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अमृतसर सिटी पुलिस ने शहर में लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए निकाला फ्लैग मार्च

अमृतसर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन : तरजिंदर सिंह

शहर में लॉ एंड ऑर्डर को मबूत करना है मकसद

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर, शहर में शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और लॉ एंड ऑर्डर को और मज़बूत करने के मकसद से सोमवार 1 जून को शहर के तीनों ज़ोन में एक फ्लैग मार्च निकाला गया। इस फ्लैग मार्च में सिटी DCP जगजीत सिंह वालिया, DCP, लॉ एंड ऑर्डर आलम विजय सिंह, DCP इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह और पुलिस के अलग-अलग विंग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

फ्लैग मार्च के दौरान पब्लिक जगहों का किया दौरा

फ्लैग मार्च के दौरान, पुलिस टीमों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लेने के लिए सेंसिटिव इलाकों, बड़े बाज़ारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और दूसरी पब्लिक जगहों का दौरा किया। इस मौके पर, पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों, कमर्शियल जगहों के प्रतिनिधियों और आम लोगों से बातचीत की और उनसे शहर में शांति और सद्भाव बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अमृतसर पुलिस शहर के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है।

अधिकारियों ने अफवाहों से दूरी बनाने के दिए निर्देश

उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया या दूसरे मीडिया के ज़रिए गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन लोगों को ऐसी बिना वेरिफ़ाई की खबरों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। कोई भी जानकारी सिर्फ़ ऑफ़िशियल सोर्स से ही कन्फ़र्म की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अफवाहों से समाज में बेवजह डर और तनाव पैदा होता है, जिससे लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पर असर पड़ सकता है। इसलिए, हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है कि वह ज़िम्मेदाराना व्यवहार अपनाए और किसी भी तरह की भड़काऊ, गुमराह करने वाली या बिना वेरिफ़ाई की जानकारी को फ़ॉरवर्ड न करे।

जनता से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील

फ़्लैग मार्च के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें कोई भी संदिग्ध व्यक्ति, चीज़ या गतिविधि दिखे, तो वे तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। लोगों के सहयोग से ही शहर में सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सांप्रदायिक माहौल को और मज़बूत किया जा सकता है। अमृतसर शहर में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए फ़्लैग मार्च, पेट्रोलिंग, नाकाबंदी और दूसरे सुरक्षा उपाय लगातार जारी रहेंगे। पुलिस हर स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही है और किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अमृतसर की शांति, सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव हम सबकी साझा ज़िम्मेदारी है। पुलिस और जनता के आपसी सहयोग से ही इसे और मज़बूत किया जा सकता है।

कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने इंटर-स्टेट बम की धमकी देने वाले गैंग का पर्दाफाश किया:

मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार; फ्रॉड की धमकियों के लिए इस्तेमाल होने वाला डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट किया गया।

अमृतसर/ सत्ता संदेश

साइबर-टेररिज्म और फ्रॉड के खतरे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, कमीशनेट पुलिस अमृतसर ने पश्चिम बंगाल से एक मुख्य ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है जो कई राज्यों के स्कूलों और दूसरे सेंसिटिव इंस्टीट्यूशन को बड़े पैमाने पर “बम ब्लास्ट” की धमकी वाले ईमेल भेजने में शामिल था। इन *धमकी भरे ईमेल का मकसद आतंक फैलाना और पब्लिक शांति और नेशनल सिक्योरिटी को खराब करना था।

इन एक्टिविटी में इस्तेमाल होने वाले गुमनाम डिजिटल टूल्स के प्रोवाइडर को गिरफ्तार करके, कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने साइबर-क्रिमिनल्स द्वारा ऐसी धमकियां देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जड़ पर हमला किया है।

  • केस नंबर 04 तारीख 14-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 06 तारीख 26-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 09 तारीख 01-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।
  • केस नंबर 14 तारीख 28-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।

डिजिटल ट्रेल और टेक्निकल एनालिसिस के बाद, पुलिस टीम ने आरोपी को पश्चिम बंगाल में ट्रैक किया, जिसके बाद कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने उसे मौजूदा मामलों में नॉमिनेट किया। आरोपी को गुजरात पुलिस ने भी ऐसे ही एक मामले में नॉमिनेट किया था।

टेक्निकल एनालिसिस से यह कन्फर्म हुआ कि इन ईमेल अकाउंट्स का इस्तेमाल अमृतसर और देश के कई दूसरे हिस्सों में जांच के तहत धमकी भरे ईमेल भेजने* के लिए किया गया था।

जांच के दौरान, यह पता चला कि आरोपी अलग-अलग फेसबुक ग्रुप्स के ज़रिए ईमेल अकाउंट्स खरीदने और बेचने के धंधे में शामिल था। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए अनजान लोगों से करीब 300 Gmail अकाउंट्स खरीदे गए थे। आगे की जांच में पता चला कि 219 Gmail अकाउंट्स WhatsApp के ज़रिए बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे गए थे।इन अकाउंट्स को खरीदने और बेचने के लिए ट्रांज़ैक्शन USDT क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करके किए गए थे।

इसके अलावा, यह भी पता चला कि ये ईमेल अकाउंट्स बाद में पाकिस्तान में रहने वाले अनजान लोगों को सप्लाई किए गए थे, जिन्होंने कथित तौर पर इनका इस्तेमाल बम की धमकी वाले ईमेल और दूसरी गैर-कानूनी साइबर एक्टिविटीज़ भेजने के लिए किया था। बांग्लादेश लिंक के बारे में भी संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं।

बरामदगी

  • 03 CPUs
  • 05 कंप्यूटर हार्ड डिस्क
  • 03 मोबाइल फ़ोन
  • 01 इंटरनेट राउटर
  • पासवर्ड और रिकवरी डिटेल्स के साथ 300 से ज़्यादा Gmail IDs
  • 15 हॉटमेल अकाउंट

गिरफ़्तार आरोपी

  1. सौरव बिस्वास उर्फ़ माइकल, पश्चिम बंगाल का रहने वाला

उम्र: 30 साल, पढ़ाई: 12th, प्रोफ़ेशन: ग्राफ़िक डिज़ाइनर,

टीम : श्री रविंदरपाल सिंह, DCP/डिटेक्टिव, श्री सिरिवेनेला, ADCP/सिटी-2, श्रीमती परविंदर कौर, ADCP/हेडक्वार्टर, श्री लखविंदर सिंह क्लेर ACP साइबर क्राइम और फ़ोरेंसिक और इंस्पेक्टर राजबीर कौर SHO साइबर क्राइम।

अमृतसर पुलिस को बड़ी सफलता, अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़

अमृतसर / सत्ता संदेश

दो आरोपियों की गिरफ्तारी, 10 किलो ICE और 4 किलो हेरोइन बरामद

दुबई से संचालित हो रहा था नशा तस्करी नेटवर्क,

पंजाब-दिल्ली तक सप्लाई
छेहरटा थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 किलो ICE (मेथामफेटामाइन) और 4 किलो हेरोइन बरामद की है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई और अबू धाबी में बैठे एक ड्रग तस्कर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर पंजाब तथा दिल्ली में नशे की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक हाल ही में दुबई से वापस लौटा था, जहां उसे कथित तौर पर नशा तस्करी की ट्रेनिंग दी गई थी। उसे हेरोइन और ICE की खेपों को पंजाब पहुंचाने और आगे सप्लाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी माजहा और दोआबा क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच में जुटी हुई है।
इस संबंध में थाना छेहरटा, अमृतसर में NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और अतिरिक्त बरामदगी होने की संभावना है।

टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।

टांडा / सत्ता संदेश

चुनावों के दौरान अमन-कानून की स्थिति बनाए रखने के लिए टांडा पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया गया।आगामी नगर कौंसिल चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करवाने के लिए टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से आज टांडा पुलिस द्वारा इलाके में एक विशेष फ्लैग मार्च निकाला गया। सब डिवीजन टांडा पुलिस के डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा और एसएचओ गुरिंदर सिंह नागरा की अगुवाई में पुलिस टीम ने टांडा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करते हुए अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग भी की।

यह फ्लैग मार्च स्थानीय थाना प्रभारी की अगुवाई में निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और सुरक्षा बल शामिल थे।

शहर के मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा मार्च

पुलिस द्वारा निकाला गया यह फ्लैग मार्च टांडा थाने से शुरू होकर शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों, चौकों और खासकर चुनाव की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों से होकर गुजरा। पुलिस की गाड़ियों और पैदल मार्च कर रहे जवानों ने शहरवासियों को सुरक्षा का एहसास करवाया।

पुलिस प्रशासन की मुख्य चेतावनी और अपील

इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चुनावों के दौरान किसी भी शरारती तत्व को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पुलिस द्वारा जारी मुख्य निर्देश:

  • सख्त कार्रवाई: चुनावों के दौरान अफवाहें फैलाने, हुड़दंग करने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • असला जमा करवाने की अपील: लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोगों से चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए अपने हथियार तुरंत नजदीकी थाने या गन हाउस में जमा करवाने को कहा गया है।
  • सहयोग की मांग: पुलिस ने आम जनता से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए।

बाइट: डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा

नशा और गैर-कानूनी हथियार तस्करी मॉड्यूल का अमृतसर में पर्दाफाश; 2.1 किलो हेरोइन और सात पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

वर्चुअल नंबरों के जरिए अपने विदेशी हैंडलर के संपर्क में था गिरफ्तार आरोपी: डीजीपी गौरव यादव

बरामद पिस्तौल अपराधियों को आगे सप्लाई की जानी थीं: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर

पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा और अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल में सक्रिय एक व्यक्ति को 2.1 किलोग्राम हेरोइन और सात आधुनिक पिस्तौलों सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां साझा की।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान खुश कुमार उर्फ भोलू (26) निवासी गुरवाली गेट, अमृतसर के रूप में हुई है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा स्नैचिंग के मामले पहले से दर्ज हैं।

बरामद पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लैडिएटर (तुर्की निर्मित), एक 9 एमएम जिगाना एक्स-शॉट, एक .30 बोर बेरेटा (इटली निर्मित), एक .30 बोर जिगाना (चीन निर्मित), एक .30 बोर (ऑस्ट्रिया निर्मित), एक .30 बोर (चीन निर्मित) और एक .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से विदेशी तस्करों के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि हेरोइन और हथियारों की अवैध खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही थी, जिन्हें आरोपी आगे अपराधियों तक पहुंचाता था।

डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी खुश उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 2.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। उन्होंने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ और आगे की जांच के दौरान सात पिस्तौल भी बरामद किए गए।

सीपी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद पिस्तौल अपराधियों को आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सप्लाई की जानी थीं। कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हथियारों की खेप आगे पहुंचने से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 60 दिनांक 12-05-2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत पुलिस स्टेशन सी-डिवीजन, अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है।

पेट्रोल बम हमले और फायरिंग के मामले का भंडाफोड़, पुलिस ने 4 आरोपी किये गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर देहाती पुलिस ने सुधार गांव में सरपंच के घर पर पेट्रोल बम फेंकने और फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सोहेल मीर ने बताया कि 5 मई की रात करीब 11 बजे गांव सुधार के सरपंच के घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। इससे पहले सरपंच को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम पर रंगदारी भरी कॉल्स आ रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने कुलविंदर सिंह, आकाशदीप सिंह कौड़ा, आकाशदीप सिंह बाबा और जगतार सिंह को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे और उन्हें वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी पहले एक मीट शॉप पर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने पेट्रोल बम और मोटरसाइकिल तैयार की और फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यही गिरोह पहले भी उसी गांव में एक अन्य सरपंच के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के अनुसार कुछ विदेशी हैंडलरों के पारिवारिक सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई है।

इसके साथ ही सोहेल मीर ने नगर काउंसिल चुनावों को लेकर कहा कि अमृतसर देहाती क्षेत्र में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से करवाने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। करीब 1200 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि चुनाव अमन-शांति के माहौल में संपन्न हो सकें।

लुधियाना में हाईटेक नाकाबंदी: नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई, सिफारिश भी बेअसर

लुधियाना/सत्ता संदेश

संवाददाता: यादविंदर सिंह

पंजाब के ल‍ुधियाना में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करवाने के उद्देश्य से दुगरी पुलिस द्वारा हाईटेक नाकाबंदी की गई। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें संदिग्ध वाहनों की गहन जांच की गई। नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने उन वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की, जो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। नियमों की अनदेखी करने वालों के मौके पर ही चालान काटे गए। इनमें हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग न करना, ओवरस्पीडिंग, ट्रिपल राइडिंग और अन्य उल्लंघन शामिल थे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चेकिंग के दौरान कुछ लोगों ने अपने परिचितों या प्रभावशाली व्यक्तियों से फोन पर बात करवाकर कार्रवाई से बचने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने किसी की सिफारिश नहीं मानी और नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रखी। इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि कानून सभी के लिए समान है। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग को अपनी आदत बनाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे।

युवाओं को नशे से बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है – एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया

खन्ना /सत्ता संदेश

एसएसपी के नेतृत्व में, “नशे के खिलाफ जंग” अभियान को नई दिशा मिली, स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय और मजबूत हुआ

एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने समराला के सिविल अस्पताल स्थित नशामुक्ति केंद्र का दौरा किया

खन्ना पुलिस जिले ने नशा विरोधी अभियान को और तेज करते हुए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने “नशा विरोधी जंग” अभियान के तहत आज समराला के सिविल अस्पताल स्थित नशामुक्ति केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत की और उन्हें नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर एसएसपी ने समराला के एसएमओ और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक की। बैठक में मादक पदार्थों के उन्मूलन और पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय को मजबूत करने की प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल कानूनी कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि उपचार और जागरूकता भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।

एस.एस.पी. डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि खन्ना पुलिस नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से मरीजों को दोबारा समाज से जोड़ने की कोशिश भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त योजना के तहत काम करने की बात कही, ताकि नशे की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि वे इस अभियान में पूरा सहयोग देंगे और नशा मुक्ति सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। अंत में एस.एस.पी. ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में पुलिस का साथ दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इस दौरान मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. नवनीत कौर ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि नशा एक मानसिक और शारीरिक बीमारी है, जिसका इलाज संभव है, अगर मरीज को सही समय पर सही मदद मिले। उन्होंने बताया कि नशा छोड़ने वाले व्यक्तियों को केवल दवाइयों ही नहीं, बल्कि काउंसलिंग और पारिवारिक सहयोग की भी जरूरत होती है।

डॉ. नवनीत कौर ने जोर देकर कहा कि समाज को नशे के आदी लोगों का तिरस्कार नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी मदद करनी चाहिए, ताकि वे फिर से सामान्य जीवन जी सकें। उन्होंने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि हम सभी को इस मुहिम में सहयोग देना चाहिए।

सतर्कता ब्यूरो ने 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए इंस्पेक्टर को रंगे हाथों पकड़ा

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

पंजाब सतर्कता ब्यूरो (VB) ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अपने अभियान के दौरान लुधियाना के डिवीजन नंबर 4 पुलिस स्टेशन में तैनात SHO इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

राज्य सतर्कता ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी को लुधियाना के नूरवाला रोड निवासी की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के बेटे को लुधियाना के डिवीजन नंबर 4 में दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब वह अपने बेटे से मिलने लुधियाना के डिवीजन नंबर 4 पुलिस स्टेशन गई, तो उसके बेटे ने बताया कि पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसकी सोने की अंगूठी और चांदी का कंगन अपने कब्जे में रख लिया। इस संबंध में आरोपी इंस्पेक्टर ने सोने की अंगूठी और चांदी का कंगन लौटाने के बदले 35,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी।

किसी भी प्रकार की अवैध रिश्वत देने से इनकार करते हुए, शिकायतकर्ता ने लुधियाना सतर्कता ब्यूरो से संपर्क किया। उनकी शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद, सतर्कता ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी इंस्पेक्टर को दो आधिकारिक गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

इस संबंध में, आरोपी के खिलाफ लुधियाना सतर्कता ब्यूरो पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।