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अमृतसर में बड़ा एक्शन: पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, सेना की खुफिया जानकारी लीक

पंजाब डेस्क : पंजाब के अमृतसर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने सेना की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजने के आरोप में एक जासूस को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य संयुक्त अभियान में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियार बरामद किए गए हैं।

सेना की जासूसी में किसान गिरफ्तार: एसएसओसी ने अमृतसर की तहसील अजनाला के सीमावर्ती निवासी हरपाल सिंह (35) को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पेशे से किसान हरपाल सिंह पिछले करीब एक साल से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था और भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा कर रहा था।

पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन और एक सीडी (CD) बरामद की है, जिसमें पाकिस्तानी नंबर और संदिग्ध डेटा मिला है। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल इस बात की जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

125 करोड़ की हेरोइन और हथियारों का जखीरा: एक अन्य कार्रवाई में पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने सीमावर्ती गांव घोगा में एक घर से 25 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 125 करोड़ रुपये है। तलाशी के दौरान नशीले पदार्थों के साथ दो पिस्तौल, चार मैगजीन और 60 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि यह खेप पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई थी।सुरक्षा एजेंसियां इन दोनों मामलों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर गहन पड़ताल कर रही हैं।

लचीला रुख अपनाएं और दृढ़ संकल्पित रहें : ‘जेन जेड’ के लिए राहुल गांधी का संदेश
                              
 नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि ‘जेन जेड’ के लिए उनका संदेश सरल है - “जीवन में कुछ भी सीधा-सपाट नहीं होता”, इसलिए “लचीला रुख अपनाएं और दृढ़ संकल्पित रहें।”
 राहुल गांधी ने यूट्यूब पर जारी एक पोस्ट में यह टिप्पणी की। पोस्ट में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रवासी छात्रों के साथ उनकी हालिया बातचीत का वीडियो भी साझा किया गया है।
 कांग्रेस नेता ने कहा, “वास्तविक सवाल। ईमानदार जवाब। बिना किसी लाग-लपेट के। यूएई के प्रवासी छात्रों के साथ बातचीत के दौरान, हमने पहचान, उद्देश्य और आज के युवाओं के सामने पेश आने वाली चुनौतियों के बारे में बात की।”
 गांधी ने कहा कि चर्चा में ‘जेन जेड’ के कुछ सबसे अहम मुद्दों पर बात की गई, जैसे कि पेशे और जुनून के बीच संतुलन बनाना, सोचने, व्यक्त करने एवं खोजने की आजादी, चिंता से निपटना और पूर्वाग्रहों पर काबू पाना।
 उन्होंने कहा, “कई छात्रों ने बताया कि कैसे वे अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनमें आत्मविश्वास की कमी है, उन्हें ‍विभिन्न मोर्चों पर आंका-परखा जाएगा, उनमें असुरक्षा का भाव है और वे खुलकर बोलने में सहज महसूस नहीं कर पाते हैं।”
 गांधी ने कहा कि चर्चा का एक केंद्रीय विषय यह था कि समाज अक्सर व्यक्तियों को ठप्पों और धारणाओं के माध्यम से परिभाषित करने का प्रयास कैसे करता है।
 उन्होंने कहा, “संदेश स्पष्ट था : भले ही दुनिया आपको यह बताने की कोशिश करे कि आप कौन हैं, लेकिन वास्तव में जो मायने रखता है, वह है खुद के प्रति ईमानदार रहना।”
 लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “जेन जेड के लिए मेरा संदेश सरल है : जीवन में कुछ भी सीधा-सपाट नहीं होता। लचीला रुख अपनाएं और दृढ़ संकल्पित रहें।”
 कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली गई अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से जुड़े एक सवाल के जवाब में गांधी ने कहा कि उन्होंने यात्रा के दौरान सीखा कि किसी व्यक्ति की क्षमता उसकी सोच से कहीं ज्यादा होती है।
 उन्होंने छात्रों से कहा, “मैं अलग-अलग लोगों से मिला, मुझे एहसास हुआ कि हर किसी की अपनी यात्रा होती है और उन्हें यह बताने के बजाय कि तुम हिंदू हो, तुम ईसाई हो, तुम मुसलमान हो और तुम सिख हो, अपनी यात्रा तय करने और जीने की अनुमति दी जानी चाहिए।”
उत्तराखंड: अंकिता हत्या मामले पर हुई महापंचायत, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग
देहरादून, आठ फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने रविवार को यहां महापंचायत आयोजित करके चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल कथित 'वीआईपी' के खुलासे के लिए उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कराए जाने की मांग की। 
  अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले यहां परेड ग्राउंड के बाहर हुई महापंचायत में अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह और मां सोनी देवी की मौजूदगी में चेतावनी दी गयी कि अगर आगामी 15 दिन में उनकी मांग के आधार पर सीबीआई जांच में प्रगति नहीं हुई तो इस आंदोलन को तेज किया जाएगा।  
   महापंचायत में सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों में अंकिता के माता-पिता द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपे गए पत्र को ही सीबीआई जांच के लिए शिकायती पत्र माने जाने, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच करवाए जाने और इस संबंध में पर्यावरणविद अनिल प्रकाश जोशी द्वारा दर्ज कराई गयी प्राथमिकी को रदद किए जाने की मांग की गई है।
  इसके अलावा हत्याकांड के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाने की अनुमति देने वाले धामी को जांच होने तक मुख्यमंत्री पद से स्वयं हट जाने तथा भाजपा पदाधिकारियों दुष्यंत कुमार गौतम और अजय कुमार को जांच के दायरे में लाए जाने की भी मांग की गई।
  अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री को दिए पत्र में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग रखी थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। 
सिंह ने हत्याकांड में कथित 'वीआईपी' के खुलासे के लिए प्राथमिकी दर्ज कराने वाले जोशी के बारे में कहा कि वह उन्हें जानते तक नहीं हैं और प्राथमिकी दर्ज कराने से पहले तथा बाद में भी उन्होंने उनसे कोई संपर्क नहीं किया।
   महापंचायत को समर्थन देने पहुंचे  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि न्याय की इस लड़ाई में उन्हें सामाजिक संगठनों के साथ या  उनके पीछे चलने में कोई संकोच नहीं है क्योंकि जनभावना राजनीति से बड़ी होती है।
   उन्होंने कहा, “इस समय उत्तराखंड की जनभावना यह है कि हमारी बेटी के ऐसा करने वाले व्यक्ति को दंडित किया जाए, चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो और दुनिया की कितनी भी बड़ी ताकतें उसे बचाने में लगी हों।”
   रावत ने कहा कि अंकिता ने उत्तराखंड के आत्मगौरव के लिए अपनी जान दे दी लेकिन अब प्रदेश की जनता को उसे न्याय दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखनी होगी।
  उत्तराखंड महिला मंच की प्रमुख कमला पंत ने कहा कि अंकिता हत्याकांड में कथित 'वीआईपी' का खुलासा होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माले के इंद्रेश मैखुरी ने मांग की कि 'वीआईपी' का जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जाए ताकि अंकिता को न्याय मिल सके।  
  महापंचायत में 40 संगठनों ने हिस्सा लिया जिसमें सामाजिक संगठनों के अलावा ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक भी शामिल रहे।
  महापंचायत में बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग 'अंकिता को न्याय दिलाओ', 'वीआईपी कौन' और 'अंकिता के हत्यारों को बचाना बंद करो' जैसी तख्तियां और पोस्टर लिए हुए थे।
  वर्ष 2022 में पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर ‘रिसेप्शनिस्ट’ काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। तीनों को सत्र न्यायालय उम्रकैद की सजा सुना चुका है।
  हालांकि, हाल में खुद को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताने वालीं अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर अपने वीडियो तथा राठौर के साथ कथित बातचीत के ऑडियो जारी किए थे, जिसके बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया था। इन वीडियो में सनावर ने आरोप लगाया था कि अंकिता हत्याकांड में भाजपा के कथित 'वीआईपी' नेता 'गटटू' शामिल हैं।
  इन खुलासों के बाद प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन छिड़ गया जिसके बाद नौ जनवरी को मुख्यमंत्री ने प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश कर दी।
अल्पसंख्यकों को लक्षित करके गोली मारने संबंधी भाजपा के वीडियो पर न्यायपालिका कार्रवाई करे:कांग्रेस
 नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम इकाई के ‘एक्स’ पर मौजूद आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किए गए एक कथित वीडियो को लेकर सत्तारूढ़ दल पर तीखा प्रहार किया। कांग्रेस ने दावा किया कि इसमें ‘‘अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या” दिखाई गई है जो बेहद गंभीर है तथा न्यायपालिका को इसमें किसी भी तरह की नरमी बरते बिना कार्रवाई करनी चाहिए। 
 अब हटाए जा चुके इस वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा कथित तौर पर राइफल से दो लोगों पर निशाना साधकर गोली चलाते दिखाए गए थे जिनमें से एक व्यक्ति ने टोपी पहन रखी है जबकि दूसरे की दाढ़ी है। वीडियो के कैप्शन में “पॉइंट ब्लैंक शॉट” लिखा गया था।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा के एक आधिकारिक खाते से अल्पसंख्यकों की लक्षित और बहुत करीब से (पॉइंट ब्लैंक) हत्या दिखाने वाला वीडियो पोस्ट किया गया। यह नरसंहार का खुला आह्वान है-एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से देखता रहा है।”
वेणुगोपाल ने कहा कि इसे सामान्य ‘ट्रोल’ सामग्री मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, बल्कि यह शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर है और इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “(प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी की ओर से इसकी निंदा किये जाने या कोई कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन न्यायपालिका को जरूर कदम उठाना चाहिए और किसी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए।”
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री शर्मा को ‘‘मुस्लिम पुरुषों पर गोली चलाते’’ हुए दिखाने वाले ‘‘बिल्कुल करीब से गोली’’ मारने के कैप्शन वाले वीडियो को केवल हटाना पर्याप्त नहीं है। 
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘यही असली भाजपा है। यह नफरत, जहर और हिंसा आपकी दी हुई है, श्री मोदी। क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं?”
 कांग्रेस की प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भी ‘एक्स’ पर कहा, “नरेन्द्र मोदी जी, आप ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हैं, लेकिन आपके नेता हिमंत विश्व शर्मा का मुसलमानों को गोली मारते दिखाने वाला वीडियो भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक खाते से पोस्ट किया गया।” 
 उन्होंने कहा, ‘‘यह भारतीय संविधान पर हमला है। मुझे यह देखकर आश्चर्य होता है कि उच्चतम न्यायालय मूकदर्शक बना हुआ है। न्यायालय की चुप्पी और स्वतः संज्ञान न लेने से उसकी भूमिका पर सवाल उठते हैं।’’
 शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘भाजपा की असम इकाई के ‘एक्स’ खाते ने ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ शीर्षक से नफरत और लक्षित हिंसा से भरा वीडियो पोस्ट किया। विरोध के बाद इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक कई लोग इसे डाउनलोड कर आगे फैला चुके थे।”
 उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘बेशर्मी’ से नफरत फैलाने वाले और राजनीतिक रूप से लक्षित करने के इस सबसे घृणित रूप को नजरअंदाज करेगा जो भाजपा के सामने असल में असहाय और बेकार है।
 कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से जारी पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया है जो ‘‘अल्पसंख्यकों की लक्षित, प्रत्यक्ष हत्या’’ का महिमामंडन करता प्रतीत होता है।’’
विपक्षी दल ने कहा, ‘‘यह बेहद घृणित और परेशान करने वाला है और इसे सामान्य ‘ट्रोल’ सामग्री कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। यह सामूहिक हिंसा और नरसंहार का आह्वान है।’’
 इसमें कहा गया, ‘‘यह इस फासीवादी शासन के असली चेहरे का प्रतिबिंब है, जिसने दशकों से इस नफरत को पाला है और पिछले 11 वर्षों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की है।’’
कांग्रेस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, समाज में ‘‘अशांति और जहर फैलाने’’ के इस कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
 कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी ने अपने नेताओं को नफरत फैलाने की खुली छूट दे रखी है। भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से किया गया पोस्ट इसका सबूत है- जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ‘पॉइंट-ब्लैंक’ पर अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। ये बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।’’
विपक्षी दल ने कहा, ‘‘ भाजपा सत्ता के लिए समाज में जहर घोल रही है, लोगों को हिंसा के लिए भड़का रही है। उसकी इस शर्मनाक करतूत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे पहले भी मोदी के लाडले हिमंत ने मुसलमानों के खिलाफ खुलेआम बयान देकर, उन्हें परेशान करने की बात कही थी।’’
कांग्रेस ने कहा, ‘‘ नफरत भाजपा के डीएनए मे हैं। ऐसी विचारधारा देश के लिए जहर है, जिसे परोसने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।’’ 
गुजरात: मेहसाणा में तीन करोड़ रुपये का जीरा चोरी करने के आरोप में पांच गिरफ्तार
मेहसाणा (गुजरात), आठ फरवरी (भाषा) एशिया के सबसे बड़े जीरा व्यापार केंद्र, गुजरात के मेहसाणा जिले के उंझा कस्बे में गोदामों से तीन करोड़ रुपये का मसाला चोरी करने के आरोप में एक वकील और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी पुलिस ने रविवार को दी।
 मेहसाणा के पुलिस उपाधीक्षक दिनेशसिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों में पाटन का एक वकील भी शामिल है, जिसने 12 दिसंबर, 2025 और दो जनवरी के बीच उनावा राजमार्ग पर स्थित दो गोदामों में कथित तौर पर प्रवेश करने के लिए नकली चाबियों का इस्तेमाल किया और रात में सैकड़ों बोरी जीरा चुरा लिया।
 उन्होंने बताया कि जांच के बाद आरोपियों को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने बताया कि चोरी हुआ मसाला दो व्यापारियों का था, जिन्होंने भंडार गायब होने का पता चलने के बाद 4 जनवरी को उनावा पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज करायी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
 चौहान ने बताया कि स्थानीय अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि कुछ लोग उंझा में व्यापारियों से संपर्क करके असामान्य रूप से कम दामों पर जीरा बेचने की पेशकश कर रहे हैं।
  उन्होंने कहा, “सीसीटीवी फुटेज और पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर एक ट्रक चालक की पहचान करके उससे पूछताछ की गई। इससे पुलिस एक आरोपी जुम्मा खान तक पहुंची, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।”
  चौहान ने बताया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी एवं पाटन जिला अदालत में वकालत करने वाले इकराम मेमन के साथ वजाहत खान, जुम्मा खान, सादिक मेमन और गौरव पटेल को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली निवासी इमरान जमील और उसका एक अज्ञात साथी फरार हैं।
चौहान ने कहा, ‘‘मध्य दिसंबर से 2 जनवरी तक व्यापारियों ने गोदामों पर एक सुरक्षा गार्ड तैनात किया था। हालांकि वह हर दिन ताले जांचने के बाद वहां से चला जाता था।’’
उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मूल तालों की डुप्लीकेट चाबियां बनाईं और रात के समय उन्हीं चाबियों से गोदामों में प्रवेश किया।
उन्होंने बताया, “मजदूरों और ट्रकों की व्यवस्था की गई और 10 चक्करों में करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य का जीरा चोरी किया गया।”
पुलिस के मुताबिक, फरार दिल्ली निवासी जमील द्वारा योजना बनाए जाने के बाद आरोपी वकील ने चोरी को अंजाम  देने के लिए एक स्थानीय गिरोह बनाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने कहा कि फरार जमील चाबियां बनाने में माहिर है और डुप्लीकेट चाबियां कथित तौर पर उसी ने तैयार कीं। 
 पुलिस ने बताया कि वहीं, गौरव पटेल की भूमिका पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने की थी, जबकि जुम्मा खान ने ट्रक और मजदूरों की व्यवस्था की।
पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपी सादिक मेमन का आपराधिक इतिहास है और उसने चोरी को अंजाम देने में मदद की, जबकि वजाहत खान चोरी किए गए जीरे को बाजार में बेचने में शामिल था।
चौहान ने बताया कि आरोपियों ने चोरी किए गए जीरे का एक हिस्सा खुद को किसान बताकर दीसा और उंझा के बाजार में बेचा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब तक गिरफ्तार आरोपियों से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं और बिना बिका 121 बोरे जीरा जब्त किया है।
लुधियाना में पंजाब के शाही इमाम पर हमला, मामला दर्ज
 लुधियाना, आठ फरवरी (भाषा) पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी पर फील्ड गंज स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद के पास मस्जिद के जारी जीर्णोद्धार को लेकर हुए विवाद के बाद हमला किया गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। 
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उबेद उर रहमान और उनके बेटों अतीक उर रहमान और मोहम्मद अहमद समेत कुछ लोगों के एक समूह ने मौलाना पर ईंटें फेंकीं, जिनमें से एक ने उन पर शारीरिक हमला भी किया था।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसके बाद से इस घटना की व्यापक निंदा हो रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना मस्जिद के जारी जीर्णोद्धार कार्य का परिणाम है।
 पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ शनिवार को मामला दर्ज कर लिया गया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अर्थव्यवस्था, संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा: माकपा
नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को दावा किया कि भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते में भारत ने अमेरिका को ‘व्यापक रियायतें’ दी हैं जो “हमारी अर्थव्यवस्था, कृषि और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा” पैदा करती हैं।
एक बयान में वामपंथी पार्टी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार को इस समझौते को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए और इसे संसद के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
भारत और अमेरिका ने शनिवार को घोषणा की कि वे एक अंतरिम व्यापार समझौते के प्रारूप पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे।
माकपा ने अपने पोलित ब्यूरो द्वारा जारी एक बयान में कहा, ‘‘जैसे-जैसे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विवरण धीरे-धीरे सामने आ रहा है, यह स्पष्ट होता जा रहा है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने तथाकथित ‘अंतरिम समझौते’ में अमेरिका को व्यापक रियायतें दी हैं। ये रियायतें भारत की अर्थव्यवस्था, कृषि और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंशिक जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने अमेरिका से फलों, कपास, मेवा, सोयाबीन तेल और कुछ अन्य खाद्य एवं कृषि उत्पादों के निर्यात पर कोई शुल्क न लगाने (शून्य शुल्क) पर सहमति जताई है।’’ पार्टी ने कहा कि इस निर्णय से देश भर में लाखों सेब उत्पादकों, कपास और सोयाबीन किसानों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित होगी।
माकपा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा अन्य राज्यों के सेब किसान पहले से ही न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों के कारण परेशान हैं और अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता उनकी आजीविका को और भी बर्बाद कर देगा।
पार्टी ने कहा कि कपास किसानों को भी इसी तरह की तबाही का सामना करना पड़ेगा जो पहले से ही बढ़ती लागत और गंभीर कृषि संकट से जूझ रहे हैं।  
बयान में कहा गया है कि रिपोर्टों से यह भी संकेत मिलता है कि भारत सरकार ने खाद्य एवं कृषि उत्पादों पर गैर-शुल्क बाधाओं को हटाने पर सहमति जताई है।
 बयान के मुताबिक, इसका सीधा मतलब होगा भारतीय किसानों के लिए समर्थन और सब्सिडी को वापस लेना जिससे वे भारी सब्सिडी वाले अमेरिकी कृषि उत्पादों से प्रतिस्पर्धा के लिए असुरक्षित हो जाएंगे और भारतीय कृषि का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। 
वामपंथी पार्टी ने कहा कि यह व्यापार समझौता ‘‘हमारी संप्रभुता पर प्रहार है, क्योंकि अमेरिका हमारी नीतियों को निर्देशित कर रहा है, जिसमें रूस से तेल खरीदने से जुड़ा फैसला भी शामिल है।’’
बयान में कहा, “यह भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का शर्मनाक आत्मसमर्पण है।”
 वामपंथी पार्टी ने कहा, “यह बेहद निंदनीय है कि सरकार ने अमेरिकी रक्षा आपूर्ति पर अपनी निर्भरता बढ़ाने का संकल्प लिया है, जो भारत के रणनीतिक हितों के लिए हानिकारक होगा।’’ माकपा ने अपनी मांग दोहराई कि समझौते का पूरा विवरण तुरंत संसद के समक्ष रखा जाए और सार्वजनिक किया जाए।
 वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि आयात में किसी भी महत्वपूर्ण वृद्धि से किसानों और घरेलू उद्योग के हितों की रक्षा के लिए अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।
गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता ‘अंततः हमारे किसानों की मदद करेगा’ जो पहले से ही 50-55 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के कृषि और मत्स्य उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं। 
श्राइन बोर्ड ने माता वैष्णो देवी को प्रमुख आध्यात्मिक स्थल के रूप में स्थापित करने की मंजूरी दी
 जम्मू, आठ फरवरी (भाषा) श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने त्रिकूटा की पहाड़ियों पर स्थित तीर्थ स्थल और आसपास के क्षेत्र को भारत के सबसे प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में से एक में परिवर्तित करने के लिए रविवार को कई पहलों को मंजूरी दी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यह मंजूरी दी।
 प्रवक्ता ने कहा कि तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाने और तीर्थयात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सुविधाओं का विस्तार करने की रणनीतियों का आकलन करने के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है। यह समिति बोर्ड को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।
 प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में इन पहलों को मंजूरी दी गई।
 उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र को भारत के अग्रणी और सबसे जीवंत आध्यात्मिक स्थल में तब्दील करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय को अंतिम रूप दिया गया।’’
 प्रवक्ता ने बताया कि मंदिर बोर्ड ने तीन पहलों को मंजूरी दी है, जिनमें ‘मां शक्ति’ की आध्यात्मिक विरासत को समर्पित एक अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय, एक प्रकाश-ध्वनि शो और माता वैष्णो देवी मंदिर पर एक वृत्तचित्र शामिल हैं।
 उन्होंने बताया कि बोर्ड ने रिक्त पदों को भरने का भी निर्णय लिया है और भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।
 प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुरूप, माता वैष्णो देवी तीर्थयात्रा मार्ग पर सेवा प्रदाताओं, जैसे कि टट्टू सेवा संचालकों और ‘पिठू’ संचालकों के लिए पुनर्वास योजना तैयार करने और उसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने को मंजूरी दी गई।
 प्रवक्ता ने बताया कि बोर्ड ने आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को मुफ्त में नीट (राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा) की तैयारी कराने के लिए के लिए कोचिंग सेंटर स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई है।
 उन्होंने कहा कि चूंकि यह पूजनीय तीर्थस्थल माता वैष्णो देवी तीर्थयात्रा के आधार शिविर कटरा शहर को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करता है, इसलिए बोर्ड ने शहर के विकास में योगदान देने का निर्णय लिया है।
रूस में चाकू हमले में घायल भारतीय छात्रों की हालत में सुधार
                      
 मॉस्को, आठ फरवरी (भाषा) रूस के एक विश्वविद्यालय में नाबालिग द्वारा चाकू से किए गए हमले में घायल हुए चार भारतीय मेडिकल छात्रों की हालत स्थिर है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। यहां भारतीय दूतावास ने रविवार को यह जानकारी दी।
 ये चार भारतीय उन छह लोगों में शामिल थे, जो शनिवार को रूस की राजधानी से लगभग 1,200 किलोमीटर पूर्व में स्थित बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के ऊफा में सरकारी मेडिकल विश्वविद्यालय में हुए चाकू हमले में घायल हो गए थे।
 कजान के भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने रविवार को चारों छात्रों से अस्पताल में मुलाकात की।
 यहां स्थित भारतीय दूतावास ने कहा, ‘‘छात्रों की हालत स्थिर है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। हमारे अधिकारी ने आज अस्पताल में उनसे मुलाकात की और छात्रावास में अन्य छात्रों से भी मिले। हम लगातार उनके संपर्क में हैं।’’
 स्थानीय स्कूल का नौवीं कक्षा का 15 वर्षीय छात्र चाकू लेकर मेडिकल विश्वविद्यालय के छात्रावास में घुसा और वहां रहने वाले छात्रों पर हमला कर दिया।
 गिरफ्तारी का विरोध करते हुए हमलावर ने दो पुलिसकर्मियों और छात्रावास के गार्ड को भी घायल कर दिया। हमलावर किशोर ने बाद में खुद को चोट पहुंचाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भारतीय प्रवासी समुदाय पर केंद्रित एमएटीवी का प्रसारण लाइसेंस निरस्त

लंदन, आठ फरवरी (भाषा) ब्रिटेन में मीडिया की निगरानी करने वाले निकाय ने भारतीय प्रवासी समुदाय पर केंद्रित एमएटीवी का प्रसारण लाइसेंस नियामक शर्तों के उल्लंघन के कारण रद्द कर दिया है और इस उपग्रह चैनल के प्रसारण को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
‘ऑफिस ऑफ कम्युनिकेशंस’ (ऑफकॉम) ने शुक्रवार को लाइसेंस रद्द करने का नोटिस जारी किया। अगस्त 2024 से जारी एक जांच में यह निष्कर्ष निकाला कि ये लाइसेंस मिडलसेक्स ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमबीसीएल) के पास ‘गलत तरीके से’ थे।
एक लाइसेंस ‘एमएटीवी नेशनल’ से जुड़ा था, जो हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती और पंजाबी में भारतीय कार्यक्रम प्रसारित करने वाली एक उपग्रह आधारित टेलीविजन सेवा है। दूसरा लाइसेंस एमएटीवी म्यूजिक के लिए था, जो एक उपग्रह आधारित टेलीविजन सेवा है और कथित तौर पर निष्क्रिय पड़ी है।
ऑफकॉम ने एक बयान में कहा गया, ‘‘ब्रिटेन में, ब्रिटिश संसद द्वारा बनाए गए प्रसारण कानूनों में कहा गया है कि प्रसारण लाइसेंस धारकों का लाइसेंस प्राप्त सेवाओं पर नियंत्रण होना चाहिए – जिसमें उनके द्वारा दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों पर संपादकीय निगरानी भी शामिल है।’’
‘ऑफकॉम’ ने कहा, ‘‘हमारी जांच से यह निष्कर्ष निकला कि एमएटीवी नेशनल और एमएटीवी म्यूजिक सेवाओं के लाइसेंस धारक एमबीसीएल के पास एमएटीवी के आउटपुट को लेकर संपादकीय जिम्मेदारी नहीं थी।
जांचकर्ताओं ने लाइसेंसधारक के अनुपालन संपर्क के रूप में पंजीकृत कुलदीप सिंह शेखावत से संपर्क किया और पाया कि वे इसके साथ ही ‘ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ द भारतीय जनता पार्टी-यूनाइटेड किंगडम’ (ओएफबीजेपी-यूके) के अध्यक्ष भी थे।
‘ऑफकॉम’ ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को लाइसेंस रखने की अनुमति नहीं है यदि वह ऐसा निकाय है जिसका नियंत्रण ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जो किसी ऐसे निकाय का अधिकारी है जिसका उद्देश्य पूर्णतः या मुख्यतः राजनीतिक प्रकृति का है।
एमएटीवी का मानना ​​है कि चैनल को बंद करने का निर्णय ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ है और उनका दावा है कि ओएफबीजेपी-यूनाइटेड किंगडम एक राजनीतिक संस्था नहीं बल्कि एक सामाजिक संस्था है जो भारतीय प्रवासी समुदाय के हितों का समर्थन करती है।
पिछले महीने समूह के आंतरिक पुनर्गठन के बाद ओएफबीजेपी के यूरोप प्रभारी कुलदीप सिंह शेखावत ने कहा, ‘‘एमएटीवी नेशनल के प्रसारण का लाइसेंस एमबीसीएल के पास था। एमएटीवी म्यूजिक से कभी प्रसारण नहीं हुआ।’’