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लुधियाना सिविल हॉस्पिटल से पुलिस को चकमा देकर कैदी फरार, ओर फिर…

पंजाब डेस्क: लुधियाना सिविल हॉस्पिटल में सोमवार को उस समय भगदड़ मच गई जब एक कैदी पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। यह कैदी बोस्टल जेल में बंद था और उसे मेडिकल जांच के लिए हॉस्पिटल लाया गया था।

भीड़ का फायदा उठाकर भागा: रीडर ब्रांच SSP ऑफिस खन्ना में तैनात ASI हरभजन सिंह ने बताया कि वह और उनकी टीम कुल 6 कैदियों को मेडिकल जांच के लिए हॉस्पिटल लाए थे। जब पुलिस वाले एक कैदी को इलाज के लिए ऑर्थोपेडिक डॉक्टर के पास ले जा रहे थे, तो हॉस्पिटल में मरीजों की भारी भीड़ थी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर कैदी ने चालाकी से हथकड़ी से अपना हाथ निकाला और मौके से फरार हो गया।

पुलिस एक्शन और केस दर्ज: कैदी के भागने की खबर मिलते ही पुलिस डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए फरार कैदी की तलाश में जगह-जगह रेड शुरू कर दी है। ASI हरभजन सिंह के बयानों के आधार पर, आरोपी के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 262 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि पुलिस कस्टडी से कैदियों के भागने की घटनाओं को अक्सर सालाना रिपोर्ट में जेलब्रेक या कैदी भागने की कैटेगरी में रखा जाता है।

सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद बिक्रम मजीठिया जेल से आए बाहर

पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया आज न्यू नाभा जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें इनकम से ज़्यादा संपत्ति जमा करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बेल मिली थी। सुबह से ही जेल के बाहर उनके स्वागत के लिए समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी।

गुरु साहिब का शुक्रिया अदा किया: जेल से बाहर आते ही बिक्रम सिंह मजीठिया ने हाथ जोड़कर अपने समर्थकों का शुक्रिया अदा किया । अपने पहले बयान में उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, “मैं श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और गुरु साहिबानों का लाख-लाख शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझ जैसे मामूली इंसान पर इतनी मेहरबानी की।”

700 करोड़ की प्रॉपर्टी का मामला: गौरतलब है कि विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया को 25 जून को उनके अमृतसर घर से गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था, जिसकी जांच के दौरान विजिलेंस ने हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी। विजिलेंस की तरफ से दायर चार्जशीट में 700 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस चार्जशीट में कई राजनीतिक नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बयान भी शामिल किए गए हैं।

ओबीसी हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार की कथनी एवं करनी में अंतर : राजद

अभिभाषण राजद चर्चा रास

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सदस्य संजय यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के हितों का ख्याल नहीं रख रही है और ओबीसी हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार की कथनी एवं करनी में अंतर है।

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश किए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए यादव ने दावा किया कि सरकार के भाषणों में ओबीसी के हितों की खूब चर्चा होती है लेकिन जमीन पर वह नहीं दिखता। प्रचार एवं पोस्टर में ओबीसी नजर आते हैं लेकिन नियुक्तियों में और निर्णय लेने की प्रक्रिया में वे गायब हैं।

उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं ओबीसी समुदाय के साथ सामाजिक न्याय नहीं हो रहा है और सरकार ऐेसे वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम नहीं कर रही है।

राजद सदस्य ने कहा कि देश में हर दूसरा व्यक्ति ओबीसी समुदाय से है लेकिन विभिन्न पदों खासकर निर्णय लेने वाले पदों पर उनकी संख्या पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों के लागू हुए लंबा समय बीत चुका है लेकिन आज भी विश्चविद्यालयों में आरक्षित श्रेणी के तहत आने वाले काफी पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि ओबीसी श्रेणी के तहत नौ लाख पद रिक्त हैं और ‘‘उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिलने’’ की बात कर उन पदों को खाली रखा जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में ओबीसी समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और समाज आज भी न्याय की राह देख रहा है।

उन्होंने कहा, “अगर हम ओबीसी की बात करें तो हमें जातिवादी कहा जाता है, और जो लोग हमारे अधिकार छीनते हैं उन्हें राष्ट्रवादी कहा जाता है।”

चर्चा में भाग लेते हुए बीजू जनता दल (बीजद) सदस्य सस्मित पात्रा ने दावा किया कि उनके राज्य ओडिशा की विभिन्न परियोजनाओं में अनदेखी की गयी है। उन्होंने अपनी बात उडिया भाषा में रखी।

पात्रा ने कहा कि सरकार पूर्वात्तर क्षेत्र के विकास की बात करती है लेकिन ओडिशा को भूल जाती है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग सहित विभिन्न क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाओं में राज्य की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कोयले की रॉयल्टी में वृद्धि नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई।

माकपा सदस्य जॉन ब्रिटास ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि भारत का कृषि बाजार अमेरिका के लिए खोल दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कोई भी जानकारी संसद को देनी चाहिए थी बजाए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कोई घोषणा करने के।

ब्रिटास ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो कोई भी अहम फैसले की संसद में घोषणा की जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय का काम भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं और वही बताएंगे कि भारत को किससे तेल खरीदना है।

उन्होंने कहा कि यह देश की संप्रभुता से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि भारत गुट निरपेक्ष आंदोलन (नैम) का अगुवा देश रहा है लेकिन उसने एक देश के राष्ट्रपति के अपहरण, ग्रीनलैंड या फलस्तीन जैसे मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी।

उन्होंने कहा कि जब मनमोहन सिंह के कार्यकाल में रुपये की कीमत 60 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर थी जब कहा गया है कि रुपया आईसीयू ‘गहन चिकित्सा कक्ष’ में है लेकिन अब जब डॉलर की कीमत 92 रुपये है तो रुपया कहां है।

माकपा सदस्य ने भाजपा पर केरल की अनेदखी करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र पर जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाया।

अदाणी पोर्ट का तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 21 प्रतिशत बढ़कर 3,043 करोड़ रुपये पर

परिणाम अदाणी पोर्ट

 नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) अदाणी पोर्ट एंड स्पेशल इकॉनमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) का वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,043 करोड़ रुपये रहा है।

कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को तीसरी तिमाही के अपने वित्तीय परिणामों की जानकारी दी।

पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 2,518 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।

सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए कंपनी का राजस्व 7,964 करोड़ रुपये से बढ़कर 9,705 करोड़ रुपये हो गया।

एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अश्वनी गुप्ता ने कहा, “हमारा प्रदर्शन मजबूत और स्थिर रहा है। चार व्यावसायिक स्तंभों में निरंतर गति और नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल (एनक्यूएक्सटी) के समेकन से वित्त वर्ष 2025-26 का कर-पूर्व आय मार्गदर्शन का ऊपरी स्तर 800 करोड़ रुपये बढ़ गया है।”

मणिपुर कांग्रेस ने विशेष पैकेज और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की मांग की

मणिपुर कांग्रेस

इंफाल, तीन फरवरी (भाषा) मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष केशम मेघचंद्र ने मंगलवार को केंद्रीय बजट की आलोचना करने के साथ ही केंद्र से राज्य के लिए एक विशेष संकट पैकेज की घोषणा करने, पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी लाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की मांग की।

मेघचंद्र ने यहां पत्रकारों से कहा कि केंद्रीय बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है जो राज्य में जारी संकट की गंभीरता को दर्शाता हो।

मणिपुर में तीन मई, 2023 से जातीय हिंसा देखी जा रही है। उस समय पहाड़ी जिलों में बहुसंख्यक मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में एक आदिवासी एकजुटता मार्च निकाला गया था।

तब से हिंसा में कुकी और मेइती समुदायों के सदस्यों के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 260 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। राज्य में पिछले साल फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है।

कांग्रेस नेता ने कहा, “ऐसे समय में जब हमारा राज्य विस्थापन, आर्थिक संकट और गंभीर सामाजिक अशांति से जूझ रहा है, लोगों को निर्णायक राष्ट्रीय समर्थन की उम्मीद थी। इसके बजाय, हमें केवल चुप्पी देखने को मिल रही है। न तो कोई विशेष पैकेज जारी किया गया है, न ही कोई पुनर्निर्माण अभियान, न ही रोजगार योजना और न ही ऐसा कुछ किया गया है जो जमीनी स्तर पर संकट की गंभीरता को दर्शाता हो।”

मेघचंद्र ने जोर देकर कहा कि मणिपुर जिम्मेदारी की मांग कर रहा है, भीख नहीं मांग रहा है।

मेघचंद्र ने कहा, “एक राष्ट्र जो वैश्विक शक्ति बनने की आकांक्षा रखता है, वह अपनी एकता और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य की उपेक्षा नहीं कर सकता। केंद्र को विशेष संकट पैकेज की घोषणा, पुनर्वास में तेजी, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और आजीविका बहाल करके इस चूक को तुरंत दूर करना चाहिए।”

उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार समावेशी विकास की बात कैसे कर सकती है, जबकि वह एक ऐसे राज्य की अनदेखी कर रही है जिसे तत्काल सुधार और पुनर्निर्माण की जरूरत है।

वांगखेम सीट से विधायक ने कहा, “पूर्वोत्तर के लिए नियमित योजनाओं को जारी रखना कोई विशेष ध्यान देना नहीं है। मणिपुर को तत्परता, राजनीतिक संवेदनशीलता और साहसिक हस्तक्षेप की जरूरत थी। हमें नया कुछ नहीं मिला।”

उन्होंने दावा किया, “आंकड़ों के लिहाज से बजट भले ही भारी भरकम हो, लेकिन यह देखकर दुख लगता है कि मणिपुर के लिए बहुत कम है।”

राकांपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में नहीं हूं : प्रफुल्ल पटेल

महाराष्ट्र राकांपा

मुंबई, तीन फरवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने मंगलवार को कहा कि वह दिवंगत नेता अजित पवार के स्थान पर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में शामिल नहीं हैं।

पटेल ने अफसोस जताया कि पिछले हफ्ते विमान दुर्घटना में पवार की मौत के बाद पार्टी द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में वे लोग बात कर रहे हैं जिनका राकांपा से कोई संबंध नहीं है।

राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, ‘‘सुनेत्रा पवार का विधायक दल के नेता के रूप में चुनाव हमारा अधिकार है। हम अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं के अनुरूप निर्णय लेंगे।’’

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की रिक्ति को भरने का आश्वासन देते हुए पटेल ने कहा, ‘‘मैं अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं हूं। इस समय किसी अन्य मुद्दे पर बोलना उचित नहीं है।’’

इससे पहले, अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पार्टी कार्यालय में राकांपा नेता ने कहा कि पार्टी उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में अपने भविष्य की योजना बनाएगी।

मुंबईवासियों, छात्रों ने विल्सन कॉलेज को जिमखाना सौंपने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया

महाराष्ट्र जिमखाना प्रदर्शन 

मुंबई, तीन फरवरी (भाषा) दक्षिण मुंबई में स्थानीय निवासियों और छात्रों ने विल्सन कॉलेज जिमखाना को कॉलेज को वापस सौंपने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

यह जिमखाना एक शताब्दी से अधिक समय से इस कॉलेज से जुड़ा है।

सामाजिक संगठन, ‘विल्सन कॉलेज एलुमनी एसोसिएशन’ और कई अन्य समूहों ने सोमवार को संयुक्त रूप से यह विरोध प्रदर्शन किया।

स्थानीय संगठन ‘आम्ही गिरगांवकर’ के अध्यक्ष आदित्य परब ने कहा कि स्थानीय लोग जिमखाना का उपयोग लंबे समय से क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों के लिए किया करते थे। कोविड-19 महामारी के दौरान जैन अंतरराष्ट्रीय संगठन (जिआईओ) को जिमखाना सौंपे जाने के बाद से वे उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।

परब ने कहा, “बचपन से ही हममें से कई लोग खेलने लिए इस मैदान का उपयोग किया करते थे। उस समय विल्सन कॉलेज इसका प्रबंधन करता था।’’

उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इसे विल्सन कॉलेज को वापस नहीं कर देती और निवासियों को वहां फिर से प्रवेश नहीं मिल जाता, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए जेआईओ से फिलहाल संपर्क नहीं हो सका है।

जदयू के अनंत सिंह ने बिहार के विधायक के रूप में शपथ ली, जेल वाहन से लाया गया विधानसभा

बिहार विस अनंत 

पटना, दो फरवरी (भाषा) अपराध की दुनिया से राजनीति में आए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता अनंत कुमार सिंह को बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ दिलाने के लिए मंगलवार को जेल वाहन से सदन लाया गया।

मोकामा से विधायक सिंह को पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले गिरफ्तार किया गया था। उन्हें प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर दुलार चंद यादव की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यादव, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के स्थानीय उम्मीदवार का समर्थन कर रहा था।

सिंह को अब तक जमानत नहीं मिल सकी है। उन्हें पैरोल पर विधानसभा आने की अनुमति दी गई थी।

शपथ ग्रहण के बाद सिंह ने अपने राजनीतिक गुरु एवं राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छुए। इसके बाद वे वापस जेल वाहन में बैठ गए।

विधानसभा परिसर से रवाना होने से पहले उन्होंने बाहर मौजूद पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की।

कुछ समय के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से जुड़े रहे सिंह ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा, “उनकी राजनीतिक हैसियत खत्म हो चुकी है। अगली बार उन्हें किसी और पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ना पड़ सकता है।”

वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित हुआ भारत: नड्डा

उप्र नड्डा दवा सम्मेलन 

लखनऊ, तीन फरवरी (भाषा) केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को कहा कि भारत आज एक वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने मंगलवार को यहां वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के समागम ‘उत्तर प्रदेश दवा सम्मेलन – एक’ को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा, ”भारत आज एक वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है और देश दुनिया की लगभग 30 प्रतिशत जेनरिक दवाएं और लगभग 60 प्रतिशत तक वैश्विक वैक्सीन मांग की आपूर्ति करता है। हमारे दवा उत्पाद 200 से अधिक देशों में निर्यात होते हैं।”

नड्डा ने कहा, ”आज इस दवा सम्मेलन में उपस्थित होना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपने विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण पर खड़ा है।”

उन्होंने कहा, ”पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर उत्पादन और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मजबूत डिजिटल आधारभूत ढांचा और व्यापक शासन के सुधारों के कारण भारत आज एक भरोसेमंद और जिम्मेदार वैश्विक साझेदारी के रूप में पहचान बना रहा है।

नड्डा ने कहा, ”जी-20 की अध्यक्षता और वैक्सीन कूटनीति में भारत की भूमिका ने हमारी वैश्विक जिम्मेदारी और क्षमता को स्पष्ट रूप से दर्शाया है। इस परिवर्तन की सबसे स्पष्ट झलक और स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र में देखने को मिलती है।”

नड्डा ने कहा कि आयुष्‍मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आज 62 करोड़ से अधिक लाभार्थी स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा के दायरे में हैं। अब तक 10 करोड़ से अधिक उपचार इस योजना के माध्‍यम से संभव हुए हैं और एक लाख 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक स्वास्थ्य व्यय सरकार द्वारा वहन किया गया है।

उन्होंने कहा कि देश भर में एक लाख 80 हजार से अधिक आरोग्य मंदिर स्थापित किये गये। इन केंद्रों के माध्यम से स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं केवल इलाज तक ही सीमित न रहकर प्राथमिक देखभाल, रोकथाम, गैर संचारी रोगों पर नियंत्रण और बुजुर्गों की देखभाल तक विस्तार ले चुकी हैं।

नड्डा ने कहा कि आयुष्‍मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब तक लगभग 84 करोड़ 70 लाख आभा आईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। बड़ी संख्या में डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य रिकार्ड तैयार किया गया है। इससे स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में पारदर्शिता आई है।

उन्होंने कहा कि दवा और स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक नेतृत्‍व के महत्वपूर्ण स्तंभ होंगे।

18 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क से वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत का आकर्षण बना रहेगा: आइसीईए

भारत अमेरिका समझौता मोबाइल

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) मोबाइल उद्योग के निकाय आइसीईए ने मंगलवार को कहा कि भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर तय की गई 18 प्रतिशत की शुल्क दर एक वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में भारत के आकर्षण को बनाए रखेगी।

भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत वाशिंगटन भारतीय सामानों पर जवाबी शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा।

आइसीईए के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने एक बयान में कहा, ”यह भारत के लिए एक सकारात्मक परिणाम है। इस शुल्क दर के साथ भारत प्रमुख विनिर्माण प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है और एक वैश्विक विनिर्माण एवं निर्यात केंद्र के रूप में अपना आकर्षण बरकरार रखे हुए है।”

उन्होंने आगे कहा कि हालांकि हम सौदे के विस्तृत विवरण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यह दिशा स्पष्ट रूप से विनिर्माण को बढ़ाने और अमेरिका के नेतृत्व वाली वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स में गहराई से जुड़ने की भारत की रणनीति का समर्थन करती है।

सूत्रों के अनुसार मोबाइल फोन और सेमीकंडक्टर सहित इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद शुल्क से मुक्त बने हुए हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 19 प्रतिशत बढ़कर 11.3 लाख करोड़ रुपये हो गया और निर्यात 37.5 प्रतिशत बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये रहा।