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इजराइल-अमेरिका का ईरान पर भीषण हमला: 85 स्कूली छात्राओं की मौत, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने दागीं 400 मिसाइलें

तेहरान/तेल अवीव: शनिवार सुबह इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के 10 शहरों पर अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य हमला किया है। इजराइल ने इस अभियान को ‘लियोनस् रोर’ (Lion’s Roar) और अमेरिका ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Epic Fury) नाम दिया है।

बड़ी जनहानि और स्कूल पर हमला: ईरानी न्यूज एजेंसियों के अनुसार, दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में एक गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं। पूरे होरमोजगान प्रांत में कम से कम 70 लोगों की जान जाने और 90 से ज्यादा के घायल होने की खबर है।

ईरान के रक्षा मंत्री के मारे जाने का दावा: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दावा किया है कि इस हमले में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हो गई है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया है कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियान सुरक्षित हैं।

ईरान का पलटवार और दुबई पर हमला: जवाब में ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं। इसके साथ ही ईरान ने कतर, कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे बड़े शहर दुबई पर भी हमला हुआ है, जिससे बुर्ज खलीफा के पास धमाके सुने गए और वहां मौजूद ‘पाम होटल’ पर मिसाइल गिरने की खबर है।

वैश्विक प्रभाव:

उड़ानें रद्द: सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया समेत 12 प्रमुख एयरलाइंस ने इस क्षेत्र में उड़ानें रोक दी हैं और दुबई एयरपोर्ट ने सभी ऑपरेशन बंद कर दिए हैं।

UNSC की बैठक: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस तनाव पर तत्काल बैठक बुलाई है।

ट्रम्प का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह हमला अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने के लिए किया गया है।

ऑस्ट्रेलिया के लेखक मनजीत बोपाराय की किताब “काफ़िर ही पवित्र मनुष्य”

प्रो. गुरभजन सिंह गिल और उनके साथियों ने लॉन्च की

लुधियाना, 28 फरवरी (सत्ता संदेश) ब्रिसबेन (ऑस्ट्रेलिया) के समझदार पंजाबी लेखक एस. मनजीत सिंह बोपाराय की नई बड़े फ़ॉर्मेट वाली किताब “काफ़िर ही पवित्र मनशाह” आज लुधियाना में पंजाबी लोक विरासत अकादमी लुधियाना के चेयरमैन प्रो. गुरभजन सिंह गिल और उनके साथियों ने शहीद भगत सिंह नगर, लुधियाना में लॉन्च की।
मनजीत सिंह बोपाराय के क्लासमेट एस. कुलदीप सिंह गिल (सरे) कनाडा ने प्रो. गुरभजन सिंह गिल और बलविंदर सिंह बोपाराय को इस किताब की कॉपी दीं।
इस मौके पर बोलते हुए, प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने कहा कि लुधियाना ज़िले के एक गांव के रहने वाले एस. मनजीत सिंह बोपाराय हालांकि लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने पंजाब में रहते हुए ही लिखना शुरू कर दिया था। उनकी पहली किताब, “ज्योतिष झूठ बोलता है” की लाखों प्रतियां बिक चुकी हैं और इसका अंग्रेजी और हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।
उन्होंने यह किताब “काफिर ही पवित्र मानव” तीन वैज्ञानिक लोगों, शहीद भगत सिंह, स्टीफन हॉकिंग और रिचर्ड डॉकिन्स के चित्रों के साथ पहले पृष्ठ पर लिखी है, जिनकी सोच ने अज्ञानता के कोहरे को दूर किया और दुनिया को ज्ञान दिया। यह किताब उन नायकों, योद्धाओं और शहीदों को समर्पित है जिन्होंने हजारों सालों से सच को पेश करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जिंदा जलाए गए, कैमरे में गोली मार दी गई, जघन्य यातनाएं झेलीं और इक्कीसवीं सदी में भी मारे जा रहे हैं, जेलों में डाले जा रहे हैं लेकिन फिर भी सच को पेश करना बंद नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा कि मंजीत मेरे कलम मित्र हैं जिनकी हर रचना को पढ़ना मैं अपना सौभाग्य समझता हूं उनके सामाजिक कामों में, “सिख गेम्स” ऑस्ट्रेलिया का दो बार प्रेसिडेंट बनना, ऑस्ट्रेलिया से 700 से ज़्यादा डेड बॉडीज़ को पंजाबी कम्युनिटी की मदद से अलग-अलग समय और जगहों पर भारतीय परिवारों तक पहुंचाना और हर जगह नस्लीय भेदभाव के खिलाफ अपने साथियों के साथ डटकर खड़े रहना उनके शौक का हिस्सा है।
यह भी गर्व की बात है कि मेरे प्यारे राइटर सरबजीत सोही और साथियों के साथ, वह क्वींसलैंड में लिटरेरी और कल्चरल एक्टिविटीज़ के बड़े सपोर्टर और लीडर हैं।
गवर्नमेंट कॉलेज करमसर (रारा साहिब) में पढ़ाई के बाद से, उनके जीवन का हर पल लोगों की भलाई के लिए समर्पित रहा है।
किताब के बारे में जानकारी देते हुए कुलदीप सिंह गिल ने बताया कि इसे चिंतन प्रकाशन लुधियाना ने पब्लिश किया है। इस किताब के बारे में शहीद भगत सिंह जी के भतीजे प्रो. जगमोहन सिंह, कनाडा में रहने वाले मशहूर स्कॉलर डॉ. पिरथीपाल सिंह सोही, बलबीर चंद लोंगोवाल और सरबजीत सोही के कीमती कमेंट्स हैं। मनजीत बोपाराय ने भी इस किताब को बनाने के प्रोसेस के बारे में एक चैप्टर लिखा है। जाने-माने पत्रकार बलविंदर सिंह बोपाराय ने यह किताब देखने के बाद एक कीमती बात कही कि वैसे तो मैं खुद बचपन से अमृतधारी सिख रहा हूँ, लेकिन मुझे लगता है कि ये पुरानी लिखी हुई बातें भी, जो नए रास्ते पर चलती हैं, इंसानी दिमाग के विकास में बहुत मदद करती हैं और बातचीत को जन्म देती हैं।
किताब के लेखक मनजीत सिंह बोपाराय ने वीडियो कॉल से जुड़ते हुए कहा कि मुझे यह किताब लिखने में पंद्रह साल से ज़्यादा लगे हैं। यह सिर्फ़ इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि इंटरनेट के ज़रिए साइंटिफिक मटीरियल और साइंटिफिक नतीजे मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के रैशनल मूवमेंट ने मेरी बढ़ती उम्र में मेरी सोच से जाल हटा दिए। बाद में, इंटरनेशनल लेवल पर मुझे वह संगत मिली जो हर चीज़ को लॉजिक की मदद से जांचती और परखती है। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए अपनी कविता का एक हिस्सा पढ़कर अपनी बात साफ की, “अगर सुकरात कट्टरपंथियों के बीच न मरे होते, तो इंसान सदियों पहले चांद पर चढ़ गया होता। कोपरनिकस का मज़ाक न उड़ाया जाता, गैलीलियो सच नहीं बोलते, और न ही ब्रूनो आग में जलते।” उन्होंने सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया। किताब के डिस्ट्रीब्यूटर, शहीद भगत सिंह बुक सेंटर पंजाबी भवन, लुधियाना के डायरेक्टर मास्टर हरीश पखोवाल ने कहा कि इस किताब को देश और विदेश में बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

पत्रकारिता के ‘अर्जुन’ को भावभीनी श्रद्धांजलि

सत्य, साहस और संवेदनशीलता की एक युगांतकारी आवाज़

जालंधर, 28 फ़रवरी 2026
पत्रकारिता और साहित्य जगत ने आज एक ऐसी शख्सियत को खो दिया, जिसकी भरपाई संभव नहीं। वरिष्ठ पत्रकार, उपन्यासकार और कहानीकार अर्जुन शर्मा अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन की खबर ने पूरे शहर और मीडिया जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है।

अर्जुन शर्मा केवल समाचार लिखने वाले पत्रकार नहीं थे, बल्कि वे समाज की नब्ज़ पहचानने वाले संवेदनशील लेखक थे। उनकी लेखनी में सच्चाई की दृढ़ता और मानवीय मूल्यों की चमक दिखाई देती थी। उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही, सामाजिक असमानताओं और आम जनमानस की पीड़ा को बेबाकी से उजागर किया।

उनकी रिपोर्टिंग में संतुलन, तथ्यों की मजबूती और निष्पक्षता स्पष्ट झलकती थी। वे मानते थे कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। यही कारण था कि वे हमेशा सत्य के पक्ष में खड़े रहे—चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।

युवा पत्रकारों के लिए वे प्रेरणा स्रोत और मार्गदर्शक थे। सहकर्मी उन्हें एक सरल, सौम्य और सहयोगी व्यक्तित्व के रूप में याद कर रहे हैं। उनकी मुस्कान और साहसिक विचार सदैव स्मरणीय रहेंगे।

उनका अंतिम संस्कार 1 मार्च 2026 को जालंधर में किया जाएगा, जहाँ शहर के गणमान्य नागरिक, पत्रकार, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे।

सत्ता संदेश परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि

“सत्ता संदेश परिवार, स्वर्गीय अर्जुन शर्मा जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
उनकी लेखनी और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा बने रहेंगे।”

अर्जुन शर्मा भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके शब्द, उनके विचार और उनके सिद्धांत सदैव जीवित रहेंगे।

घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या जनवरी में 4.36 प्रतिशत बढ़कर 152.49 लाख हुई

मुंबई, 28 फरवरी (भाषा) देश के भीतर हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या जनवरी 2026 में वार्षिक आधार पर 4.36 प्रतिशत बढ़कर 152.49 लाख रही, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

शुक्रवार देर शाम जारी आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो, एयर इंडिया समूह, स्पाइसजेट और अकासा एयर सहित प्रमुख घरेलू विमानन कंपनियों ने जनवरी 2025 में कुल 146.11 लाख यात्रियों को सेवाएं दी थीं।

दिसंबर में पायलटों के विश्राम और ड्यूटी अवधि के कड़े नियमों के कारण परिचालन संबंधी बाधाओं का सामना करने वाली इंडिगो ने अपनी बाजार हिस्सेदारी फिर से हासिल कर ली है। कंपनी 63.6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी और 97.04 लाख यात्रियों के साथ शीर्ष पर रही।

इसके विपरीत, एयर इंडिया समूह की बाजार हिस्सेदारी पिछले महीने की तुलना में लगभग तीन प्रतिशत घटकर 26.5 प्रतिशत (40.34 लाख यात्री) रह गई।

विमान में सीटों के भरने की दर (पीएलएफ) के मामले में अकासा एयर 93.2 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही, जबकि इंडिगो 87.7 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रही।

पीएलएफ यह मापता है कि विमान की कुल क्षमता का कितना उपयोग किया गया है।

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में घरेलू उड़ानों के रद्द होने की कुल दर 1.44 प्रतिशत रही। वहीं, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे छह प्रमुख महानगरीय हवाई अड्डों से समय पर परिचालन के मामले में इंडिगो 70.9 प्रतिशत के साथ सबसे बेहतर रही।व्यापारमुंबई

राज्यसभा चुनाव: बीजद ने पार्टी नेता संतृप्त मिश्रा और डॉक्टर दत्तेश्वर होता को उम्मीदवार घोषित किया

भुवनेश्वर, 28 फरवरी (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. संतृप्त मिश्रा और चिकित्सक दत्तेश्वर होता को राज्यसभा के आगामी चुनाव के लिए शनिवार को पार्टी उम्मीदवार घोषित किया।

मिश्रा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कटक से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान में वह पटनायक के राजनीतिक सचिव के रूप में काम करते हैं जबकि होता मूत्र संबंधी रोगों के प्रख्यात विशेषज्ञ हैं।

पटनायक ने पार्टी विधायकों से चर्चा करने के बाद यह घोषणा की।

इससे पहले, बीजद की राजनीतिक मामलों की समिति ने पटनायक को राज्यसभा उम्मीदवारों का फैसला करने के लिए अधिकृत किया था।

बीजद के प्रमुख पटनायक ने कहा, ‘‘अगले महीने होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए हमारी पार्टी ने दो उम्मीदवार घोषित करने का फैसला किया है। पहले उम्मीदवार डॉ. संतृप्त मिश्रा हैं, जो हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। दूसरे उम्मीदवार ओडिशा के जाने-माने चिकित्सक दत्तेश्वर होता हैं।’’

राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होने वाले हैं।

पटनायक ने बताया कि होता ओडिशा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के पहले कुलपति और कटक में एससीबी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल भी रह चुके हैं।

विपक्ष के नेता ने कहा, “चूंकि वह (डॉ. होता) आम सहमति से उम्मीदवार हैं इसलिए मैं सभी दलों से अपील करता हूं कि वे उनका समर्थन करें और उन्हें राज्यसभा भेजें।”

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने पटनायक के डॉ. होता को आम सहमति से उम्मीदवार बनाने के फैसले की सराहना की।

दास इस समय दिल्ली में हैं।

दास ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए दावा किया, “नवीन बाबू ने डॉ. होता को संयुक्त उम्मीदवार बनाकर एक बहुत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हम सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा संभावित खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे। संयुक्त उम्मीदवार का समर्थन करने में कोई कठिनाई नहीं है।”

पटनायक ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि उन्हें दोनों उम्मीदवारों की जीत की उम्मीद है।

मिश्रा ने पत्रकारों से कहा, “राज्यसभा चुनाव में मुझे यह अवसर देने के लिए मैं बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक और पार्टी नेताओं का आभार व्यक्त करता हूं। मैं इसे विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं।”

डॉ. होता ने उन पर विश्वास जताने के लिए पटनायक की सराहना की और कहा, “मैं राज्य और देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए अथक प्रयास करूंगा।”

पंजाब भाजपा के कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी ने डॉ. ए.वी.एम. स्कूल को वाटर कूलर डोनेट किया

गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

लुधियाना, 28 फरवरी: (सत्ता संदेश) गर्मियों के मौसम में स्कूली विद्यार्थियों को ठंडे पानी की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाजसेवी एवं पंजाब भाजपा के कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी ने आज डॉ. ए.वी.एम. पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, निकट ईसा नगरी पुली, लुधियाना को एक नया वाटर कूलर दान किया।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए, देबी ने कहा कि स्कूल में पहले से कई वाटर कूलर उपलब्ध हैं, लेकिन लंबे समय से एक अतिरिक्त वाटर कूलर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि वे समय-समय पर स्कूल में आयोजित कार्यक्रमों में आते रहते हैं और यहां के प्रबंधन द्वारा डॉ. ए.वी.एम. एजुकेशनल सोसायटी के प्रमुख राजीव कुमार लवली के नेतृत्व में जरूरतमंद वर्ग के बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. एवीएम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल शहर के प्रमुख स्कूलों में से एक है। जहां संविधान निर्माता डॉ. बी आर अंबेडकर के चरण पड़े थे और यही कारण है कि वह स्कूल में बार-बार आते हैं और यहां वाटर कूलर डोनेट करने का फैसला किया।

राजीव कुमार लवली ने कहा कि डॉ. ए.वी.एम. एजुकेशनल सोसायटी का एकमात्र उद्देश्य संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों पर चलते हुए, समाज के हर वर्ग तक शिक्षा का प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि स्कूल में पहले से ठंडे पानी की व्यवस्था है, लेकिन गर्मियों में एक अतिरिक्त वाटर कूलर विद्यार्थियों की सुविधा को और बेहतर बनाएगा। उन्होंने इस पहल के लिए गुरदेव शर्मा देबी का आभार व्यक्त किया।

अंत में, स्कूल की प्रिंसीपल मनीषा गाबा ने समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों की ओर से गुरदेव शर्मा देबी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर वाइस प्रिंसिपल अमिता राजन, आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षिका जसविंदर, हर्ष कत्याल, नेहा मनचंदा और सोनिया भी उपस्थित रहीं।

अमेरिका ने ईरान में ‘बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान’ शुरू किया: ट्रंप
वेस्ट पाम बीच (अमेरिका), 28 फरवरी (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि इजराइल द्वारा हमले शुरू करने के बाद अमेरिका ने ईरान पर ‘‘बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान’’ की शुरुआत कर दी।
इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किया, जिसके बाद शहर के मध्य क्षेत्र से धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। इसमें पहला हमला सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास हुआ। 
ईरान की मीडिया ने देशभर में हो रहे हमलों की खबरें दीं।
राहुल का वित्त मंत्री को पत्र, पूर्व सैनिकों के लिए ईसीएचएस और दिव्यांग पेंशन पर कदम उठाने के आग्रह
नयी दिल्ली, 28 फरवरी (सत्ता संदेश) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के लिए प्रयाप्त बजट का आवंटन और विकलांगत पेंशन पर आयकर की छूट को बहाल किया जाए।
 कांग्रेस नेता ने वित्त मंत्री को 25 फरवरी को यह पत्र लिखा और यह उल्लेख किया कि पूर्व सैनिक इन दोनों मामलों के कारण मुश्किल का सामना कर रहे हैं।
 उन्होंने कहा, "भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना आज धन की कमी के संकट का सामना कर रही है। चिकित्सा बिल के रूप में 12,000 करोड़ रुपये से अधिक लंबित हैं और अस्पताल भुगतान न करने के कारण इस योजना से बाहर निकल रहे हैं। पूर्व सैनिकों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अपनी जेब से भुगतान करने या यहां तक कि इलाज में देरी के लिए मजबूर किया जा रहा है। जिन लोगों ने देश की सेवा की वे संकट की घड़ी में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।"
 उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि इसके अलावा, वित्त विधेयक 2026 में सैनिक को सेवा में बनाए रखने पर दिव्यांग पेंशन पर कर लगाने का प्रस्ताव है।
 राहुल गांधी ने कहा, " 1922 के बाद यह पहली बार है कि दिव्यांग पेंशन पर कर लगाया जा रहा है। यह पेंशन उन सैनिकों को राहत प्रदान करने के लिए है जो घायल हो जाते हैं और इसे आय के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। इसके अलावा, जब कोई दिव्यांग सैनिक सेवा में बने रहने का विकल्प चुनता है या उससे अनुरोध किया जाता है तो वह चोट के बावजूद निस्वार्थ भाव से भारत की सेवा करता है।’’
 कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस चीज़ की प्रशंसा की जानी चाहिए उस पर कर लगाना अपमानजनक है।
 कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मेरी मुलाकात हुई और उन्होंने इन मुद्दों की ओर मेरा ध्यान आकर्षित किया। अपनी ही सरकार द्वारा अपमानित किए जाने की उनकी भावनाओं को सुनना दुखद था।"
 राहुल गांधी ने कहा, "मुझे यकीन है कि आप इस बात से सहमत होंगी कि सशस्त्र बलों में सेवा करने वाले हमारे भाई-बहन कृतज्ञ राष्ट्र के हर सहयोग के पात्र हैं। इसलिए, मैं आपसे पर्याप्त बजट समर्थन के साथ सभी लंबित ईसीएचएस देनदारियों को चुकाने और दिव्यांग पेंशन पर पूर्ण आयकर छूट बहाल करने का आग्रह करता हूं।"
बोत्सवाना से लाए गए नौ चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे
श्योपुर (मप्र), 28 फरवरी (सत्ता संदेश) बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को शनिवार को मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) पहुंचाया गया, इसके साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 48 हो गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि देश में चीतों की आबादी फिर से बढ़ाने के लिए चार वर्षीय ‘चीता पुनर्वास योजना’ के तहत अफ्रीका से तीसरी बार चीतों को लाया गया है। इन चीतों को भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के विमान से लाया गया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव पार्क में तैयार बाड़ों में इन चीतों को छोड़ेंगे।
श्योपुर की जनसंपर्क अधिकारी अवंतिका श्रीवास्तव ने संवाददाताओं को बताया कि बोत्सवाना से चीतों को भारतीय वायुसेना के विमान से ग्वालियर लाया गया और वहां से वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए उन्हें केएनपी पहुंचाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से भी चीतों को यहां लाया जा चुका है।
‘प्रोजेक्ट चीता’ के निदेशक उत्तम शर्मा ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई है। वायुसेना ने फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से तथा सितंबर 2022 में नामीबिया से चीतों को भारत पहुंचाया था।
उन्होंने कहा, ‘‘अधिक चीतों के आने से भारत के चीता पुनर्वास कार्यक्रम को मजबूती मिलेगी। केंद्र सरकार के सहयोग से हम जल्द से जल्द इनकी संख्या 50 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं।’’
 शर्मा ने बताया कि तीन चीतों को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया है, जबकि 36 चीते कूनो में ही हैं।
अधिकारियों ने कहा कि विलुप्तप्राय प्रजातियों को सामान्यतः एक ही आवास में नहीं रखा जाता, क्योंकि किसी संक्रामक बीमारी के फैलने पर पूरी आबादी को खतरा रहता है।
चीता करीब सात दशक पहले भारत से विलुप्त हो गया था।
पिछले वर्ष उद्यान में 12 शावकों का जन्म हुआ था, जिनमें से तीन शावकों समेत छह की मौत हो गई। इस वर्ष सात फरवरी से 18 फरवरी के बीच दो बार में नौ शावकों का जन्म हुआ। वर्ष 2023 से अब तक केएनपी में कुल 39 शावकों का जन्म हुआ है, जिनमें से 27 जीवित हैं।
नामीबिया से लाई गई ‘ज्वाला’ और ‘आशा’, दक्षिण अफ्रीका से लाई गई ‘गामिनी’, ‘वीरा’ और ‘निरवा’ तथा भारत में जन्मी ‘मुखी’ ने केएनपी में शावकों को जन्म दिया है।
इजराइल-US का ईरान पर भीषण हमला: तेहरान समेत 30 ठिकानों को बनाया निशाना; सुप्रीम लीडर खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया

इंटरनेशनल डेस्क: शनिवार (28 फरवरी 2026) की सुबह इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के कई शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। यह एक संयुक्त सैन्य कार्रवाई है जिसमें ईरान में एक साथ 30 जगहों को निशाना बनाया गया है, जिनमें से अधिकतर हमले राजधानी तेहरान में हुए हैं। हमलों के बाद तेहरान का आसमान धुएं के गुबार से ढक गया है।

सुप्रीम लीडर और राष्ट्रपति थे मुख्य निशाने पर : इन ताजा हमलों में मुख्य रूप से ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और राष्ट्रपति को निशाना बनाया गया है। यही कारण है कि राष्ट्रपति कार्यालय के पास भी धमाका किया गया। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई उस समय तेहरान में मौजूद नहीं थे और हमले के तुरंत बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।

इजराइल का दावा: हमला न करते तो ईरान कर देता हमला इस हमले के बाद इजराइल का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसे बचाव की कार्रवाई बताया है। इजराइल के अनुसार, यदि वे यह हमला (प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक) नहीं करते, तो ईरान उन पर हमला कर देता। अमेरिकी अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि यह हमला अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है, जिसके बारे में पहले ही चेतावनी दी गई थी।

एयरस्पेस बंद और सड़कों पर एंबुलेंस का शोर: हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है और सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। ईरान और इजराइल दोनों जगहों पर एयर अटैक सायरन बज रहे हैं और लोग सुरक्षा के लिए बंकरों में चले गए हैं। ईरान की सड़कों पर घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का तांता लगा हुआ है।