आर्थिक संकट से जूझते पाकिस्तान को मिली IMF की ‘संजीवनी’: 1.32 बिलियन डॉलर का नया कर्ज मंजूर
इंटरनेशनल डेस्क: कंगाल होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से एक बार फिर बड़ा वित्तीय सहारा मिला है। आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान के लिए दो अलग-अलग वित्तपोषण व्यवस्थाओं के तहत लगभग 1.32 बिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि मंजूर की है।
कर्ज का विवरण: इस वित्तीय सहायता पैकेज में एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) के तहत लगभग 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर और रेजिलियंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (RSF) के तहत लगभग 210 मिलियन अमेरिकी डॉलर शामिल हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान को अब तक आईएमएफ से 8.4 बिलियन डॉलर के कुल दो लोन पैकेजों के मुकाबले 4.5 बिलियन डॉलर का कर्ज मिल चुका है।
विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार: रिपोर्ट के अनुसार, यह रकम अगले हफ्ते की शुरुआत में जारी कर दी जाएगी, जिससे पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 17 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो जाने की उम्मीद है।
आर्थिक चुनौतियां और शर्तें: हालांकि यह फंड एक बड़ी राहत है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को कड़ी शर्तों का पालन करना पड़ रहा है। इन सख्त राजकोषीय नीतियों के कारण देश में बेरोजगारी, गरीबी और आय में असमानता बढ़ी है। सरकार को पुराने राजकोषीय और मौद्रिक लक्ष्यों पर कायम रहने का वादा करना पड़ा है।
टैक्स और रेवेन्यू की स्थिति: आईएमएफ की समीक्षा में पाया गया कि पाकिस्तान ने दिसंबर 2025 तक के अधिकांश मानदंडों को पूरा किया है, लेकिन फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) सबसे कमजोर कड़ी साबित हुआ। टैक्स कलेक्शन के लक्ष्य को हासिल न कर पाने की वजह से सरकार ने राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए पेट्रोलियम लेवी की दरें बढ़ा दी हैं।
भविष्य की योजना और सुधार: पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने आश्वासन दिया है कि देश लंबी अवधि के विकास के लिए ढांचागत और संस्थागत सुधार जारी रखेगा। एक महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता के तहत, पाकिस्तान का नया बजट आईएमएफ के परामर्श से तैयार किया जाएगा ताकि राजकोषीय अनुशासन बना रहे। इसके अलावा, जलवायु जोखिमों से निपटने के लिए सरकार ने ‘ग्रीन टैक्सोनॉमी’ भी अपनाई है।

