभाशाली नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपनी एकजुटता और संगठनात्मक तैयारी के दम पर राजनीतिक चुनौतियों का सामना करेगी।

प्रगट सिंह ने भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों, आपसी भाईचारे और प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखेगी।

दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ब्लॉक और मंडल स्तर तक सक्रिय किया जाएगा, ताकि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच जाकर आवाज उठाने तथा सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।

CEC ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित, 7-8 अक्टूबर को जाना था दंतेवाड़ा और कबीरधाम

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का 7-8 अक्टूबर का छत्तीसगढ़ दौरा अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।

रायपुर / सत्ता संदेश

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित कर दिया गया है। यह दौरा 7 और 8 अक्टूबर को प्रस्तावित था। छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से जारी पत्र में दौरा स्थगित किए जाने की वजह ‘अपरिहार्य कारण’ बताई गई है। दौरे की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के पत्र के मुताबिक, दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार को राज्य अतिथि का दर्जा दिया गया था। उनके दौरे को लेकर जरूरी प्रोटोकॉल और अन्य व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी जारी किए गए थे।

दंतेवाड़ा, कबीरधाम और चित्रकूट जाने का था कार्यक्रम

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रस्तावित कार्यक्रम में दंतेवाड़ा की देवी दंतेश्वरी मंदिर, कबीरधाम स्थित प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर और बस्तर जिले के चित्रकूट वाटरफॉल का दौरा शामिल था।

हालांकि, अब आयोग ने इस दो दिवसीय यात्रा को स्थगित कर दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा है कि आयोग से संशोधित तारीख मिलने के बाद इसकी जानकारी अलग से दी जाएगी।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल

CEC ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा ऐसे समय में स्थगित हुआ है, जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

विपक्ष ने की CEC के इस्तीफे की मांग

चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष का विरोध भी लगातार जारी है। हाल ही में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। आयोग के कार्यालय की ओर मार्च की अनुमति नहीं मिलने के बाद विपक्षी सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में कई घंटे तक धरना दिया।

विपक्षी नेताओं ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों के साथ-साथ मतदाता सूची के SIR और चुनाव आयोग से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है।

इससे पहले सितंबर में ज्ञानेश कुमार का मेरठ और वाराणसी दौरा भी स्थगित किया गया था। हालांकि, छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित करने के लिए चुनाव आयोग ने फिलहाल केवल ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला दिया है।

Rajpura Congress Meeting: पूर्व MLA हरदयाल सिंह कंबोज की बैठक ने लिया रैली का रूप, कार्यकर्ताओं की उमड़ी भीड़

राजपुरा में पूर्व MLA हरदयाल सिंह कंबोज के निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक बड़ी सभा में बदल गई। कंबोज ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और AAP सरकार पर निशाना साधा।

राजपुरा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : गुरप्रीत धीमान

राजपुरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और पंजाब कांग्रेस मैनिफेस्टो कमेटी के को-चेयरमैन हरदयाल सिंह कंबोज के निवास पर कांग्रेस नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के पहुंचने के बाद कार्यक्रम ने रैली का रूप ले लिया।

पत्रकारों से बातचीत में हरदयाल सिंह कंबोज ने कहा कि बैठक का उद्देश्य राजपुरा शहर के 13 वार्डों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ संगठन और आगामी गतिविधियों को लेकर चर्चा करना था, लेकिन कार्यकर्ताओं और लोगों की बड़ी मौजूदगी ने इसे बड़ी सभा में बदल दिया।

कंबोज ने बताया कि राजपुरा विधानसभा क्षेत्र को 21 जोन में बांटा गया है। इनमें 17 ग्रामीण जोन, 3 राजपुरा शहरी जोन और एक बनूर जोन शामिल है। उन्होंने कहा कि पुराने राजपुरा के 9 वार्डों को लेकर पहले ही एक बड़ी बैठक हो चुकी है, जबकि अगले 9 वार्डों की बैठक अगले सप्ताह आयोजित की जाएगी।

पूर्व विधायक ने दावा किया कि राजपुरा के व्यापारी, कर्मचारी, गरीब वर्ग और महिलाएं कांग्रेस की नीतियों और संगठन पर भरोसा रखते हैं। उन्होंने कहा कि राजपुरा के लोगों का कंबोज परिवार पर अटूट विश्वास है।

पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर कंबोज ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है और समाज का अलग-अलग वर्ग मौजूदा सरकार से असंतुष्ट है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के गृह जिले संगरूर का उल्लेख करते हुए पुलिस कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के साथ कथित व्यवहार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कंबोज ने कहा कि सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उनके इन आरोपों पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का उल्लेख इस बयान में नहीं है।

इस दौरान हरदयाल सिंह कंबोज ने परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर राजपुरा कांग्रेस की ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान के इस फैसले से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आई है। कंबोज ने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और राहुल गांधी के नेतृत्व में आगामी चुनावों में मजबूती से मैदान में उतरेगी।

पंजाब कांग्रेस की मैनिफेस्टो कमेटी को लेकर उन्होंने कहा कि कमेटी के चेयरमैन डॉ. अमर सिंह के नेतृत्व में पंजाब के लोगों की जमीनी जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए घोषणापत्र तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर घोषणापत्र को लागू किया जाएगा।

कार्यक्रम में राजपुरा हलके के कांग्रेस पार्षदों, ब्लॉक अध्यक्षों, युवा नेताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं लोगों ने हिस्सा लिया।

राहुल गांधी से मिले स्वामी प्रसाद मौर्य, INDIA गठबंधन में शामिल होगी अपनी जनता पार्टी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की राजनीति में गठबंधन और दल-बदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने शनिवार, 3 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा बनेगी और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया गया है।

राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद रहे। बैठक के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी की विचारधारा कांग्रेस और INDIA गठबंधन के साथ मेल खाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार दलितों और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।

‘भाजपा हटाओ’ को बताया लक्ष्य

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि INDIA गठबंधन में शामिल होने का फैसला समान विचारधारा के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए गठबंधन के साथ काम करना है। मौर्य ने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है। मौर्य ने कहा है कि चुनाव में कितनी सीटों पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी, इस पर बाद में चर्चा होगी।

कई नेताओं की कांग्रेस से मुलाकात

इसी बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के साथ अन्य नेताओं की मुलाकातें भी चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा समेत कुछ अन्य नेता भी कांग्रेस नेतृत्व से मिले हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य के कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क के बीच उनकी पार्टी के गठबंधन में शामिल होने की घोषणा को आगामी यूपी चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

कई दलों में रह चुके हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में जनता दल, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ काम किया है। 2016 में उन्होंने BSP छोड़कर BJP का दामन थामा था और योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री रहे।

2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में प्रवेश किया था। बाद में सपा से अलग होकर उन्होंने अपनी पार्टी बनाई। अब उनकी पार्टी के INDIA गठबंधन में शामिल होने के ऐलान से यूपी की चुनावी राजनीति में एक और गठबंधन अध्याय जुड़ गया है। (

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां जारी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में गठबंधन, सीटों के बंटवारे और नेताओं के पाला बदलने से जुड़े और फैसले सामने आ सकते हैं।

केरलम में वीडी सतीशन ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ: 20 मंत्रियों के साथ यूडीएफ सरकार का आगाज

नेशनल डेस्क : केरलम में आज से सत्ता की एक नई शुरुआत हुई है, जहाँ कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ 20 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इस ऐतिहासिक अवसर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

मंत्रिमंडल का स्वरूप: मुख्यमंत्री सतीशन के इस नए मंत्रिमंडल में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। कैबिनेट में 14 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि दो महिलाएं और दो अनुसूचित जाति के सदस्यों को भी स्थान मिला है। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और सनी जोसेफ को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

सहयोगी दलों की भूमिका: गठबंधन के प्रमुख सहयोगी दल आईयूएमएल (IUML) के कोटे से पांच नेताओं—पीके कुन्हालीकुट्टी, एन शम्सुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर और वीई अब्दुल गफूर ने मंत्री पद की शपथ ली है। इसके अलावा, यूडीएफ (UDF) ने थिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष और शनिमोल उस्मान को उपाध्यक्ष के रूप में नामित किया है।

वीडी सतीशन ने इस जीत को राज्य में कांग्रेस की सबसे बड़ी जीत में से एक बताया है और कहा है कि विभागों के आवंटन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

तमिलनाडु में ‘थलापति’ विजय का राज: 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ली शपथ, राहुल गांधी रहे मौजूद

नेशनल डेस्क: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है। अभिनेता से राजनेता बने तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने आज तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

दिग्गजों की मौजूदगी: इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विशेष रूप से चेन्नई पहुंचे और मंच पर विजय के साथ मौजूद रहे। इनके अलावा विजय के माता-पिता, अभिनेत्री तृषा कृष्णन, और गायक कृष भी समारोह में शामिल हुए।

बहुमत का समीकरण: विजय ने राज्यपाल को 121 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 के जादुई आंकड़े की आवश्यकता थी। इस गठबंधन में TVK (108), कांग्रेस (5), CPI (2), CPI(M) (2), VCK (2) और IUML (2) के विधायक शामिल हैं।

मंत्रिमंडल और विभाग: मुख्यमंत्री विजय के साथ 9 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है। विजय ने अपने पास लोक प्रशासन, पुलिस और गृह विभाग रखा है, जबकि के. ए. सेंगोत्तैयान को लोक निर्माण विभाग और आधव अर्जुन को खेल एवं उत्पाद शुल्क विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

सियासी संघर्ष: मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने के लिए विजय को काफी संघर्ष करना पड़ा। 4 मई को नतीजे आने के बाद से 9 मई तक काफी सियासी ड्रामा चला, जहाँ बहुमत साबित करने के लिए उन्हें सहयोगियों के समर्थन का इंतजार करना पड़ा। अंततः IUML और VCK के समर्थन के बाद उनके शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हुआ।

अगली चुनौती: राज्यपाल ने नई सरकार को 13 मई 2026 तक विधानसभा में विश्वास मत (Floor Test) हासिल करने का निर्देश दिया है।इस शपथ ग्रहण के साथ ही पूरे तमिलनाडु में TVK कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच जश्न का माहौल है, जो विजय को ‘रीयल लाइफ’ का नायक मान रहे हैं।

पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहार: ‘राष्ट्रपति और सिख समुदाय का अपमान बर्दाश्त नहीं’

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री ने सदन में हुए हंगामे और विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों को देश के संवैधानिक मूल्यों और विभिन्न समुदायों का अपमान करार दिया।

संविधान और राष्ट्रपति का अपमान: प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा न होने देना सीधे तौर पर संविधान का अनादर है। उन्होंने इसे देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान बताते हुए कहा कि विपक्ष के पास ‘संविधान’ शब्द बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।

सदन में अमर्यादित व्यवहार और ‘असम’ का मुद्दा: सदन की कार्यवाही के दौरान चेयर पर कागज फेंके जाने की घटना पर दुख जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह उन सदस्यों का अपमान है जो असम और दलित पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने पूर्व में भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिए जाने के विरोध को भी असम और कलाप्रेमियों के प्रति कांग्रेस की नफरत का प्रतीक बताया।

राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू विवाद : प्रधानमंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। पीएम ने कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को गद्दार कहना जिसका परिवार देश के लिए शहीद हुआ हो, न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि यह पूरे सिख समुदाय और गुरुओं का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मन में सिखों के प्रति गहरी नफरत भरी है।

क्या था मामला? ज्ञात हो कि संसद के मकर द्वार के बाहर राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसमें राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार’ और जवाब में बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ कहा था। इस घटना के बाद भाजपा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पंजाब कांग्रेस को राहुल गांधी की सख्त चेतावनी: अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, राजा वारिंग बने रहेंगे प्रेसिडेंट

पंजाब डेस्क: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस हाईकमान ने राज्य यूनिट में चल रही खींचतान को खत्म करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली में पंजाब कांग्रेस नेताओं के साथ करीब 3 घंटे की मीटिंग में राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि पार्टी में अनुशासनहीनता और गुटबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चरणजीत चन्नी को झटका: मीटिंग के दौरान, राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के पिछले दिनों दलित पॉलिटिक्स को लेकर दिए गए बयानों पर गहरी नाराजगी जताई। चन्नी ने शिकायत की थी कि पंजाब कांग्रेस के सभी टॉप पोस्ट (प्रेसिडेंट, CLP लीडर वगैरह) पर ऊंची जातियों के लोग हैं, जबकि राज्य में दलित आबादी 35-38% है। राहुल गांधी ने साफ किया कि पंजाब कांग्रेस की मौजूदा लीडरशिप और प्रेसिडेंट (अमरिंदर सिंह राजा वारिंग) में कोई बदलाव नहीं होगा।

मीडिया में बयानों पर रोक: राहुल गांधी और नेशनल जनरल सेक्रेटरी के.सी. वेणुगोपाल ने नेताओं को पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर मीडिया या सोशल मीडिया पर कोई बयान न देने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई शिकायत है तो वह पार्टी प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखे, पब्लिक में दिए गए बयानों पर हाईकमान सख्त एक्शन लेगा।

हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे- प्रताप बाजवा: मीटिंग के बाद पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कई मुद्दों पर चर्चा हुई है और पार्टी आने वाले चुनाव मिलकर लड़ेगी और जीतेगी। पंजाब कांग्रेस इंचार्ज भूपेश बघेल ने कहा कि आने वाले एक साल के लिए एक आउटलाइन तैयार की गई है, जिसमें MNREGA जैसे प्रोग्राम पर फोकस किया जाएगा।

इस मीटिंग में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमर सिंह और विजय इंदर सिंगला समेत कई दूसरे सीनियर नेता भी मौजूद थे।