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NEET पेपर लीक पर दोषियों को होगी सजा, नहीं होगा छात्रों का भविष्य बर्बाद : पीएम मोदी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

  • PM मोदी ने कहा कि छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे.
  • छात्रों को लेकर सरकार संवेदनशील है, दलगत राजनीति न हो.
  • PM मोदी ने कहा- पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी.

संसद के मानसूस सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर बड़ी बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे। पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी।

रिजिजू ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। नीट पेपर लीक पर पीएम मोदी ने सख्ती, सजा और फुलप्रुफ सिस्टम की बात की. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार छात्रों को लेकर काफी संवेदनशील है. नीट पेपर लीक के मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. री-एग्जाम कराया गया और रिजल्ट में भी कोई विलंब नहीं हुआ. आगे पेपर लीक ना हो, इसके लिए सख्ती से कदम उठाया जाए.

NEET मामले में दलगत राजनीति नहीं हो

आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए. ये सिर्फ एक राज्य नहीं पूरे देश का मामला है. इस मामले में दलगत राजनीति नहीं होना चाहिए. इसके अलावा फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट की चर्चा हुई. पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के हित को ध्यान में रखा जाएगा. कोई नुकसान नहीं होने देंगे. रिजिजू ने कहा कि पीएम मोदी ने मार्गदर्शन दिया, देश ने पिछले महीनों में जो सफलता हासिल की उसका जिक्र किया.

नीट पेपर लीक के मुद्दों पर छात्रों का प्रदर्शन

नीट पेपर लीक के मुद्दों पर पिछले करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हो रहा है. इसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके कर रहे हैं. छात्रों की एक बड़ी तादाद कुछ विपक्षी दल इसका पुरजोर समर्थन कर रहे हैं. सोमवार को CJP के समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाल रहे थे. पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इसमें कई लोग घायल हुए, जिसमें छात्र और पुलिस के जवान भी शामिल हैं.

हिंसक प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के डेलिगेशन ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. इस दौरान सीजेपी ने सरकार ने मुख्य तीन मांगें रखीं. इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की अस्पताल से रिहाई और नीट के जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उसे 1 करोड़ का मुआवजा. हालांकि, इन मांगों को लेकर सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. मगर सीजेपी का कहना है कि नड्डा ने उनसे कहा कि वो अपने शीर्ष नेतृत्व से इस मसले पर बात करेंगे.

Parliament Monsoon Session : 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान में क्या?

केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर लिखा, भारत सरकार की अनुशंसा पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मानसून सत्र 2026 में संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने की स्वीकृति दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई, 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त, 2026 तक चलेगा। रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे।

किन मुद्दों पर हंगामा कर सकता है विपक्ष?

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। नजरें स्पीकर ओम बिरला के फैसले पर टिकी हैं। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

बजट सत्र में कितना कामकाज हुआ?

इससे पहले संसद का बजट सत्र विगत 18 अप्रैल को समाप्त हुआ था। 28 जनवरी, 2026 को शुरू हुए संसद के बजट सत्र में कई अहम विधेयक पारित कराए गए थे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के मुताबिक सत्र के दौरान 31 बैठकें हुईं। लगभग 151 घंटे 42 मिनट तक चली कार्यवाही के दौरान कई अहम विधेयकों पर चर्चा कराई गई थी। 

बजट सत्र के दौरान कौन से विधेयक पारित हुए थे?

  • औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026
  • उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026
  • वित्त विधेयक, 2026
  • दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026
  • आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026
  • जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026
  • केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026

93 प्रतिशत उत्पादकता, चर्चा में कितने सदस्यों ने भाग लिया?

सदन की कार्यवाही स्थगित किए जाने से पहले स्पीकर ओम बिरला ने बताया था कि सत्र के दौरान 12 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किए गए और 09 विधेयक पारित किए गए। 131वें संविधान संशोधन विधेयक, 2026; संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026; और परिसीमन विधेयक, 2026 पर 21 घंटे 27 मिनट तक चर्चा हुई। इस चर्चा में 131 सदस्यों ने भाग लिया था। कुल कार्य-उत्पादकता लगभग 93 प्रतिशत रही थी।

बाढ़ प्रभावित अरुणाचल का शिवराज सिंह चौहान, किरेन रिजिजू और पेमा खांडू ने किया हवाई व जमीनी दौरा

अरुणाचल प्रदेश / सत्ता संदेश

अरुणाचल प्रदेश में आई भीषण बाढ़ के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और जमीनी दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

केंद्रीय मंत्री ने केयी पान्योर जिले समेत कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके साथ ही वे सड़क मार्ग से भी गांवों में पहुंचे और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा और जिनके घर बह गए हैं, उनके लिए नए मकान बनवाए जाएंगे। खेतों में हुए नुकसान, फसलों की बर्बादी, पशुधन हानि; सभी का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाएगा। तत्काल राहत के रूप में राशन और आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।

दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे सामुदायिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और सुरक्षा दीवार बनाने के काम में खुद भी हाथ बंटाया और कहा कि समाज की यह भागीदारी प्रेरणादायक है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ से भारी तबाही हुई है और नुकसान का लगातार आकलन किया जा रहा है, लेकिन इसके बीच सबसे सराहनीय बात यह है कि स्थानीय समुदाय ने सरकार का इंतजार किए बिना खुद आगे बढ़कर समाधान की पहल की है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है और प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार भी हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन जल्द से जल्द सामान्य हो सके।