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पंजाब में SIR : 20.66 लाख मतदाता होंगे सूची से बाहर, 1.19 लाख डबल वोटर्स; मरने के बाद भी सूची में नाम

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में आगामी चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का पहला चरण पूरा हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में 2.61 करोड़ इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए थे। इनमें से करीब 2.41 करोड़ फॉर्म यानी 90.37 प्रतिशत वापस प्राप्त हो चुके हैं। करीब 20.66 लाख फॉर्म वापस नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 4 लाख 12 हजार 715 मतदाताओं को ट्रेस नहीं किया जा सका जबकि 5.74 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। वहीं 1 लाख 19 हजार 145 मतदाता डबल पाए गए हैं। 9 लाख 44 हजार 131 लोग पंजाब से परमानेंट शिफ्ट हो गए  हैं।

मित्रा ने बताया कि करीब 12 लाख मतदाताओं की वोट मैप नहीं हो पाई है। हालांकि, इन मतदाताओं के नाम मौजूदा वोटर लिस्ट में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनमैप्ड वोटरों को घबराने की जरूरत नहीं है। वे उपलब्ध दस्तावेजों के साथ दावा पेश कर सकते हैं। जांच और सत्यापन के बाद उनके नाम वोटर लिस्ट में बरकरार रखे जाएंगे। मित्रा ने कहा कि 13 अगस्त से 12 सितंबर तक यदि किसी मतदाता को लगता है कि वे इस प्रक्रिया में छूट गया है तो वे फाॅर्म 6 भरकर अपनी वोट का दावा कर सकता है। नए युवा भी अपनी वोट बनवा सकते हैं।

13 अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एसआईआर के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 13 अगस्त को जारी की जाएगी। ड्राफ्ट सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद करीब एक महीने तक मतदाता अपने नाम को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) करेंगे।


उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के दस्तावेजों को लेकर कोई संदेह होगा, उन्हें ईआरओ की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। संबंधित मतदाता को अपने दस्तावेजों के साथ ईआरओ के समक्ष पेश होकर सत्यापन कराना होगा।

16 अगस्त को बूथ स्तर पर लगेंगे कैंप

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि जो मतदाता संबंधित कार्यालयों में पहुंचने में असमर्थ हैं, उनकी सुविधा के लिए 16 अगस्त को बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट के माध्यम से भी मतदाताओं को SIR और अनमैप्ड वोटरों के संबंध में जागरूक किया जाएगा। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम प्रक्रिया के दौरान न छूटे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 12 लाख अनमैप्ड मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद हैं, लेकिन उनका वोट निर्धारित मैपिंग से लिंक नहीं हो पाया है। ऐसे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल वोट मैप न होने के कारण उनके मतदान के अधिकार पर कोई खतरा नहीं है। मित्रा के अनुसार, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से कहीं और स्थानांतरित हो चुके हैं, उन्हें नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। वहीं जिन मतदाताओं के दस्तावेजों में किसी प्रकार का संदेह होगा, उनकी नियमानुसार जांच की जाएगी।

दस्तावेज नहीं होने पर भी सत्यापन का विकल्प

अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि किसी मतदाता के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तब भी उसका मामला खत्म नहीं होगा। ऐसे मामलों में ईआरओ की ओर से नोटिस देकर सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि सत्यापन के दौरान मतदाता सही पाया जाता है तो दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बावजूद उसका नाम वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। नए मतदाता भी अब फॉर्म नंबर छह भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आंकड़ों पर एक नज
कुल वितरित इन्यूमरेशन फॉर्म : 2.61 करोड़
 वापस प्राप्त फॉर्म : करीब 2.41 करोड़ (90.37%)
 वापस नहीं आए फॉर्म : करीब 20 लाख
 ट्रेस नहीं हुए मतदाता : 4,12,715
 मृत पाए गए मतदाता : 5.74 लाख
  डबल मतदाता : 1,19,145
  अनमैप्ड मतदाता : करीब 12 लाख
   ड्राफ्ट वोटर लिस्ट : 13 अगस्त
   बूथ स्तर पर विशेष कैंप : 16 अगस्त
   फाइनल वोटर सूची  : 12 अक्तूबर को
   परमानेंट शिफ्ट हुए : 9 लाख 44 हजार 131 लोग

लुधियाना जिले के सभी पोलिंग स्टेशनों पर SIR-2026 के तहत स्पेशल कैंप लगाए गए

लुधियाना / सत्ता संदेश

12 जुलाई को भी स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे, DC हिमांशु जैन ने योग्य वोटरों से हिस्सा लेने की अपील की

SIR-2026: लुधियाना जिले में वोटर लिस्ट में बदलाव का अभियान तेज़ हुआ

इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया और चीफ़ इलेक्टोरल ऑफ़िसर पंजाब की गाइडलाइंस के मुताबिक, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 के तहत शनिवार को लुधियाना जिले के सभी पोलिंग स्टेशनों पर स्पेशल कैंप सफलतापूर्वक लगाए गए। इन कैंपों के दौरान, बूथ लेवल ऑफ़िसरों (BLOs) ने वोटर गिनती फ़ॉर्म लेने, उनकी जाँच करने और डिजिटाइज़ेशन का काम आसानी से किया, जिससे वोटर लिस्ट को और ज़्यादा सही, ट्रांसपेरेंट और अपडेटेड बनाने का काम तेज़ हो गया।

ज़िला इलेक्शन ऑफ़िसर-कम-डिप्टी कमिश्नर श्री हिमांशु जैन ने कहा कि स्पेशल कैंपों का मुख्य मकसद हर योग्य वोटर का गिनती फ़ॉर्म समय पर दिलवाकर वोटर लिस्ट को सही और बिना गलती के बनाना है। उन्होंने कहा कि जिन पोलिंग बूथों पर गिनती के फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो गया है, वहां रिकॉर्ड में गलतियों को दूर करने का काम किया जा रहा है, जबकि दूसरे बूथों पर फॉर्म मिलने और डिजिटाइजेशन का प्रोसेस साथ-साथ चल रहा है।

उन्होंने कहा कि स्पेशल कैंप के सफल ऑपरेशन के लिए अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी लगाया गया है, ताकि पूरा प्रोसेस तय समय में अच्छे से योग्य वोटर को इस प्रोसेस से वंचित नहीं रहने देना है।

श्री हिमांशु जैन ने जिले के सभी योग्य वोटरों से अपील की है, जिन्होंने अभी तक अपने गिनती के फॉर्म जमा नहीं किए हैं, वे 12 जुलाई (रविवार) को अपने नजदीकी पोलिंग स्टेशन पर लगने वाले स्पेशल कैंप में पहुंचकर अपने फॉर्म जमा करें। उन्होंने सभी पॉलिटिकल पार्टियों, सोशल ऑर्गनाइजेशन, पंचायत प्रतिनिधियों और आम जनता से भी अपील की कि वे इस कैंपेन में बढ़-चढ़कर सहयोग करें और ज़्यादा से ज़्यादा अवेयरनेस फैलाएं, ताकि वोटर लिस्ट में बदलाव का प्रोसेस सफल हो सके।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से SIR के प्रति जागरुकता के लिए शिविर का आयोजन किया गया

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

निर्वाचन विभाग, यूटी चंडीगढ़ ने भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो के सहयोग से आज सुखना लेक पर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने मतदाता सूची को अद्यतन रखने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मतदाताओं से 14 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि से पहले अपने गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा करने की अपील की। इस पहल को सुखना लेक पर आए नागरिकों ने सराहा।

एसआईआर अभियान के अंतर्गत 11 एवं 12 जुलाई 2026 को यूटी चंडीगढ़ के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक मतदाताओं की सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।

सभी मतदाताओं से अनुरोध है कि वे अपने संबंधित मतदान केंद्र पर जाकर उपलब्ध सहायता का लाभ उठाएं तथा 14 जुलाई 2026 तक अपना गणना प्रपत्र अवश्य जमा करें।

अधिक जानकारी के लिए मतदाता वोटर हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा ईसीआईनेट (ECINet) ऐप एवं पोर्टल पर उपलब्ध ‘Book a Call with BLO’ सुविधा का उपयोग कर अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।

उत्तराखंड में 8.39 लाख वोट काटने की तैयारी, Pre SIR में पहले ही कट चुके 4.53 वोट

देहरादून / सत्ता संदेश

चुनाव आयोग की प्री एसआईआर में मृत, शिफ्ट या अनुपस्थित होने के चलते 4.53 लाख मतदाताओं के वोट कटने के बाद अब एसआईआर में 8.39 लाख वोट और काटने की तैयारी है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये भी ऐसे लोगों के वोट हैं, जो या तो मर चुके हैं या फिर कहीं शिफ्ट हो चुके हैं। ऐसे भी हैं जो कि दोहरे मतदाता थे या पते पर मौजूद नहीं मिले। 14 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची से इनको अलग कर दिया जाएगा।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि राज्य में एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर आठ जून से सात जुलाई तक प्रदेश में गणनापत्रों के वितरण और डिजिटाइज का कार्य पूरा होना है। 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं के सापेक्ष 70 लाख 98 हजार 501 मतदाताओं के फार्म डिजिटाइज कर दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 8 लाख 39 हजार 486 मतदाता अनकलेक्टेड श्रेणी में शामिल हैं। जिसके तहत 1 लाख 23 हजार 836 मृत, 4 लाख 77 हजार 148 स्थायी रूप से शिफ्ट, 61,764 पहले से पंजीकृत, 1 लाख 68 हजार 259 अनुपस्थित और 8479 मतदाता अन्य कारणों से शामिल हैं।

14 जुलाई को वोटर लिस्ट से अलग कर दिए जाएंगे

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। जो भी मतदाता अनकलेक्टेड श्रेणी के हैं, वे इस मतदाता सूची से अलग कर दिए जाएंगे। उनकी अलग से सूची राजनैतिक दलों व अन्य जगहों पर उपलब्ध कराई जाएगी। 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक नोटिस की अवधि एवं दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा। उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स नियुक्त करने की अपील की। 11,733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष 23,102 बीएलए तैनात हैं।

4.53 लाख मतदाता प्री एसआईआर में कटे

उत्तराखंड में पिछले साल छह जनवरी को जारी मतदाता सूची में 84,29,459 मतदाता थे। इस साल जनवरी में नई सूची जारी नहीं हुई। इसके बजाए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक) सूची पर काम किया। नतीजतन प्री एसआईआर के बाद जो डाटा सामने आया, उसमें प्रदेश में 4,53,459 मतदाता हटा दिए गए थे। कुल संख्या करीब 79 लाख की बची थी। अब इसमें से करीब आठ लाख मतदाता और कटने के बाद संख्या 70 लाख तक बचेगी।

बूथ लेवल पर BLA नियुक्त करने और SIR मैपिंग ड्राइव में राजनीतिक पार्टियों से मदद करने की अपील की
  • ADC ने राजनीतिक पार्टियों से बूथ लेवल पर BLA नियुक्त करने और SIR मैपिंग ड्राइव में मदद करने की अपील की
  • 7 फरवरी को हुए स्पेशल कैंप ड्राइव के दौरान 18,718 वोटरों की मैपिंग की गई

लुधियाना / सत्ता संदेश

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (G) पूनम सिंह ने सोमवार को मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनसे सभी पोलिंग बूथों पर बूथ लेवल एजेंट (BLAs) नियुक्त करने और वोटर मैपिंग कवरेज को बेहतर बनाने की कोशिशों में मदद करने की अपील की।

सिंह ने प्रतिनिधियों को बताया कि बिना मैप वाले वोटरों की लिस्ट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO), पंजाब के ऑफिस ने पहले ही राजनीतिक पार्टियों के साथ शेयर कर दी है, जबकि बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) के पास भी यही लिस्ट है। उन्होंने कहा कि BLAs, बिना मैप वाले वोटरों की लिस्ट को वेरिफाई करने के लिए BLOs के साथ कोऑर्डिनेट कर सकते हैं और उनकी मैपिंग पक्का करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि 7 फरवरी को चलाए गए स्पेशल कैंप ड्राइव के दौरान करीब 18,718 वोटर्स की मैपिंग की गई। लुधियाना में, 2,684,361 वोटर्स में से 2,048,484 की मैपिंग पहले ही हो चुकी है।”

सिंह ने सभी पॉलिटिकल पार्टियों से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक्सरसाइज को सफलतापूर्वक पूरा करने में एक्टिव रूप से हिस्सा लेने की भी अपील की। ​​उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) ने पंजाब में SIR के लिए रिवाइज्ड शेड्यूल की घोषणा की है। घर-घर जाकर गिनती अब 25 जून से शुरू होगी, जबकि ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 3 अगस्त को पब्लिश किए जाएंगे।

क्लेम और ऑब्जेक्शन फाइल करने का समय 3 अगस्त से बदलकर 2 सितंबर कर दिया गया है, जबकि नोटिस फेज और क्लेम और ऑब्जेक्शन का निपटारा 3 अगस्त से 28 सितंबर, 2026 तक किया जाएगा।

सिंह ने आगे कहा, “घर-घर जाकर गिनती का फेज शुरू होने से पहले ज़्यादा से ज़्यादा वोटर्स तक पहुंचने और प्री-मैपिंग एक्सरसाइज को पूरा करने की पूरी कोशिश की जा रही है।”

मतदाता सूची संशोधन अभियान के दौरान मतदाताओं की सहायता के लिए ‘SIR हेल्प डेस्क’ स्थापित

लुधियाना / सत्ता संदेश

विशेष गहन संशोधन (SIR)-2026 प्रक्रिया के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, जिला प्रशासन ने जिला प्रशासनिक परिसर के कमरा नंबर 12 में एक समर्पित SIR हेल्प डेस्क स्थापित किया है, ताकि मतदाता सूची संशोधन और मतदाता सत्यापन से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया जा सके।

इस पहल का उद्देश्य मतदाताओं को चल रहे SIR अभियान के दौरान जानकारी और सहायता तक आसान पहुँच प्रदान करना है।

अधिकारियों ने बताया कि यह हेल्प डेस्क मतदाताओं की उन चिंताओं को दूर करने के लिए स्थापित किया गया है जो चुनावी पंजीकरण अधिकारियों (EROs), सहायक चुनावी पंजीकरण अधिकारियों (AEROs), और बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLOs) से संबंधित हैं; इसके अलावा, यह नागरिकों को दस्तावेज़ीकरण, मतदाता मैपिंग, सुधार और SIR प्रक्रिया से संबंधित अन्य मुद्दों में भी सहायता प्रदान करेगा।

प्रशासन ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे हेल्प डेस्क और BLOs के माध्यम से प्रदान की जा रही सहायता सेवाओं का अधिकतम उपयोग करें, विशेष रूप से तब जब जिला 15 जून से औपचारिक रूप से SIR अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

जिला प्रशासन ने पूरे लुधियाना जिले में आयोजित प्री-SIR अभियान के तहत पहले ही 74.46 प्रतिशत से अधिक मतदाता मैपिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

मतदाताओं की भागीदारी को और अधिक सुगम बनाने के लिए, 7 जून को पूरे जिले में मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, जहाँ बूथ स्तरीय अधिकारी मतदाताओं को सत्यापन, सुधार और शिकायत निवारण में सहायता प्रदान करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूचियों का मसौदा प्रकाशन 3 अगस्त, 2026 को होगा। दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 3 अगस्त से 2 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी, जबकि दावों और आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया 28 सितंबर, 2026 तक जारी रहेगी।

जिला प्रशासन ने एक पारदर्शी, समावेशी और नागरिक-अनुकूल चुनावी संशोधन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और मतदाताओं से आग्रह किया कि वे त्रुटि-मुक्त मतदाता सूचियाँ सुनिश्चित करने के लिए इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें।

7 जून को लुधियाना भर के पोलिंग बूथों पर BLOs लगाएंगे विशेष कैंप

लुधियाना / सत्ता संदेश

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने शनिवार को घोषणा की कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) वोटर मैपिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 7 जून को पूरे जिले के सभी पोलिंग बूथों पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) अपने-अपने बूथों पर मौजूद रहेंगे ताकि नागरिकों को उनके वोटर ID विवरण को सत्यापित करने और संबंधित मुद्दों को हल करने में सहायता मिल सके।

एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिला प्रशासन ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा शुरू किए गए प्री-SIR अभ्यास के तहत 74.46 प्रतिशत वोटर मैपिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने बताया कि चल रहे इस अभ्यास में वर्तमान मतदाता सूची में सूचीबद्ध मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के साथ किया जा रहा है।

जैन ने कहा कि लुधियाना जिले में वर्तमान में 26,90,839 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 20,03,539 मतदाताओं की मैपिंग BLOs द्वारा सफलतापूर्वक की जा चुकी है।

सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) को शेष प्री-SIR वोटर मैपिंग कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश देते हुए, जैन ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे BLOs को पूरा सहयोग दें, जो इस अभ्यास के तहत घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं, और चुनावी रिकॉर्ड के सटीक सत्यापन और मैपिंग को आसान बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं।

डिप्टी कमिश्नर ने आगे बताया कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग के ECINET पोर्टल या पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ऑनलाइन खोज सुविधा के माध्यम से 2003 की मतदाता सूची में अपना विवरण खोज सकते हैं। मतदाता सत्यापन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी जानकारी, सुझाव या शिकायत के लिए, नागरिक टोल-फ्री नंबर 1950 पर डायल करके वोटर हेल्पलाइन से भी संपर्क कर सकते हैं।

बैठक में उपस्थित लोगों में GLADA के मुख्य प्रशासक ओजस्वी अलंकार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह, अमित बांबी और डॉ. नरिंदर सिंह धालीवाल, SDM जसलीन कौर भुल्लर, उपिंदरजीत कौर बराड़, प्रीत इंदर बैंस और खुशप्रीत सिंह, एस्टेट अधिकारी अमन गुप्ता, संयुक्त कमिश्नर विनीत कुमार और तपन भनोट, तथा विभिन्न विभागों के प्रमुख शामिल थे।

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (SIR), अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

नेशनल डेस्क: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने इन राज्यों को इस प्रक्रिया के लिए तैयार रहने और संबंधित तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

अप्रैल 2026 से शुरू होगा काम: निर्वाचन आयोग के अनुसार, शेष बचे हुए राज्यों में यह विशेष गहन संशोधन अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा और नए मतदाताओं को पंजीकृत किया जाएगा। आयोग ने इसके लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन, दावे और आपत्तियां प्राप्त करना और अंत में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन शामिल है।

इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा SIR : आगामी अप्रैल महीने में जिन प्रमुख क्षेत्रों में यह प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, उनमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, और उत्तराखंड शामिल हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में भी यह पुनरीक्षण किया जाएगा।

क्या है SIR का उद्देश्य? SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों ताकि वे अपने वोट के अधिकार का उपयोग कर सकें। इस चरण के पूरा होने के बाद भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश SIR के दायरे में आ जाएंगे। गौरतलब है कि बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में यह वर्तमान में जारी है।