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स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह का लुधियाना दौरा: 3 करोड़ हेल्थ कार्ड का लक्ष्य

पंजाब डेस्क : पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने लुधियाना के बाल भवन में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को इन्हें जनता तक पहुँचाने के निर्देश दिए।

3 करोड़ हेल्थ कार्ड बनाने का लक्ष्य: बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में मंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य पंजाब में 3 करोड़ लोगों के हेल्थ कार्ड बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक लुधियाना में लगभग 80,000 कार्ड बन चुके हैं, जिसमें जगराओं निर्वाचन क्षेत्र सबसे आगे है, जहाँ रोजाना 800 कार्ड बनाए जा रहे हैं।

आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए बड़ी घोषणा : स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि जिन लोगों के पास आयुष्मान कार्ड है, पंजाब सरकार उन कार्डों के साथ 5 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में आयुष्मान कार्ड और हेल्थ कार्ड दोनों प्रभावी रूप से चलते रहेंगे।

नशे के मुद्दे पर केंद्र और BSF पर तीखे: हमले बलबीर सिंह ने राज्य में बढ़ते नशे के लिए केंद्र सरकार और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा पार से करीब 2,000 किलो नशीले पदार्थ पंजाब पहुँच रहे हैं और इसके पीछे पाकिस्तान से ‘चिट्टा’ और अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि बॉर्डर पर तैनात BSF की ढील के कारण यह नशा राज्य में दाखिल हो रहा है।मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने बॉर्डर का दायरा 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया है, फिर भी तस्करी नहीं रुक रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 550 ड्रोन पकड़े जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ड्रोन के जरिए तस्करी जारी है, जिसके लिए उन्होंने BSF को जिम्मेदार ठहराया।

पीएसपीसीएल की संपत्तियां बेचने पर हाईकोर्ट की रोक: सरकारी विभागों के भारी बकाया के बदले संपत्तियां बेचने के कदम को मिली चुनौती

पंजाब डेस्क : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने यह आदेश चंडीगढ़ निवासी राजबीर सिंह द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें पंजाब सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा गया है।

सरकारी विभागों पर है करोड़ों का बकाया: याचिका के अनुसार, अगस्त 2025 तक पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों पर पीएसपीसीएल का कुल 2,582 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसके अलावा, राज्य सरकार पर बिजली सब्सिडी के मद में भी 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित बताई गई है। बकायेदारों की सूची में जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

संपत्तियां बेचना जनहित के खिलाफ: याचिकाकर्ता याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस भारी वित्तीय दबाव और बकाये की भरपाई के लिए निगम की मूल्यवान सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की कोशिश की जा रही है, जो जनहित के प्रतिकूल और विधि-विरुद्ध है। याचिका में दलील दी गई कि जब सरकारी विभाग स्वयं नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं, तो सार्वजनिक उपक्रम की संपत्तियों को बेचकर घाटा पूरा करना पूरी तरह अनुचित है।

याचिकाकर्ता की मुख्य मांगें:

-पीएसपीसीएल की संपत्तियों की किसी भी प्रकार की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए।

-डिफॉल्टर विभागों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उनके बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए जाएं।

-राज्य सरकार को लंबित बिल और सब्सिडी की राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया जाए।

हाईकोर्ट ने फिलहाल संपत्तियों की बिक्री पर रोक बरकरार रखी है और स्पष्ट किया है कि अगला आदेश आने तक कोई भी संपत्ति नहीं बेची जाएगी।

पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: बजट से पहले 96 अधिकारियों के तबादले, 9 IAS और 87 PCS अफसर बदले

पंजाब डेस्क : पंजाब सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए 96 अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। यह फेरबदल आगामी बजट पेश होने से ठीक पहले किया गया है, जिसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

IAS और PCS अधिकारियों की नई नियुक्तियां स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में 9 IAS और 87 PCS अधिकारी शामिल हैं। प्रमुख नियुक्तियों में:

राजदीप सिंह बराड़ (IAS): इन्हें बठिंडा का अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी – शहरी विकास) और बठिंडा विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त मुख्य प्रशासक नियुक्त किया गया है।

रुबिंदरजीत सिंह बराड़ (IAS): इन्हें पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन का अतिरिक्त सीईओ, और एनआरआई मामलों तथा स्थानीय सरकार विभाग का अतिरिक्त सचिव बनाया गया है।

दिव्या पी (IAS): जालंधर की एडीसी (ग्रामीण विकास) नियुक्त की गई हैं।

विवेक कुमार मोदी (IAS): बरनाला के एडीसी के रूप में तैनात किए गए हैं।

कृष्ण पाल राजपूत (IAS): एडीसी (ग्रामीण विकास) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डी गोयल (IAS): इन्हें एडीसी (जनरल) नियुक्त किया गया है।इस साल का तीसरा बड़ा फेरबदल प्रशासनिक सुधारों की कड़ी में इस साल यह तीसरा बड़ा मौका है जब अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं।

इससे पहले 14 फरवरी और 16 फरवरी को भी कई IAS और PCS अधिकारियों के तबादले किए गए थे, जिनमें गिरीश दयालन और प्रीति यादव जैसे अधिकारी शामिल थे। वहीं, 21 जनवरी को भी 20 IAS अधिकारियों को बदला गया था।

सरकार के इस कदम को प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और बजट सत्र से पहले व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

वीएसीबी ने 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए विशेष ग्राम अधिकारी को गिरफ्तार किया

त्रिशूर, 20 फरवरी (भाषा) सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने एक प्रभारी विशेष ग्राम अधिकारी को आरओआर प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कथित तौर पर 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि पथनमथिट्टा के चित्तर का निवासी आरोपी विनोद एन पी, कडिक्कड़ कार्यालय का प्रभारी विशेष ग्राम अधिकारी है।

सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता के दादा ने 1975 में कडिक्कड़ गांव में 98 सेंट्स जमीन ली थी।

लगभग एक महीने पहले, शिकायतकर्ता के पिता ने जमीन को अपने नाम पर स्थानांतरित करने के लिए अधिकार अभिलेख प्रमाणपत्र हेतु आवेदन किया था।

जब वे इस मामले की जानकारी लेने के लिए ग्राम कार्यालय पहुंचे, तो अधिकारी ने कथित तौर पर तकनीकी समस्याओं का हवाला देते हुए आवेदन की प्रक्रिया के लिए रिश्वत के तौर पर तीन लाख रुपये की मांग की। उन्होंने रिश्वत देने में असमर्थता जताई और वहां से चले गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार उनके पिता 19 फरवरी को फिर से अधिकारी से मिले और राशि में कमी की गुहार लगाई। आरोप है कि अधिकारी ने 2.5 लाख रुपये की मांग की और उन्हें 20 फरवरी को शाम चार बजे से पहले यह रकम उनकी सीट के पीछे रखने का निर्देश दिया।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने त्रिशूर स्थित वीएसीबी से संपर्क किया, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और अधिकारी को पकड़ लिया।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे त्रिशूर स्थित सतर्कता न्यायालय में पेश किया जाएगा।

बिहार: यूजीसी के निंयमों से जुड़े मुद्दे को लेकर विधानसभा में हंगामा

पटना, 20 फरवरी (भाषा) बिहार विधानसभा में शुक्रवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 के मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ।

हालांकि इन विनियमों पर उच्चतम न्यायालय ने अंतरिम रोक लगा दी है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)-मार्क्सवादी लेनिनवादी (माले) लिबरेशन के विधायक संदीप सौरभ ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक विशेष जाति और मानसिकता ने यूजीसी विनियमों का विरोध किया, जिसके कारण उच्चतम न्यायालय ने इस पर अंतरिम स्थगन लगा दिया।

उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह इस संबंध में संसद के माध्यम से कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार से पहल करे।

सौरभ ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालय परिसरों में जातिगत पूर्वाग्रह समाप्त करने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार का विधिक ढांचा आवश्यक है।

भाकपा (माले) लिबरेशन के विधायक ने चर्चा के दौरान एक आपत्तिजनक जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया गया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कार्यवाही से हटा दिया।

अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भाकपा (माले) लिबरेशन के विधायक द्वारा जातिसूचक शब्द का प्रयोग पूरे विपक्ष की मानसिकता को दर्शाता है।

उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उपमुख्यमंत्री की टिप्पणी पर विपक्षी सदस्य आक्रोशित हो गए।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक आलोक मेहता ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी दल दलित-विरोधी व आरक्षण-विरोधी हैं, इसी कारण वे यूजीसी के इन विनियमों का विरोध कर रहे हैं।

स्थिति बिगड़ने पर अध्यक्ष ने हस्तक्षेप कर सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित कराया।

शेयर बाजार में तेजी लौटी, सेंसेक्स में 316 अंक का उछाल

 मुंबई, 20 फरवरी (भाषा) शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स 316 अंक की बढ़त के साथ जबकि निफ्टी 25,550 के पार बंद हुआ। बैंकिंग और धातु शेयरों में खरीदारी, व्यापार समझौते में प्रगति को लेकर आशावाद के साथ ‘पैक्स सिलिका’ में भारत की भागीदारी की खबरों से बाजार को समर्थन मिला।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 316.57 अंक यानी 0.38 प्रतिशत चढ़कर 82,814.71 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 633.94 अंक बढ़कर 83,132.08 अंक तक पहुंच गया था।

एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 116.90 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,571.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 209.2 अंक उछलकर 25,663.55 अंक के उच्च स्तर तक पहुंच गया था।

भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच निवेशकों द्वारा शेयर की अंधाधुंध बिकवाली से बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 1,236.11 अंक और एनएसई निफ्टी 365 अंक टूट गया था।

शुक्रवार को सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, पावरग्रिड, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फाइनेंस, टाइटन, मारुति सुजुकी इंडिया, एक्सिस बैंक और इंडिगो के शेयर में सबसे अधिक तेजी रही।

दूसरी तरफ, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, इटर्नल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अदाणी पोर्ट्स के शेयर नुकसान में रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजारों ने एक दिन पहले की भारी गिरावट के बाद जोरदार वापसी की। बड़े शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। व्यापार समझौते को लेकर स्पष्ट संकेतों और ‘पैक्स सिलिका’ में भारत के प्रवेश से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।’’

नायर ने कहा कि बैंकिंग और धातु कंपनियों के शेयरों में तेजी ने भी बाजार को वापसी करने में मदद की।

व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.45 प्रतिशत चढ़ा जबकि बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.07 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,265 शेयर गिरावट में रहे जबकि 1,917 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई और 167 शेयर अपरिवर्तित बंद हुए।

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1,89,341.06 करोड़ रुपये बढ़कर 4,67,11,355.63 करोड़ रुपये हो गया।

साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स 187.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी में 100.15 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की तेजी रही।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘‘उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच अंततः सूचकांक बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। भू-राजनीतिक चिंताओं और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निफ्टी कमजोर खुला, हालांकि चुनिंदा बड़े शेयर में खरीदारी से सत्र के आगे बढ़ने के साथ सूचकांक संभल गया और सकारात्मक दायरे में बंद हुआ।’’

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि पीएसयू बैंक शेयरों पर ध्यान बना रहा और वे 1.7 प्रतिशत चढ़े।

एशिया के अन्य बाजारों में मुख्यत: गिरावट रही। हांगकांग का हैंगसेंग 1.10 प्रतिशत जबकि जापान का निक्की 1.07 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। हालांकि, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 2.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। चीन के बाजार चंद्र नववर्ष अवकाश के कारण बंद रहे।

यूरोपीय बाजारों में जर्मनी का डैक्स, पेरिस का सीएसी 40 और लंदन का एफटीएसई 100 शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

अमेरिकी शेयर बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.44 डॉलर प्रति बैरल रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 880.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 596.28 करोड़ रुपये के शेयर की शुद्ध बिक्री की।

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से सुरक्षित निवेश वाली परिसंपत्तियों की मांग बढ़ने से चांदी में तेजी

नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुख के कारण शुक्रवार को वायदा कारोबार में चांदी की कीमत 4,375 रुपये की तेजी के साथ 2,45,750 रुपये प्रति किग्रा हो गया।

मल्टी कमोडिटी एक्स्चेंज में चांदी के मार्च महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 4,375 रुपये यानी 1.8 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,45,750 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इसमें 5,975 लॉट का कारोबार हुआ।

विदेशी बाजार में, कॉमेक्स चांदी वायदा में लगातार तीसरे दिन तेजी जारी रही, जो 1.23 डॉलर या 1.6 प्रतिशत बढ़कर 78.87 डॉलर प्रति औंस हो गई।

मजबूत हाजिर मांग से कच्चे तेल का वायदा भाव में तेजी

 नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) मजबूत हाजिर मांग और जारी भू-राजनीतिक चिंताओं के बाद कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार बढ़ाने से वायदा कारोबार में शुक्रवार को कच्चा तेल की कीमत 2 रुपये की तेजी के साथ 6,060 रुपये प्रति बैरल हो गयी।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का मार्च माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 2 रुपये या 0.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,060 रुपये प्रति बैरल हो गया। इसमें 5,064 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार बढ़ाने से कच्चातेल वायदा कीमतों में तेजी आई।

वैश्विक स्तर पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 0.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 67.05 डॉलर प्रति बैरल हो गया जबकि ब्रेंट क्रूड का दाम 0.29 प्रतिशत बढ़कर 71.87 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

हर बाहर से आया पंजाबी अपनी मातृभाषा से जुड़ा रहना चाहता है – गुरजतिंदर रंधावा


लुधियाना: २० फरवरी (सत्ता संदेश)
अमेरिका में रहने वाले जाने-माने पंजाबी पत्रकार, लेखक और विचारक गुरजतिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि बेशक, बाहर से आए लोगों को नौकरी के लिए इंग्लिश या दूसरी विदेशी भाषाएं बोलनी पड़ती हैं, लेकिन हर बाहर से आया पंजाबी अपनी मातृभाषा से जुड़ा रहना चाहता है और हमेशा जुड़ा रहता है। आज मालवा रंगमंच पंजाब की तरफ से आयोजित एक खास कार्यक्रम में पंजाबी लेखकों, कलाकारों और साहित्य प्रेमियों को संबोधित करते हुए श्री रंधावा ने कहा कि इस समय विदेशों में पंजाबी और पंजाबी भाषा पूरी तरह से बोली जाती है और हम उन विकसित देशों की हर चिंता में भागीदार हैं। रंधावा ने कहा कि यह गर्व की बात है कि दुनिया के बड़े एयरपोर्ट समेत कमर्शियल जगहों पर पंजाबी में बोर्ड लगे हैं। मिस्टर रंधावा ने इमोशनल होते हुए कहा कि हर पंजाबी इमिग्रेंट भी चाहता है कि उसके बच्चे अपनी मदर टंग पंजाबी, ज़मीन और कल्चर से जुड़े रहें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
इवेंट के दौरान सभी का वेलकम करते हुए मालवा रंगमंच के सेक्रेटरी प्रोफेसर निर्मल जौड़ा ने कहा कि अपनी मेहनत और लगन की वजह से गुरजतिंदर सिंह रंधावा ने जर्नलिज़्म के फील्ड में एक अहम जगह बनाई है। प्रोफेसर निर्मल जौड़ा ने कहा कि हमारी भाषा हमें दुनिया में पहचान दिलाती है, जिसकी वजह से पंजाबियत का परचम दुनिया में लहरा रहा है। मालवा रंगमंच के सेक्रेटरी चेयरमैन प्रोफेसर जालौर सिंह खीवा ने कहा कि यह पंजाब के लिए सुकून की बात है कि विदेशों में हमारे इंटलेक्चुअल अपनी ज़मीन और कल्चर से जुड़े हुए हैं। मालवा रंगमंच ने गुरजतिंदर रंधावा को सम्मानित किया। रविंदर रंगूवाल ने सभी का थैंक यू कहा।
फोटो: मालवा रंगमंच पंजाब गुरजतिंदर सिंह रंधावा को सम्मानित करते हुए प्रोफेसर निर्मल जौड़ा और रविंदर रंगूवाल

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (SIR), अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

नेशनल डेस्क: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने इन राज्यों को इस प्रक्रिया के लिए तैयार रहने और संबंधित तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

अप्रैल 2026 से शुरू होगा काम: निर्वाचन आयोग के अनुसार, शेष बचे हुए राज्यों में यह विशेष गहन संशोधन अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा और नए मतदाताओं को पंजीकृत किया जाएगा। आयोग ने इसके लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन, दावे और आपत्तियां प्राप्त करना और अंत में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन शामिल है।

इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा SIR : आगामी अप्रैल महीने में जिन प्रमुख क्षेत्रों में यह प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, उनमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, और उत्तराखंड शामिल हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में भी यह पुनरीक्षण किया जाएगा।

क्या है SIR का उद्देश्य? SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों ताकि वे अपने वोट के अधिकार का उपयोग कर सकें। इस चरण के पूरा होने के बाद भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश SIR के दायरे में आ जाएंगे। गौरतलब है कि बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में यह वर्तमान में जारी है।