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प्रभबीर सिंह बरार की अपील: जनगणना-2027 में पंजाबी को मातृभाषा दर्ज करें, डिजिटल प्रक्रिया अपनाएं

अमृतसर / सत्ता संदेश

संवाददाता- विक्रमजीत सिंह कैमरामैन- तरजिंदर सिंह

पनसप के चेयरमैन प्रभबीर सिंह बराड़ ने आम जनता से जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय जनगणना के सटीक आंकड़ों पर निर्भर करते हैं।

बराड़ ने कहा कि राज्य के विकास से संबंधित कई अहम फैसले जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लिए जाते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे बड़ी संख्या में आगे आएं और पंजाबी को अपनी मातृभाषा के रूप में दर्ज कराएं, ताकि उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का पहला चरण “मकानों की सूचीकरण एवं आवास गणना” है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया सरल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित है, जो लोगों को डिजिटल जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करती है।

चेयरमैन बराड़ ने लोगों से इस तकनीक-आधारित प्रक्रिया को अपनाने और सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल से 14 मई तक उपलब्ध स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और एक व्यापक एवं विश्वसनीय राष्ट्रीय डाटाबेस के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्रभावी योजना निर्माण और नीति निर्धारण के लिए मजबूत डाटाबेस अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि जनगणना के प्रमाणिक आंकड़े सुशासन की रीढ़ होते हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि कल्याणकारी योजनाएं, बुनियादी ढांचे का विकास और संसाधनों का समान वितरण समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत 15 मई से 13 जून, 2026 तक घर-घर सर्वेक्षण भी किया जाएगा। इस दौरान आवासीय स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित 33 प्रश्न पूछे जाएंगे तथा प्रत्येक घर की गणना की जाएगी, ताकि कोई भी परिवार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान से वंचित न रह जाए।

पंजाब में जनगणना का पहला चरण शुरू, 14 मई तक स्व-गणना; 15 से 30 जून घर-घर सर्वे

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच पहले चरण का काम पूरा करने के निर्देश दिए है। इसके तहत पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग ने स्व-गणना की प्रक्रिया को मई में लागू किया है और डोर टू डोर सर्वे 15 मई से शुरु करने का फैसला लिया है।


पंजाब में जनगणना के पहले चरण की शुरुआत 30 अप्रैल से हो रही है। इस चरण में 14 मई तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी जिसमें लोग मोबाइल एप या वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे।


जिन लोगों के पास मोबाइल या इंटरनेट सुविधा नहीं है उनकी मदद के लिए फील्ड कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान घरों की सूची तैयार की जाएगी जबकि 15 मई से 30 जून तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।


इस प्रक्रिया में लोगों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें घर में गाड़ियों की संख्या, लैपटॉप या कंप्यूटर की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा और पीने के पानी का मुख्य स्रोत जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा घर की बुनियादी सुविधाओं और स्थिति से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।


पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग पहले ही नगरपालिका और वार्ड सीमाओं का रिकॉर्ड तैयार कर चुके है। अमृतसर, जालंधर और मलेरकोटला में प्री-टेस्ट भी किया गया था जिससे प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को पहले ही समझ लिया गया।

घर की संरचना और सुविधाओं पर खास फोकस


घरों की सूची तैयार करते समय गणनाकर्मी भवन संख्या, फर्श दीवार और छत की सामग्री, घर के उपयोग और उसकी स्थिति से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके साथ परिवार संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और विवाहित दंपतियों की संख्या भी पूछी जाएगी। स्नान सुविधा, रसोईघर और एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन जैसी सुविधाओं का ब्योरा भी लिया जाएगा।

अधिकारियों की तैनाती और अगला चरण तय


जनगणना प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए विभाग ने अतिरिक्त, संयुक्त और सहायक आयुक्त के साथ नगर योजनाकार, अधीक्षक अभियंता और नगर निगम इंजीनियरों की तैनाती की है। ये सभी अधिकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।