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समराला में CM भगवंत मान का BJP, कांग्रेस और अकाली दल पर बड़ा हमला

समराला/सत्ता संदेश

  • BJP से सावधान रहें, अगर सत्ता में आए तो वे पंजाब में काले कृषि कानून फिर से लागू करेंगे: CM भगवंत सिंह मान
  • आर्मी स्कूलों में संस्कृत को ज़रूरी और पंजाबी को ऑप्शनल बनाकर, BJP ने अपनी पंजाब विरोधी सोच को सामने ला दिया है: CM भगवंत सिंह मान
  • जहां भी उन्हें चुनाव लड़ना होता है, वे पहले दंगे करवाते हैं और फिर लोगों में डर फैलाकर वोट मांगते हैं: CM भगवंत सिंह मान
  • उन्होंने हमारे 750 किसानों को बॉर्डर पर मरवा दिया, फिर भी उनमें पंजाब में वोट मांगने की हिम्मत है: CM भगवंत सिंह मान
  • अकाली और कांग्रेस के नेता फिर से लूटने की अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन 2027 में लोग उन्हें एक बार फिर नकार देंगे और बेइज्जत करेंगे: CM भगवंत सिंह मान
  • हम कभी नहीं कहते कि खजाना खाली है, हमारी पॉलिसी लोगों का पैसा लोगों को वापस लौटाना है: CM भगवंत सिंह मान
  • मैं पहला मुख्यमंत्री हूं जो सीधे लोगों के बीच जा रहा हूं, विपक्षी नेता आम लोगों को कभी अपने पास भी नहीं आने देंगे: CM भगवंत सिंह मान
  • जब तक पंजाब में AAP सरकार है, हमारी कोई भी भलाई की योजना नहीं रुकेगी: CM भगवंत सिंह मान
  • CM भगवंत सिंह मान ने समराला के गांव मानकी में लोक मिलनी के दौरान लोगों से बातचीत की और विकास के कामों के लिए ₹50 लाख भी दिए

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को BJP, अकाली दल और कांग्रेस के खिलाफ तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने कहा कि इन पुरानी राजनीतिक पार्टियों ने बांटने वाली राजनीति, पंजाब विरोधी फैसलों और भ्रष्टाचार के ज़रिए दशकों तक पंजाब को धोखा दिया है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर BJP राज्य में सत्ता में आई तो वह एक बार फिर काले कृषि कानून लागू करेगी। समराला के गांव मानकी में लोक मिलनी के दौरान, CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि BJP ने आर्मी स्कूलों में संस्कृत को ज़रूरी और पंजाबी को ऑप्शनल बनाकर अपनी पंजाब विरोधी सोच को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनावों से पहले वोटरों का ध्रुवीकरण करने के लिए सांप्रदायिक तनाव पैदा करने में माहिर है। लोगों को कृषि कानूनों के आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसानों की मौत की याद दिलाते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने सवाल किया कि BJP “बॉर्डर पर किसानों की कुर्बानी” देने के बाद भी पंजाब में वोट कैसे मांग सकती है, साथ ही उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के उलट, AAP सरकार वेलफेयर स्कीम, नौकरी, शिक्षा, हेल्थकेयर और डेवलपमेंट के कामों के ज़रिए जनता का पैसा लोगों को वापस लौटा रही है। उन्होंने गांव में डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए ₹50 लाख भी दिए।

समराला में लोक मिलनी के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को बांटने वाली और पंजाब विरोधी ताकतों से सावधान रहना चाहिए जो लगातार राज्य को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, “BJP की पंजाब विरोधी सोच है और पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी को ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाना और संस्कृत को ज़रूरी बनाना इसी सोच को दिखाता है। BJP ने हमेशा पंजाब के साथ गलत किया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “चाहे पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, BBMB, SYL नहर, हरिके नहर, रिपब्लिक डे की झांकी, RDF फंड या बॉर्डर एरिया फंड का मामला हो, पंजाब को BJP की तरफ से लगातार नाइंसाफी का सामना करना पड़ा है।”

उन्होंने कहा कि BJP ने हमेशा दंगों और बांटने की पॉलिटिक्स की है और लोगों से आने वाले चुनावों से पहले पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देने की अपील की। ​​“पंजाब में कुछ पॉलिटिकल पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं। BJP की पॉलिटिक्स कम्युनिटी के बीच बंटवारा करने और फिर वोट के लिए दोनों तरफ के लोगों को डराने के इर्द-गिर्द घूमती है। पंजाब ने पहले भी ऐसे बुरे दिन देखे हैं, जिससे राज्य का डेवलपमेंट पटरी से उतर गया, और इसलिए लोगों को ऐसी ताकतों को पूरी तरह से नकार देना चाहिए,” उन्होंने आगे कहा।

लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब के हर तरफ के डेवलपमेंट के लिए बहुत मेहनत की है और पिछले शासकों के उलट, उन्होंने कभी भी अपने आराम के लिए पब्लिक के पैसे का गलत इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने लिए सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं लिया है। टैक्सपेयर्स के पैसे का हर रुपया लोगों की भलाई के लिए सही तरीके से खर्च किया जा रहा है। आपका बेटा और भाई होने के नाते, मैंने हमेशा पिछले शासकों की तरह ऐशो-आराम की ज़िंदगी जीने के बजाय आपके दर्द और मुश्किलों को बांटने पर ध्यान दिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें अपने आलीशान घरों की दीवारों के पीछे ही सीमित रहती थीं और लोगों की समस्याओं के बारे में उनसे सीधे बात करने की कभी ज़हमत नहीं उठाई। उन्होंने कहा, “पिछला कोई भी शासक इस तरह लोगों के बीच उनकी शिकायतें सुनने और उन्हें पक्के इरादे से हल करने नहीं आया। वे घमंडी नेता जनता से कटे रहे और आज वे पंजाब सरकार की हर जनहित की पहल से हैरान हैं।”

CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार नागरिक-केंद्रित और विकास पर आधारित नीतियां बनाते समय लगातार लोगों से फीडबैक लेती है। “विपक्ष नकली और अपमानजनक बातें फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पंजाबी इतने समझदार हैं कि इन नेताओं के संदिग्ध और धोखेबाज़ चरित्र को समझ सकें। ये सस्ती नौटंकी मुझे पंजाब की सेवा करने से नहीं रोक सकती।

केरल में एलडीएफ-राजग की ‘मिलीभगत’, सरकार को फायदा पहुंचा रही भाजपा: सचिन पायलट

तिरुवनंतपुरम, 24 मार्च (भाषा) केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य में पिनराई विजयन नीत सरकार बरकरार रखने में ‘‘मदद’’ कर रहा है और ‘‘तथ्य’’ बताते हैं कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की राजग के साथ ‘‘मिलीभगत’’ है।

केरल चुनावों के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक पायलट ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री विजयन पर निजी लाभ के लिए, विशेषकर भ्रष्टाचार मामलों की जांच से बचने के उद्देश्य से भाजपा के साथ परोक्ष रूप से काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रयास सफल नहीं होंगे क्योंकि ‘‘जनता उनके छल और झूठ को समझ चुकी है।’’

विजयन ने हाल में ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा था कि कांग्रेस राज्य में भाजपा की ‘‘बी-टीम’’ की तरह काम कर रही है।

इसपर पलटवार करते हुए पायलट ने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री ऐसे आरोप कैसे लगा रहे हैं, जबकि तथ्य बताते हैं कि माकपा और एलडीएफ ही भाजपा और राजग के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। आज भी केरल चुनाव में राजग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलडीएफ की सत्ता बरकरार रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का इसमें ज्यादा कुछ दांव पर नहीं है। कुछ क्षेत्रों में उसे वोट मिलने की उम्मीद हैं, जिन्हें वह वामपंथी उम्मीदवारों की ओर मोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि वे तीसरी बार सत्ता में आ सकें, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है।’’

अपने साक्षात्कार में विजयन ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘‘भाजपा की बी-टीम’’ बताया था। इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों ने केरल के मुख्यमंत्री को छोड़कर देश के अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया है या पूछताछ के लिए तलब किया है।

वाम सरकार पर हमला तेज करते हुए पायलट ने कहा कि राज्य की वामपंथी सरकार और केंद्र की भाजपा नीत सरकार पिछले 10 वर्षों से साथ मिलकर काम कर रही हैं।

पायलट ने कहा कि उन्होंने माकपा नीत गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री या भाजपा के खिलाफ कोई बड़ा प्रदर्शन, आंदोलन या विरोध नहीं देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘वायनाड त्रासदी हुई। उन्होंने करोड़ों रुपये की मांग की, लेकिन हमें केवल कर्ज मिला। क्या वाम दल प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठे? प्रियंका गांधी और यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) के सभी सांसदों ने भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।’’

कुछ सांसदों द्वारा विधानसभा टिकट की इच्छा जताए जाने की खबरों पर पायलट ने कहा कि कुछ नेताओं की इच्छा हो सकती है, लेकिन पार्टी ने सिद्धांत तय किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘परंपरा और सिद्धांत के तौर पर पार्टी ने फैसला किया है कि कोई भी मौजूदा सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा।’’

कन्नूर से टिकट मांगने वाले वरिष्ठ लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन की सराहना करते हुए पायलट ने उन्हें अनुशासित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के निर्णय का सम्मान किया।

यूडीएफ की संभावनाओं पर उन्होंने सटीक आंकड़ा बताने से इनकार किया, लेकिन ‘‘बहुमत’’ मिलने का विश्वास जताया।

राहुल गांधी की पांच गारंटी और घोषणापत्र जारी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं, इसलिए प्रक्रिया में समय लग रहा है।

उन्होंने कहा कि गारंटी तत्काल प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं, जबकि घोषणापत्र व्यापक दृष्टि प्रस्तुत करेगा।

केरल विधानसभा की 140 सीट के लिए मतदान नौ अप्रैल को चुनाव होंगे

एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक मामले में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की एक पाठ्यपुस्तक से जुड़े विवाद के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ‘‘स्वयं पाठ्यपुस्तकों के पुनर्लेखन के लिए नागपुर सांप्रदायिक तंत्र का मार्गदर्शन किया है।’’

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि पाठ्यपुस्तकों को फिर से कैसे लिखा गया है और ‘‘वे कैसे ध्रुवीकरण और राजनीतिक हिसाब-किताब करने का साधन बन गई हैं।’’

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘इजराइल में वास्तविक नैतिक कायरता का प्रदर्शन करने के बाद, प्रधानमंत्री एनसीईआरटी पुस्तकों के मुद्दे पर नकली आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। स्पष्ट रूप से नुकसान की भरपाई की कवायद के तहत वह बता रहे हैं कि वह एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों में न्यायपालिका के महत्वपूर्ण संदर्भों से बेहद नाखुश हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र के ऐसे ‘‘झोलाछाप लोगों के एक नेटवर्क की अगुवाई की है, जिन्होंने पाठ्यपुस्तकों को अपने वैचारिक वायरस से संक्रमित करके गंभीर क्षति पहुंचाई है।’’

उनका कहना है कि यह अचानक नहीं हुआ है, बल्कि एक व्यवस्थित अभियान का हिस्सा हैं।

रमेश ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं पाठ्यपुस्तकों के पुनर्लेखन के लिए नागपुर सांप्रदायिक तंत्र का मार्गदर्शन किया है। यह उनका खुद को उन पाठ्यपुस्तकों से दूर करने का सरासर पाखंड है, जिसने उच्चतम न्यायालय को चिंतित किया है।’’

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर अध्याय होने को लेकर बुधवार को कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद एनसीईआरटी ने विवादित पाठ्यपुस्तक को अपनी वेबसाइट से हटा दिया।

न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एनसीईआरटी की इन किताबों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और किताबों की सभी प्रतियों को जब्त करने के साथ-साथ इसके डिजिटल संस्करणों को भी हटाने का आदेश दिया।

कांग्रेस ने पूर्वोत्तर की उपेक्षा की और अपने शासनकाल में असम में उग्रवाद को बढ़ावा दिया : मोदी

गुवाहाटी, 14 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उस पर पूर्वोत्तर की उपेक्षा करने और अपने शासनकाल के दौरान असम में उग्रवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

मोदी ने यहां एक रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा देश की सुरक्षा को खतरे में डाला है और असम में उसके कार्यकाल के दौरान भय और असुरक्षा का माहौल बना रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने ध्रुवीकरण और वोट बैंक की राजनीति में लिप्त होकर ऐसे निर्णय लिए, जिनसे इन चीजों को बढ़ावा मिला।’’

मोदी ने कहा, ‘‘देश का विभाजन मुस्लिम लीग के कारण हुआ था, लेकिन अब ‘एमएमसी’ – माओवादी, मुस्लिम, कांग्रेस – हैं और लोगों को इनके बारे में जागरूक होना चाहिए।’’

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया, लेकिन भाजपा ‘‘अवैध अप्रवासन को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसलिए अगले पांच साल राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं’’।

उन्होंने यह भी दावा किया कि असम में 10 वर्षों से सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस ‘‘सत्ता में रहने के समय से भी अधिक खतरनाक हो गई है और यह बात उसके नेताओं द्वारा दिये गये जहरीले बयानों से स्पष्ट है।’’

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने सात दशकों में ब्रह्मपुत्र नदी पर केवल तीन पुलों का निर्माण किया, लेकिन भाजपा सरकार ने 10 वर्षों में पांच पुलों का निर्माण किया।

मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रयासों से असम में चौतरफा विकास हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा असम की पहचान और उसकी परंपराओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।’’

मोदी ने कहा कि भाजपा की सफलता का श्रेय केवल पार्टी कार्यकर्ताओं को जाता है और पार्टी संगठनात्मक शक्ति में भरोसा रखती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भाजपा कार्यकर्ता होना मेरी सबसे बड़ी योग्यता और सम्मान है और यह मेरे लिए गर्व का स्रोत है।’’