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मदर्स डे पर ‘वाओ मॉम सीजन 5’ का भव्य आयोजनश्री राम ग्लोबल स्कूल में मातृत्व को समर्पित भावनाओं की शानदार प्रस्तुति

लुधियान / सत्ता संदेश

लुधियाना — श्री राम ग्लोबल स्कूल, साउथ सिटी में मदर्स डे के उपलक्ष्य में ‘वाओ मॉम सीजन 5’ का भव्य और भावनात्मक आयोजन स्कूल परिसर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं के निस्वार्थ प्रेम, त्याग और बच्चों के जीवन निर्माण में उनकी अहम भूमिका को सम्मान देना था।कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल प्रिंसिपल मोनिका शर्मा द्वारा स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा, “मां बच्चे की पहली शिक्षक और जीवनभर की प्रेरणा होती है। इस आयोजन के माध्यम से हम बच्चों में कृतज्ञता के संस्कार विकसित करने के साथ परिवारों के लिए यादगार पल संजोने का प्रयास करते हैं।”शाम के दौरान माताओं को समर्पित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम की थीम ‘जर्नी टू फ्रीडम’ रखी गई थी। आयोजन में 50 से अधिक माताओं ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘रैंप वॉक’ रहा, जिसमें नन्हे बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर वॉक कर सभी का दिल जीत लिया। मंच पर माताओं और बच्चों का उत्साह देखने लायक था।
अंत में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘फिनाले एक्ट’ माताओं को समर्पित रहा, जिसने सभी को भावुक कर दिया। सफल आयोजन के दौरान स्कूल की सामुदायिक और भावनात्मक विकास के प्रति प्रतिबद्धता साफ दिखाई दी। कार्यक्रम का समापन रिफ्रेशमेंट्स और फोटोबूथ पर यादगार फोटो सेशन के साथ हुआ।स्कूल डायरेक्टर अंचल गर्ग और साक्षी गर्ग ने कार्यक्रम में शामिल सभी माताओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन परिवार और स्कूल के रिश्ते को और मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ भावनात्मक मूल्यों को बढ़ावा देना भी स्कूल की प्राथमिकता है। लुधियाना से यादविंदर सिंह की रिपोर्ट

श्री आशुतोष गोवारिकर को 57वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए महोत्सव निदेशक नियुक्त किया गया है

दिल्ली / सत्ता संदेश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गोवा में आयोजित होने वाले भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 57वें संस्करण के लिए प्रख्यात फिल्म निर्माता श्री आशुतोष गोवारिकर को महोत्सव निदेशक नियुक्त किया है।

श्री गोवारिकर एक प्रख्यात फिल्म निर्माता हैं जिन्होंने भारतीय सिनेमा में विशिष्ट योगदान दिया है। आईएफएफआई के साथ उनका जुड़ाव कई दशकों से है, जो सिनेमाई कलाओं और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म संस्कृति के विकास के प्रति उनकी गहरी रुचि को दर्शाता है।

अपनी नियुक्ति पर अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री गोवारिकर ने कहा, “गोवा में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 57वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के महोत्सव निदेशक के रूप में सेवा करना मेरे लिए अत्यंत गौरव और खुशी की बात है। इस महोत्सव के विकास का साक्षी बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। 1984 में इसमें भाग लेने से लेकर 2024 तक, जब मैंने अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा के लिए जूरी अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, इससे जुड़े रहना मेरे लिए एक यादगार अनुभव रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा, “1952 से लेकर अब तक अनगिनत महोत्सव टीमों द्वारा दशकों से स्थापित, पोषित और विस्तारित की गई विरासत को आगे बढ़ाना मेरे लिए एक बड़ा सम्मान है, इसके साथ ही जिम्मेदारी का एक नया अहसास भी होता है। मैं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गोवा सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।”

1952 में स्थापित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव एशिया के प्रमुख फिल्म समारोहों में से एक है और यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैश्विक सिनेमा में उत्कृष्टता प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है।

आईएफएफआई के बारे में

सन् 1952 में स्थापित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) दक्षिण एशिया में सिनेमा का सबसे पुराना और सबसे प्रतिष्ठित उत्सव है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन भारत के राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएउफडीसी) और गोवा सरकार के मनोरंजन संगठन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह महोत्सव वैश्विक सिनेमाई मिलन स्थल के रूप में विकसित हुआ है। यहां, फिर से तैयार की गई क्लासिक्स नई प्रतिभाओं के साथ संवाद स्थापित करते हैं, और दिग्गज फिल्मकार निडर नवोदित कलाकारों के साथ मंच साझा करते हैं।

आईएफएफआई की अनूठी ऊर्जा का स्रोत इसका गतिशील मिश्रण है। इसमें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं, चुनिंदा देशों पर केंद्रित कार्यक्रम, मास्टरक्लास, श्रद्धांजलि समारोह और जीवंत वेव्स फिल्म बाजार शामिल हैं, जहां विचार, सहयोग और रचनात्मक साझेदारियां आकार लेती हैं। नवंबर 2026 में गोवा के शानदार तटीय परिवेश में आयोजित होने वाला आईएफएफआई का 57वां संस्करण एक और भी व्यापक मंच प्रदान करेगा। यह भाषाओं, विधाओं, प्रौद्योगिकियों और कहानी कहने की परंपराओं के एक समृद्ध विस्तृत श्रेणी को एक साथ लाएगा।

स्वच्छता पखवाड़ा उत्सव : संस्कृति मंत्रालय राष्ट्रव्यापी स्वच्छता और जागरूकता अभियान चलाएगा

दिल्ली/सत्ता संदेश

संस्कृति मंत्रालय स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ और हरित भारत की परिकल्पना के प्रति 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा मना रहा है।
इस अवसर में मंत्रालय के अधीन संगठनों द्वारा कई गतिविधियां शुरू की जा चुकी हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई, जिसमें स्वच्छता बनाए रखने के प्रति व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया। शपथ के दौरान, प्रतिभागियों ने अपने आसपास के परिवेश को साफ रखने के लिए दूसरों को प्रेरित करने के तरीकों पर भी चर्चा की और एक स्वच्छ राष्ट्र के निर्माण में सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। संस्कृति मंत्रालय में स्वच्छता और सफाई जागरूकता पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय पुस्तकालय ने स्वच्छता प्रतिज्ञा का संचालन, निबंध लेखन जैसी जागरूकता प्रतियोगिताएं और अपने परिसर में स्वच्छता अभियान जैसी गतिविधियां शुरू की हैं। राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद और देश भर में इसकी इकाइयों ने स्वच्छता प्रतिज्ञा समारोह, स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैलियां, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक भागीदारी कार्यक्रम जैसी कई गतिविधियां शुरू की हैं , जिनका उद्देश्य व्यवहार परिवर्तन और सतत प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय के अधीन संगठनों ने पखवाड़े के दौरान कई तरह की गतिविधियों की योजना बनाई है , जिनमें शामिल हैं:

  • धरोहर स्थलों, संग्रहालयों, परिसरों, सार्वजनिक स्थानों और नदी तटवर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर श्रमदान और स्वच्छता अभियान चलाना।
  • स्वच्छता रैलियों, पदयात्राओं , पैदल मार्च और प्लॉगिंग गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • नुक्कड़ नाटक , सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियान जनता के बीच स्वच्छता के संदेश को बढ़ावा देना।
  • “अपशिष्ट से धन” और “अपशिष्ट से कला” कार्यशालाएं पुनर्चक्रण, पुन: उपयोग और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देना।
  • समुद्र तटों की सफाई, जल निकायों की सफाई और सार्वजनिक शौचालयों सहित सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव जैसी विशेष पहल।
  • ” एक पौधा मां के नाम ” जैसी थीम के तहत वृक्षारोपण अभियान और हरित पहल
  • छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और नारा लेखन सहित प्रतियोगिताएं आयोजित करना।
  • एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को अपनाने को बढ़ावा देने वाले अभियान।
  • विद्यालयों, स्थानीय निकायों और नगरपालिका अधिकारियों के सहयोग से सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम।
  • स्वच्छता को सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यावरण स्थिरता से जोड़ने वाले विरासत भ्रमण, व्याख्यान और कार्यशालाएं।


इस पहल का उद्देश्य न केवल भौतिक स्वच्छता को बढ़ाना है, बल्कि नागरिकों में भारत की सांस्कृतिक विरासत को स्वच्छ और सतत ढंग से संरक्षित करने के लिए जिम्मेदारी और सामूहिक कार्रवाई की एक स्थायी भावना पैदा करना भी है।
संस्कृति मंत्रालय नागरिकों, सांस्कृतिक संस्थानों और युवा संगठनों सहित सभी हितधारकों से स्वच्छ्ता पखवाड़े में सक्रिय रूप से भाग लेने और स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता है।

भगवान परशुराम की जयंती के संबंध में ब्राह्मण वेलफेयर बोर्ड की तरफ़ से 17 अप्रैल दिन शुक्रवार को निकाली जा रही 13 वी राज्य स्तरीय शोभा यात्रा की त्यारिया जोरो पर है !

भगवान परशुराम की जयंती के संबंध में ब्राह्मण वेलफेयर बोर्ड की तरफ़ से 17 अप्रैल दिन शुक्रवार को निकाली जा रही 13 वी राज्य स्तरीय शोभा यात्रा की त्यारिया जोरो पर है !इन शब्दों का प्रगटावा ब्राह्मण वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन पंकज शारदा ने मिन्नी सचिवालय स्थित बचत भवन में आयोजित प्रभावशाली मीटिंग दौरान किया , शारदा ने बताया कि दरेसी ग्राउंड से निकलने वाली इस यात्रा में राज्य भर से ब्राह्मण परिवार और सनातनी भारी गिनती में पहुंचेगे , दरेसी से शुरू होकर यात्रा प्रताप बाजार , नगर निगम , घंटाघर , चौड़ा बाजार , डविजन नंबर 3 से होते हुवे प्राचीन मंदिर शांगलावाला शिवाला में महा आरती के साथ संपन्न होगी , पूरे यात्रा मार्ग को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा और यात्रा में बेंड बाजे ढोल नगाड़े और सुंदर रथ शामिल होंगे , यात्रा में युवा वर्ग को नशों से दूर रहने के लिए प्रेरित करने वाली विशेष झाकी खास तोर पर शामिल की जाएगी।इसअवसर परडॉ दीपक मनन, राज कुमार शर्मा, धरमिंदर धामी, अशवनी शारदा, हाकम सिंह, नरिंदर गुप्ता, एडवोकेट सिद्धांत शारदा, एडवोकेट रजनीश गुप्ता, एडवोकेट नीलेश गुप्ता, भूषण शर्मा, राजू शुक्ला,अशोक जिंदल, सर्बजीत बंटी, तरुण गोयल, जगतवीर सिंह, रविंदर सयान, राकेश सहगल, पंडित जयंत कौशिक, पंकज सूद, राजीव शर्मा भजन दुआ, केशव शर्मा, गौतम शारदा, दीपक कोहली, मनु, सुपरम सुंडा,, विष्णु शर्मा वरुण रामपाल, अमित, भूषण कौशिक और प्रेमनाथ उपस्थित थे।