ब्रेकिंग न्यूज़
पहलगाम हमले में NIA जारी की सप्लीमेंट्री, लश्कर प्रमुख हाफिज सईद को बताया मुख्य आरोपी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को अपनी पूरक (सप्लीमेंट्री) चार्जशीट में आरोपी बनाया है।  एनआईए ने उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी ने हमले की साजिश और आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी अतिरिक्त साक्ष्य अदालत में पेश किए हैं।

हाफिज सईद के खिलाफ क्या-क्या आरोप?
जम्मू की एनआईए स्पेशल कोर्ट में दायर अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में, आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने हाफिज सईद पर व्यक्तिगत तौर पर और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा व उसके सक्रिय प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के चीफ के तौर पर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, हाफिज सईद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। चार्जशीट में उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और पाकिस्तान से आतंकी साजिश चलाने का आरोप लगाया गया है।विज्ञापन

पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद हालात चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिए। इससे घबराए पाकिस्तान ने भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।

पाकिस्तान की साजिश के सबूत होने का दावा
एनआईए ने कहा कि यह पूरक चार्जशीट पहले दाखिल की गई 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट का विस्तार है। इसमें पाकिस्तान की साजिश, हाफिज सईद की भूमिका और जांच के दौरान जुटाए गए वैज्ञानिक एवं अन्य सबूतों का विस्तृत विवरण शामिल किया गया है। 

पहले किन लोगों को बनाया गया था आरोपी
एनआईए ने 15 दिसंबर 2025 को दाखिल अपनी पहली चार्जशीट में पाकिस्तान के आतंकी हैंडलर साजिद जट्ट, जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए तीन आतंकियों और गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को नामजद किया था। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा/टीआरएफ को भी एक कानूनी इकाई के रूप में आरोपी बनाया था। एनआईए का आरोप है कि इन संगठनों ने पहलगाम हमले की योजना बनाई, उसे अंजाम देने में मदद की और पूरी साजिश को संचालित किया।

पहले स्थानीय पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर
हमले के बाद सबसे पहले पहलगाम थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। शुरुआती जांच के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह मामला एनआईए को सौंप दिया था। एनआईए ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसी पाकिस्तान की उस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है, जिसके तहत सीमा पार से भारत में आतंकवाद को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

पहलगाम हमले के पीड़ित की बेटी को सरकारी नौकरी का वादा 10 महीने बाद भी नहीं हुआ पूरा

पुणे/मुंबई, 16 फरवरी (भाषा) पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने पिता की मौत के दस महीने बाद भी, असावरी जगदाले महाराष्ट्र सरकार द्वारा किये गए सरकारी नौकरी के वादे के पूरा होने का इंतजार कर रही हैं।

असावरी ने सोमवार को पुणे में अपनी चिंता व्यक्त की। इस संबंध में भाजपा नेता नवनाथ बान ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस देरी का मुद्दा उठाने का वादा किया।

असावरी के पिता संतोष जगदाले उन 26 पीड़ितों में से एक थे जिनकी मौत पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में हुई थी।

इस नरसंहार के बाद, राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के छह पीड़ितों के परिवारों को 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और उनके परिजनों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी।

असावरी ने मीडिया कर्मियों से कहा, “मुझे सरकार में नौकरी दिये जाने का वादा किए हुए 10 महीने हो गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इस संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है।”

उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य सरकार के आश्वासनों से अवगत कराया है।

असावरी ने कहा, “मैंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालयों से संपर्क किया है। अधिकारियों ने हमें केवल यही बताया है कि वे इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि पिता की मृत्यु के बाद से परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है और उनकी सारी बचत खत्म हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का आग्रह किया।

असावरी की अपील के बारे में पूछे जाने पर, महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया प्रभारी बान ने कहा कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा का रुख आतंकी हमले से प्रभावित जगदाले परिवार और अन्य परिवारों का समर्थन करना है। मैं आश्वासन देता हूं कि मैं व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री और राज्य पार्टी नेतृत्व के साथ इस मामले को उठाऊंगा।”

भाजपा नेता ने कहा कि फडणवीस एक संवेदनशील नेता हैं जो इस मामले की जांच करेंगे और जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।

पहलगाम हमला: NIA ने पाकिस्तान बेस्ड LeT/TRF समेत 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट की फाइल

नेशनल डेस्क: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने सोमवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए पहलगाम आतंकी हमला मामले में कुल सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की। यह हमला इसी साल 22 अप्रैल को हुआ था। 1597 पेज की चार्जशीट में पाकिस्तान बेस्ड आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके फ्रंट ऑर्गनाइजेशन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का भी नाम है। NIA ने LeT/TRF को एक लीगल एंटिटी के तौर पर आरोपी बनाया है, क्योंकि एजेंसी के मुताबिक, इसी ऑर्गनाइजेशन ने इस भयानक आतंकी हमले की साजिश रची, इसे अंजाम देने में मदद की और आतंकियों को निर्देश दिए।

जांच के दौरान यह साफ हो गया है कि हमले की साजिश पूरी तरह से पाकिस्तान में रची गई थी।इस हमले में धर्म के आधार पर चुन-चुनकर 25 टूरिस्ट और एक लोकल नागरिक की हत्या कर दी गई थी। चार्जशीट में पाकिस्तान बेस्ड आतंकी हैंडलर साजिद जट्ट का नाम भी शामिल है। इसके अलावा, NIA ने जुलाई 2025 में श्रीनगर के दाचीगाम इलाके में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों पर भी आरोप लगाया है। उनकी पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है।

दो स्थानीय आरोपियों, परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथाड, जिन्हें 22 जून, 2025 को आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई है। दोनों ने पुष्टि की कि हमले में शामिल तीनों हथियारबंद आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक थे और प्रतिबंधित LeT संगठन से जुड़े थे।

आरोपियों पर इंडियन पीनल कोड (IPC) 2023, आर्म्स एक्ट 1959, अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट – UAPA 1967 और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच अभी भी जारी है।