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राजपुरा के आदमी की साउथ कोरिया में बेरहमी से हत्या: उसके साथ रहने वाले पंजाबी पर लूट और हत्या का आरोप

पंजाब डेस्क: पटियाला जिले के राजपुरा के सैदखेड़ी गांव के एक पंजाबी आदमी की साउथ कोरिया में बेरहमी से हत्या की दुखद खबर सामने आई है। मरने वाले की पहचान 45 साल के नाथा सिंह के तौर पर हुई है, जो दर्शन सिंह का बेटा था और पिछले 10 सालों से साउथ कोरिया के सनान शहर में एक फैक्ट्री में काम कर रहा था।

लूट के इरादे से हत्या: परिवार वालों के मुताबिक, यह घटना 29 जनवरी की रात की है। आरोप है कि नाथा सिंह के साथ रहने वाले पटरान इलाके के ‘बजाज’ नाम के एक आदमी ने सोने के गहने लूटने के इरादे से यह घिनौना काम किया। आरोपी ने नाथा सिंह के सिर पर किसी भारी चीज़ से वार किया और सबूत मिटाने के मकसद से जिस घर में वह रह रहा था, उसमें आग भी लगा दी।

परिवार में मातम, अगले महीने आने वाले थे घर: नत्था सिंह अगले महीने भारत आने वाले थे और परिवार उनके स्वागत के लिए घर का रेनोवेशन करवा रहा था। लेकिन उनके आने से पहले ही 30 जनवरी को उनकी मौत की खबर घर पहुंच गई। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी कुलविंदर कौर, दो बेटे और एक बेटी हैं।

साउथ कोरिया में होगा अंतिम संस्कार: कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद परिवार के लोग साउथ कोरिया के लिए रवाना होंगे, जहां नत्था सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनकी अंतिम अरदास उनके पैतृक गांव सैदखेड़ी में होगी।

गांव के सरपंच परमजीत सिंह और जिला परिषद सदस्य सरबजोत सिंह ने भारत सरकार से मांग की है कि भारतीय राजदूत के जरिए साउथ कोरिया सरकार से संपर्क किया जाए और दोषी को सख्त सजा दिलाई जाए।

लुधियाना में DRI की बड़ी कार्रवाई: US और कनाडा जा रहे पार्सल से 12 kg अफीम बरामद

पंजाब डेस्क: डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की लुधियाना जोनल यूनिट ने एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है और विदेश भेजी जा रही अफीम की एक बड़ी खेप बरामद की है। खास खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, DRI अधिकारियों ने शनिवार को लुधियाना में एक कूरियर ऑफिस पर छापा मारा और US और कनाडा जा रहे 7 पार्सल जब्त किए।

डायपर और बर्तनों में छिपाई अफीम: तस्करों ने ड्रग्स छिपाने के लिए बहुत ही हैरान करने वाला तरीका अपनाया था। जांच के दौरान, अधिकारियों ने पार्सल के अंदर से अफीम के 30 पैकेट बरामद किए, जिन्हें बहुत चालाकी से बर्तनों और बड़ों के डायपर पैड में छिपाया गया था। पहचान से बचने के लिए इन पार्सल को घरेलू और खाने का सामान बताया गया था।

कीमत और कानूनी कार्रवाई: जब्त अफीम का कुल वजन 12.1 kg से ज़्यादा है, जिसकी गैर-कानूनी बाजार में कीमत करीब 60.59 लाख रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने NDPS एक्ट की धाराओं के तहत ड्रग्स ज़ब्त कर लिए हैं और इस तस्करी में शामिल लोगों की तलाश शुरू कर दी है।

एयरपोर्ट पर Rs 14 करोड़ का गांजा ज़ब्त: ड्रग तस्करी के खिलाफ एक और बड़े ऑपरेशन में, पुलिस एजेंसियों ने दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री से 4.9 kg गांजा/भांग ज़ब्त किया है। ज़ब्त किए गए ड्रग की अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग Rs 4.93 करोड़ है। देश भर के दो एयरपोर्ट से कुल Rs 14 करोड़ का गांजा ज़ब्त किया गया है।

बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में ज़मानत मिली

पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में उनकी ज़मानत अर्ज़ी मंज़ूर कर ली है। गौरतलब है कि मजीठिया को 25 जून, 2025 को उनके अमृतसर वाले घर से गिरफ़्तार किया गया था और तब से वे नई नाभा जेल में बंद हैं।

40 हज़ार पेज की चार्जशीट और आरोप: विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के ख़िलाफ़ मोहाली कोर्ट में 40 हज़ार पेज की चार्जशीट फ़ाइल की है, जिसमें पता चला है कि उन्होंने 700 करोड़ रुपये की गैर-कानूनी संपत्ति जमा की है। इस मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व अधिकारियों और ED अधिकारियों समेत करीब 200 सरकारी गवाह बनाए गए हैं।

पॉलिटिकल रिएक्शनशिरोमणि अकाली दल: पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि भले ही इसमें समय लगा, लेकिन इंसाफ हुआ है। उन्होंने कहा कि मजीठिया के बाहर आने से पूरे अकाली दल में खुशी की लहर है।

आम आदमी पार्टी: पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बेल मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह बरी हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि मजीठिया के खिलाफ पक्के सबूत हैं और लीगल प्रोसेस जारी रहेगा।

2027 के चुनाव पर असर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मजीठिया की जाट सिख वोट बैंक और माझा इलाके में मजबूत पकड़ है। उनकी रिहाई से 2027 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल को बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, राधा स्वामी सत्संग ब्यास के हेड बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों और मजीठिया के बीच जेल में हुई मुलाकात को भी पॉलिटिकल तौर पर अहम माना जा रहा है।

वह जेल से कब रिहा होंगे? मजीठिया को NDPS केस में पहले ही बेल मिल चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी मिलने और लीगल प्रोसेस पूरा होने के बाद वह जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं। हालांकि, सरकारी काम में रुकावट डालने के एक अलग केस में उनकी बेल को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

जमानत पर छूटे एक ‘खूंखार अपराधी’ ने दो लोगों को चाकू मारकर घायल किया

 नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) मध्य दिल्ली में नशे की हालत में दो लोगों को चाकू मारने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वह हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ था। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। 
 गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने खुद को अपने घर के अंदर बंद कर लिया और उसके परिवार ने उसे पकड़ने के लिए पहुंची पुलिस टीम को रोकने की कोशिश की।
 अधिकारी ने पुलिस के हवाले से बताया कि हौज काजी निवासी अब्दुल समद उर्फ ​​समीर (29) एक खूंखार अपराधी है, जिसके खिलाफ 31 मामले दर्ज हैं, जिनमें से आठ मामलों में अभी भी सुनवाई चल रही है। उसे हाल ही में जनवरी में एक मामले में जमानत पर रिहा किया गया था।
 तेईस जनवरी की तड़के हुई इस घटना में दो लोग चाकू से घायल हो गए।
 पुलिस की शिकायत के अनुसार, देर रात लगभग 2:30 बजे समद की दो व्यक्तियों के साथ तीखी बहस हुई।
 पुलिस ने बताया कि उनमें से एक ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से हस्तक्षेप करने को कहा, जिसने मध्यस्थता करने की कोशिश की, लेकिन समद कथित तौर पर आक्रामक हो गया और उसने दोनों पुरुषों पर धारदार वस्तु से हमला किया और भाग गया।
 बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी का विश्लेषण किया गया और स्थानीय खुफिया एजेंसियों को सक्रिय किया गया।
 पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30-31 जनवरी की दरमियानी रात को टीम ने उसके आवास पर छापा मारा। अभियान के दौरान आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को घर के अंदर बंद कर लिया, जबकि परिवार के एक सदस्य ने पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की और बार-बार पीसीआर कॉल किए।
 उन्होंने कहा कि टीम ने संयम बनाए रखा और बाद में गेट तोड़कर समद को पकड़ लिया।
केवीआईसी चंडीगढ़ द्वारा पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में 10-दिवसीय पीएमईजीपी प्रदर्शनी का किया शुभारंभ


पंचकुला, 2 फरवरी
: राज्य कार्यालय, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (के.वी.आई.सी), चंडीगढ़ द्वारा आयोजित क्षेत्रीय स्तर की पी.एम.ई.जी.पी प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों—पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर तथा बिहार—से खादी एवं ग्रामोद्योग के प्रीमियम उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला एक ही मंच पर प्रस्तुत की जा रही है। यह प्रदर्शनी पारंपरिक शिल्पकला, सतत विकास और उद्यमिता की भावना को प्रदर्शित करती है तथा आगंतुकों को एक ही छत के नीचे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव प्रदान करती है।

85 से अधिक प्रचार-सह-विक्रय स्टॉलों के साथ यह प्रदर्शनी दशहरा ग्राउंड (शालीमार ग्राउंड), सेक्टर-5, पंचकूला में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों का एक जीवंत और प्रामाणिक बाज़ार उपलब्ध कराती है। यह प्रदर्शनी 30 जनवरी 2026 से 8 फरवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है तथा जन-प्रतिक्रिया के आधार पर इसे अतिरिक्त दो दिनों के लिए बढ़ाए जाने की संभावना है।

प्रदर्शनी में खादी और पीएमईजीपी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई है, जो पारंपरिक शिल्पकला की समृद्धता को आधुनिक उपयोगिता के साथ प्रस्तुत करती है। प्रदर्शित प्रमुख उत्पाद श्रेणियाँ निम्नलिखित हैं:

• वस्त्र एवं परिधान: हस्तकरघा सूती, रेशमी एवं पॉलीवस्त्र कपड़े, पॉली-ऊन फैब्रिक, कुर्तियां, बेडशीट, तकिया कवर, परदे तथा अन्य परिधान।
• जैकेट एवं वेस्टकोट: प्रिंटेड खादी सूती जैकेट, कानपुरी प्रिंटेड कुर्ते, रिवर्सिबल जैकेट, पॉलीवस्त्र बंदी/हाफ जैकेट एवं संबंधित परिधान।
• हर्बल एवं आयुर्वेदिक व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद: आयुर्वेदिक औषधियाँ, हर्बल चाय, कंडीशनर, साबुन, मालिश तेल, फेस वॉश, लोशन, लिप बाम, सनस्क्रीन, हेयर ऑयल, अगरबत्ती, धूप एवं अन्य प्राकृतिक उत्पाद।
• होम फर्निशिंग एवं उपयोगी वस्तुएँ: तौलिए, कंबल, मेज़पोश, कुशन कवर एवं सजावटी वस्तुएँ।
• खाद्य उत्पाद: शहद, जैम, अचार एवं पीएमईजीपी इकाइयों द्वारा तैयार अन्य मूल्य-संवर्धित खाद्य उत्पाद।
• एक्सेसरीज़: ऊनी शॉल, गर्म स्टोल, दुपट्टे, पर्स तथा विभिन्न प्रकार के चमड़े के उत्पाद।

प्रदर्शनी अवधि के दौरान आगंतुकों के लाभ हेतु अगरबत्ती निर्माण मशीनों, पॉटरी निर्माण तथा देसी चरखा, बॉक्स चरखा और एनएमसी चरखा जैसी विभिन्न कताई तकनीकों के लाइव प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, एक विशेष खादी सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किया गया है, जहाँ खादी प्रेमी फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं। 100 या उससे अधिक लाइक्स प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक सरप्राइज उपहार प्रदान किए जाएंगे।

मित्रों एवं परिवारों को अपने बच्चों सहित प्रदर्शनी में पधारने के लिए सादर आमंत्रित किया जाता है, जहाँ वे शीतकालीन संध्याओं का आनंद लेते हुए फूड स्टॉल्स पर गर्म नाश्ते का स्वाद ले सकते हैं। बच्चे पॉटरी निर्माण एवं चरखा कताई गतिविधियों में भाग लेकर इस भ्रमण को शैक्षणिक एवं मनोरंजक बना सकते हैं। आगंतुकों से अनुरोध है कि वे अपने परिवार सहित शीघ्र प्रदर्शनी का भ्रमण करें, प्रतिदिन सायं 6:00 बजे से 8:00 बजे तक आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद ले सकते हैं। प्रामाणिक खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की खरीद करें तथा खादी एवं पी.एम.ई.जी.पी उद्यमियों को अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। इस प्रकार की सहभागिता से लघु, सूक्ष्म एवं ग्रामोद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय उद्यमिता सुदृढ़ होगी तथा आत्मनिर्भरता, सतत आजीविका और स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहित करते हुए मेक इन इंडिया के दृष्टिकोण को मजबूती मिलेगी।

विश्व आर्द्रभूमि दिवस के उपलक्ष्य में खालसा कॉलेज फॉर वुमेन स्टूडेंट्स की हरिके पट्टन आर्द्रभूमि और पक्षी अभयारण्य की शैक्षिक यात्रा

खालसा कॉलेज फॉर विमेन, सिविल लाइंस, लुधियाना के रसायन विज्ञान और भूगोल विभाग की छात्राओं ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस (हर वर्ष 2 फरवरी को मनाया जाता है) के अवसर पर हरिके पट्टन आर्द्रभूमि और पक्षी अभयारण्य का दौरा किया। यह दौरा सोसाइटी फॉर कंजर्वेशन एंड हीलिंग ऑफ एनवायरनमेंट (एसओसीएच) फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं में आर्द्रभूमि के पारिस्थितिक महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूकता पैदा करना था। दौरे के दौरान, छात्रों को अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा हरिके आर्द्रभूमि की समृद्ध जैव विविधता के बारे में जानकारी दी गई, जो उत्तर भारत की सबसे बड़ी आर्द्रभूमियों में से एक है और अंतरराष्ट्रीय महत्व का रामसर स्थल है। छात्रों ने जल संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण और प्रवासी एवं स्थानीय पक्षी प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण आवास के रूप में आर्द्रभूमि की भूमिका के बारे में जाना। प्रतिभागियों को पक्षी अभयारण्य का निर्देशित दौरा भी कराया गया, जहाँ उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को देखा और आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र, संरक्षण चुनौतियों और टिकाऊ पर्यावरणीय प्रथाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। संवादात्मक सत्रों ने छात्रों को आर्द्रभूमि और जैव विविधता पर जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के प्रभाव को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। इस शैक्षिक यात्रा का उद्देश्य युवा मन को पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने और प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करना था। इस प्रकार की पहल पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और विश्व आर्द्रभूमि दिवस के विषय को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जो भावी पीढ़ियों के लिए आर्द्रभूमि के संरक्षण और सतत उपयोग पर जोर देती है। प्रधानाचार्या डॉ. कमलजीत ग्रेवाल ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और छात्रों को ऐसी शैक्षिक यात्राओं में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

गुरदासपुर के मेरिटोरियस स्कूल में फूड पॉइज़निंग की आशंका: रात का खाना खाने के बाद 10 स्टूडेंट्स की तबीयत बिगड़ी

पंजाब डेस्क: गुरदासपुर के मेरिटोरियस स्कूल में रात का खाना खाने के बाद करीब दस बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन में हंगामा मच गया। प्रभावित स्टूडेंट्स को तुरंत इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल गुरदासपुर में भर्ती कराया गया है।

फूड पॉइज़निंग या आयरन की गोली? हॉस्पिटल में इलाज करा रहे बच्चों ने बताया कि रात करीब 8:30 बजे खाना खाने के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों के मुताबिक, यह फूड पॉइज़निंग का मामला हो सकता है। वहीं, स्कूल प्रिंसिपल राजीव महाजन ने कहा कि बच्चों को बिल्कुल साफ खाना दिया जाता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि बच्चों को पिछले दिन आयरन की गोलियां दी गई थीं, जिससे उन्हें गैस या दर्द की शिकायत हुई होगी।

पेरेंट्स का गुस्सा: घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के पेरेंट्स भी हॉस्पिटल पहुंच गए। पेरेंट्स ने आरोप लगाया कि उन्होंने स्कूल में खाने की खराब क्वालिटी की कई बार शिकायत की थी, लेकिन एडमिनिस्ट्रेशन ने कोई सुधार नहीं किया। बच्चों को दर्द हो रहा था, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर है।

गौरतलब है कि ये मेरिटोरियस स्कूल पंजाब में अकाली दल की सरकार के समय टैलेंटेड स्टूडेंट्स को अच्छी क्वालिटी की शिक्षा देने के लिए बनाए गए थे, जहाँ एडमिशन एक टेस्ट के ज़रिए होता है।

फिच का बयान: वित्त वर्ष 2026-27 का बजट वैश्विक आर्थिक स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दिखाता है

बजट फिच

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) भारत का बजट सरकारी कर्ज में क्रमिक कमी के जरिये व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसे वृद्धि संभावनाओं को मजबूत करने के लिए मजबूत पूंजीगत व्यय कार्यक्रम के साथ संतुलित किया गया है। फिच रेटिंग्स ने सोमवार को यह बात कही।

बजट में हालांकि किसी बड़े पैमाने के सुधार की विशेष घोषणा नहीं की गई लेकिन फिच का मानना है कि उसे आगे और सुधारों की उम्मीद है खासकर विनियमन में ढील देने के एजेंडे पर।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मजबूत जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि भारत के कई संप्रभु ऋण मानकों में सकारात्मक गति ला रही है और यदि यह बनी रहती है, तो शेष राजकोषीय चुनौतियों के बावजूद समय के साथ देश की ऋण खाके में सुधार हो सकता है।

फिच ने कहा कि हालिया सुधारों की गति को आगे बढ़ाने से निजी निवेश में तेजी आने में मदद मिलेगी और भारत की संभावित वृद्धि को अधिक मजबूती मिलेगी।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि राजकोषीय समेकन बहुत सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रखा गया है जो वित्त वर्ष 2025-26 के 4.4 प्रतिशत से थोड़ा कम है।

फिच ने कहा, ‘‘ समेकन की रफ्तार का धीमा होना हमारे इस आकलन के अनुरूप है कि जीडीपी वृद्धि से अधिक समझौता किए बिना घाटे में और कमी लाना कठिन होता जा रहा है।’’

सरकार ने अधिक कड़े समेकन की बजाय पूंजीगत व्यय को 2026-27 की जीडीपी के 3.1 प्रतिशत पर अपेक्षाकृत स्थिर रखने का विकल्प चुना है। यह कदम संभवतः निजी निवेश की सुस्त गति की भरपाई के प्रयास को दर्शाता है।

फिच रेटिंग्स के निदेशक जेरेमी जूक ने कहा, “भारत का बजट सरकारी कर्ज में क्रमिक कमी के रास्ते के जरिये व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसे वृद्धि संभावनाओं को बढ़ाने के लिए मजबूत पूंजीगत व्यय कार्यक्रम के साथ संतुलित किया गया है।”

फिच ने 2026-27 में आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

अंतरिक्ष से आ रहे रहस्यमय धीमे रेडियो संकेतों की गुत्थी जल्द सुलझ सकती है

अंतरिक्ष रेडियो संकेत

( सैनेड हॉर्वत एवं नताशा हर्ले वाकर – क्यूर्टिन यूनिवर्सिटी )

पर्थ, दो फरवरी (द कन्वरसेशन) अंतरिक्ष से हर कुछ मिनटों या घंटों में दोहराए जाने वाले रहस्यमय रेडियो संकेत ‘‘लॉन्ग-पीरियड ट्रांज़िएंट्स’’ की खोज 2022 में हुई थी लेकिन इनके बारे में तब अधिक जानकारी नहीं मिल पाई और खगोलविद इनका रहस्य सुलझाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे।

‘नेचर एस्ट्रोनॉमी’ में प्रकाशित एक नए अध्ययन में इन संकेतों की प्रकृति को लेकर अहम जानकारी सामने आई है।

रेडियो खगोलविद ‘पल्सर’ से भली-भांति परिचित हैं, जो तेजी से घूमने वाले न्यूट्रॉन तारे होते हैं। पृथ्वी से देखने पर ये इसलिए स्पंदित दिखाई देते हैं क्योंकि इनके ध्रुवों से निकलने वाली शक्तिशाली रेडियो किरणें लाइटहाउस की तरह अंतरिक्ष में घूमती हैं। अब तक ज्ञात सबसे धीमे पल्सर भी कुछ सेकंड में एक चक्कर पूरा कर लेते हैं।

हाल के वर्षों में ऐसे रेडियो संकेतों के स्रोत खोजे गए हैं, जिनकी अवधि 18 मिनट से लेकर छह घंटे से अधिक तक है। मौजूदा भौतिकी के अनुसार, न्यूट्रॉन तारे इतनी धीमी गति से घूमते हुए रेडियो तरंगें उत्पन्न नहीं कर सकते, जिससे वैज्ञानिकों के सामने नई पहेली खड़ी हो गई।

अध्ययन के अनुसार, अब तक का सबसे लंबे समय तक सक्रिय लॉन्ग-पीरियड ट्रांज़िएंट जीपीएम जे1839-10 है जो वास्तव में एक ‘व्हाइट ड्वार्फ’ तारा हो सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह तारा अपने एक सहचर तारे की मदद से शक्तिशाली रेडियो किरणें उत्पन्न कर रहा है, और संभव है कि अन्य ऐसे स्रोत भी इसी तरह के हों।

‘व्हाइट ड्वार्फ’ मृत तारों के अवशेष होते हैं, जो आकार में पृथ्वी जितने लेकिन द्रव्यमान में सूर्य के बराबर होते हैं। अकेले व्हाइट ड्वार्फ से अब तक रेडियो स्पंदन नहीं देखे गए हैं, लेकिन जब वे किसी एम-टाइप ड्वार्फ तारे के साथ द्वितारा प्रणाली में होते हैं, तो ऐसी गतिविधि संभव हो जाती है। वर्ष 2016 में पहले व्हाइट ड्वार्फ पल्सर की पुष्टि हो चुकी है।

अब तक खोजे गए दस से अधिक लॉन्ग-पीरियड ट्रांज़िएंट्स में से 2025 में पहली बार दो को निश्चित रूप से व्हाइट ड्वार्फ–एम-ड्वार्फ द्वितारा प्रणाली के रूप में पहचाना गया, जिसने वैज्ञानिकों को नए सवालों पर विचार करने के लिए मजबूर किया।

वर्ष 2023 में खोजे गये जीपीएम जे1839-10 की परिक्रमा अवधि 21 मिनट है और यह अन्य स्रोतों की तुलना में असाधारण रूप से लंबे समय से सक्रिय पाया गया। अभिलेखीय आंकड़ों में इसके संकेत 1988 तक दर्ज मिले। यह स्रोत पृथ्वी से लगभग 15,000 प्रकाश-वर्ष दूर है और केवल रेडियो तरंगों में ही दिखाई देता है।

तीन महाद्वीपों में स्थित रेडियो दूरबीनों—ऑस्ट्रेलिया की एएसके

टीवीके से बदला 2026 विधानसभा चुनाव का सियासी माहौल, विजय ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश

तमिलनाडु विजय

चेन्नई, दो फरवरी (भाषा) अभिनेता से नेता बने विजय ने सोमवार को दावा किया कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के कारण तमिलनाडु का राजनीतिक माहौल गरमा गया है और उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने और राजनीतिक पहचान बनाने का प्रयास करने का आग्रह किया।

विजय ने कहा कि जनता के भारी समर्थन से टीवीके के सदस्यों को ‘‘शासन की बागडोर संभालने के लोकतांत्रिक लक्ष्य को प्राप्त करने’’ के दृढ़ संकल्प और एकता के साथ चुनावी लड़ाई लड़नी चाहिए।

विजय ने दो फरवरी 2024 को टीवीके की शुरुआत की थी।