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मोदी कैबिनेट ने 1264 करोड़ की रेलवे परियोजना और 3030 करोड़ के केमिकल पार्क स्कीम को मंजूरी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कर्नाटक और आंध्र को जोड़ने वाली रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। बेल्लारी-गुंटकल रेलवे लाइन को मंजूरी दी गयी। नई लाइन के लिए 1264 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गयी। रेल मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए रेल परियोजनाओं अहम भूमिका निभाएगी।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट ने मुख्य केमिकल सेक्टर के लिए 3,030 करोड़ रुपये की नई स्कीम को मंजूरी दी। तीन डेडिकेटेड केमिकल्स पार्क बनाए जाएंगे। प्रत्येक पार्क को एक हजार करोड़ रुपए की मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।केमिकल पार्क सही तरीके से बने। एक-एक प्लांट 15000 करोड़ से 20000 करोड़ रुपए तक हो सकता है।

बल्लारी से गुंटकल तक रेलवे लाइन को मंजूरी

कैबिनेट कमेटी ने आज कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बल्लारी- गुंटकल सेक्शन की तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दे दी है, जिसकी कुल लागत लगभग 1,264 करोड़ रुपये है।

यह प्रोजेक्ट PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान पर आधारित है, जिसका फोकस इंटीग्रेटेड प्लानिंग और स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के ज़रिए मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक एफ़िशिएंसी को बढ़ाने पर है. यह प्रोजेक्ट लोगों, सामान और सर्विसेज़ के आने-जाने के लिए आसान कनेक्टिविटी देगा।

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों के 3 जिलों को कवर करने वाला यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 46 kms बढ़ा देगा। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट लगभग 99 गांवों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, जिनकी आबादी लगभग सात लाख है।

बैठक में तीन केमिकल पार्क बनाने की मिली मंजूरी

कैबिनेट ने देश में तीन खास केमिकल पार्क बनाने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन या BHAVYA – रसायन स्कीम को मंज़ूरी दे दी है। इस स्कीम की घोषणा वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में की गई थी।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस स्कीम का कुल फाइनेंशियल खर्च 3,030 करोड़ रुपए होगा, जिसमें से 3,000 करोड़ पार्क के अंदर कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी और बेसिक यूटिलिटी बनाने की लागत को पूरा करने के लिए और Rs. 30 करोड़ एडमिनिस्ट्रेटिव खर्च के तौर पर होंगे। यह स्कीम वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय 2030-31 तक 5 साल के समय के लिए चलेगी।

उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत, केंद्र हर पार्क के लिए रुपए 1,000 करोड़ तक का ग्रांट देगा। यह संबंधित राज्य सरकार द्वारा कम से कम 500 करोड़ रुपए के योगदान पर निर्भर करेगा।