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अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षक दिवस पर भारत ने दोहराई संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता

संयुक्त राष्ट्र / सत्ता संदेश

भारत ने अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षक दिवस के अवसर पर United Nations शांति अभियानों के प्रति अपनी ‘‘अटूट प्रतिबद्धता’’ दोहराते हुए उन वीर शांतिरक्षकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने विश्व के विभिन्न संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के प्रयासों के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भारतीय प्रतिनिधियों ने उन सैनिकों, पुलिसकर्मियों और नागरिक कर्मियों के योगदान को याद किया, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों के तहत सेवा देते हुए वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। कार्यक्रम के दौरान शहीद शांतिरक्षकों की स्मृति में श्रद्धांजलि दी गई और उनके बलिदान को मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया।

भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में उसकी भूमिका केवल एक सहभागी देश की नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और सहयोग के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत दशकों से संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में सबसे बड़े और सबसे विश्वसनीय योगदानकर्ताओं में से एक रहा है।

भारत का संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों में योगदान सात दशकों से अधिक पुराना है। इस दौरान हजारों भारतीय सैनिकों और अधिकारियों ने अफ्रीका, एशिया और अन्य क्षेत्रों में विभिन्न मिशनों में भाग लिया है। कई भारतीय शांतिरक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में सेवा देते हुए सर्वोच्च बलिदान भी दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन संघर्ष प्रभावित देशों में युद्धविराम बनाए रखने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, मानवीय सहायता पहुंचाने और राजनीतिक स्थिरता बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत की पेशेवर सैन्य क्षमता और निष्पक्ष दृष्टिकोण के कारण उसके शांतिरक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान प्राप्त है।

कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि आधुनिक शांति अभियानों की चुनौतियां पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल हो गई हैं। आतंकवाद, गृहयुद्ध, मानवीय संकट और राजनीतिक अस्थिरता जैसी परिस्थितियों में शांतिरक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

भारतीय प्रतिनिधियों ने कहा कि देश भविष्य में भी संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सक्रिय योगदान देता रहेगा और वैश्विक शांति, सुरक्षा तथा बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षक दिवस हर वर्ष उन लाखों पुरुषों और महिलाओं के सम्मान में मनाया जाता है जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मिशनों के तहत सेवा दी है। यह दिन उन शांतिरक्षकों की स्मृति को भी समर्पित है जिन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

भारत ने इस अवसर पर एक बार फिर यह संदेश दिया कि विश्व में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, संवाद और संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है, और इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बनी हुई है।