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सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता का मानसा में प्रदर्शन: गानों की रॉयल्टी में हेरफेर का आरोप, इंसाफ के लिए सड़क पर बैठे

पंजाब डेस्क: दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता, बलकौर सिंह और चरण कौर, बुधवार को मानसा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। मूसेवाला की हत्या के करीब चार साल बाद भी उनका परिवार अब उनके संगीत की रॉयल्टी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

रॉयल्टी में धोखाधड़ी का आरोप: सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता ने एक संगीत निर्माता और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके बेटे के गानों की रॉयल्टी में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। बलकौर सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जून 2025 में पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय में शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है।

सड़क पर बैठने को हुए मजबूर: दिवंगत गायक की मां, चरण कौर ने पुलिस की निष्क्रियता पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि न तो पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई कर रही है और न ही उसे वापस लौटा रही है। इसी नाराजगी के चलते उन्हें अपने छोटे बेटे के साथ एसएसपी दफ्तर के बाहर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन करना पड़ा।

राजनीतिक समर्थन और पुलिस की प्रतिक्रिया: कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस मामले में पुलिस की चुप्पी की निंदा की और कहा कि हर नागरिक को शिकायत दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है।

प्रदर्शन के बढ़ते दबाव के बाद, पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG – बठिंडा) हरजीत सिंह ने मूसेवाला के माता-पिता को बैठक के लिए बुलाया है।गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सहित 26 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।

बदले की आग में अंधे पिता ने अपने ही 6 साल के मासूम को दी मौत, रिश्तेदार को फंसाने के लिए रची थी खौफनाक साजिश

पंजाब डेस्क : पंजाब के जालंधर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पिता ने अपने ही 6 साल के मासूम बेटे की हत्या कर दी। आरोपी पिता ने अपने एक दूर के रिश्तेदार को पुलिस केस में फंसाने के लिए अपने ही बच्चे को मोहरा बनाया, लेकिन इस साजिश में मासूम की जान चली गई।

बदला लेने की थी नीयत: पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गजेंद्र मुखिया (35) अपने एक रिश्तेदार (जो रिश्ते में उसका दामाद लगता था) से बेहद नाराज था। दरअसल, उस रिश्तेदार ने कुछ समय पहले गजेंद्र के खिलाफ पुलिस स्टेशन में चोरी की शिकायत दर्ज करवाई थी। गजेंद्र इस बात से गुस्से में था और उससे बदला लेना चाहता था।

साजिश जो बन गई मौत का कारण: आरोपी ने कबूल किया कि उसने अपने बेटे को कीटनाशक (जहर) इस इरादे से दिया था कि वह केवल बेहोश हो जाएगा। उसका प्लान था कि बच्चे की हालत के लिए वह अपने उस रिश्तेदार को जिम्मेदार ठहराकर उसे पुलिस केस में फंसवा देगा। हालांकि, कीटनाशक इतना घातक साबित हुआ कि मासूम बच्चे ने दम तोड़ दिया।

पुलिस की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही पतारा पुलिस स्टेशन की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता गजेंद्र मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

कल भारत बंद: 10 मजदूर संगठनों और किसानों का बड़ा ऐलान; बैंक से लेकर बाजार तक क्या रहेगा बंद?

नेशनल डेस्क : देश के 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर कल यानी गुरुवार (12 फरवरी) को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है. इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों, दफ्तरों, परिवहन सेवाओं और बाजारों पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

क्यों हो रहा है विरोध? मजदूर संगठन पिछले साल लागू हुए चार नए लेबर कोड्स का कड़ा विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि इन कोड्स से श्रमिकों के अधिकार कमजोर हुए हैं, जॉब सिक्योरिटी कम हुई है और कंपनियों के लिए छंटनी करना आसान हो गया है. वहीं, किसान संगठन भारत-अमेरिका ट्रेड डील, ड्राफ्ट सीड बिल और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा, मनरेगा (MGNREGA) को फिर से बहाल करने और निजीकरण को रोकने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है.

बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI सहित कई अन्य बैंकों ने चेतावनी दी है कि 12 फरवरी को उनकी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयी एसोसिएशन (AIBEA) और अन्य प्रमुख संगठनों ने इस बंद को समर्थन दिया है. हालांकि, बैंकों ने आधिकारिक छुट्टी घोषित नहीं की है, लेकिन चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और विड्रॉल जैसे कार्यों में देरी हो सकती है. ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम (ATM) सेवाएं सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है.क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद?

परिवहन और बाजार: कई इलाकों में ‘चक्का जाम’ के कारण बसों और टैक्सियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है. कुछ क्षेत्रों में स्थानीय बाजार और दुकानें बंद रहने की संभावना है.

सरकारी दफ्तर और स्कूल: सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रह सकती है और कुछ राज्यों में स्कूल-कॉलेज भी बंद रखे जा सकते हैं.

आपातकालीन सेवाएं: राहत की बात यह है कि अस्पताल, एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से सामान्य रहेंगी. एयरपोर्ट्स और आवश्यक सेवाओं पर भी इस बंद का असर नहीं पड़ने की उम्मीद है.

अनिल कपूर की फिल्म ‘सूबेदार’ पांच मार्च को प्राइम वीडियो पर होगी रिलीज

मुंबई, 11 फरवरी (भाषा) प्राइम वीडियो ने बुधवार को घोषणा की कि अनिल कपूर अभिनीत उसकी एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘सूबेदार’ पांच मार्च को दुनियाभर में रिलीज होगी।
इस फिल्म को सुरेश त्रिवेणी द्वारा निर्देशित किया गया है। त्रिवेणी ने ‘तुम्हारी सुलु’, ‘जलसा’ और ‘दलदल’ जैसी दमदार फिल्में दी है। इस फिल्म का निर्माण विक्रम मल्होत्रा, कपूर और त्रिवेणी ने किया है।
इस फिल्म की कहानी सूबेदार अर्जुन मौर्य पर आधारित है। मौर्य एक सेवानिवृत्त सैनिक है जो बदलती दुनिया में शांति पाने के लिए संघर्ष कर रहा है जहां उन मूल्यों को लगातार चुनौती दी जा रही है जिनके साथ वह कभी जिया करता था।
प्राइम वीडियो, इंडिया के ओरिजनल्स के निदेशक और प्रमुख निखिल मधोक ने कहा, ” ‘सूबेदार’ एक्शन से भरपूर एक रोमांचक फिल्म होने के साथ-साथ यह पिता-पुत्री की एक बेहद भावुक कहानी भी है। इसमें अनिल कपूर ने जबरदस्त अभिनय किया है। वह एक ऐसे एक्शन हीरो की भूमिका में हैं, जिसे दर्शक फिल्म की शुरुआत से ही पसंद करने लगेंगे।”
उन्होंने कहा, “हमें ‘सूबेदार’ के लिए सुरेश त्रिवेणी, अनिल कपूर, विक्रम मल्होत्रा और पूरी टीम के साथ काम करने पर गर्व है। हम पांच मार्च को प्राइम वीडियो पर इसके विश्वव्यापी प्रीमियर के जरिए इसे भारत और दुनियाभर के दर्शकों के सामने लाने के लिए बेहद उत्साहित हैं।”
ओपनिंग इमेज फिल्म्स के पार्टनर और ‘सूबेदार’ के निर्माता विक्रम मल्होत्रा ने कहा कि इस फिल्म में एक ऐसा मुख्य किरदार है, जिसे पहले कभी नहीं देखा गया और जो सेवा, अनुशासन और त्याग से गढ़ा गया है।
फिल्म में राधिका मदान, सौरभ शुक्ला, आदित्य रावल, फैसल मलिक और मोना सिंह भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
भाषा प्रचेता नरेश

न्यायालय उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत मामले में सेंगर की अपील पर 17 फरवरी को करेगा सुनवाई
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निष्कासित नेता कुलदीप सेंगर और अन्य द्वारा अपनी सजा के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई 17 फरवरी के लिए सूचीबद्ध की।
 न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने उच्च न्यायालय को तीन महीने के भीतर अपीलों पर फैसला करने का निर्देश देने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश का संज्ञान लिया और कहा कि ‘‘अब इस मामले पर समयबद्ध तरीके से सुनवाई होगी।’’
 बहरहाल, न्यायाधीश ने बुधवार को सुनवाई स्थगित कर दी क्योंकि उन्हें सूचित किया गया था कि पीड़िता की वह याचिका उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ के समक्ष लंबित है जिसमें 10 साल की सजा को बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। खंडपीठ इस पर मार्च में सुनवाई करेगी।
 सेंगर के वकील ने कहा कि शीर्ष न्यायालय के आदेश को देखते हुए पीड़िता को सजा बढ़ाने की याचिका पर शीघ्र सुनवाई के लिए याचिका दायर करनी चाहिए और अपील पर भी खंडपीठ द्वारा विचार किया जा सकता है।
 न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई 17 फरवरी को करने का निर्देश दिया ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और कुलदीप सेंगर के भाई को दी गई अंतरिम जमानत तब तक के लिए बढ़ा दी गई।
 जयदीप सेंगर ने मुंह के कैंसर से पीड़ित होने के कारण अपनी अंतरिम जमानत को तीन महीने के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया था।
 उच्च न्यायालय ने तीन जुलाई 2024 को जयदीप सेंगर को अंतरिम जमानत दी थी, जिसकी अवधि समय-समय पर बढ़ायी गयी।
 कुलदीप सेंगर को नाबालिग पीड़िता से बलात्कार का दोषी पाया गया और 20 दिसंबर, 2019 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
 सेंगर ने 2017 में पीड़िता का कथित तौर पर अपहरण किया और उससे दुष्कर्म किया था। उस वक्त वह नाबालिग थी।
 पीड़िता के पिता की 13 मार्च, 2020 को हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सेंगर और उसके भाई जयदीप सेंगर उर्फ ​​अतुल सिंह को निचली अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
 ऐसा आरोप है कि सेंगर और उसके भाई के इशारे पर लड़की के पिता को शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था और पुलिस की बर्बरता के कारण 9 अप्रैल, 2018 को हिरासत में उनकी मौत हो गयी थी।
 निचली अदालत ने कहा था कि परिवार के ‘‘इकलौते कमाने वाले सदस्य’’ की हत्या के लिए किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती।
 उच्चतम न्यायालय ने नौ फरवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय से उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सेंगर की दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली याचिका पर समयबद्ध तरीके से सुनवाई करने को कहा था और यह भी कहा कि इस पर तीन महीने के भीतर फैसला किया जाए।
देहरादून में दिनदहाड़े एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या
देहरादून, 11 फरवरी (भाषा) देहरादून शहर के बीचोंबीच बुधवार को दिनदहाड़े एक व्यक्ति की स्कूटी सवार दो बदमाशों ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
दस दिन के भीतर हत्या की यह दूसरी वारादात है।
देहरादून के नगर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि यह घटना तिब्बती मार्केट के पास सुबह करीब साढ़े 10 बजे उस वक्त की है जब बसंत विहार क्षेत्र के इंदिरा नगर निवासी अर्जुन शर्मा (42) अपनी कार के पास खड़े थे।
उन्होंने बताया कि तभी स्कूटी पर सवार होकर आए दो बदमाशों ने उन पर गोली चला दी।
कुमार ने बताया कि शर्मा को दून अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे और वहां मौजूद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक शर्मा के परिवार में पारिवारिक व्यवसाय को लेकर विवाद था। 
उन्होंने बताया कि इसी विवाद के कारण शर्मा की मां ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय से यह हवाला देते हुए सुरक्षा हासिल की थी कि उन्हें अपने बेटे से जान का खतरा है।
 नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने तत्काल अलग-अलग टीम का गठन किया है और पूरे जिले में लगातार सघन जांच अभियान के निर्देश दिए हैं।
सिर्फ दस दिन के अंतराल में देहरादून शहर में यह दूसरी हत्या है। इससे पहले, दो फरवरी को मच्छी बाजार में एक युवक ने कथित तौर पर धारदार हथियार से गला रेतकर 22 वर्षीय युवती की हत्या कर दी थी।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में सरकार ने ‘भारत माता’ को बेच दिया : राहुल गांधी
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह बराबरी की शर्त पर नहीं किया गया और ‘‘सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है’’।
 उन्होंने केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया कि भारत-अमेरिका समझौते में देश के किसानों के हितों को कुचल दिया गया, जैसा आज से पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं करेगा।
  कांग्रेस नेता ने कहा कि बजट के समांतर अमेरिका के साथ व्यापार समझौता हुआ है।
 राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अमेरिका और चीन के बीच मुकाबले में सबसे महत्वपूर्ण बात भारत का डेटा है। अगर अमेरिका महाशक्ति बने रहना चाहता है और डॉलर की रक्षा करना चाहता है तो अमेरिकियों के लिए भारत का डेटा बहुत महत्वपूर्ण है।’’
 कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘कुछ लोग कहते हैं कि जनसंख्या त्रासदी है, लेकिन मैं कहता हूं कि यह ताकत है।’’
 राहुल गांधी ने कहा कि अगर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार होती और व्यापार समझौते की बात करती तो ‘‘हम अमेरिका के राष्ट्रपति से कहते कि आप के डॉलर की सुरक्षा करने की सबसे बड़ी पूंजी (डेटा) भारतीय लोगों के पास है।’’
 उन्होंने कहा, ‘‘हम बराबरी पर बात करते। हम कहते कि आप ऐसे बात नहीं कर सकते कि हम आपके नौकर हैं। हम अमेरिकी राष्ट्रपति से यह भी कहते कि हम अपने ईंधन की रक्षा करने जा रहे हैं। हम यह भी कहते हैं कि आप अपने किसानों की रक्षा करेंगे, लेकिन हम भी अपने किसानों की रक्षा करेंगे।’’
 कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के बराबर नहीं खड़ा किया जा सकता।
 उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में शुल्क पहले तीन प्रतिशत के आसपास था, जो अब 18 प्रतिशत हो गया है यानी छह गुना बढ़ोतरी हो गई है।
 राहुल गांधी ने कहा, ‘‘वहीं, अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क 16 प्रतिशत से शून्य कर दिया गया।’’
 उन्होंने दावा किया, ‘‘अब यह होगा कि अमेरिका तय करेगा कि हम तेल किससे खरीदेंगे और भारत के प्रधानमंत्री मोदी फैसला नहीं करेंगे।’’
 उन्होंने दावा किया, ‘‘हमारे किसान तूफान का सामना कर रहे हैं...आपने हमारे किसानों को कुचले जाने का रास्ता खोला है। आपसे पहले किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया और आगे भी कोई प्रधानमंत्री नहीं करेगा।’’
 उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में ‘‘भारत को बेच दिया गया, मां (मदर) को बेच दिया गया, भारत माता को बेच दिया गया, जिस पर सरकार को शर्म आनी चाहिए।’’
 नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि ‘‘हमें अपने लोगों, डेटा, खाद्य आपूर्ति और ऊर्जा तंत्र की सुरक्षा करनी होगी।’’
 उन्होंने कहा कि बजट में इस बात को माना गया है कि ऊर्जा और वित्त को दुनियाभर में हथियार बनाया जा रहा है, लेकिन इस बारे में बजट में किसी कदम का उल्लेख नहीं है।
AI कैसे बदल सकता है भारत के किसानों की तकदीर

लेखिका: सुश्री रुबल चिब, सह-संस्थापक, क्यूज़ेंस लैब्स

भारत में अब एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा सिर्फ नई तकनीक के रूप में नहीं हो रही है। ध्यान इस बात पर जा रहा है कि एआई आम लोगों की असली समस्याएँ कैसे हल कर सकता है। खेती और खाद्य क्षेत्र इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, क्योंकि यहाँ समस्याएँ छोटी नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था से जुड़ी हैं। यहाँ कोई भी तकनीक तभी सफल होगी जब वह मौसम, ढुलाई और बाज़ार जैसी स्थानीय परिस्थितियों को समझे।

भारत इतना भोजन पैदा करता है कि पूरी आबादी का पेट भर सके, फिर भी हर साल करीब 6.8 करोड़ टन खाना बर्बाद हो जाता है। कटाई के बाद 35 से 40 प्रतिशत फल और सब्जियाँ खराब हो जाती हैं। यह समस्या उत्पादन की कमी की नहीं, बल्कि सही समय पर सही जानकारी और बेहतर व्यवस्था न होने की है। यानी खेत से बाज़ार तक तालमेल की कमी है और फैसले समय पर नहीं हो पाते। ऐसे में भारतीय परिस्थितियों के अनुसार बनाया गया एआई इस नुकसान को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

क्यूज़ेंस लैब्स में हमने इस बात पर गौर किया कि भारत की डिजिटल व्यवस्था ने भुगतान, पहचान और सेवाओं को बदल दिया है, लेकिन खाने के क्षेत्र में गुणवत्ता की जाँच अब भी पुराने तरीकों से होती है। इसी सोच के साथ हमने QScan नाम की एआई तकनीक विकसित की, जो इन्फ्रारेड तकनीक और कृत्रिम सूंघने की मदद से फल-सब्जियों की अंदर की गुणवत्ता पहचानकर तुरंत काम आने वाली जानकारी देती है। उदाहरण के तौर पर कोई फल या सब्जी कितने दिन तक चल सकती है कितने दिन स्टोर कर सकते हैं इत्यादि। इसका मकसद कम मुनाफे पर काम करने वाले किसानों, दुकानदारों और ग्राहकों की उलझन कम करना है।

अनुभव बताते हैं कि एआई तभी सफल होगा जब वह भारत की वास्तविक परिस्थितियों को समझे। विदेशों के डेटा पर बने मॉडल भारत जैसे विविध देश में अक्सर सही काम नहीं करते, क्योंकि हर क्षेत्र में फसल, मौसम, भंडारण और बाज़ार अलग हैं। अगर एआई भारतीय हालात को नहीं समझेगा, तो वह बेकार साबित हो सकता है या गलत नतीजे भी दे सकता है। इसी कारण स्वदेशी एआई पर जोर देना समय की जरूरत है। सरकार की IndiaAI Mission पहल दिखाती है कि अब एआई को सिर्फ उन्नत तकनीक नहीं, बल्कि देश के विकास का जरूरी साधन माना जा रहा है। भारतीय डेटा, देश में बने समाधान और अलग-अलग क्षेत्रों के लिए खास तकनीक को बढ़ावा देकर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जहाँ नवाचार सीधे लोगों की जरूरतों से जुड़ा हो।

खाद्य और खेती का क्षेत्र बताता है कि यह क्यों जरूरी है। अगर कटाई के बाद होने वाला नुकसान कम हो जाए, तो किसानों की आय बढ़ेगी, खाने की कीमतें स्थिर रहेंगी और पानी, जमीन और ऊर्जा की बचत होगी। इससे पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा और पूरी व्यवस्था ज्यादा मजबूत बनेगी। एक और जरूरी पहलू है सबकी भागीदारी। एआई ऐसा होना चाहिए जो छोटे किसानों, स्थानीय भाषाओं और छोटे बाज़ारों में भी आसानी से काम कर सके। जो तकनीक लोगों पर फैसले थोपेगी, उस पर भरोसा नहीं बनेगा। लेकिन जो तकनीक छिपी जानकारी को आसान तरीके से सामने लाकर बेहतर फैसले लेने में मदद करेगी, वही लंबे समय तक टिकेगी और फैल सकेगी।

16 से 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में होने वाला India AI Impact Summit ऐसे समय पर हो रहा है जब दुनिया एआई के असर पर गंभीर चर्चा कर रही है। भारत के पास मौका है कि वह ऐसा रास्ता दिखाए जहाँ एआई आम लोगों के काम आए, स्थानीय जरूरतों को समझे और असली आर्थिक व्यवस्था से जुड़ा हो। खेती, खाद्य आपूर्ति और जलवायु से जुड़ी चुनौतियाँ इस दिशा के केंद्र में हैं।
यह भी समझना जरूरी है कि एआई अपने-आप बदलाव नहीं लाता। इसके लिए सही समझ, सही नीति और मिलकर काम करना पड़ता है। लेकिन जब इसे सही तरीके से अपनाया जाता है, तो यह बिना शोर किए बड़े बदलाव ला सकता है।

इम्पैक्ट समिट के मद्देनजर असली चुनौती एआई को तेजी से अपनाने की नहीं, बल्कि सोच-समझकर सही जगह इस्तेमाल करने की है। आख़िर में सफलता का असली पैमाना यही होना चाहिए कि क्या एआई से भोजन की बर्बादी कम होती है, क्या किसानों की आय बढ़ती है और क्या देश की व्यवस्था मजबूत होती है।

भारत के साथ व्यापार समझौते पर संशोधित दस्तावेज से व्हाइट हाउस ने ‘‘कुछ दालों’’ का जिक्र हटाया

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन, 11 फरवरी (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने अंतरिम व्यापार समझौते पर जारी संशोधित दस्तावेज में उन अमेरिकी उत्पादों की सूची से ‘‘दालों’’ का जिक्र हटा दिया है जिन पर भारत के शुल्क समाप्त करने या कम किए जाने की बात कही गई थी।

व्हाइट हाउस ने ‘‘अमेरिका और भारत ने की ऐतिहासिक व्यापार समझौते (अंतरिम समझौता) की घोषणा’’ शीर्षक से एक दस्तावेज (फैक्ट शीट) सोमवार को जारी किया था।

भारत और अमेरिका के पारस्परिक एवं लाभकारी व्यापार से संबंधित अंतरिम समझौते के ढांचे की संयुक्त घोषणा के कुछ दिन बाद व्हाइट हाउस ने इसे जारी किया।

इसमें समझौते की प्रमुख शर्तों को उल्लेख किया गया है जैसे कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या घटाएगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, ‘‘कुछ दालें’’, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं।

इसमें साथ ही यह कहा गया था कि भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

व्हाइट हाउस ने हालांकि मंगलवार को जारी संशोधित दस्तावेज (फैक्ट शीट) में ‘दालों’ का जिक्र हटा दिया और भारत के लिए प्रयुक्त शब्द ‘‘प्रतिबद्ध’’ को बदलकर ‘‘इरादा रखता है’’ (इंटेंड्स) कर दिया गया है।

संशोधित दस्तावेज में कहा गया है, ‘‘ भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं व अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त या कम करेगा जिनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे व प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन तथा स्पिरिट और अन्य उत्पाद शामिल हैं। ’’

इसमें कहा गया है, ‘‘ भारत अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने और 500 अरब डॉलर से अधिक की अमेरिकी ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोयला और अन्य उत्पादों की खरीद का इरादा रखता है।”

व्यापार समझौते पर पिछले सप्ताह जारी संयुक्त बयान में उन वस्तुओं की सूची में ‘‘दालों’’ का कोई उल्लेख नहीं था जिनपर भारत द्वारा अमेरिकी उत्पादों के लिए शुल्क समाप्त या कम किए जाने की बात कही गई थी।

संयुक्त बयान में कहा गया था, “ भारत अगले पांच वर्ष में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान एवं उसके कलपुर्जे, बहुमूल्य धातु, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा रखता है।’’

यह संयुक्त बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद आया। बातचीत के दौरान ‘‘दोनों नेताओं ने पारस्परिक व्यापार पर अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति जताई और व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।’’

दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक, वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) दिल्ली में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 295 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, दिल्ली के 20 निगरानी केंद्रों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’, 16 केंद्रों में ‘खराब’, जबकि दो केंद्रों में ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई।

सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।

दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। इसी के साथ, दिन के दौरान धुंध छाए रहने की संभावना है और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

विभिन्न मौसम केंद्रों के आंकड़ों के मुताबिक, पालम में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक यानी 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोधी रोड में यह 13.4 डिग्री, रिज में 13.6 डिग्री और आयानगर में 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।