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बाऊपुर युवक मर्डर केस का खुलासा: 3 आरोपी गिरफ्तार, एक महिला भी नामजद

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर केस को कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कबीरपुर पुलिस ने बाऊपुर जदीद के 26 वर्षीय युवक राहुल सिंह की हत्या के मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि जांच के दौरान एक महिला को भी केस में नामजद किया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों, वाहन और अन्य अहम सबूत भी बरामद कर लिए हैं।

पुलिस को दी शिकायत में गांव बाऊपुर जदीद निवासी जसबीर सिंह ने बताया कि उनका बेटा राहुल सिंह, जो एयरटेल कंपनी में कार्यरत था, 5 जून को ड्यूटी पर गया था लेकिन रात तक घर वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद उसका मोबाइल फोन बंद मिला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कबीरपुर के चीफ ऑफिसर एसआई मलकीत सिंह की अगुवाई में विशेष जांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध कार राहुल सिंह का पीछा करती हुई दिखाई दी। जांच के दौरान राहुल की मोटरसाइकिल बाऊपुर पुल के नीचे लावारिस हालत में मिली, जबकि घटनास्थल से खून के निशान भी बरामद हुए।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश मुख्य कारण थी। मामले की आगे की जांच के दौरान आरोपी मलकीत सिंह की पत्नी काजल की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी केस में नामजद किया गया। उसके खिलाफ धारा 140(1) और 61(2) बीएनएस भी जोड़ी गई हैं।

पुलिस ने राहुल सिंह का शव भी बरामद कर लिया है और पोस्टमार्टम सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक कार, मृतक की मोटरसाइकिल, दो दरांतियां (एक बड़ी और एक छोटी), एक लोहे की रॉड तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल हत्या की गुत्थी सुलझी है बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद भी मजबूत हुई है।

युवती से लूट की वारदात CCTV में कैद, चाकू दिखा बदमाशों ने छीना बैग देर रात काम से घर लौट रही युवती को बाइक सवार लुटेरों ने बनाया निशाना

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में देर रात एक युवती के साथ लूट की वारदात सामने आई है। गुरु अर्जुन देव नगर की डाकखाना वाली गली नंबर 8 में दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने चाकू की नोक पर युवती से बैग लूट लिया। पूरी घटना इलाके में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।


जानकारी के मुताबिक 27 मई की देर रात युवती काम से घर लौट रही थी। इसी दौरान दो बाइक पर आए चार बदमाशों ने उसे घेर लिया। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि एक बदमाश ने चाकू दिखाकर युवती का बैग छीनने की कोशिश की। युवती ने बैग बचाने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने उसे धक्का देकर बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। जिस घर के CCTV कैमरे में यह वारदात कैद हुई, वहां रहने वाली महिला ने बताया कि उसने रात के समय युवती की चीखें सुनी थीं। बाद में उसके पति ने CCTV फुटेज चेक की तो पता चला कि बाइक सवार बदमाशों ने सुनसान गली में लूट की वारदात को अंजाम दिया।


इलाका वासियों का कहना है कि यहां पहले भी स्नैचिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में पुलिस गश्त ना के बराबर है, जिसके कारण नशेड़ी और बदमाश बेखौफ होकर घूम रहे हैं। उधर थाना डिवीजन नंबर 7 के एसएचओ गगनदीप ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लुधियाना से गुरमीत सिंह की रिपोर्ट

राजस्थान के सेवानिवृत्त एएसपी ने की आत्महत्या, जोधपुर में पुलिस जांच शुरू

जोधपुर / सत्ता संदेश

Rajasthan के जोधपुर शहर के लालसागर इलाके में एक सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को इस घटना की पुष्टि की और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान दशरथ सिंह चरण के रूप में हुई है, जो करीब दो साल पहले पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। जानकारी के अनुसार, उन्होंने हाल ही में लालसागर क्षेत्र में एक नया मकान बनवाया था और लगभग एक सप्ताह पहले ही अपनी पत्नी के साथ वहां रहने आए थे।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पारिवारिक स्थिति, मानसिक तनाव या किसी अन्य व्यक्तिगत कारण सहित सभी एंगल से जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दशरथ सिंह चरण एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और हाल ही में नए घर में शिफ्ट होने के बाद सामान्य जीवन जी रहे थे।

पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मानसिक दबाव, सामाजिक बदलाव और व्यक्तिगत चुनौतियों का सामना करते हैं, जिसके चलते ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और समय पर सहायता बेहद जरूरी हो जाती है।

‘मैं जिंदा हूं…’, युवती के सामने आते ही हत्या केस में बड़ा खुलासा; पिता और भाई की गिरफ्तारी पर उठे सवाल

बुरहानपुर/इंदौर / सत्ता संदेश

Madhya Pradesh और Maharashtra पुलिस की जांच को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस गुमशुदा युवती की हत्या का दावा करते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने उसके पिता और भाई को गिरफ्तार किया था, वही युवती अब जिंदा सामने आ गई है। इस खुलासे के बाद पुलिस जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि सीमावर्ती बुरहानपुर जिले की रहने वाली युवती अचानक सामने आई और उसने साफ कहा, “मैं जिंदा हूं।” युवती के सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है और महाराष्ट्र पुलिस की जांच पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, युवती के लापता होने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने उसकी हत्या की आशंका जताई थी। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि युवती की हत्या कर दी गई है और इसी आधार पर उसके पिता तथा भाई को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस का कहना था कि परिवार के लोगों ने हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की।

हालांकि अब युवती के जीवित मिलने से पूरे मामले की दिशा बदल गई है। अधिकारियों के अनुसार, युवती ने सामने आकर बताया कि वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। उसके बयान के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की दोबारा समीक्षा कर रही हैं।

इस घटना ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति के जीवित होने की पुष्टि किए बिना हत्या का निष्कर्ष निकालना और परिजनों को गिरफ्तार करना बेहद गंभीर मामला है। इससे न केवल निर्दोष लोगों की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, बल्कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।

मामले में अब यह भी जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों और किन सबूतों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि युवती के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और संबंधित एजेंसियों के साथ जानकारी साझा की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि यदि युवती सामने नहीं आती, तो उसके पिता और भाई को लंबे समय तक गलत आरोपों का सामना करना पड़ सकता था। वहीं परिवार के सदस्यों ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना पुलिस जांच में सतर्कता और तथ्यों की पुष्टि की आवश्यकता को उजागर करती है। बिना ठोस प्रमाणों के गंभीर धाराओं में कार्रवाई कई बार निर्दोष लोगों के जीवन पर गहरा असर डाल सकती है।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवती इतने दिनों तक कहां रही और जांच में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

केरल में ईडी अधिकारियों के वाहन पर हमला, मुख्यमंत्री विजयन के आवास के बाहर बढ़ा राजनीतिक तनाव

तिरुवनंतपुरम / सत्ता संदेश

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आधिकारिक आवास के बाहर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के वाहन पर कथित हमला किए जाने की घटना सामने आई। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, ईडी अधिकारियों का वाहन मुख्यमंत्री आवास के आसपास मौजूद था, तभी कुछ लोगों ने वाहन को घेर लिया और कथित तौर पर उस पर हमला कर दिया। घटना के दौरान वाहन को नुकसान पहुंचने की भी खबर है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक नुकसान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा बलों ने इलाके में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, घटना ऐसे समय हुई है जब राज्य में विभिन्न राजनीतिक और वित्तीय मामलों को लेकर ईडी की कार्रवाई चर्चा में बनी हुई है। इससे पहले भी विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।

घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं और ईडी अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं सत्तारूढ़ पक्ष के नेताओं ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमला अचानक हुई झड़प का परिणाम था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद केरल की राजनीति में केंद्र और राज्य सरकार के बीच एजेंसियों की भूमिका को लेकर बहस और तेज हो सकती है। खासकर ऐसे समय में जब विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई पहले से ही राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। वहीं सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

तेलंगाना में दिल दहला देने वाली घटना, पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद व्यक्ति ने की आत्महत्या

हैदराबाद / सत्ता संदेश

तेलंगाना में एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी उस समय मिली जब पड़ोसियों ने घर से काफी देर तक कोई हलचल न होने पर संदेह जताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के भीतर चार लोगों के शव बरामद किए, जिनमें पति, पत्नी और दो बच्चे शामिल थे। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति ने पहले परिवार के सदस्यों की हत्या की और बाद में खुद अपनी जान दे दी।

अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे मामला पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या आर्थिक परेशानियों से जुड़ा हो सकता है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जा रही है।

घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार सामान्य रूप से रह रहा था और किसी बड़े विवाद की जानकारी आसपास के लोगों को नहीं थी। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार पिछले कई वर्षों से इलाके में रह रहा था और बच्चों की पढ़ाई भी स्थानीय स्कूल में चल रही थी।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।

पुलिस मोबाइल फोन रिकॉर्ड, परिवार के परिचितों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। यदि कोई सुसाइड नोट मिलता है, तो उससे घटना के पीछे की वजहों को समझने में मदद मिल सकती है।

इस घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव, पारिवारिक दबाव और सामाजिक चुनौतियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मानसिक तनाव या पारिवारिक संकट की स्थिति में समय रहते परामर्श और सहयोग मिलना बेहद जरूरी होता है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा किया जाएगा।

सुल्तानपुर लोधी में संदिग्ध हालात में युवक की मौत, वेई नदी से मिला शव

सुल्तानपुर लोधी / सत्ता संदेश

परिवार ने खेत मालिकों पर लगाए प्रताड़ना के आरोप, पुलिस जांच में जुटी

सुल्तानपुर लोधी के नजदीकी गांव आहली कलां से संबंधित एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान लवप्रीत सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो खेत मजदूर के तौर पर काम करता था। युवक का शव वेई नदी से मिलने के कारण मामला और भी गंभीर हो गया है।

परिवार के सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लवप्रीत सिंह जिस स्थान पर काम करता था, वहां उसके साथ अक्सर मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का कहना है कि इन परेशानियों के कारण वह लंबे समय से दबाव में था और मानसिक तनाव का सामना कर रहा था।

परिवार ने आरोप लगाया कि लवप्रीत कई बार अपने साथ हो रहे व्यवहार के बारे में घर में बता चुका था, लेकिन गरीबी और मजबूरी के कारण वह काम छोड़ नहीं सका। अब उसका शव वेई नदी से मिलने के बाद परिवार ने मामले की गहराई से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में भी शोक की लहर फैल गई है। लोगों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की जा रही है।

माछीवाड़ा में ‘काला कच्छा’ गिरोह का आतंक श्मशान घाट और शिव मंदिर को बनाया निशाना

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

माछीवाड़ा इलाके में एक बार फिर ‘काला कच्छा’ गिरोह की दस्तक से लोगों में दहशत फैल गई है। इस बार चोरों ने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए माछीवाड़ा साहिब के श्मशान घाट और वहां स्थित शिव मंदिर को निशाना बनाया। चोर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए बनाई गई चिता के लोहे के गर्डर, शिवलिंग पर लगा पीतल का शेषनाग और चांदी की गड़वी तक चोरी कर ले गए। दुर्गा शक्ति मंदिर कमेटी के प्रधान नंद किशोर ने बताया कि श्मशान घाट की देखरेख कमेटी द्वारा की जाती है। देर रात चार अज्ञात व्यक्ति खेतों की तरफ से दीवार फांदकर श्मशान घाट में दाखिल हुए। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि सभी आरोपियों ने काले कच्छे पहने हुए थे, शरीर पर कपड़े नहीं थे और उन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे। चोरों ने सबसे पहले अंतिम संस्कार के लिए बनाई गई चिता से करीब डेढ़ क्विंटल वजन वाले देग के गर्डर उखाड़ लिए। इन गर्डरों की कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई जा रही है। इन्हीं गर्डरों पर शव रखकर अंतिम संस्कार किया जाता था। आरोपियों ने खेतों में पहले से वाहन खड़ा किया हुआ था, जिसमें वे चोरी का भारी सामान लादकर फरार हो गए।
इसके अलावा चोरों ने श्मशान घाट परिसर में स्थित भगवान शिव के मंदिर को भी नहीं बख्शा। शिवलिंग पर लगा पीतल का शेषनाग और श्रद्धालुओं द्वारा जल चढ़ाने के लिए रखी गई चांदी की गड़वी भी चोरी कर ली गई। इतना ही नहीं, शव ले जाने वाली वैन का शीशा तोड़कर उसकी बैटरी चोरी करने की भी कोशिश की गई, हालांकि उसमें चोर सफल नहीं हो सके। कमेटी प्रधान नंद किशोर ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। माछीवाड़ा पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माछीवाड़ा साहिब से जसवीर सिंह अलबेला की रिपोर्ट

सोनीपत में लोहे की रॉड से तिहरा हत्याकांड, दंपति समेत तीन लोगों की हत्या

सोनीपत / सत्ता संदेश

हरियाणा के कुंडली क्षेत्र में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला कर दंपति और एक अन्य महिला की हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान ब्रह्मप्रकाश के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने रविवार देर रात तीनों पीड़ितों पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में यह हमला बेहद क्रूर और सुनियोजित बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक मृतकों में एक पति-पत्नी और एक अन्य महिला शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती स्तर पर आपसी विवाद या व्यक्तिगत रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ठोस वजह की पुष्टि नहीं हुई है।

मामले के बाद क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने घटना पर चिंता जताते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।

अमृतसर के अनगढ़ इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके के मामले में नई अपडेट

घर में धमाके के बाद एक महिला की मौत, एक गंभीर रूप से झुलसी

घर के अंदर बनाए जा रहे थे गैरकानूनी पटाखे, पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने वीडियो जारी कर किया बड़ा खुलासा

अमृतसर के अनगढ़ धमाका मामले में पुलिस का एक्शन, कहा — अवैध पटाखे बनाने वालों को नहीं किया जाएगा बख्शा

अमृतसर के अनगढ़ इलाके में एक घर के अंदर हुए भीषण धमाके और आग लगने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हादसे में दो महिलाएं बुरी तरह झुलस गई थीं, जिनमें से एक महिला की मौत हो गई है, जबकि दूसरी का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सुबह करीब 11:45 बजे पुलिस को अनगढ़ इलाके में स्थित अशोक कुमार के घर में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, एसएचओ मनजीत सिंह, एसीपी सुरिंदर और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि घर के अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाने और स्टोर करने का काम किया जा रहा था। इन गैरकानूनी फायरक्रैकर्स के कारण अचानक आग भड़क गई और जोरदार धमाका हुआ। हादसे में सुमनप्रीत नामक महिला की मौत हो गई, जबकि गुरप्रीत कौर गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।

भुल्लर ने कहा कि पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनगढ़ इलाके में गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने या स्टोर करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोग इस घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन असली कारण अवैध पटाखों के कारण लगी आग ही थी। उन्होंने कहा कि पटाखों के धमाकों की वजह से तेज आवाज आई थी और इसी कारण यह हादसा हुआ।

गौरतलब है कि सुबह हादसे के बाद पुलिस ने पहले घर के अंदर पटाखे होने की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन अब पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुद वीडियो जारी कर साफ कर दिया है कि घर के अंदर गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाए और रखे जा रहे थे, जिसके कारण यह भीषण आग और धमाका हुआ।

बाइट: गुरप्रीत सिंह भुल्लर, पुलिस कमिश्नर, अमृतसर