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Guru Ramdas Ji Parkash Purab: अमृतसर एयरपोर्ट पर फूलों की सेवा शुरू, देश-विदेश से आने वाली संगतों का होगा भव्य स्वागत

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर अमृतसर एयरपोर्ट में फूलों की सेवा शुरू हुई। 25 से 30 प्रकार के फूलों से सजावट और संगतों के भव्य स्वागत की तैयारी।

अमृतसर / सत्ता संदेश

चौथे पातशाह साहिब श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फूलों की सेवा शुरू कर दी गई है। इस विशेष अवसर पर हवाई अड्डे को 25 से 30 प्रकार के खूबसूरत फूलों से सजाया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से अमृतसर पहुंचने वाली संगतों और यात्रियों का भव्य स्वागत किया जा सके।

गुरु साहिब के चरणों में अरदास करने के बाद फूलों की सजावट की सेवा आरंभ की गई। सेवादारों के अनुसार, हवाई अड्डे के अराइवल और डिपार्चर एरिया के साथ-साथ इमिग्रेशन काउंटरों तथा अन्य प्रमुख स्थानों को भी फूलों से सजाया जा रहा है।

हवाई अड्डे पर गुरु साहिबान के स्वरूप और सचखंड श्री हरमंदिर साहिब का विशाल मॉडल भी स्थापित किया गया है, जो यहां पहुंचने वाली संगतों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।

दिल्ली और कोलकाता से आए कारीगर भी सेवा में जुटे

इस सेवा में देश-विदेश से लाए गए 25 से 30 प्रकार के फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सेवादारों, श्रद्धालुओं और दिल्ली व कोलकाता से आए कारीगरों के सहयोग से सजावट का कार्य किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य अमृतसर पहुंचने वाली संगतों का फूलों की खुशबू और सुंदर सजावट के बीच स्वागत करना तथा उन्हें श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व की खुशियों से जोड़ना है।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी होगी फूलों की सेवा

सेवादारों ने बताया कि फूलों की सेवा केवल श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीमित नहीं रहेगी। अमृतसर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में भी यह सेवा जारी रहेगी।

प्रकाश पर्व के अवसर पर होने वाले कीर्तन और मुख्य धार्मिक कार्यक्रमों तक इस सेवा को जारी रखने की योजना है। इस तरह अमृतसर पहुंचने वाली संगतों का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया जाएगा।

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व को समर्पित यह पहल श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना को दर्शाती है। फूलों से सजा हवाई अड्डा गुरु नगरी अमृतसर पहुंचने वाली संगतों के स्वागत को विशेष और यादगार बनाने का प्रयास है।

समराला: कोऑपरेटिव सोसायटियों के नए नियमों के खिलाफ BKU कादियां का विरोध, सरकार से फरमान वापस लेने की मांग

समराला में BKU कादियां ने कोऑपरेटिव सोसायटियों के नियमों में कथित बदलावों का विरोध किया। शेयर मनी, ब्याज दर और जमीन गिरवी रखने की शर्तों पर सवाल उठाते हुए सरकार से नियम वापस लेने की मांग की।

समराला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: मनीष सचदेवा

पंजाब सरकार द्वारा कोऑपरेटिव सोसायटियों के नियमों में किए गए कथित बदलावों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (BKU) कादियां ने विरोध जताया है। संगठन के जिला प्रधान हरदीप सिंह ग्यासपुरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नए नियमों पर सवाल उठाए और सरकार से इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से छोटे और गरीब किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और सहकारी सोसायटियों के माध्यम से मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं।

हरदीप सिंह ग्यासपुरा के अनुसार, पहले कोऑपरेटिव सोसायटियों में एक लाख रुपये के कर्ज के पीछे 5 प्रतिशत यानी 5,000 रुपये शेयर मनी जमा करवानी पड़ती थी। अब इसे बढ़ाकर 9 प्रतिशत किए जाने का दावा किया जा रहा है, जिसके चलते किसानों को एक लाख रुपये के पीछे 9,000 रुपये शेयर मनी जमा करवानी पड़ सकती है।

किसान नेता ने यह भी कहा कि छोटे किसानों की श्रेणी में शामिल होने के लिए जमीन की सीमा सात एकड़ से घटाकर पांच एकड़ कर दी गई है। उनके मुताबिक, इस बदलाव से कई किसानों की पात्रता और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।

नए नियमों के तहत कर्ज लेने के लिए स्टांप पेपर पर हलफनामा देने और जमीन गिरवी रखने जैसी शर्तों पर भी BKU कादियां ने आपत्ति जताई है। हरदीप सिंह ग्यासपुरा ने आरोप लगाया कि सहकारी सोसायटियों से कर्ज लेने की प्रक्रिया अब व्यावसायिक बैंकों जैसी बनाई जा रही है, जिससे किसानों को अतिरिक्त औपचारिकताओं और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने दावा किया कि कर्ज की ब्याज दर भी 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 11 प्रतिशत कर दी गई है। किसान नेता के मुताबिक, यदि कोई किसान अपनी स्वीकृत कर्ज सीमा से कम राशि लेता है, तो भी उस पर पूरी स्वीकृत सीमा के आधार पर ब्याज लगने की आशंका है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था किसानों के लिए आर्थिक रूप से मुश्किलें बढ़ा सकती है।

ग्यासपुरा ने कहा कि वर्ष 1961 से कोऑपरेटिव सोसायटियां ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को कर्ज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही हैं। उनके अनुसार, इन संस्थाओं का उद्देश्य किसानों को जरूरत के समय आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना है, लेकिन प्रस्तावित बदलावों से इस व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है।

किसान नेता ने सोसायटियों के सचिवों पर किसानों की कर्ज सीमा जल्द तैयार करके बैंकों में जमा करवाने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने जिले के DR और अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि सचिवों पर डाला जा रहा कथित अनावश्यक दबाव बंद किया जाए।

BKU कादियां ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो संबंधित सरकारी कार्यालयों के बाहर धरने और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। संगठन ने मांग की कि सरकार नए नियमों की समीक्षा करे और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए विवादित बदलाव वापस ले।

फिलहाल, शेयर मनी, ब्याज दरों और जमीन गिरवी रखने की शर्तों में बताए गए बदलावों को लेकर सरकार या संबंधित सहकारी विभाग का आधिकारिक पक्ष इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है। इन नियमों की वास्तविक स्थिति और लागू होने की शर्तों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

नाभा में ड्रग्स के खिलाफ स्टिंग करने वाले BJP नेता वरिंदर बिट्टू पर केस दर्ज, भादसों थाने के बाहर BJP का धरना

नाभा में ड्रग्स के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करने वाले BJP नेता वरिंदर बिट्टू पर केस दर्ज होने के बाद बीबा जय इंदर कौर की अगुवाई में भादसों थाने के बाहर प्रदर्शन हुआ। BJP ने निष्पक्ष जांच की मांग की।मुख्य हेडिंग (H1)

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : चेतन मेहता, नाभा

पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में है। नाभा में ड्रग्स के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करने वाले BJP नेता वरिंदर बिट्टू और उनके कुछ साथियों के खिलाफ पुलिस की ओर से नया मामला दर्ज किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाना भादसों के बाहर धरना देकर विरोध जताया।

मिली जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले BJP नेता वरिंदर बिट्टू ने नाभा क्षेत्र में कथित ड्रग तस्करी के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किया था। इस दौरान तीन लोगों को नशीले पदार्थों और नशीले कैप्सूलों के साथ पकड़े जाने का दावा किया गया था। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस मामले में आम आदमी पार्टी से जुड़े एक नेता का नाम भी सामने आया था, जिसके खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की थी।

अब वरिंदर बिट्टू और उनके कुछ साथियों के खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। BJP नेताओं का आरोप है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने और कथित तस्करों के मामले को सामने लाने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। नेताओं के मुताबिक, वरिंदर बिट्टू के विरोध प्रदर्शन के दौरान पानी की टंकी पर चढ़ने और BJP कार्यकर्ताओं की ओर से सड़क जाम किए जाने को लेकर पुलिस ने नया केस दर्ज किया है।

इस कार्रवाई के विरोध में BJP नेता बीबा जय इंदर कौर की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता थाना भादसों के बाहर एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में वरिंदर बिट्टू सहित अन्य BJP नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

प्रदर्शन के बाद थाना भादसों के प्रभारी ने विरोध कर रहे BJP नेताओं के साथ बैठक की। BJP नेताओं के अनुसार, थाना प्रभारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की दोबारा जांच SSP पटियाला के समक्ष करवाई जाएगी।

BJP नेता बीबा जय इंदर कौर और वरिंदर बिट्टू ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ही कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वरिंदर बिट्टू ने कथित ड्रग तस्करी का मामला सामने लाकर पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंपा था, लेकिन अब उनके और उनके साथियों के खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया गया है। BJP नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस की भूमिका और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, BJP नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

अब देखना होगा कि SSP पटियाला के स्तर पर प्रस्तावित दोबारा जांच में क्या सामने आता है और इस मामले में पुलिस प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।

लुधियाना में दिवाली से पहले अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का अभियान, तस्करी रोकने के लिए लगेंगे सरप्राइज नाके

लुधियाना में दिवाली से पहले आबकारी विभाग ने अवैध और तस्करी की शराब के खिलाफ अभियान शुरू किया। सरप्राइज नाके, संयुक्त छापेमारी और हेल्पलाइन नंबर जारी।

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिवाली के त्योहार को देखते हुए लुधियाना ईस्ट और वेस्ट रेंज के आबकारी विभाग ने जिलेभर में अवैध, नकली और तस्करी की शराब के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत संदिग्ध स्थानों की जांच, संवेदनशील रास्तों पर अचानक नाकेबंदी और पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी की जाएगी। आबकारी विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे शराब केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें।

आबकारी विभाग के सहायक आयुक्तों के अनुसार, त्योहारों के दौरान अवैध और तस्करी की शराब की आपूर्ति बढ़ने की आशंका रहती है। इसे रोकने के लिए अधिकारियों को खुद फील्ड में उतरकर अभियान का नेतृत्व करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की टीमें खाली इमारतों, सुनसान शेड, गोदामों, फार्महाउसों, ढाबों और नदियों व नहरों के किनारे स्थित संदिग्ध स्थानों की सघन जांच करेंगी।

इसके अलावा झुग्गी-बस्तियों, ईंट-भट्टों, मजदूर कॉलोनियों और प्रवासी श्रमिकों के इलाकों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी रोकने के लिए संवेदनशील मार्गों पर सरप्राइज नाके लगाए जाएंगे। इस कार्रवाई में पुलिस विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत स्रोतों से सस्ती कीमत पर मिलने वाली शराब नकली या अवैध तरीके से तैयार की गई हो सकती है। ऐसी शराब का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, आंखों की रोशनी जाने और यहां तक कि मौत का कारण बन सकता है। इसलिए लोगों को किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या स्थान से शराब नहीं खरीदनी चाहिए।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध या तस्करी की शराब बनाने, रखने, परिवहन करने अथवा बेचने वाले व्यक्तियों के खिलाफ पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आबकारी विभाग ने नागरिकों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या तस्करी से संबंधित जानकारी मिलती है, तो वह विभाग की हेल्पलाइन 98759-61127 पर सूचना दे सकता है। इसके अलावा संबंधित आबकारी अधिकारियों से भी संपर्क किया जा सकता है।

विभाग के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। दिवाली के दौरान अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जिम्मेदारी से सहयोग करने की अपील की है।

BIMSTEC बैठक में आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी और साइबर अपराध पर मंथन, दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया

नई दिल्ली में अमित शाह की अध्यक्षता में पहली BIMSTEC गृह मंत्री बैठक हुई। दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी, साइबर अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से पहली बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्री बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया गया।

बैठक में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व सार्वजनिक सुरक्षा एवं संसदीय मामलों के मंत्री अनंदा विजेपाला ने किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सतत आर्थिक और सामाजिक विकास की बुनियाद है। क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित वातावरण में रहने, यात्रा करने और बिना किसी भय के कारोबार करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध पर चिंता

बैठक में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी को एक गंभीर सीमा पार चुनौती के रूप में उठाया गया। श्रीलंका के मंत्री अनंदा विजेपाला ने कहा कि ड्रग्स की तस्करी के तार संगठित आपराधिक नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्गों, वित्तीय लेन-देन और आधुनिक संचार तकनीकों से जुड़े हैं। ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी जरूरी है।

उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रीय नशा रोकथाम कार्यक्रम ‘Ratama Ekata’ का उल्लेख करते हुए नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ रोकथाम, नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।

साइबर अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ सहयोग पर जोर

बैठक में साइबर अपराध, वित्तीय अपराध, मानव तस्करी, प्रवासियों की अवैध तस्करी और समुद्री मार्गों से होने वाली आपराधिक गतिविधियों से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। सदस्य देशों के बीच खुफिया सूचनाओं और सुरक्षा संबंधी जानकारी का समय पर आदान-प्रदान करने तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जरूरत पर बल दिया गया।

श्रीलंका ने कहा कि सीमा पार अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान जरूरी है। क्षेत्रीय स्तर पर की गई प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक कार्रवाई में बदलना और आम लोगों को इसका लाभ पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है।

दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति

बैठक में अपनाए गए दिल्ली घोषणा-पत्र के माध्यम से बिम्सटेक सदस्य देशों ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र को सुरक्षित, मजबूत, विकसित और समृद्ध बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। घोषणा-पत्र में आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण, साइबर अपराध और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही मौजूदा कानूनी समझौतों और व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने, आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता, प्रत्यर्पण और दोषसिद्ध कैदियों के स्थानांतरण जैसे विषयों पर सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई। सुरक्षा एजेंसियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को भी क्षेत्रीय सहयोग का अहम हिस्सा माना गया।

सुरक्षा संस्थानों को मजबूत बनाने की जरूरत

श्रीलंका के मंत्री ने सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सुरक्षा संस्थानों की क्षमता बढ़ाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए जनता का विश्वास, सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक सहयोग भी जरूरी हैं।

बच्चों और युवाओं को नशीले पदार्थों, हिंसा और शोषण से बचाना भी प्रभावी सार्वजनिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक से पहले 12 अक्टूबर को गृह मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में भी मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई थी।

बिम्सटेक सदस्य देशों की यह पहल बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्षेत्रीय सहयोग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ आर्थिक विकास, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अमृतसर से मुंबई तक हथियार पहुंचाने का नेटवर्क, दो महिलाओं की भूमिका भी जांच के घेरे में

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में अमृतसर से हथियार मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच में कथित डेड लेटर बॉक्स तरीके और हथियार सप्लाई नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल हो रही है।

मुंबई / अमृतसर / सत्ता संदेश

अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान हथियारों की सप्लाई से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल अमृतसर में पहले से तय एक जगह से हासिल की थी। हथियारों को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कथित तौर पर ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीके का इस्तेमाल किया गया, जिसमें सामान को किसी निश्चित स्थान पर रख दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां से उसे उठा लेता है।

सूत्रों के अनुसार, कुणाल और सुमित नाम के दो आरोपी करीब दो सप्ताह पहले हथियार लेने अमृतसर गए थे। बताया जा रहा है कि अनिल पंडित ने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल को हथियार रखे होने की जगह की जानकारी दी थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, हथियार रखने वाले व्यक्ति और उन्हें उठाने वाले आरोपियों के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं पड़ी।

हथियारों की सप्लाई के लिए दिए गए 70 से 80 हजार रुपये

सूत्रों के मुताबिक, अनिल पंडित ने कथित तौर पर इस काम के लिए आरोपियों को 70 से 80 हजार रुपये दिए थे। इसमें से लगभग 10 से 12 हजार रुपये बबीता और राधा नाम की दो महिलाओं को दिए जाने की बात सामने आई है। इन महिलाओं पर हथियारों को मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपे जाने का आरोप है। इस मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद एक दोस्त के माध्यम से उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे।

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि करीब दो सप्ताह पहले कुणाल को अमृतसर से हथियार लेकर मुंबई पहुंचाने का काम सौंपा गया था। जांचकर्ताओं को शक है कि इस काम में कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा की मदद ली। बताया जा रहा है कि राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं और कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। हालांकि, इन सभी दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी से होना बाकी है।

18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई थी। उस समय अभिनेता फुटबॉल क्लब से निकलकर अपने घर की ओर जा रहे थे। इस घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आई थीं।

मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। खबरों के मुताबिक, बुधवार को गिरफ्तार किए गए तीन मुख्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय ले जाया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें अदालत में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है।

इस मामले में अमृतसर से हथियारों की कथित सप्लाई, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने पर जांच एजेंसियों का ध्यान है। जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

खालसा कॉलेज फॉर विमेन लुधियाना में रोटारैक्ट क्लब का पदस्थापन समारोह आयोजित

खालसा कॉलेज फॉर विमेन लुधियाना में रोटारैक्ट क्लब का पदस्थापन समारोह आयोजित हुआ। जसमीन कौर अध्यक्ष और हरमनप्रीत कौर सचिव बनीं।

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक :16 अक्टूबर, 2026

खालसा कॉलेज फॉर विमेन, सिविल लाइंस, लुधियाना के रोटारैक्ट क्लब की ओर से 16 अक्टूबर, 2026 को कॉलेज के मुख्य हॉल में सत्र 2026-27 के लिए पदस्थापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में नई टीम ने नेतृत्व, सामाजिक सेवा और सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर रोटेरियन जसमीन कौर ने क्लब की अध्यक्ष और रोटेरियन हरमनप्रीत कौर ने सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। नई टीम ने टीम वर्क, सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।

समारोह में रोटरी क्लब लुधियाना के अध्यक्ष रोटेरियन हरसजन सिंह, रोटेरियन राकेश महेंद्रू और अन्य रोटरी सदस्य उपस्थित रहे। रोटेरियन हरसजन सिंह ने पदस्थापन अधिकारी की भूमिका निभाई और नव नियुक्त पदाधिकारियों को समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

क्लब प्रभारी डॉ. आंचल अरोरा ने नई टीम का मार्गदर्शन किया। वहीं, कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कमलजीत गरेवाल ने पदाधिकारियों को नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

समारोह में युवा नेतृत्व, सामूहिक प्रयास और सामुदायिक सेवा के महत्व पर जोर दिया गया। नव नियुक्त अध्यक्ष, सचिव और उनकी टीम ने समाज की बेहतरी के लिए सार्थक पहल और गतिविधियां आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम का समापन उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, रोटरी सदस्यों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज लुधियाना में रीजनल इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2026 आयोजित

सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज लुधियाना में रीजनल इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2026 आयोजित हुआ। तकनीकी शिक्षा, उद्योगों के सहयोग और रोजगार के अवसरों पर चर्चा हुई।

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक : 16 अक्टूबर 2026

पंजाब स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग (PSBTE) ने सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, लुधियाना के सहयोग से कॉलेज परिसर में ‘रीजनल इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया। इसका उद्देश्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा विद्यार्थियों के लिए रोजगार और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर विकसित करना था।

कार्यक्रम में पंजाब स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) संदीप कंसल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कॉन्क्लेव में विभिन्न सरकारी तकनीकी संस्थानों के प्रधानाचार्यों, उद्योग प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए प्रो. (डॉ.) संदीप कंसल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए उद्योगों के साथ निरंतर संवाद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम में सुधार करने में मदद मिल सकती है। इससे विद्यार्थियों को आवश्यक तकनीकी कौशल हासिल करने और बेहतर करियर अवसरों के लिए तैयार होने का अवसर मिलेगा।

PSBTE के एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. भरत नरेश बंसल ने उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकी कौशल और उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद के अधिक अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपनी क्षमताएं विकसित कर सकें।

कॉन्क्लेव के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्र की बदलती जरूरतों और अपने व्यावहारिक अनुभवों को साझा किया। चर्चा में तकनीकी शिक्षा और उद्योगों के बीच की दूरी कम करने, विद्यार्थियों के तकनीकी एवं सॉफ्ट स्किल्स विकसित करने, इंटर्नशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण को मजबूत बनाने, पाठ्यक्रम को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप अपडेट करने तथा रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने जैसे विषय शामिल रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने इस पहल की सराहना करते हुए तकनीकी संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उद्योगों, शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों के बीच नियमित संवाद से रोजगार की जरूरतों को समझने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल प्रदान करने में मदद मिल सकती है।

इस अवसर पर सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बेहराम और सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, खुनीमाजरा सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रधानाचार्य भी उपस्थित रहे। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ना और विद्यार्थियों के लिए रोजगारोन्मुखी अवसरों को बढ़ावा देना रहा।

लुधियाना के फोकल पॉइंट में 10 लाख रुपये से होगा पार्क का कायाकल्प, वर्धमान स्टील्स की पहल

वर्धमान स्टील्स लुधियाना ने प्रोजेक्ट प्रकृति के तहत नगर निगम के सहयोग से फोकल पॉइंट में बच्चों के पार्क के कायाकल्प के लिए 10 लाख रुपये देने की पहल की।

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक : 16 अक्टूबर 2026

वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड ने अपने प्रोजेक्ट ‘प्रकृति’ के तहत नगर निगम लुधियाना के सहयोग से फोकल पॉइंट स्थित BCM स्कूल के सामने एक पार्क के कायाकल्प की पहल की है। इस परियोजना पर 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पार्क को बच्चों के लिए बेहतर और उपयोगी बनाने के उद्देश्य से लंबे समय से वीरान पड़े पार्क का नवीनीकरण किया जाएगा।

इस पहल के लिए नगर निगम अधिकारियों, BCM स्कूल के वरिष्ठ प्रबंधन और फोकल पॉइंट के निवासियों ने वर्धमान स्टील्स के प्रबंधन, चेयरमैन सचित जैन, कार्यकारी निदेशक सौम्या जैन और कंपनी की CSR टीम का आभार व्यक्त किया।

वर्धमान स्टील्स के CSR प्रमुख अमित धवन ने बताया कि यह लुधियाना में कंपनी द्वारा विकसित किया जाने वाला पांचवां पार्क है। उन्होंने कहा कि कंपनी ‘हरित और स्वच्छ लुधियाना’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और शहर में हरित क्षेत्रों के विकास के लिए प्रयास जारी रखेगी।

अमित धवन ने इस सामाजिक पहल में सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए लुधियाना की मेयर इंदरजीत कौर, नगर निगम आयुक्त अंकुर महेंद्रू और जोनल आयुक्त नीरज जैन का धन्यवाद किया।

नगर निगम लुधियाना की वित्त समिति के सदस्य भट्टी ने भी अपने क्षेत्र में पार्क के विकास की पहल के लिए वर्धमान स्टील्स के प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने अमित धवन और कंपनी के प्रमोटरों की ओर से समाज की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस परियोजना से फोकल पॉइंट क्षेत्र में एक पुराने पार्क को नया स्वरूप देने और बच्चों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

परमिंदर झोटा की हत्या पर भाजपा का हमला, अनिल सरीन ने पूछा- नशा खत्म क्यों नहीं हुआ?

मानसा में परमिंदर सिंह झोटा की हत्या पर भाजपा नेता अनिल सरीन ने भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल किए।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की मानसा में गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश महासचिव अनिल सरीन ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशे पर लगाम लगाने में नाकाम रही है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं कर पा रही है।

अनिल सरीन ने कहा कि भाजपा का सवाल मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल से है कि सरकार नशे को खत्म करने में सफल नहीं हुई, लेकिन नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की जान चली गई। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल

भाजपा नेता ने दावा किया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को सुरक्षा मिलने के बजाय कार्रवाई और खतरे का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना राज्य में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मीडिया से बातचीत में सरीन ने पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस घटना की निंदा करती है और दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है।

मानसा में गोली मारकर की गई थी परमिंदर सिंह झोटा की हत्या

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की मानसा में एक मेडिकल स्टोर के मालिक के साथ कथित विवाद के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। झोटा नशे की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे और इस संबंध में सोशल मीडिया पर वीडियो भी साझा करते थे। घटना के बाद पंजाब में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।

भाजपा नेता अनिल सरीन ने मांग की कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और नशा तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो। इस मामले ने एक बार फिर पंजाब में नशे की समस्या से निपटने और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।