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भाजपा में शामिल हुए सांसदों के खिलाफ कड़ा विरोध, ‘पंजाब के गद्दार’ करार

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

आप कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के आवासों की दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखा; पुतले जलाए

पवन टिनू: 2027 में आप की वापसी तय, भाजपा हताशा भरे हथकंडे अपना रही है

अरविंद केजरीवाल की कर्म-राजनीति से भाजपा घबराई हुई है और साजिशों का सहारा ले रही है: परमिंदर गोल्डी

पंजाबी इन ‘गद्दार’ सांसदों को मुंहतोड़ जवाब देंगे: आप नेताओं

चंडीगढ़, 25 अप्रैल

आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं और आम जनता में राज्यसभा सांसदों हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के खिलाफ कड़ा आक्रोश फैल गया है, जिन्होंने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए हैं। गुस्से का स्पष्ट प्रदर्शन करते हुए, उनके घरों और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) की दीवारों पर उन्हें “गद्दार” बताते हुए नारे लिखे गए। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें “पंजाब के गद्दार” कहकर भी नारे लगाए, जो व्यापक जन आक्रोश को दर्शाता है।

पंजाब के लोगों ने राज्य के जनादेश के साथ विश्वासघात बताते हुए गहरी निराशा व्यक्त की है। कई लोगों ने विरोध के प्रतीक के रूप में अपने बच्चों का एलपीयू में दाखिला न कराने की भी बात कही है।

जालंधर में, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन कुमार टिनू ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार 2027 में पंजाब में फिर से सत्ता में आएगी, जिससे भाजपा के पास कोई राजनीतिक आधार नहीं बचेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हताशा में आकर भाजपा आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों को “हर तरह से” अपने पाले में कर रही है। टिनू ने आगे दावा किया कि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ एक अपवित्र गठबंधन बनाया है, यही कारण है कि उनके नेता आम आदमी पार्टी के विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बारे में एक जैसे बयान दे रहे हैं।

इसी बीच, आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब युवा विंग के कार्यवाहक अध्यक्ष परमिंदर गोल्डी ने राजिंदर गुप्ता के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने “पंजाब दे गद्दार मुर्दाबाद” के नारे लगाए। गोल्डी ने कहा कि पंजाब की जनता विश्वासघात को कभी माफ नहीं करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल की विकास और सुशासन की राजनीति से भाजपा बेहद परेशान है और साजिशों के जरिए आम आदमी पार्टी को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि ये प्रयास विफल होंगे, क्योंकि आम आदमी पार्टी का हर कार्यकर्ता पार्टी नेतृत्व और उसके विजन के साथ मजबूती से खड़ा है।

आप नेताओं ने दोहराया कि पार्टी एकजुट है और पंजाब की जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है, और चेतावनी दी कि जो भी पंजाब के विश्वासघात करेगा, उसे पंजाब की जनता जवाबदेह ठहराएगी।

केरल में एलडीएफ-राजग की ‘मिलीभगत’, सरकार को फायदा पहुंचा रही भाजपा: सचिन पायलट

तिरुवनंतपुरम, 24 मार्च (भाषा) केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य में पिनराई विजयन नीत सरकार बरकरार रखने में ‘‘मदद’’ कर रहा है और ‘‘तथ्य’’ बताते हैं कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की राजग के साथ ‘‘मिलीभगत’’ है।

केरल चुनावों के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक पायलट ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री विजयन पर निजी लाभ के लिए, विशेषकर भ्रष्टाचार मामलों की जांच से बचने के उद्देश्य से भाजपा के साथ परोक्ष रूप से काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रयास सफल नहीं होंगे क्योंकि ‘‘जनता उनके छल और झूठ को समझ चुकी है।’’

विजयन ने हाल में ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा था कि कांग्रेस राज्य में भाजपा की ‘‘बी-टीम’’ की तरह काम कर रही है।

इसपर पलटवार करते हुए पायलट ने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री ऐसे आरोप कैसे लगा रहे हैं, जबकि तथ्य बताते हैं कि माकपा और एलडीएफ ही भाजपा और राजग के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। आज भी केरल चुनाव में राजग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलडीएफ की सत्ता बरकरार रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का इसमें ज्यादा कुछ दांव पर नहीं है। कुछ क्षेत्रों में उसे वोट मिलने की उम्मीद हैं, जिन्हें वह वामपंथी उम्मीदवारों की ओर मोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि वे तीसरी बार सत्ता में आ सकें, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है।’’

अपने साक्षात्कार में विजयन ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘‘भाजपा की बी-टीम’’ बताया था। इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों ने केरल के मुख्यमंत्री को छोड़कर देश के अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया है या पूछताछ के लिए तलब किया है।

वाम सरकार पर हमला तेज करते हुए पायलट ने कहा कि राज्य की वामपंथी सरकार और केंद्र की भाजपा नीत सरकार पिछले 10 वर्षों से साथ मिलकर काम कर रही हैं।

पायलट ने कहा कि उन्होंने माकपा नीत गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री या भाजपा के खिलाफ कोई बड़ा प्रदर्शन, आंदोलन या विरोध नहीं देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘वायनाड त्रासदी हुई। उन्होंने करोड़ों रुपये की मांग की, लेकिन हमें केवल कर्ज मिला। क्या वाम दल प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठे? प्रियंका गांधी और यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) के सभी सांसदों ने भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।’’

कुछ सांसदों द्वारा विधानसभा टिकट की इच्छा जताए जाने की खबरों पर पायलट ने कहा कि कुछ नेताओं की इच्छा हो सकती है, लेकिन पार्टी ने सिद्धांत तय किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘परंपरा और सिद्धांत के तौर पर पार्टी ने फैसला किया है कि कोई भी मौजूदा सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा।’’

कन्नूर से टिकट मांगने वाले वरिष्ठ लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन की सराहना करते हुए पायलट ने उन्हें अनुशासित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के निर्णय का सम्मान किया।

यूडीएफ की संभावनाओं पर उन्होंने सटीक आंकड़ा बताने से इनकार किया, लेकिन ‘‘बहुमत’’ मिलने का विश्वास जताया।

राहुल गांधी की पांच गारंटी और घोषणापत्र जारी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं, इसलिए प्रक्रिया में समय लग रहा है।

उन्होंने कहा कि गारंटी तत्काल प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं, जबकि घोषणापत्र व्यापक दृष्टि प्रस्तुत करेगा।

केरल विधानसभा की 140 सीट के लिए मतदान नौ अप्रैल को चुनाव होंगे

“पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे अमित शाह, संगठनात्मक बैठक भी करेंगे”

कोलकाता, 31 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तैयारियों को तेज करते हुए राज्य के दक्षिणी हिस्से में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे और उत्तरी हिस्से में संगठनात्मक बैठक करेंगे।

शाह शुक्रवार रात कोलकाता पहुंचे थे।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘शाह सबसे पहले शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे बैरकपुर में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे और इसके बाद अपराह्न करीब दो बजे बागडोगरा रवाना होंगे जहां उत्तर बंगाल के पार्टी नेताओं के साथ उनकी एक संगठनात्मक बैठक होनी है।’’

यह एक महीने के भीतर शाह का राज्य का दूसरा दौरा है। वह इससे पहले पिछले साल 30 और 31 दिसंबर को संगठनात्मक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए कोलकाता आए थे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव कुछ महीनों में होने हैं।