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खालसा कॉलेज में कुत्तों के साथ कथित क्रूरता मामले पर विवाद गहराया, एनिमल एक्टिविस्टों ने किया प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

वायरल वीडियो के बाद छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में रोष, बेजुबान जानवरों के लिए इंसाफ की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, प्रिंसिपल बोले – “पूरा मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित”

कॉलेज प्रबंधन का दावा – “कैंपस में किसी भी कुत्ते को नहीं मारा गया, बल्कि इलाज और देखभाल की जाती है”

अमृतसर के ऐतिहासिक खालसा कॉलेज में कुत्तों के साथ कथित तौर पर की गई क्रूरता को लेकर शुक्रवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल होने के बाद एनिमल एक्टिविस्टों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया और बेजुबान जानवरों के लिए इंसाफ की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने दावा किया कि वायरल वीडियो में कुत्तों को बेहद बेरहमी से घसीटा और पीटा गया, जिसके कारण कुछ जानवरों की मौत भी हो गई। एक एनिमल एक्टिविस्ट ने कहा कि अमृतसर को गुरुओं-पीरों की धरती माना जाता है, लेकिन यहां इस तरह की क्रूरता देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जो बेजुबान जानवर बोल नहीं सकते, उनकी आवाज बनना समाज की जिम्मेदारी है।

एक महिला प्रदर्शनकारी, जिसने खुद को अध्यापिका और एनिमल एक्टिविस्ट बताया, ने कहा कि वीडियो में एक कुत्ते को बैटरी रिक्शा से बांधकर बुरी तरह घसीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसने दावा किया कि एक अन्य कुत्ते की टांग भी तोड़ दी गई।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कॉलेज प्रबंधन से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगने आए हैं, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। एक्टिविस्टों ने आरोप लगाया कि कॉलेज के कुछ सुरक्षा कर्मचारी भी इस घटना में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने मांग की कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे कुत्तों को सामने लाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। उनका कहना था कि यदि जानवरों को हटाना ही था तो उनके लिए शेल्टर और इलाज की व्यवस्था की जानी चाहिए थी, न कि उनके साथ क्रूरता की जाती।

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में पहले ही कई गंभीर मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन बेजुबान जानवरों की सुरक्षा की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

दूसरी ओर खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आत्म सिंह रंधावा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कॉलेज में किसी भी कुत्ते को नहीं मारा गया। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यह पूरा मामला “पॉलिटिकली मोटिवेटेड” है और कुछ लोग खालसा कॉलेज की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

डॉ. रंधावा ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन और स्टाफ कैंपस में रहने वाले कुत्तों की देखभाल करते हैं। उन्होंने कहा कि घायल कुत्तों का इलाज करवाया जाता है और पशु कल्याण संस्थाओं की मदद भी ली जाती है। उनके अनुसार, एक कुत्ता पहले से ही घायल था और कमरे में फंसने के कारण शीशा तोड़कर बाहर निकलने के दौरान उसके पंजे जख्मी हुए थे।

प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज कैंपस में अभी भी कई कुत्ते आराम से घूम रहे हैं और उनके लिए पानी और खाने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही बैटरी रिक्शा कॉलेज की नहीं थी और कॉलेज में कई बाहरी वाहन भी आते हैं। इस मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

बाइट: — खालसा कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. आत्म सिंह रंधावा

बाइट: — डॉग लवर एनिमल एक्टिविस्ट

अमृतसर के अनगढ़ इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके के मामले में नई अपडेट

घर में धमाके के बाद एक महिला की मौत, एक गंभीर रूप से झुलसी

घर के अंदर बनाए जा रहे थे गैरकानूनी पटाखे, पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने वीडियो जारी कर किया बड़ा खुलासा

अमृतसर के अनगढ़ धमाका मामले में पुलिस का एक्शन, कहा — अवैध पटाखे बनाने वालों को नहीं किया जाएगा बख्शा

अमृतसर के अनगढ़ इलाके में एक घर के अंदर हुए भीषण धमाके और आग लगने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हादसे में दो महिलाएं बुरी तरह झुलस गई थीं, जिनमें से एक महिला की मौत हो गई है, जबकि दूसरी का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सुबह करीब 11:45 बजे पुलिस को अनगढ़ इलाके में स्थित अशोक कुमार के घर में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, एसएचओ मनजीत सिंह, एसीपी सुरिंदर और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि घर के अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाने और स्टोर करने का काम किया जा रहा था। इन गैरकानूनी फायरक्रैकर्स के कारण अचानक आग भड़क गई और जोरदार धमाका हुआ। हादसे में सुमनप्रीत नामक महिला की मौत हो गई, जबकि गुरप्रीत कौर गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।

भुल्लर ने कहा कि पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनगढ़ इलाके में गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने या स्टोर करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोग इस घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन असली कारण अवैध पटाखों के कारण लगी आग ही थी। उन्होंने कहा कि पटाखों के धमाकों की वजह से तेज आवाज आई थी और इसी कारण यह हादसा हुआ।

गौरतलब है कि सुबह हादसे के बाद पुलिस ने पहले घर के अंदर पटाखे होने की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन अब पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुद वीडियो जारी कर साफ कर दिया है कि घर के अंदर गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाए और रखे जा रहे थे, जिसके कारण यह भीषण आग और धमाका हुआ।

बाइट: गुरप्रीत सिंह भुल्लर, पुलिस कमिश्नर, अमृतसर

पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता से विपक्ष बौखलाया – विधायक सरबजीत कौर माणूंके
  • छवि खराब करने के लिए फैलाई जा रही हैं झूठी अफवाहें

जगराओं / सत्ता संदेश

विधानसभा हलका जगराओं से विधायक सरबजीत कौर माणूंके द्वारा पिछले दिनों उनके पति के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई गई।

विधायक माणूंके ने कहा कि विपक्षी पार्टियां पंजाब सरकार की जनहितैषी योजनाओं की सफलता के बाद बौखला गई हैं, जिसके चलते अब वे ओछी हरकतों पर उतर आई हैं।

उन्होंने बताया कि मेरे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह झूठा प्रचार किया गया कि “मेरे पति द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में नामांकन पत्र दाखिल किया गया, जिसे चुनाव अधिकारियों ने रद्द कर दिया”, जबकि यह सच्चाई से कोसों दूर है।

विधायक माणूंके ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोगों से किया गया एक-एक वादा पूरा किया है। इनमें नहरी पानी को टेलों तक पहुंचाना, 90 प्रतिशत लोगों को मुफ्त बिजली की सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, 45,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण, 100 साल पुराने अखाड़े वाले पुल का निर्माण जो लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था, तथा अन्य अनेक विकास परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विपक्ष के पास अब मेरी आलोचना करने के अलावा कोई काम नहीं बचा है और आगामी चुनावों में भी जनता इन्हें करारा जवाब देगी।

पंजाब राज्य व्यापारी आयोग की शिकायत निवारण बैठक में प्रमुख मुद्दों का समाधान

लुधियाना/ सत्ता संदेश

शिकायत निवारण अभियान के अंतर्गत बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) पूनम सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई।

पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) के तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यापारियों द्वारा उठाई गई लंबित शिकायतों की समीक्षा और समाधान के लिए भाग लिया।

बैठक के दौरान, अधिकारियों ने बिजली अवसंरचना, जल आपूर्ति, शहरी विकास, कानून व्यवस्था और अन्य व्यापार संबंधी मुद्दों से संबंधित शिकायतों पर निर्णायक कार्रवाई की। कई लंबे समय से लंबित शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि चल रहे कार्यों के लिए स्पष्ट समयसीमा जारी की गई। विभागों को यह भी निर्देश दिया गया कि जहां भी प्रगति रुकी हो, मामलों को आगे बढ़ाया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ प्रशासनिक स्तरों पर अनुवर्ती बैठकें निर्धारित की गई हैं ताकि प्राथमिकता वाले मुद्दों की निरंतर निगरानी और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

पंजाब भर में पारदर्शी और समयबद्ध शिकायत निवारण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, पीएसटीसी ने कहा कि बैठक जिला प्रशासन के शिकायतों और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई के बीच के अंतर को पाटने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।

अमृतसर सिविल अस्पताल में कांग्रेसी और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई, तस्वीरें आईं सामने

अमृतसर / सत्ता संदेश

अकाली काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी के बेटे के साथ मारपीट, अस्पताल के अंदर फिर भिड़े दोनों गुट

हमें निशाना बनाया जा रहा है — अकाली काउंसलर पंडोरी के गंभीर आरोप

पहले शहीदा साहिब के बाहर झगड़ा, फिर सिविल अस्पताल में दोबारा भिड़े दोनों पक्ष, पुलिस जांच में जुटी

अमृतसर के थाना बी डिवीजन क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर अकाली दल के काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी के बेटे और अन्य युवकों के साथ मारपीट करने के आरोप लगे। घटना के बाद घायल युवकों को इलाज के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां दोनों गुट फिर आमने-सामने हो गए और अस्पताल के अंदर ही हाथापाई तथा गाली-गलौज होने की बात सामने आई है।

सिविल अस्पताल के अंदर कांग्रेसी और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की और बहस की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को मौके पर पहुंचकर माहौल शांत करवाना पड़ा।

इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए अकाली काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और अकाली दल के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक रंजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा और अन्य युवक माथा टेकने गए हुए थे, जहां उन पर हमला किया गया।

पंडोरी ने दावा किया कि अस्पताल में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनके साथ दोबारा हाथापाई की गई।

उधर थाना ए डिवीजन के एसएचओ जगजीत सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले झगड़ा हुआ था और घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवा दिया है और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह की जाएगी।

इसी दौरान थाना बी डिवीजन के एसएचओ बलजिंदर सिंह ने बताया कि शहीदा साहिब के बाहर दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी और झगड़ा हुआ था, जिसके बाद दोनों पक्ष इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां फिर दोनों गुट आमने-सामने आ गए, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

बाइट: इंदरजीत सिंह पंडोरी, अकाली काउंसलर

बाइट: जगजीत सिंह, एसएचओ थाना ए डिवीजन

बाइट: बलजिंदर सिंह, एसएचओ थाना बी डिवीजन

मजीठा नगर कौंसिल चुनावों में धक्केशाही के आरोप, कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

कांग्रेसी उम्मीदवारों के नामांकन जबरन वापस करवाने के आरोप

कांग्रेस नेता भगवंत सिंह सचर ने अदालत जाने की चेतावनी दी

मजीठा चुनावों में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है : भगवंत सिंह सचर

अमृतसर के हल्का मजीठा में हो रहे नगर कौंसिल चुनावों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और उम्मीदवारों ने आम आदमी पार्टी और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार के दबाव में विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन रद्द और वापस करवाए जा रहे हैं ताकि एकतरफा चुनाव करवाए जा सकें।

इस संबंध में देर रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अमृतसर देहाती प्रधान और हल्का मजीठा के इंचार्ज भगवंत सिंह सचर ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 13 से कांग्रेसी उम्मीदवार अमरजीत कौर और वार्ड नंबर 6 से उम्मीदवार अमनदीप सिंह समेत अन्य उम्मीदवारों पर पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं द्वारा दबाव बनाया गया।

उन्होंने कहा कि सुबह स्थानीय पुलिस कर्मचारी उम्मीदवारों के घर पहुंचे और उन्हें धमकाया गया कि यदि नामांकन वापस नहीं लिया गया तो उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज कर दिए जाएंगे। सचर ने बताया कि एक उम्मीदवार का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई।

भगवंत सिंह सचर ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवारों ने न तो कोई नामांकन वापस लिया और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, इसके बावजूद उनके नाम वापस लिए गए उम्मीदवारों की सूची में दिखा दिए गए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के पास अब भी वे पर्चियां मौजूद हैं जो नामांकन वापसी के समय तहसीलदार कार्यालय में जमा करवाई जाती हैं, जिससे साबित होता है कि नामांकन कानूनी तरीके से वापस नहीं लिए गए।

कांग्रेसी नेता ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी भी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब इस मामले में एसडीएम और तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अन्य हलकों में भी बड़ी संख्या में नामांकन रद्द हुए हैं, जबकि मजीठा में केवल कुछ ही मामले हैं। सचर ने कहा कि यह तर्क गलत है और लोकतंत्र की हत्या के बराबर है।

उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और चुनाव आयोग के पास भी शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में विपक्षी पार्टियों को दबाने की कोशिश कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर उन उम्मीदवारों ने भी अपना पक्ष रखा जिनके नामांकन रद्द किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी दिए उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई और न ही उन्होंने किसी प्रकार के दस्तखत किए हैं। उम्मीदवारों ने इंसाफ की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।

बाइट : भगवंत सिंह सचर, पूर्व प्रधान PPCC अमृतसर देहाती / इंचार्ज हल्का मजीठा

बाइट : अमनदीप सिंह, कांग्रेसी उम्मीदवार वार्ड नंबर 6

बाइट : अमरजीत कौर का बेटा, कांग्रेसी उम्मीदवार वार्ड नंबर 13

नगर काउंसिल टांडा के सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।

टांडा/ सत्ता संदेश

मुलाजिम एक्शन कमेटी पंजाब के आह्वान पर नगर काउंसिल टांडा के सफाई कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर पिछले दस दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी गई है। आज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।

इस मौके पर संबोधित करते हुए कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले पार्टी नेताओं और मुख्यमंत्री द्वारा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के वादे किए गए थे, लेकिन साढ़े चार साल बीत जाने के बावजूद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक टांडा शहर में यह हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।

नगर काउंसिल के सफाई कर्मचारियों ने नगर काउंसिल के गेट पर पुतला टांगकर विरोध प्रदर्शन किया और शहर में रोष मार्च निकाला। इस दौरान किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने भी उनका समर्थन किया।

धरने के दौरान संगठन से जुड़े कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न ट्रेडों के मजदूर भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस प्रदर्शन को उस समय और बल मिला जब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान परमजीत सिंह भुल्ला बाठ अपने साथियों सहित कर्मचारियों के समर्थन में धरने पर पहुंचे और हर तरह के सहयोग का ऐलान किया। इस मौके पर परमजीत सिंह भुल्ला बाठ ने सफाई कर्मचारियों को संगठित रहने की अपील करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।

इस अवसर पर कर्मचारियों और समर्थकों द्वारा शहर में रोष मार्च भी निकाला गया। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार अपने चुनावी वादों को तुरंत पूरा करे और कर्मचारियों की मांगों को मानकर उनका समाधान करे।

इस मौके पर प्रधान माया, चेयरमैन जसपाल बाई, सकरमैन जतिंदर हंस के अलावा काला, नीरज भट्टी, जसपाल, मणि, मंजू, पांडी, बिपन, विजय, नीरज मट्टू, गुलशन, दीपक हंस, अभिनाश हंस, रानी, भोली परवीन, लखविंदर कौर, ममता, परमजीत पम्मा, करण, अभिनाश, अमरजीत, शेखर, संदीप, रेनू, शीतल कुमार, निशान बंटी, रोकी, विजय, पप्पू, राधा रानी, रमन, बृज, जानवी, पूनम, पिंकी, रजनी, नवनीत, परमजीत सिंह, रवि पाल तथा किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अमृतपाल सिंह मामले में डिस्चार्ज अर्जी पर सुनवाई, राज्य पक्ष ने जवाब दाखिल किया

पंजाब / सत्ता संदेश

FIR नंबर 39 मामले में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए तारीख तय की

अमृतपाल सिंह से संबंधित FIR नंबर 39 मामले में आज सेशन कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान भाई अमृतपाल सिंह की पेशी के समय उनके कानूनी पक्ष की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन संबंधी कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।

केस के बारे में जानकारी देते हुए रीतू राज सिंह संधू ने बताया कि आज अदालत में वह अर्जी पेश की गई, जिसके जरिए भाई अमृतपाल सिंह को इस मामले से डिस्चार्ज करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि आज की कार्रवाई के दौरान राज्य पक्ष की ओर से अपना जवाब अदालत में दाखिल किया गया।

एडवोकेट संधू ने बताया कि अदालत ने अब इस मामले में दलीलें सुनने के लिए अगली तारीख तय कर दी है। उनके मुताबिक कल डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर दोनों पक्षों की ओर से विस्तार से बहस की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आज अदालत में मुख्य रूप से राज्य पक्ष द्वारा रिप्लाई फाइल करने की प्रक्रिया होनी थी, जिस कारण विस्तारपूर्वक दलीलें नहीं हो सकीं। अदालत ने सभी दस्तावेज रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी।

इस मामले को लेकर समर्थकों और कानूनी वर्गों में काफी चर्चा बनी हुई है। अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां डिस्चार्ज एप्लीकेशन से संबंधित अहम दलीलें सामने आ सकती हैं।

जे सी आई लुधियाना सेंट्रल द्वारा ‘जे कॉम टेबल 4.0 – ग्रोथ सेंट्रल’ का उद्घाटन

लुधियाना / सत्ता संदेश

जे सी आई लुधियाना सेंट्रल द्वारा जे कॉम टेबल 4.0 – ग्रोथ सेंट्रल का शुभारंभ स्थानीय होटल महाराजा रिजेंसी में किया गया। यह पहल युवाओं के बिज़नेस, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और नेटवर्किंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

इस अवसर पर जे सी आई लुधियाना सेंट्रल के अध्यक्ष एडवोकेट सिमरनप्रीत सिंह ने बताया कि जे कॉम लुधियाना 4.0 – ग्रोथ सेंट्रल युवाओं में उद्यमिता कौशल विकसित करने के साथ-साथ उनके बीच नेटवर्किंग को मजबूत करेगा। इससे बिजनेसमैनों को अपने व्यवसाय में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य सभी को साथ लेकर तरक्की की दिशा में आगे बढ़ना है।

उन्होंने यह भी कहा कि जे सी आई लुधियाना सेंट्रल समय-समय पर अपने सदस्यों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे प्रयास करता रहा है और भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रहेगा।

कार्यक्रम में जोन के चेयरमैन संजय शर्मा, जे कॉम नेशनल डायरेक्टर डॉ. राजीव अग्रवाल, हेड कोच महेश अरोड़ा, असिस्टेंट कोच परमजीत सिंह, जे कॉम टेबल 4.0 के चेयरमैन अमित गुलाटी, जे कॉम टेबल 1.0 के चेयरमैन दमनजीत सिंह, वाइस प्रेसिडेंट गुरप्रीत सिंह रियात, कुलजीत सिंह, आशीष चोपड़ा, तेजस्वी धीमान, रोहित जिंदल, एडवोकेट बलविंदर सिंह, राहुल भारद्वाज, नरेश कुमार शर्मा, जगप्रीत सिंह सहित टेबल 1.0 और 4.0 के सदस्य मौजूद रहे।