ब्रेकिंग न्यूज़
हरियाणा में 1 मई से 20 मई तक पेट्रोल बिक्री में 26% तथा डीजल बिक्री में 19% की वृद्धि दर्ज की गई  मांग में अचानक और तेज़ी से वृद्धि के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं

हरियाणा / सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 22 मई, 2026: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) – इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल – देश भर में परिचालन और लॉजिस्टिक्स समन्वय जारी रखे हुए हैं ताकि कई क्षेत्रों में ईंधन की मांग में अचानक और तीव्र वृद्धि के बावजूद पेट्रोल (एमएस), डीजल (एचएसडी) और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

हाल के दिनों में, ओएमसी ने कई राज्यों में मौसमी कृषि गतिविधियों और कटाई कार्यों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की उल्लेखनीय रूप से अधिक खपत देखी है। अन्य आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में कम कीमत के कारण खुदरा ग्राहकों के सार्वजनिक क्षेत्र के खुदरा आउटलेट्स की ओर रुख करने और संस्थागत और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के खुदरा ईंधन आउटलेट्स की ओर स्पष्ट रुझान के कारण भी अतिरिक्त मांग का दबाव उत्पन्न हुआ है।

सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसी अपने टर्मिनलों, डिपो, पाइपलाइनों, एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रों और खुदरा आउटलेट्स के व्यापक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से निर्बाध आपूर्ति बनाए हुए हैं। आपूर्ति दल, परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन और चुनिंदा खुदरा आउटलेट्स बाजारों में निर्बाध उत्पाद आवागमन और समय पर पुनःपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 24×7 कार्यरत हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां निर्बाध ईंधन आपूर्ति के लिए राज्य प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए हुए हैं।

तेल उद्योग उपभोक्ताओं को आश्वस्त करना चाहता है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां स्टॉक की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं और बढ़ी हुई मांग को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए रसद और वितरण योजना पर घनिष्ठ समन्वय स्थापित कर रही हैं।

हरियाणा में 1 मई से 20 मई की अवधि के दौरान पेट्रोल बिक्री में 26% तथा डीजल बिक्री में 19% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्यभर में सुचारु एवं निर्बाध आपूर्ति व्यवस्था को दर्शाता है।

नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सामान्य खरीदारी जारी रखें और अनावश्यक रूप से घबराकर खरीदारी करने से बचें। उपभोक्ताओं से यह भी अनुरोध है कि वे ईंधन की उपलब्धता से संबंधित सटीक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन राष्ट्र को समर्पित की

दिल्ली/ सत्ता संदेश

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा निर्धारित वर्ष 2070 तक भारत के नेट-जीरो लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी

सीईएल की 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन का राष्ट्र को समर्पण विकसित भारत 2047 की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम: डॉ. जितेंद्र सिंह

भारत के स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र सार्वजनिक-निजी भागीदारी तथा स्वदेशी नवाचार से प्रेरित परिवर्तनकारी दौर में प्रवेश कर रहे हैं: डॉ. जितेंद्र सिंह

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र अभूतपूर्व स्तर पर खुल रहे हैं: डॉ. जितेंद्र सिंह

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) की 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन राष्ट्र को समर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है और भारत सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा तथा महासागर-आधारित ऊर्जा प्रणालियों सहित विभिन्न गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रत्येक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत की अपनी उपयोगिता और महत्ता है तथा भारत स्वच्छ ऊर्जा विस्तार और सतत विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की सचिव तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी, सीईएल के सीएमडी श्री चेतन जैन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के निदेशक, सीईएल के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में नवीकरणीय ऊर्जा और स्वदेशी प्रणालियों के विकास से जुड़े क्षेत्रों में सीएसआईआर प्रयोगशालाओं और सीईएल के बीच महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी सहयोग पहलों की भी शुरुआत हुई।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन के संचालन को भारत के स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि यह सुविधा स्वदेशी विनिर्माण तथा नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के प्रति देश के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है।

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में सीईएल के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का पहला सौर सेल वर्ष 1977 में सीईएल द्वारा निर्मित किया गया था तथा देश का पहला सौर संयंत्र भी वर्ष 1979 में इसी संगठन द्वारा स्थापित किया गया था। उन्होंने कहा कि इतनी अग्रणी उपलब्धियों के बावजूद उस समय सीईएल के योगदान को वह पहचान नहीं मिल सकी जिसकी वह हकदार थी, लेकिन अब यह संस्था पुनः राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और प्रासंगिकता प्राप्त कर रही है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विनिवेश के कगार पर पहुंच चुकी संस्था से लाभ अर्जित करने वाली और राजस्व उत्पन्न करने वाली मिनी रत्न कंपनी के रूप में सीईएल का परिवर्तन संस्थागत पुनरुत्थान का उल्लेखनीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव दृढ़ नेतृत्व, नीतिगत समर्थन, संचालन अनुशासन तथा संगठन से जुड़े वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

मंत्री ने नई निर्माण लाइन की स्थापना की गति की सराहना की। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए निविदा आमंत्रण 24 अप्रैल 2025 को जारी किया गया था, एक माह के भीतर सफल बोलीदाता का चयन कर लिया गया और एक वर्ष से भी कम समय में विनिर्माण सुविधा का संचालन प्रारंभ हो गया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सीईएल अब वर्टिकल एक्सिस पवन टर्बाइन, हाइब्रिड नवीकरणीय प्रणालियां, डेटा सेंटर, उन्नत रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली तथा छोटे हथियार प्रणालियों जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है, जो भारत के बढ़ते तकनीकी आत्मविश्वास और रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है।

रणनीतिक क्षेत्रों में सरकार के नीतिगत सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को अधिक निजी भागीदारी के लिए खोला है तथा उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर आगे बढ़ रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वचालित मौसम अवलोकन प्रणाली (एडब्ल्यूओएस) तथा नई पीढ़ी की दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर प्रणाली के लिए सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं और सीईएल के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहलों का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में विकसित प्रौद्योगिकियों को उद्योग साझेदारी के माध्यम से व्यावसायीकरण और जन उपयोग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

मंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि नई पीढ़ी की दृष्टि ट्रांसमिसोमीटर प्रणाली अब पूर्ण रूप से स्वदेशी बन चुकी है और कहा कि स्वदेशी प्रौद्योगिकियां राष्ट्रीय आत्मविश्वास, विनिर्माण क्षमता और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करती हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 200 मेगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण लाइन का राष्ट्र को समर्पण विकसित भारत 2047 की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है तथा यह वैज्ञानिक उत्कृष्टता को राष्ट्रीय विकास में परिवर्तित करने की भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।

कोयला मंत्रालय 17 अप्रैल, 2026 को मुंबई में वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी का 15वां दौर शुरू करेगा और हितधारकों के साथ परामर्श बैठक करेगा

मुंबई / सत्ता संदेश

कोयला मंत्रालय 17 अप्रैल, 2026 को वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 15वें दौर के शुभारंभ के साथ-साथ “आत्मनिर्भर भारत: ऊर्जा सुरक्षा के लिए कोयला” विषय पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित करेगा। यह कार्यक्रम मुंबई में होगा और इसमें कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त मुख्य अतिथि होंगे। यह पहल भारत में ऊर्जा की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी की शानदार सफलता के आधार पर, कोयला मंत्रालय विकास, दक्षता और आत्मनिर्भरता पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करते हुए भारत के ऊर्जा परिदृश्य को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2020 में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत के बाद से, इस पहल ने घरेलू कोयले की उपलब्धता में महत्‍वपूर्ण वृद्धि की है और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ किया है।

आगामी 15वां चरण इस प्रगतिशील यात्रा को आगे बढ़ाता है, जिसमें कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने, विविध निवेशों को आकर्षित करने और उद्योग की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए सबसे उदार शर्तों पर कोयला खदानें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस चरण में पूरी तरह से खोजे गए और आंशिक रूप से खोजे गए कोयला ब्लॉकों का एक नया सेट पेश किया जाएगा, जिसमें अनुभवी खनिकों, नए प्रवेशकों और प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमों को समान रूप से भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। कोयला क्षेत्र में एक जीवंत और प्रतिस्पर्धी इकोसिस्‍टम को बढ़ावा देने से इसके और अधिक सशक्‍त होने की उम्मीद है, साथ ही निवेश में वृद्धि, रोजगार सृजन और समग्र क्षेत्रीय विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी की प्रक्रिया ने पारदर्शिता लाकर, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर और सभी प्रतिभागियों के लिए समान अवसर प्रदान करके कोयला क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किया है। इसने घरेलू उद्योगों के लिए कोयले की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हुई है और आत्मनिर्भर भारत के विजन को बल मिला है।

वाणिज्यिक कोयला खनन आर्थिक प्रगति का एक प्रमुख कारक बनकर उभरा है, जिससे कोयला उत्पादन में वृद्धि हुई है और देश भर के उद्योगों के लिए स्थिर तथा विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। आगामी दौर का निवेश इस मजबूत आधार को और सुदृढ़ करेगा तथा इस क्षेत्र और इसकी भविष्य की संभावनाओं में विश्वास और बढ़ेगा।

कोयला मंत्रालय देश के लिए विश्वसनीय और किफायती ऊर्जा सुनिश्चित करने के साथ-साथ इस क्षेत्र में सतत विकास, नवाचार और दीर्घकालिक मजबूती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

****

तेल विपणन कंपनियों ने हरियाणा में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया

चंडीगढ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 15 अप्रैल 2026: तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने हरियाणा भर के नागरिकों को आश्वस्त किया है कि पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की आपूर्ति स्थिर, पर्याप्त है और वर्तमान मांग को पूरी तरह से पूरा करने में सक्षम है। राज्य में किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड़, पानीपत मंडल कार्यालय के हरियाणा राज्य स्तरीय समन्वयक , तेल उद्योग, श्री अनिल कुमार सिंह ने बताया कि एलपीजी आपूर्ति की स्थिति आरामदायक बनी हुई है। हरियाणा भर में बॉटलिंग प्लांट्स पर एलपीजी का स्टॉक स्तर ऐतिहासिक मानकों के भीतर है, और पुनःपूर्ति योजनाबद्ध और निरंतर आधार पर की जा रही है। ओएमसी उपभोक्ताओं की आवश्यकता के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके अतिरिक्त, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति सरकार की नीति के अनुरूप पूर्व-संकट स्तर के 70% तक बनाए रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति के माध्यम से विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन 2,000–2,500 सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जो पूर्व-संकट स्तर के अनुरूप है। इस प्रयास को समर्थन देने के लिए, ओएमसी द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय में समर्पित एलपीजी वितरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
श्री अनिल कुमार सिंह ने कहा कि ओएमसी स्थिति की निकटता से निगरानी कर रहे हैं और हरियाणा सरकार के साथ समन्वय में लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित करने और डिलीवरी में तेजी लाने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। राज्य सरकार के साथ कई बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनमें पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और वितरण तथा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर चर्चा की गई। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप, राज्य सरकार ने विभिन्न डीम्ड अप्रूवल जारी किए हैं, जिससे सीजीडी परियोजनाओं के सुचारू और तेज कार्यान्वयन तथा पीएनजी के प्रसार को सक्षम बनाया गया है।
एलपीजी उपभोक्ताओं को केवल अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सिलेंडर बुक करने और डिलीवरी के समय डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) का उपयोग कर प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे पारदर्शी, परेशानी मुक्त डिलीवरी अनुभव और वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर सेवा सुनिश्चित होती है।
उन्होंने बताया कि इस बीच, हरियाणा भर में पेट्रोल और एचएसडी (हाई-स्पीड डीजल) का स्टॉक सामान्य बना हुआ है। ओएमसी डिपो में पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, और रिटेल आउटलेट्स पर निर्बाध बिक्री के लिए पर्याप्त आपूर्ति है। ऑटोमोटिव ईंधनों की उपलब्धता को लेकर चिंता का कोई कारण नहीं है।
श्री अनिल ने कहा कि यह उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 (पूर्व-संकट अवधि) के दौरान एचएसडी की खपत वृद्धि स्थिर (0%) रही, जबकि मार्च 2026 में मांग में 22% की तेज वृद्धि दर्ज की गई। ओएमसी ने इस वृद्धि को बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक प्रबंधन और सुचारू किया। ओएमसी पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं और जनता से घबराहट में खरीदारी से बचने का आग्रह करते हैं। मांग को सुचारू और कुशल तरीके से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने पुनात्सांगछू जलविद्युत परियोजना का दौरा किया; महत्वपूर्ण समारोह में भाग लिया

नई दिल्ली/ सत्ता संदेश

अप्रैल 11, 2026:  केंद्रीय विद्युत एवं आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने भूटान यात्रा के दूसरे दिन पुनात्सांगचू-I और पुनात्सांगचू-II जलविद्युत परियोजना स्थलों का दौरा किया।

केंद्रीय मंत्री ने बांध के निर्माण हेतु पुनात्सांगछू-I परियोजना स्थल पर, कंक्रीट डालने हेतु आयोजित समारोह में भाग लिया, जो परियोजना के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी संयुक्त जलविद्युत परियोजना के पूरा होने पर, भूटान की जलविद्युत क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

इस यात्रा के दौरान, श्री मनोहर लाल ने ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर दिया, भारत द्वारा वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग सहित निरंतर समर्थन के बारे में बताया और परियोजना को सुरक्षित और कुशलतापूर्वक आगे बढ़ाने में दोनों पक्षों के इंजीनियरों और विशेषज्ञों के समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्युत संयंत्र का निरीक्षण भी किया और परियोजना के कार्यान्वयन की स्थिति और हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद श्री मनोहर लाल ने पुनात्सांगचू-II परियोजना का दौरा किया। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और श्री जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक द्वारा 11 नवंबर, 2025 को इसका संयुक्त रूप से उद्घाटन किया गया था। तब से यह भूटान के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में उभरी है।

केंद्रीय मंत्री ने परियोजना के संचालनात्मक निष्पादन की समीक्षा की और बताया कि इससे पहले ही पर्याप्त बिजली और राजस्व उत्पन्न हो चुका है, साथ ही भारत को स्वच्छ ऊर्जा का निर्यात भी संभव हो रहा है। उन्होंने परियोजना के सफल क्रियान्वयन और संचालन दक्षता की सराहना की, भूटान के आर्थिक विकास में इसके योगदान को स्वीकार किया और सतत ऊर्जा विकास में भूटान को सहयोग देने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया। इस दौरे में विद्युत संयंत्र और बांध स्थल का निरीक्षण भी शामिल था, जहां उन्हें चल रहे कार्यों की जानकारी दी गई।

श्री मनोहर लाल ने वांगडु फोडरंग द्जोंग का भी दौरा किया, जो भूटान की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भंडार है

तेल विपणन कंपनियां (ओएमसीज़) पंजाब भर के लोगों को आश्वस्त करना चाहती हैं कि पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की आपूर्ति स्थिर है और वर्तमान मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

मोटर स्पिरिट (एमएस) और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) का स्टॉक पूरे राज्य में सामान्य है। ओएमसी डिपो में स्वस्थ स्टॉक स्तर बनाए रखे गए हैं, जबकि रिटेल आउटलेट्स पर निर्बाध बिक्री के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। ऑटोमोटिव ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है।

एलपीजी के संबंध में, बॉटलिंग प्लांट्स पर स्टॉक की स्थिति भी संतोषजनक है और स्टॉक स्तर पूर्व मानकों के अनुरूप पर्याप्त हैं, साथ ही पुनःपूर्ति की योजना भी बनाई गई है।

ओएमसीज़ स्थिति की करीबी निगरानी कर रही हैं और आपूर्ति लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित करने तथा डिलीवरी को तेज करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे घबराहट में खरीदारी करने से बचें, क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और पुनःपूर्ति जारी है।
एलपीजी उपभोक्ताओं से यह भी अनुरोध किया जाता है कि वे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग केवल डिजिटल माध्यमों के जरिए करें और सिलेंडर प्राप्ति की पुष्टि डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) के माध्यम से करें।

इससे एक सुचारू, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त डिलीवरी प्रक्रिया सुनिश्चित होगी तथा वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर सेवा मिल सकेगी।

जनता का सहयोग पूरे पंजाब में सुचारू और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

(यह बयान कार्यकारी निदेशक आईओसीएल एवं पंजाब के लिए तेल उद्योग के राज्य स्तरीय समन्वयक श्री अशुतोष गुप्ता द्वारा जारी किया गया है)