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करनाल में NH-44 पर NHAI का बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान, सड़क किनारे अवैध कब्जों पर कार्रवाई

करनाल / सत्ता संदेश

सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने करनाल में NH-44 के किनारे व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। यह कार्रवाई NHAI के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के अधीन परियोजना क्रियान्वयन इकाई (PIU) अंबाला की ओर से की गई।

यह अभियान पानीपत-खन्ना कॉरिडोर के उस हिस्से में चलाया गया, जिसका रखरखाव ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे (ROW) क्षेत्र में मौजूद अनधिकृत संरचनाओं, सड़क किनारे बनाए गए अवरोधों और अन्य अतिक्रमणों को हटाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

NHAI के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य NH-44 को सुरक्षित, सुगम और अतिक्रमण से मुक्त बनाए रखना है। राजमार्ग की भूमि पर अनधिकृत कब्जे से न केवल सड़क के प्रभावी उपयोग में बाधा आती है, बल्कि इससे वाहन चालकों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा हो सकते हैं।

अतिक्रमण के कारण कई जगहों पर दृश्यता प्रभावित होने के साथ-साथ यातायात की आवाजाही में भी परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, सड़क के नियमित रखरखाव, दुर्घटना या आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य और अन्य राजमार्ग संचालन में भी बाधा उत्पन्न होने की आशंका रहती है।

NHAI ने स्पष्ट किया है कि जिन हिस्सों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, उनकी नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि दोबारा अतिक्रमण की स्थिति पैदा न हो। राजमार्ग के आसपास रहने वाले लोगों और अन्य संबंधित हितधारकों से भी अपील की गई है कि वे NHAI की भूमि पर किसी तरह का अनधिकृत कब्जा या निर्माण न करें।

NH-44 देश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल है और इस पर बड़ी संख्या में यात्री एवं वाणिज्यिक वाहन चलते हैं। ऐसे में राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

NHAI की इस कार्रवाई का उद्देश्य पानीपत-खन्ना कॉरिडोर को सुरक्षित, सुचारु, बाधारहित और पूरी तरह परिचालन योग्य बनाए रखना है, जिससे वाहन चालकों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिल सके।

इस बीच मानसा में SSP वैभव चौधरी ने कहा कि हर व्यक्ति को समान न्याय दिलाना पंजाब पुलिस का कर्तव्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस कार्यालय में अपनी समस्या लेकर आने वाला कोई भी व्यक्ति निराश होकर वापस नहीं जाएगा और सभी लोगों को समान अधिकार दिए जाएंगे।

SSP ने जिले की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को लेकर भी पुलिस की प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने शरारती तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने या किसी भी तरह की शरारत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

SSP वैभव चौधरी ने सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों को फॉलो करने वाले युवाओं से भी अपील की कि वे ऐसी गतिविधियों से दूर रहें और गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा न दें।

लुधियाना की सड़कों पर बिना नंबर प्लेट ऑटो? प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

लुधियाना में बिना स्पष्ट नंबर प्लेट वाले ऑटो, कचरा वाहन और टिपरों को लेकर सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। जानिए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से पूछे जाने कुछ सवाल।

लुधियाना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : बसंत सिंह रोरियां

लुधियाना शहर की सड़कों पर चल रहे कुछ ऑटो-रिक्शा, कचरा उठाने वाले वाहनों और टिपरों की पहचान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप हैं कि कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट या ऐसी नंबर प्लेट के साथ सड़कों पर चल रहे हैं जो साफ दिखाई नहीं देतीं। अगर ऐसा है, तो यह केवल ट्रैफिक नियमों का मामला नहीं बल्कि यात्रियों और आम राहगीरों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है।

खास चिंता उन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर है जो अकेले ऑटो में सफर करते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य कमजोर यात्रियों के लिए वाहन की स्पष्ट पहचान और उसका रिकॉर्ड होना बेहद महत्वपूर्ण है। सवाल यह है कि अगर किसी ऐसे वाहन से कोई हादसा या आपराधिक घटना हो जाए, तो पुलिस उस वाहन की पहचान कितनी आसानी से कर पाएगी?

हादसा या अपराध होने पर कैसे होगी वाहन की पहचान?

मान लीजिए किसी ऑटो, टिपर या कचरा उठाने वाले वाहन से सड़क पर दुर्घटना हो जाती है और वाहन मौके से निकल जाता है। अगर उसकी नंबर प्लेट ही मौजूद नहीं है या स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती, तो जांच एजेंसियों के सामने वाहन की पहचान करना बड़ी चुनौती बन सकता है।

इसी तरह अगर किसी यात्री के साथ ऑटो के अंदर या उससे संबंधित कोई घटना होती है—जैसे लूटपाट, धमकी या मारपीट—तो वाहन की पहचान जांच का अहम हिस्सा बन जाती है।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना स्पष्ट और वैध नंबर प्लेट वाले वाहनों को सार्वजनिक सड़कों पर चलने की अनुमति मिलनी चाहिए?

मामला सिर्फ नंबर प्लेट का नहीं, सुरक्षा का है

शहर में कचरा उठाने वाले ट्रक और टिपर भी बड़ी संख्या में सड़कों पर चलते हैं। इन भारी वाहनों की स्पष्ट पहचान और जरूरी दस्तावेजों का होना सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

अगर किसी वाहन की नंबर प्लेट साफ दिखाई नहीं देती, तो दुर्घटना की स्थिति में प्रत्यक्षदर्शियों या सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है।

इसलिए सवाल यह नहीं है कि बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध नंबर प्लेट वाले कितने वाहन सड़क पर चल रहे हैं। असली सवाल यह है कि ऐसे वाहनों को सड़क पर उतरने से पहले ही रोकने के लिए प्रशासन का निगरानी तंत्र कितना प्रभावी है?

प्रशासन की जिम्मेदारी हादसे से पहले शुरू होती है

सड़क सुरक्षा का उद्देश्य केवल दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि दुर्घटना और अपराध की संभावना को पहले ही कम करना भी है।

इसके लिए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाले वाहनों की नंबर प्लेट स्पष्ट और वैध हो। साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस और अन्य जरूरी दस्तावेज भी नियमों के अनुसार हों।

अगर कोई वाहन इन बुनियादी नियमों का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रशासन पर उठे सवाल

लुधियाना की सड़कों पर ऑटो-रिक्शा और अन्य व्यावसायिक वाहनों की निगरानी को लेकर प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से इन सवालों के जवाब जरूरी हैं:

1. शहर में इस समय कुल कितने ऑटो-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं और इनमें से कितने नियमों के मुताबिक वैध नंबर प्लेट के साथ चल रहे हैं?

2. पिछले एक साल में बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध/नकली नंबर प्लेट वाले कितने ऑटो पकड़े गए?

3. ऐसे वाहनों के खिलाफ कितने चालान किए गए और कितने वाहन जब्त किए गए?

4. क्या ट्रैफिक पुलिस ऐसे ऑटो की पहचान के लिए विशेष अभियान या नियमित चेकिंग चला रही है?

5. क्या चेकिंग के दौरान हर ऑटो का नंबर प्लेट, रजिस्ट्रेशन, परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र जांचा जाता है?

6. अगर कोई ऑटो कथित तौर पर नकली नंबर प्लेट के साथ पकड़ा जाता है, तो क्या सिर्फ ट्रैफिक चालान किया जाता है या मामले की गंभीरता के अनुसार अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाती है?

7. पिछले एक साल में ऑटो के जरिए यात्रियों के साथ लूटपाट, धमकी या मारपीट की कितनी शिकायतें पुलिस के पास पहुंची हैं?

8. ऐसे मामलों में कितने वाहनों की पहचान नंबर प्लेट, रजिस्ट्रेशन या अन्य रिकॉर्ड के जरिए हुई?

9. क्या प्रशासन के पास ऑटो ड्राइवरों, वाहन रजिस्ट्रेशन और परमिट की निगरानी के लिए कोई केंद्रीय या डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम मौजूद है?

10. अगर प्रशासन के संज्ञान में बिना रजिस्ट्रेशन या संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहन हैं, तो अब तक कितनी ठोस कार्रवाई की गई है और आगे की कार्रवाई के लिए क्या समय-सीमा तय की गई है?

कार्रवाई का इंतजार या पहले से रोकथाम?

लुधियाना जैसे बड़े शहर में रोजाना हजारों लोग ऑटो, दोपहिया और अन्य सार्वजनिक वाहनों से सफर करते हैं। ऐसे में हर वाहन की स्पष्ट पहचान केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रशासन के सामने अब सीधा सवाल है—क्या किसी दुर्घटना या अपराध के बाद वाहन की पहचान करने की कोशिश की जाएगी, या उससे पहले ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शहर की सड़कों पर चलने वाला हर वाहन स्पष्ट पहचान और वैध दस्तावेजों के साथ चले?

अगर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन वास्तव में सड़कों पर चल रहे हैं, तो उनकी पहचान कर कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं, यदि ऐसी शिकायतें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं, तो प्रशासन को आंकड़ों और आधिकारिक रिकॉर्ड के जरिए स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

Garhshankar Accident : बंगा चौक पर ट्रक की चपेट में आने से NRI की मौत, कतर से छुट्टी पर आया था

गढ़शंकर के बंगा चौक पर ट्रक की टक्कर से स्कूटर सवार NRI गुरदयाल राम की मौके पर मौत हो गई। मृतक कतर से छुट्टी पर गांव आया था। पुलिस ने ट्रक कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

Report : Amrik Kumar

होशियारपुर/ सत्ता संदेश

गढ़शंकर के बंगा चौक पर मंगलवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटर सवार NRI गुरदयाल राम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूटर सवार गुरदयाल राम पुत्र दौलत राम, निवासी गांव अकालगढ़, बंगा की ओर से गढ़शंकर शहर की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक ट्रक ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गुरदयाल राम ट्रक की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि गुरदयाल राम कतर (Qatar) से छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे। हादसे की खबर से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

घटना की सूचना मिलते ही गढ़शंकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से ट्रक को कब्जे में लिया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल गढ़शंकर के शवगृह में रखवा दिया।

मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर सरीन चेची ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

इस मौके पर कांग्रेस के चुनाव क्षेत्र इंचार्ज अमरप्रीत सिंह लाली और कंडी संघर्ष कमेटी के कन्वीनर दर्शन सिंह मट्टू ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दोषी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सड़क किनारे अवैध कब्जों पर कार्रवाई, नगर निगम और GLADA ने की सहयोग की अपील

लुधियााना / सत्ता संदेश

नगर निगम लुधियाना और GLADA द्वारा शहर में सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने कहा कि सड़कों के किनारे अवैध रूप से लगाए गए वेंडर्स और स्टॉल न केवल यातायात में बाधा बन रहे थे, बल्कि दुर्घटनाओं और गंदगी का भी कारण बन रहे थे।

अधिकारियों के अनुसार, इन वेंडर्स और स्टॉलों के कारण सड़क किनारे कूड़ा फेंका जाता था, जिससे ग्रीन बेल्ट में गंदगी फैल रही थी। इसके अलावा स्टॉलों के सामने खड़ी गाड़ियों और पीछे से आने वाले वाहनों के बीच टक्कर की आशंका बनी रहती थी, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया था।

नगर निगम लुधियाना के कमिश्नर और GLADA के मुख्य प्रशासक (Chief Administrator) ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का गैर-कानूनी कब्जा न करें

उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते सभी लोगों को शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। अधिकारियों ने नागरिकों से सड़क किनारे कूड़ा न फेंकने और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की।

बठिंडा–डबवाली नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, राजस्थान के चार श्रद्धालुओं की मौत

बठिंडा / सत्ता संदेश

पंजाब के बठिंडा–डबवाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में राजस्थान के चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग मामूली रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं से भरा वाहन सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी श्रद्धालु राजस्थान से श्री अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसके बाद उनका अमरनाथ यात्रा पर जाने का कार्यक्रम था। सुबह के समय हुए इस हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। पुलिस के अनुसार, घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि श्रद्धालुओं का वाहन सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गया। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और खड़े वाहनों के संबंध में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

MP के मोहिघाट में दो बसें हुई हादसे का शिकार, 22 से ज्यादा यात्री हुए घायल

छिंदवाड़ा / सत्ता संदेश

छिंदवाड़ा से लगे पांढुर्णा के मोहि घाट पर सोमवार को हुए दोहरे सड़क हादसे ने यात्रियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। घाट के खतरनाक मोड़ और ढलान पर कुछ ही मिनटों के अंतराल में दो यात्री बसें दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। हादसे में 22 से अधिक यात्री घायल हो गए, जबकि 15 से ज्यादा लोग बसों के भीतर फंस गए थे। गंभीर रूप से घायल छह यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद नागपुर रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार, दोनों बसें भोपाल और इंदौर से यात्रियों को लेकर पांढुर्णा की ओर आ रही थीं। सुबह के समय क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। इसी दौरान मोहि घाट के ढलान वाले हिस्से में पहले एक बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हुई। कुछ ही मिनट बाद दूसरी बस भी हादसे का शिकार हो गई। लगातार दो बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

बसों में फंसे यात्रियों को शीशे तोड़कर निकाला

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण, राहगीर और पुलिस मौके पर पहुंच गए। कई यात्री बसों के भीतर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बसों के शीशे तोड़े और दरवाजे खोलकर यात्रियों को बाहर निकाला। बाद में पुलिस और बचाव दल ने संयुक्त रूप से राहत कार्य चलाया। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

हाथ-पैर टूटे, सिर में आई गंभीर चोटें

घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से पांढुर्णा सिविल अस्पताल सहित आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार कई यात्रियों के सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। कुछ यात्रियों की हालत चिंताजनक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया। अस्पताल में घायलों के परिजन भी बड़ी संख्या में पहुंच गए।

कुछ देर के लिए थम गया यातायात

दुर्घटना के बाद मोहि घाट मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर दोनों बसों के क्षतिग्रस्त होकर खड़े रहने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने क्रेन बुलाकर बसों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सड़क पर फैले ऑयल, बारिश के कारण बढ़ी फिसलन और वाहन पर नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने बारिश के मौसम में घाट मार्गों पर वाहन सावधानी से चलाने और गति सीमा का पालन करने की अपील की है।

फतेहगढ़ चूड़ियां में जर्जर सड़क से लोग परेशान, एक महीने से अधूरा पड़ा निर्माण कार्य

बारिश के बाद गहरे गड्ढों ने बढ़ाई मुश्किलें, लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क बनाने की मांग की

फतेहगढ़ चूड़ियां / सत्ता संदेश

फतेहगढ़ चूड़ियां में डेरा रोड चुंगी से पुलिस स्टेशन और बद्दोवाल चौक तक सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। पिछले एक महीने से अधिक समय से सड़क निर्माण अधूरा होने के कारण क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। हाल ही में हुई बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे लोगों को रोजाना आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि आसपास के व्यापार पर भी असर पड़ा है। कई दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की आवाजाही कम होने से उनका काम-धंधा प्रभावित हुआ है।

पीड़ित मलूक सिंह, डॉ. अमरबीर सिंह और अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क को खोदे हुए एक महीने से अधिक समय हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं किया गया। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर गया है और उनकी गहराई बढ़ गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और पैदल चलने वालों को लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी मार्ग पर पुलिस स्टेशन, डीएसपी कार्यालय, सेवा केंद्र, सांझ केंद्र, तहसील कॉम्प्लेक्स तथा तीन स्कूल स्थित हैं। प्रतिदिन हजारों लोगों को इसी सड़क से गुजरना पड़ता है, लेकिन बदहाल सड़क के कारण उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और संभावित हादसों से बचा जा सके।

वहीं, इस संबंध में ठेकेदार के प्रतिनिधि ने बताया कि निर्माण कार्य में देरी का एक कारण सीवरेज बोर्ड से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलना है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित विभागों के बीच समन्वय होने के बाद सड़क का निर्माण जल्द पूरा कर दिया जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

दिल्ली के राजौरी गार्डन में तेज रफ्तार कार ने पद यात्री को कुचला, मौत

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

New Delhi के पश्चिमी इलाके राजौरी गार्डन में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक पद यात्री की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि हादसा बृहस्पतिवार देर रात करीब ढाई बजे राजौरी गार्डन स्थित मार्बल बाजार के पास रिंग रोड पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार काफी तेज गति में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिसके बाद सड़क पार कर रहे व्यक्ति को उसने जोरदार टक्कर मार दी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के समय चालक नशे में था या नहीं तथा वाहन की गति कितनी थी।

दिल्ली में लगातार बढ़ते सड़क हादसों को लेकर चिंता बनी हुई है। विशेष रूप से देर रात तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग कई गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि गति सीमा का पालन और सख्त निगरानी ऐसे हादसों को कम करने के लिए बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

रायगढ़ भीषण हादसा: 700 फीट गहरी खाई में गिरी स्कॉर्पियो, 8 दोस्तों की दर्दनाक मौत

नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। सोमवार सुबह महाबलेश्वर और पोलादपुर के बीच स्थित अम्बेनाली घाट में एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में वाहन में सवार सभी 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है।

हादसे का विवरण और पीड़ितों की पहचान : प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो सतारा जिले के आसगांव की थी। माना जा रहा है कि ये सभी लोग कोंकण या महाबलेश्वर घूमने के लिए आए थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:अंश समीर चव्हाण (19), रितेश राजेंद्र लोखंडे (22), सुहास जितेंद्र लोखंडे (20), उत्कर्ष आनंद शिंगटे (21), निखिल अभिमन्यू शिंगटे (25), महेश अनिल पवार (25), आदित्य अशोक साळुंखे (21) और राजेश अशोक काटकर (35)।

रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौतियां : हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पर्वतारोही और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए। हालांकि, 500 से 700 फीट की अत्यधिक गहराई और दुर्गम भूभाग के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं। बचाव दल ने अब तक दो शव बरामद कर लिए हैं, जबकि अन्य शवों को निकालने का प्रयास जारी है। अम्बेनाली घाट को अपनी खतरनाक बनावट के कारण सड़क दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता है।

ओडिशा के सुंदरगढ़ में भीषण सड़क हादसा: बस और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में 4 की मौत, 12 घायल

नेशनल डेस्क : ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में मंगलवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें 4 लोगों की जान चली गई है। यह दुर्घटना चांदीपोश थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुसाबीरा इलाके में उस समय हुई, जब एक यात्री बस और ट्रक के बीच जोरदार सीधी भिड़ंत हो गई।

हादसे का कारण और प्रभाव: जानकारी के अनुसार, यात्री बस राउरकेला से जगतसिंहपुर की ओर जा रही थी। रात के अंधेरे के कारण बस सड़क की गलत लेन में चली गई, जिसके चलते सामने से आ रहे ट्रक से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस चालक और कंडक्टर ने बाद में दम तोड़ दिया। इस हादसे में एक यात्री की भी मौत हुई है।

राहत और बचाव कार्य: हादसे के समय बस में कुल 20 लोग सवार थे। इस घटना में 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत राउरकेला के आरजीएच (RGH) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में से एक की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है और वह आईसीयू (ICU) में उपचाराधीन है।

प्रशासनिक कार्रवाई: राउरकेला के एसपी नितेश वाधवानी ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, दोनों वाहनों के चालकों की मौत हो जाने के कारण दुर्घटना की सटीक परिस्थितियों की जांच करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।