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लुधियाना के कारोबारी से 1 करोड़ की फिरौती की मांग; विदेशी नंबर से आई जान से मारने की धमकी

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला शहर के पॉश इलाके सराबभा नगर से सामने आया है, जहाँ एक कारोबारी को विदेशी नंबर से कॉल कर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है।

विदेशी नंबर से आया कॉल और मैसेज: शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि 10 फरवरी की शाम करीब 6:50 बजे उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर (+1-619-606-0307) से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल कटने के तुरंत बाद उसी नंबर से एक मैसेज आया, जिसमें स्पष्ट रूप से 1 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। आरोपी ने चेतावनी दी है कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो कारोबारी और उसके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।

दहशत में परिवार, पुलिस ने शुरू की जांच : गुरप्रीत सिंह, जो पहले वाटर प्लांट चलाते थे, वर्तमान में लुधियाना में अकेले रहते हैं जबकि उनका परिवार विदेश में है। इस धमकी के बाद पीड़ित परिवार और इलाके में दहशत का माहौल है।

सराबभा नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल इसकी गहनता से जांच कर रही है। पुलिस इस पहलू पर काम कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर है या किसी शरारती तत्व ने विदेशी वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल किया है।

प्रेमी के साथ बाधा बन रहे थे बच्चे, कलयुगी मां ने जहर देकर ली जान; बहन के साथ गिरफ्तार

बठिंडा: पंजाब के बठिंडा जिले के गाँव रामपुरा फूल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक मां ने अपने ही दो मासूम बच्चों की चूहे मारने वाली दवा देकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि महिला के किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध थे और बच्चे उसमें बाधा बन रहे थे।15 दिनों के भीतर दो मौतें वारदात का सिलसिला करीब 15 दिन पहले शुरू हुआ जब 12 वर्षीय बेटी सुखप्रीत कौर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

उस समय परिवार ने इसे सामान्य मौत समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था। लेकिन शुक्रवार रात जब 8 साल का बेटा फतेहवीर सिंह अचानक बेहोश होकर गिरा और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया, तो पिता बुध सिंह और ग्रामीणों को मां जस्सी कौर पर शक हुआ।पुलिस जांच और गिरफ्तारी ग्रामीणों और बच्चों के पिता की शिकायत पर पुलिस ने जब जस्सी कौर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

जस्सी ने बताया कि उसने अपनी बहन मोटो के साथ मिलकर बच्चों के खाने में चूहे मारने वाली दवाई मिला दी थी। बठिंडा एसपी (डी) जसमीत सिंह ने पुष्टि की है कि आरोपी मां और उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है और बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अभिनेत्री हिमांशी खुराना को 10 करोड़ की धमकी; मोहाली पुलिस ने दर्ज की FIR

मोहाली: पंजाबी फिल्म अभिनेत्री हिमांशी खुराना को एक विदेशी गैंगस्टर द्वारा धमकी देने और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है।

अभिनेत्री को उनकी ईमेल आईडी पर एक वॉयस नोट प्राप्त हुआ, जिसमें यह धमकी दी गई थी।इस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए मोहाली पुलिस ने थाना सोहाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 308(4) और 351(3) के तहत FIR नंबर 42 दर्ज कर ली है। एसपी (जांच) सौरव जिंदल के अनुसार, यह वॉयस नोट कथित तौर पर विदेश में बैठे एक गैंगस्टर द्वारा भेजा गया है।

फिलहाल जिला एस.ए.एस. नगर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस तकनीकी सहायता से उस ईमेल और वॉयस मैसेज के मूल स्रोत (source) का पता लगाने की कोशिश कर रही है ताकि आरोपी तक पहुँचा जा सके।

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अस्पताल से डिस्चार्ज; घुटने की सफल सर्जरी के बाद लौटे घर

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वे पिछले कुछ समय से घुटने के गंभीर दर्द से जूझ रहे थे, जिसके कारण उनकी दैनिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं।

सफल रहा ऑपरेशन: डॉक्टरों की सलाह के बाद, कैप्टन अमरिंदर सिंह को नी-रिप्लेसमेंट (घुटने बदलने) की सर्जरी के लिए बीते मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सर्जरी से पहले उनके ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन और अन्य जरूरी मेडिकल टेस्ट किए गए, जिनके सामान्य आने के बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उनका ऑपरेशन संपन्न किया।

नेताओं ने जाना हाल-चाल : अस्पताल में उनके प्रवास के दौरान पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्वनी शर्मा ने उनसे मुलाकात की और उनके जल्द स्वस्थ होकर जनता की सेवा में लौटने की कामना की। शर्मा ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी भी साझा की थी।

बीजेपी में ही रहेंगे कैप्टन: कैप्टन की बीमारी के बीच ही पंजाब की राजनीति में उनके दल बदलने की अटकलें भी तेज हो गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस की ओर से उन्हें वापस आने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उनकी बेटी जय इंदर कौर ने स्पष्ट कर दिया है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। इसी दौरान, कैप्टन और उनके बेटे रणइंदर सिंह को ईडी (ED) द्वारा समन जारी किए जाने की खबर भी सामने आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज है।

”यह मात्र प्रदर्शनी नहीं, बल्कि गरिमा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का उत्सव है” — डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने चंडीगढ़ में 29वें दिव्य कला मेले का उद्घाटन किया

चंडीगढ़, 14 फ़रवरी 2026: “यह मात्र प्रदर्शनी नहीं, बल्कि गरिमा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का उत्सव है।” इन प्रभावशाली शब्दों के साथ डॉ. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, ने आज चंडीगढ़ के एग्ज़ीबिशन ग्राउंड में 29वें दिव्य कला मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने इस मेले को एक परिवर्तनकारी अभियान बताते हुए कहा कि यह देशभर के दिव्यांगजनों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरा है और समावेशी विकास तथा समान अवसर के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

साल 2014 के बाद सशक्तिकरण की यात्रा का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपमानजनक शब्दावली से हटकर “दिव्यांग” जैसे सम्मानजनक शब्द का प्रयोग केवल भाषा का परिवर्तन नहीं, बल्कि दृष्टिकोण का परिवर्तन था। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का लागू होना, दिव्यांगता की श्रेणियों का विस्तार तथा ‘सुगम्य भारत अभियान’ के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों को सुलभ बनाने के प्रयासों ने गरिमा, पहुंच और सहभागिता की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चा सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता से सुनिश्चित होता है। दिव्य कला मेला इसी सोच का साकार रूप है, जो दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों की प्रतिभा को सीधे बाजार से जोड़ता है।

श्री सतनाम सिंह संधू,  माननीय राज्यसभा सांसद, ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप दिव्यांगजनों को सम्मान देना एक ऐतिहासिक कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सम्मान के साथ सशक्तिकरण आवश्यक है। “रोजगार और आत्मनिर्भरता के बिना गरिमा अधूरी है,” उन्होंने कहा और दिव्य कला मेला जैसे मंचों की सराहना की, जो विशेषकर दूर-दराज़ के दिव्यांग युवाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित और विपणन करने का अवसर प्रदान करते हैं।

श्री सौरभ जोशी, चंडीगढ़ के महापौर, ने इस अवसर को प्रतिभा, आत्मविश्वास और मानवीय क्षमता का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में दिव्य कला मेला, दिव्य कला शक्ति और रोजगार मेले का आयोजन समावेशन के प्रति शहर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह संदेश देता है कि दिव्यांगता कोई सीमा नहीं, बल्कि विशिष्ट क्षमता की पहचान है।

अपने स्वागत भाषण में श्री राजीव शर्मा संयुक्त सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, ने इस पहल के ठोस आर्थिक प्रभाव को रेखांकित किया। पिछले तीन वर्षों में विभिन्न शहरों में आयोजित दिव्य कला मेलों के माध्यम से ₹2366.43 लाख का उल्लेखनीय व्यापार दर्ज किया गया है, जो दिव्यांग उत्पादों की बढ़ती बाजार स्वीकृति और उद्यमशीलता की क्षमता को प्रमाणित करता है। उन्होंने कहा कि ये मेले केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि आर्थिक समावेशन और आत्मनिर्भरता के सशक्त माध्यम हैं।

चंडीगढ़ में आयोजित 29वें दिव्य कला मेले में श्रीमती अनुराधा एस. चगती, सचिव, सामाजिक कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़; श्री विनीत राणा, मुख्य महाप्रबंधक, NDFDC; श्री एम. के. साहू, सहायक महाप्रबंधक, NDFDC सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अब तक देश के 28 स्थानों पर दिव्य कला मेलों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें लगभग 2,362 दिव्यांग उद्यमियों ने भाग लिया और सामूहिक रूप से ₹23 करोड़ से अधिक की आय अर्जित की — जो समावेशी उद्यमिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इन मेलों के माध्यम से सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने हेतु ₹20 करोड़ से अधिक के ऋण भी स्वीकृत किए हैं। साथ ही आयोजित रोजगार मेलों में अब तक 3,131 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 1,007 प्रतिभागियों को शॉर्टलिस्ट किया गया और 313 से अधिक को रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

चंडीगढ़ मेले में लगभग 75 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें दिव्यांग उद्यमियों के साथ-साथ भारत सरकार की संस्थाओं और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी है। 19 फरवरी 2026 को दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। आगंतुक ALIMCO स्टॉल पर सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण कर सकते हैं, जबकि विभिन्न संस्थाएँ सशक्तिकरण से संबंधित नवाचार और नई पहलों का प्रदर्शन कर रही हैं। बोच्चिया, ब्लाइंड क्रिकेट जैसे समावेशी खेलों तथा प्रतिदिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मेला जीवंत बना हुआ है। 21 फरवरी 2026 को “दिव्य कला शक्ति” शीर्षक से विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की जाएगी।

चंडीगढ़ में आयोजित यह मेला केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक सशक्त आंदोलन है — जो यह संदेश देता है कि जब दिव्यांगजन आर्थिक रूप से सशक्त होते हैं, तो वे परिवार, समाज और राष्ट्र को भी सशक्त बनाते हैं। दिव्य कला मेला एक समावेशी भारत की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जहाँ गरिमा, अवसर और आत्मनिर्भरता साथ-साथ चलते हैं।

भारतीय महिला टीम टी20 विश्व कप की तैयारियों का अहम चरण की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगी

सिडनी, 14 फरवरी (भाषा) भारतीय महिला क्रिकेट टीम रविवार को यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बहु-प्रारूप श्रृंखला में पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए मैदान पर उतरेगी तो उसकी कोशिश इस साल होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारियों को दुरूस्त करने की होगी।

भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बहु-प्रारूप श्रृंखला में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय, तीन एकदिवसीय और छह मार्च से पर्थ में दिन रात्रि टेस्ट मैच खेलेगी।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम 50-ओवर विश्व कप जीत के बाद पहली बार विदेश में श्रृंखला खेलेगी और ऑस्ट्रेलिया के छह अलग-अलग शहरों का दौरा करेगी। पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में होगा, जबकि बाकी मैच क्रमशः कैनबरा के मनुका ओवल और एडिलेड ओवल में खेले जाएंगे।

यह भारत के लिए इस साल की पहली टी20 श्रृंखला होगी। भारत टी20 प्रारूप में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है, जबकि मेजबान ऑस्ट्रेलिया पहले नंबर पर हैं। वनडे विश्व कप चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम के हौसले बुलंद है लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर को टीम से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि वे (ऑस्ट्रेलिया) बहुत मजबूत टीम हैं, लंबे समय से अच्छा क्रिकेट खेल रही हैं। जब आप सही मानसिकता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ खेलते हैं, तब ही आप अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं। हमारा लक्ष्य भी यही है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे।”

हरमनप्रीत ने कहा कि टी20 विश्व कप से पहले सभी श्रृंखला काफी अहम हैं। भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नई प्रतिभाओं का अच्छा मिश्रण है। वैष्णवी शर्मा और श्री चारानी को टीम में शामिल किया गया है, जबकि श्रेयंका पाटिल और भारती फुलमली की भी वापसी हुई है।

टी20 विश्व कप में पिछले दो आयोजनों में खासकर आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने के मामले में भारत का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा था, फुलमली और विकेटकीपर रिचा घोष की मौजूदगी में टीम उस कमी की भरपाई करने की कोशिश  करेगी।

हरमनप्रीत ने कहा, “डब्ल्यूपीएल ने महिला क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान दिया है। सभी खिलाड़ी लय में हैं। हालात भारत से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन ये परिस्थितियाँ हमें रास आती है।’’

हरमनप्रीत पर्थ में होने वाले दिन-रात्रि टेस्ट के लिए भी उत्साहित हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने ऑस्ट्रेलिया में बहुत क्रिकेट खेली है और हमेशा आनंद लिया है। यहां क्रिकेट की संस्कृति अद्भुत है। हमारी टीम को भी यहां खेलना पसंद है। बहु प्रारूप श्रृंखला हमेशा रोमांचक होती है।”

ऑस्ट्रेलिया के लिए यह श्रृंखला खास महत्व रखती है, क्योंकि उनकी अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज एलिसा हीली इस श्रृंखला के बाद संन्यास लेंगी। नयी कप्तान सोफी मोलिनक्स टी20 अंतरराष्ट्रीय में पहली बार ऑस्ट्रेलिया की अगुवाई करेंगी।

ऑस्ट्रेलिया की टीम से लेग स्पिनर अलाना किंग को बाहर किया गया है।

टीमें:

भारत:  हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना , शेफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चारानी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, उमा छेत्री, अरुंधती रेड्डी, अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमली, श्रेयंका पाटिल।

ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिनक्स (कप्तान), एशले गार्डनर , तहलिया मैकग्रा, डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, किम गार्थ, ग्रेस हैरिस, फोबे लिचफील्ड, बेथ मूनी, एलिस पेरी, मेगन शट, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहम।

मैच: भारतीय समयानुसार दोपहर 1:45 बजे होगा।

पंजाब के विभिन्न जिलों में गुरु रविदास जी पर सेमिनार आयोजित करने का फैसला  

पहला सेमिनार 22 मार्च 2026 को लुधियाना में होगा: जतिवाल  

लुधियाना, 14 फरवरी –
गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं शताब्दी के अवसर पर देश-दुनिया में गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन पर विचार-चर्चा, विभिन्न प्रकार के समागम तथा नगर कीर्तन आदि कार्यक्रम विभिन्न संस्थाओं और संगतों द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं।  

इसी क्रम में पंजाब में गुरु रविदास जी के प्रेमियों ने ‘बाणी विचार चेतना मंच’ के बैनर तले पूरे पंजाब में गुरु रविदास जी से संबंधित अकादमिक और आध्यात्मिकता के समन्वय पर विचार-चर्चा के लिए सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया है।  

इस बारे में जानकारी देते हुए बाणी विचार चेतना मंच के संरक्षक बलविंदर सिंह जतिवाल (पूर्व जीएम मिल्कफेड पंजाब) ने बताया कि ये सेमिनार पंजाब के विभिन्न जिलों में आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत पहला सेमिनार लुधियाना में 22 मार्च को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। यह सेमिनार पूर्ण रूप से श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरु रविदास जी की बाणी और उनके जीवन पर आधारित होगा।  

इस सेमिनार के आयोजन के लिए लुधियाना के प्रेम नगर की घुमार मंडी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें गुरनाम सिंह अकीदा (पटियाला), सोम नाथ चौधरी (पटियाला), पूर्व सरपंच भिंदर सिंह रतनहेड़ी (खन्ना), प्रसिद्ध दलित चिंतक प्रो. डॉ. गुरमीत कल्लर माजरी, स्वर्ण सिंह (पीएयू लुधियाना), बलबीर सिंह खालसा (लुधियाना), जसवीर सिंह पमाली, एससी बीसी टीचर यूनियन पंजाब के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह सलाना आदि ने भाग लिया।  

इस बैठक में फैसला लिया गया कि लुधियाना में होने वाले पहले सेमिनार में दो मुख्य पर्चे पढ़े जाएंगे, जिन पर विचार-चर्चा शुरू की जाएगी, तथा पेपर और चर्चा को समापन देने के लिए दो छोटे पेपर पढ़े जाएंगे। इसके अलावा प्रश्नोत्तर सत्र भी होगा।  

इस सेमिनार के मुख्य अतिथि डॉ. सुरजीत सिंह (जनरल मैनेजर, कैटल फीड वेरका प्लांट, खन्ना) और विशेष अतिथि दलजीत सिंह (जीएम वेरका मिल्क प्लांट, लुधियाना) होंगे।  

इस सेमिनार में इन मूल्यवान विचारों को सुनने के लिए हर धर्म और हर जाति का व्यक्ति शामिल हो सकता है।  

फोटो: लुधियाना के प्रेम नगर की घुमियार मंडी में आयोजित विशेष बैठक का दृश्य।

महाराष्ट्र के रायगढ़ में घायल हुए दो सियार को इलाज के लिए मुंबई ले जाया गया

मुंबई, 14 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के रायगढ़ में बचाये गये दो घायल सियारों (गोल्डन जैकाल)को इलाज और पुनर्वास के लिए मुंबई के एक केंद्र में ले जाया गया है।

‘रेस्किंक एसोसिएशन फॉर वाइल्डलाइफ वेलफेयर’ (आरएडब्ल्यूडब्ल्यू) के संस्थापक-अध्यक्ष पवन शर्मा ने शनिवार को बताया कि दोनों जानवरों का इलाज यहां शुरू हो गया है और उनकी समस्याओं का पता लगाने के लिए कुछ जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

उन्होंने कहा, ‘‘वन विभाग, स्थानीय पशु कल्याण संगठनों और कार्यकर्ताओं के समन्वय से शुक्रवार को करनाला और जेएनपीटी से दोनों को बचाया गया। दोनों जानवरों का इलाज आरएडब्ल्यूडब्ल्यू में पशुचिकित्सक डॉ. प्रीति साठे और डॉ. कीर्ति साठे कर रही हैं। ’’

सियार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित हैं।

बेंगलुरु: ग्राहकों के 3.5 करोड़ रुपये के सोने को गिरवी रखने के आरोप में बैंक कर्मचारी गिरफ्तार

बेंगलुरु, 14 फरवरी (भाषा) बेंगलुरु में विभिन्न ग्राहकों के 2,780 ग्राम सोने के गहनों का दुरुपयोग करने और उन्हें अनधिकृत रूप से गिरवी रखने के आरोप में एक बैंक के उप प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, इन गहनों की कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

पुलिस ने बताया कि यह कथित धोखाधड़ी का मामला तब सामने आया जब बैंक के मुख्य प्रबंधक ने पांच फरवरी को गिरिनगर थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी ने कथित तौर पर उच्च अधिकारियों को सूचित किए बिना बैंक के लॉकर से ग्राहकों के 2,780 ग्राम सोने के आभूषण निकाले और उन्हें एक वित्त कंपनी में गिरवी रख दिया।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान अधिकारियों को प्रथम दृष्टया ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे यह संकेत मिलता है कि आरोपी ने धोखाधड़ी से मिली इस रकम को ऑनलाइन सट्टेबाजी में खर्च कर दिया था।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) लोकेश बी जगलासर ने कहा, “इस मामले में बैंक के आरोपी उप प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। हम सोना बरामद करने का प्रयास कर रहे हैं और अब तक लगभग 700 ग्राम सोना बरामद किया जा चुका है।”

अधिकारी ने कहा, “हमें वित्तीय कंपनियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। हम अदालत का रुख करेंगे और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। मामले की जांच जारी है।”

पुलिस ने ग्राहकों को भी सलाह दी है कि वे बैंक लॉकरों में रखे अपने आभूषणों की सुरक्षा और स्थिति का जांच करें।

तिब्बत को चीन के हिस्से के रूप में मान्यता देने के बाद उपजा सीमा विवाद : सीडीएस चौहान

देहरादून, 14 फरवरी (भाषा) देश के प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि चीन के साथ सीमा विवाद तब पैदा हुआ जब तिब्बत पर बीजिंग के कब्जे के बाद भारत ने 1954 में उसे चीन के हिस्से के रूप में मान्यता दे दी।

जनरल चौहान ने यहां लोकभवन में शुक्रवार को ‘भारत हिमालयन इंटरनेशनल स्ट्रेटेजिक मंच’ विचारक संस्था के तहत ‘फ्रंटियर्स, बॉर्डर्स एंड एलएसी: द मिडल सेक्टर’ नामक विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा, “वर्ष 1954 में भारत ने तिब्बत को चीन के हिस्से के रूप में आधिकारिक तौर पर मान्यता दी, दोनों देशों ने पंचशील समझौते पर हस्ताक्षर किए और इसके साथ ही भारत ने मान लिया कि उसने अपनी उत्तरी सीमा का निपटारा कर लिया है। यही एकमात्र ऐसा क्षेत्र था जिसके बारे में हमने माना था कि इसका निपटारा किसी औपचारिक संधि के माध्यम से नहीं हुआ था।”

सीडीएस ने कहा कि भारत के लिए इस सीमा की वैधता पंचशील समझौते पर आधारित थी, जिसके बारे में उसका मानना था कि इसे छह दर्रों- शिपकी ला, माना, नीति, कुंगरी बिंगरी और दरमा और लिपुलेख, की पहचान करके सीमांकित किया गया था और इनके माध्यम से व्यापार और तीर्थयात्रा होगी।

उन्होंने कहा, “हालांकि, चीन का मानना था कि यह समझौता केवल व्यापार के लिए किया गया था और इसमें कहीं भी किसी विशेष सीमा विवाद पर चीन का रुख नहीं झलकता था। इसलिए यह एक सीमा विवाद बन गया।”

जनरल चौहान ने कहा, “(तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल) नेहरू शायद जानते थे कि पूर्व में हमारी मैकमोहन लाइन जैसी कोई सीमा रेखा थी, और लद्दाख क्षेत्र में हमारा कुछ दावा था, लेकिन यह स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं था। इसीलिए संभवत: वह पंचशील समझौते के लिए आगे बढ़ना चाहते थे।”

प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने हिमालयी सीमाओं के बढ़ते रणनीतिक महत्व और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार के केंद्रित प्रयासों को रेखांकित करते हुए विवाद के मद्देनजर एकीकृत और दूरदर्शी रणनीतिक योजना की आवश्यकता पर बल दिया।

जनरल चौहान ने कहा कि गंगा और यमुना के पवित्र उद्गम स्थल, केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे तीर्थस्थलों और इस क्षेत्र की गहरी आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपराओं ने उत्तराखंड को असाधारण महत्व प्रदान किया है।

उत्तराखंड को मात्र एक भौगोलिक इकाई नहीं बल्कि संस्कृति, चेतना और सभ्यतागत विरासत का जीवंत केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश रणनीतिक विचार-मंथन के लिए एक आदर्श स्थान है।

सीडीएस ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जल सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, सैन्य आधुनिकीकरण और आपदा प्रबंधन जैसी समस्याओं के समाधान के लिए हिमालयी परिप्रेक्ष्य को समग्र रूप से देखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मंच से उभरने वाले विचार क्षेत्रीय सीमाओं को पार कर राष्ट्रीय नीति को ठीक वैसे ही प्रभावित कर सकते हैं जैसे हिमालय से निकलने वाली गंगा नदी जीवन और प्रगति को बनाए रखते हुए पूरे देश में बहती है।