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Punjab : सरकारी कर्मचारियों की डीए और पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

बकाया डीए जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारी आज कामकाज ठप कर पेन डाउन हड़ताल और सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे। कर्मचारियों की ओर से सभी जिलों के डीसी कार्यालयों, विभिन्न निदेशालयों और सचिवालय स्तर पर प्रदर्शन किए जाने की तैयारी है।

कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, एक दिन की पेन डाउन हड़ताल के बाद संयुक्त कार्रवाई कमेटी की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। कर्मचारी नेताओं ने संकेत दिया है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अगले चरण में विधायकों और मंत्रियों के आवासों का घेराव करने की योजना भी बनाई जा रही है।

तबादलों से भी नाराज कर्मचारी संगठन

आंदोलन के बीच कर्मचारी नेताओं के तबादले किए जाने को लेकर भी संगठनों में नाराजगी है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि तबादलों के जरिए आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे कर्मचारियों का संघर्ष प्रभावित नहीं होगा।

कर्मचारी नेता कुलवंत सिंह ने तबादलों को अनुचित करार देते हुए कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।

85 हजार कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी का प्रस्ताव

इसी बीच सरकार की ओर से 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए करीब 85 हजार कर्मचारियों का डीए 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का प्रस्ताव तैयार किए जाने की बात सामने आई है। प्रस्ताव लागू होने पर सरकार पर सालाना करीब 900 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है। हालांकि, इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मुख्यमंत्री स्तर पर दी जानी है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केवल एक वर्ग के कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी से उनकी सभी मांगों का समाधान नहीं होगा।

‘संघर्ष सवा तीन लाख कर्मचारियों और चार लाख पेंशनरों का’

पीएसएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान मंजीत सिंह रंधावा ने कहा कि यह संघर्ष केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि करीब सवा तीन लाख कर्मचारियों और चार लाख पेंशनरों की मांगों से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने सरकार द्वारा 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को कर्मचारियों को बांटने की कोशिश बताया। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि डीए के बकाया भुगतान, पुरानी पेंशन की बहाली और अन्य लंबित मांगों पर सरकार को व्यापक स्तर पर फैसला लेना चाहिए।

अब सभी की नजरें आज होने वाली पेन डाउन हड़ताल और कर्मचारी संगठनों की आगामी बैठक पर हैं। इसके बाद आंदोलन को लेकर अगला कदम तय किया जाएगा।

तलवंडी साबो : पावर प्लांट के 800 से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर, मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू
  • तलवंडी साबो पावर प्लांट के 800 से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर, मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू
  • वेतन में 15% बढ़ोतरी के साथ भत्तों में कटौती का आरोप, कर्मचारियों ने 3 करोड़ रुपये के नुकसान का किया दावा

मानसा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : बिट्टू बुढलाडा

पंजाब के मानसा जिले में स्थित तलवंडी साबो पावर प्लांट में 800 से अधिक कर्मचारियों की हड़ताल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कर्मचारी पिछले करीब एक महीने से हड़ताल पर हैं और अब उन्होंने प्लांट के मुख्य गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों के आंदोलन को किसान यूनियनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजदूर दिवस के मौके पर मजदूरों की तनख्वाह में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए थे। कर्मचारियों के मुताबिक, कंपनी की ओर से वेतन में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी तो की गई, लेकिन इसके साथ ही विभिन्न भत्तों में करीब 15 प्रतिशत तक की कटौती कर दी गई।

कर्मचारियों का कहना है कि भत्तों में कटौती के कारण वेतन वृद्धि का वास्तविक लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि भत्तों में कटौती के चलते कर्मचारियों को सामूहिक रूप से करीब 3 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

कर्मचारियों ने मांग की है कि भत्तों में की गई कटौती को तुरंत वापस लिया जाए और सरकार के निर्देशों के मुताबिक उन्हें वेतन वृद्धि का पूरा लाभ दिया जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक मुख्य गेट के बाहर धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

धरने में किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के पहुंचने से कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। कर्मचारियों ने प्रबंधन से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

वहीं, इस पूरे मामले में कंपनी का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।

Ludhiana : 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी; मंत्रियों और MLA के घेराव की तैयारी

लुधियाना में कर्मचारी संगठनों की बैठक में आंदोलन का बड़ा ऐलान हुआ। 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी, 12-13 सितंबर को मंत्रियों और 19-20 सितंबर को MLA के घरों के घेराव की घोषणा की गई।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब में कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। लुधियाना में अलग-अलग कर्मचारी संगठनों की हुई बैठक के दौरान आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर कई बड़े फैसलों की घोषणा की गई। संगठनों ने कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए पत्रों को वापस लेने की मांग करते हुए चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया।

कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी की जाएगी। संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों के खिलाफ जारी पत्रों को वापस लेने की मांग को लेकर यह कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इन पत्रों को तुरंत वापस लेने की मांग की।

12-13 सितंबर को मंत्रियों के घरों का घेराव

कर्मचारी संगठनों ने घोषणा की कि 12 और 13 सितंबर को पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों का घेराव किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि सरकार तक कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं की आवाज पहुंचाने के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

इसके बाद 19 और 20 सितंबर को विधायकों (MLA) के घरों का घेराव करने का भी ऐलान किया गया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

21-22 सितंबर को फिर सामूहिक छुट्टी

बैठक में 21 और 22 सितंबर को दोबारा सामूहिक छुट्टी रखने का ऐलान किया गया। कर्मचारी संगठनों ने इसे आंदोलन के अगले चरण के तौर पर बताया है।

30 सितंबर को चंडीगढ़ में होगी ‘कर्मचारी विधानसभा’

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि 30 सितंबर को चंडीगढ़ में कर्मचारी विधानसभा आयोजित की जाएगी। नेताओं के मुताबिक, इस दौरान कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार के खिलाफ आंदोलन की आगे की रणनीति पर भी चर्चा होगी।

10 अक्टूबर को संगरूर में बड़ी रैली

कर्मचारी नेताओं ने 10 अक्टूबर को संगरूर में बड़ी रैली करने की भी घोषणा की। उनका दावा है कि इस रैली के जरिए सरकार तक कर्मचारियों की मांगों की आवाज मजबूती से पहुंचाई जाएगी।

‘डिस्कवरी मूवी’ के बहिष्कार का भी ऐलान

बैठक के दौरान कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने ‘डिस्कवरी मूवी’ के बहिष्कार की बात भी कही। हालांकि, इस संबंध में बहिष्कार के कारण और इसके स्वरूप को लेकर संगठनों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

कर्मचारी संगठनों ने सरकार से कर्मचारियों के खिलाफ जारी पत्रों को वापस लेने और उनकी मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, घोषित कार्यक्रमों के जरिए संगठनों ने संकेत दिया है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

नोट: आंदोलन का कार्यक्रम और लगाए गए आरोप कर्मचारी संगठनों के नेताओं द्वारा बताए गए हैं। सरकार या संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।