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‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के 500 दिन पूरे, 70 हजार ड्रग तस्कर गिरफ्तार: CM मान

हमारी सरकार की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब नशा-मुक्त नहीं हो जाता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

  • ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम के 500 दिन पूरे; अब तक 70,000 नशा तस्कर गिरफ्तार: सीएम मान
  • विलेज डिफेंस कमेटियों का एक साल पूरा; 1.25 लाख वॉलंटियर ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ की ताकत बने: सीएम मान
  • अकाली दल ने नशे लाए, कांग्रेस ने उनको संरक्षण दिया; ‘आप’ सरकार इस कलंक को खत्म कर रही है: सीएम मान
  • पंजाब का हर गाँव और शहर नशों के विरुद्ध सरकार की जंग में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है:सीएम मान
  • इलाज, पुनर्वास और जन जागरूकता अभियानों के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई: सीएम मान
  • विपक्ष का दावा था कि नशे कभी खत्म नहीं हो सकते, पर लोगों के सहयोग ने इस कलंक की रीढ़ तोड़ने में हमारी मदद की है : भगवंत सिंह मान
  • भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया; वे सिर्फ राज्य को लूटने के लिए सत्ता चाहते हैं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक राज्य से नशों की जड़ से सफाई नहीं हो जाती। उन्होंने घोषणा की कि ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ की शानदार सफलता लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव हुई है। लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटी (वी.डी.सी.) के वॉलंटियरों (गाँवों के पहरेदारों) से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुहिम के 500 दिन पूरे हो गए हैं, जिस दौरान 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 13,000 गाँवों में 1.25 लाख वॉलंटियर इस आंदोलन की रीढ़ बनकर उभरे हैं।

पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने नशे लाए और कांग्रेस ने इस कलंक को संरक्षण दिया, जबकि आप सरकार ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, पीड़ितों के इलाज व पुनर्वास और बेमिसाल जन जागरूकता अभियान के जरिए इसकी रीढ़ तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि कभी ‘उड़दा पंजाब’ के रूप में बदनाम किया गया राज्य अब ‘पढ़दा और तंदरुस्त पंजाब’ में बदल रहा है, जो स्कूली शिक्षा में राज्य की रैंकिंग, जे.ई.ई. और नीट में रिकॉर्ड सफलता और योग्यता-आधारित रोजगार से स्पष्ट होता है। उन्होंने दोहराया कि नशों के खिलाफ जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह नशा-मुक्त नहीं हो जाता।

इस कार्यक्रम के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटियों के वॉलंटियरों से मुलाकात की। नशों के खिलाफ हमारी मुहिम ने पिछले 500 से अधिक दिनों में शानदार नतीजे दिए हैं। पंजाब पुलिस और हमारे वॉलंटियरों के संयुक्त प्रयासों से 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे नशा तस्करी की रीढ़ टूट गई है। जिस राज्य को कभी ‘उड़दा पंजाब’ कहा जाता था, वह अब ‘पढ़दा और तंदरुस्त पंजाब’ में बदल रहा है। स्कूली शिक्षा में पंजाब का पहला स्थान, 882 विद्यार्थियों का नीट क्वालीफाई करना और 68,500 से अधिक सरकारी नौकरियाँ इस बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब से नशों का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता। आओ सब मिलकर ‘रंगला पंजाब’ बनाएँ। इंकलाब जिंदाबाद।”

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ के 500 दिन पूरे हो गए हैं और हमारी विलेज डिफेंस कमेटियों ने एक साल पूरा कर लिया है। मैं पंजाब के लोगों का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने इन दोनों पहलों को जन आंदोलन में बदल दिया। वह दिन दूर नहीं, जब ये दोनों लहरें मिलकर पंजाब में से नशों के कलंक का पूरी तरह खात्मा कर देंगी।”

सभा का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सच्ची भावना से पंजाब की सेवा करने वाले सभी लोगों के ऋणी हैं। उन्होंने कहा कि हमारा दृढ़ संकल्प साबित करता है कि संयुक्त प्रयासों से कोई भी बड़ी से बड़ी चुनौती पर काबू पाया जा सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो समस्या कभी असंभव लगती थी, वह 500 दिनों के भीतर-भीतर धीरे-धीरे खत्म हो रही है। बहुत से लोगों का मानना था कि इस कोढ़ को कभी खत्म नहीं किया जा सकता, पर लोगों के सक्रिय सहयोग से हमने इस समस्या की कमर तोड़ दी है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार ने नशों के दलदल में फँसे लोगों को नशा-छुड़ाऊ और पुनर्वास केंद्रों में ले जाकर उनका इलाज सुनिश्चित किया है ताकि वे गरिमा और स्वाभिमान से जी सकें। उन्होंने कहा, “हमने पिछले 500 दिनों में 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। 13,000 गाँवों में लगभग 1.25 लाख वॉलंटियर नशों के खात्मे के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध एक ईमानदार सरकार ही ऐसा ठोस कदम उठा सकती थी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने पंजाब में ‘चिट्टा’ लाया और कांग्रेस ने इसे आगे बढ़ाया और इसको संरक्षण दिया। ये दोनों पार्टियाँ राज्य में बुरे शासन के लिए जिम्मेदार थीं। उन्होंने आगे कहा, “आज हमारी सरकार ने राज्य से नशों की सफाई कर दी है। किसी को नशा छुड़ाने में मदद करना उस व्यक्ति को तीर्थ यात्रा पर ले जाने के बराबर है। मुझे इस बात की बहुत संतुष्टि है कि हमारी सरकार ने शिक्षा क्रांति के जरिए पंजाब के इतिहास को ‘उड़दा पंजाब’ से ‘पढ़दा पंजाब’ में बदल दिया है।”

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पिछले चार वर्षों के दौरान राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण पंजाब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा किया है, समग्र ढाँचे को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण सुनिश्चित किया है। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक नीति आयोग द्वारा जारी किए गए ताजा आँकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि पंजाब अब इस क्षेत्र में देश में पहले नंबर पर है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, पढ़ाने के आधुनिक तरीकों और स्मार्ट क्लासरूमों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके कारण पंजाब अब शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने आगे कहा, “पहले केरल पहले नंबर पर था, पर आज पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल कर लिया है। हम आने वाले वर्षों में और भी बड़े प्रयास जारी रखेंगे क्योंकि शिक्षा वह प्रकाश है, जो जीवन के अंधेरे को दूर करता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार ने पदभार संभाला था तो पंजाब स्कूली शिक्षा में 27वें नंबर पर था, पर आज राज्य पहले नंबर पर पहुँच गया है। उन्होंने आगे बताया कि जहाँ 2021 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, वहाँ 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 विद्यार्थी हो गई है, जो पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रयास कर रही है ताकि आम परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के वही अवसर मिल सकें, जो बाकियों को मिलते हैं।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि केंद्र सरकार एक भी नीट परीक्षा पारदर्शी ढंग से कराने में असफल रही है, जिसमें परीक्षा के पेपर बार-बार लीक हो रहे हैं और विद्यार्थियों में निराशा फैल रही है। उन्होंने आगे कहा, “इसके विपरीत हमारी सरकार ने पंजाब में एक भी पेपर लीक हुए बिना साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। कुछ दिन पहले फार्मेसी परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया था और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करवाने के लिए इस समय पंजाब भर में 1,090 आम आदमी क्लीनिक चल रहे हैं और जल्द ही यह संख्या 1,400 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ये क्लीनिक सुगम स्वास्थ्य सेवाओं का आधार बन चुके हैं, जिनमें अब तक पाँच करोड़ से अधिक ओ.पी.डी. हो चुकी है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर नागरिक के लिए व्यापक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। उन्होंने कहा, “यह योजना पंजाब के हर निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस मुफ्त इलाज प्रदान करती है। पंजाब भारत का पहला राज्य है, जो इतनी व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान कर रहा है। इससे लोगों पर वित्तीय बोझ काफी घटा है और मानक इलाज सुनिश्चित हुआ है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य राज्य के हर परिवार को स्वास्थ्य देखभाल कवरेज देना है। उन्होंने बताया कि लोग इस योजना के तहत 937 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज करवा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पंजाब के सभी जिलों में कुल 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “नौजवानों को नशों के कलंक से दूर करने के लिए खेल सबसे कारगर हथियार हैं। आप सरकार सफलतापूर्वक ‘खेड़ाँ वतन पंजाब दियाँ’ करवा रही है, जिसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियाँ – दादा-दादी से लेकर पोते-पोतियाँ तक – एक साथ भाग लेती हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाबी खिलाड़ी देश की बड़ी खेल टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम, भारतीय महिला क्रिकेट टीम और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान पंजाबी हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब की छवि को दागदार किया था, जबकि मौजूदा सरकार इस दिखने को फिर से साफ कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले पिछली सरकारों के समय सरकारी गाड़ियों में नशे की सप्लाई होती थी। आज नशा तस्कर जेल की सलाखों के पीछे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया और अब सिर्फ राज्य को लूटने के लिए सत्ता चाहते हैं। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने पंजाब के साथ धोखा किया है और बार-बार इसके लोगों के हितों की अनदेखी की है। पंजाब सरकार ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य भर में 43,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करवा रही है। ये सड़क परियोजनाएँ बनाने वाले ठेकेदार ही इनके रख-रखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि पंजाब सरकार ने नौजवानों को 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में पैसे लेकर नौकरियाँ देने और सिफारिशों का दौर खत्म हो गया है। आज सरकारी नौकरियाँ पूरी तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। हर सरकारी नियुक्ति मेरिट पर पारदर्शी ढंग से की गई है, जिस कारण एक भी भर्ती को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और अनुकूल औद्योगिक माहौल के कारण देश के बड़े उद्योगपति राज्य में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। “सनातन टेक्सटाइल, नेस्ले, क्लास, फ्रेडनबर्ग, कारगिल, वर्बियो, डैनोन और कई अन्य प्रमुख कंपनियों ने पंजाब में अपना कामकाज शुरू कर दिया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि टाटा स्टील ने 3,200 करोड़ रुपये के निवेश से जमशेदपुर के बाद अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट पंजाब में स्थापित किया है, जबकि जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आईची भी राज्य में निवेश कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की कोशिश रोजगार के अवसर पैदा करके नौजवानों के हाथों में ‘सिरिंजों’ की बजाय टिफिन थमाना है क्योंकि खाली मन शैतान का घर होता है। हमारी सरकार नौजवानों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि वे सामाजिक बुराइयों का शिकार न हों। बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है और हम इसे खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, तरुनप्रीत सिंह सौंद और डॉ. बलबीर सिंह, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और कई अन्य हस्तियाँ भी उपस्थित थीं।

नशा मुक्त राज्य बनने की ओर बढ़ रहा पंजाब, CM मान ने नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘सूरमे’ के रूप में किया सम्मानित
  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की; नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘सूरमा’ छाप और टी-शर्ट देकर किया सम्मानित
  • पंजाब सरकार सूबे को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध; नशों की गिरफ्त में से निकले नौजवान इस मुहिम में रोल मॉडल के रूप में काम करेंगे-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशा एक बीमारी है, कोई अपराध नहीं, यह सजा की नहीं, इलाज की मांग करता है-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशा मुक्त हुए नौजवानों को आत्म-निर्भर बनाने के लिए सरकार पुनर्वास केंद्रों में सकारात्मक माहौल और हुनर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशों के खिलाफ जंग में खेल अहम भूमिका निभा सकते हैं; हमारा मकसद हर नौजवान को खेलों से जोड़ना है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • 15 जुलाई तक पूरे पंजाब में 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • पिछली सरकारों की गलत नीतियों और नशा तस्करी ने पंजाब के नौजवानों को विदेश जाने के लिए मजबूर किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • आप सरकार क्रांतिकारी कदमों के जरिए पंजाब के माथे से नशों का कलंक मिटा रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपनी सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम को अगले पड़ाव पर ले जाते हुए ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्त हुए नौजवानों को विशेष तौर पर तैयार की गई ‘सूरमा’ छाप (रिंग) और टी-शर्ट से सम्मानित किया।

इसे सूबे की नशा विरोधी मुहिम का अगला पड़ाव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपराले का उद्देश्य नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘उम्मीद के दूत’ के रूप में पेश करना है, जो जमीनी स्तर पर नशों के खिलाफ जंग की अगवानी करेंगे। दो साल से अधिक समय से नशा मुक्त रहने वाले व्यक्तियों का सम्मान करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि ये नौजवान न सिर्फ दूसरों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे, बल्कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें रोजगार के मौके भी मुहैया करवाए जाएंगे।

खेलों को नशों की बीमारी के खिलाफ सबसे कारगर हथियार बताते हुए उन्होंने ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू कर दिए जाएंगे ताकि नौजवानों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की ओर से मानक शिक्षा, सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, खेलों के बुनियादी ढांचे और पुनर्वास पर एक साथ ध्यान दिया जा रहा है जो नशा-मुक्त और रंगला पंजाब की नींव रख रहा है।

कुछ मुख्य नुक्ते साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज हमने ‘सूरमा मुहिम’ की शुरुआत की है और उन नौजवानों को सम्मानित किया है जो नशों के चंगुल में से निकलकर नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं। दूसरों के लिए रोल मॉडल बने इन प्रेरणादायक नौजवानों को पंजाब सरकार की ओर से रोजगार के मौके भी दिए जाएंगे।

15 जुलाई तक पंजाब भर के नौजवानों के लिए 3,100 नए खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे। आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में पहले नंबर पर है और 47 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज के लिए 10 लाख रुपये के ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना कार्ड’ मिल चुके हैं।

सड़क सुरक्षा फोर्स (एस.एस.एफ.) ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को 50 फीसदी तक कम कर दिया है, जिससे हर साल करीब 2,700 कीमती जानें बच रही हैं। जब नीयत साफ हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। आओ सब मिलकर रंगला पंजाब बनाएं।”

इकट्ठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि समागम में मौजूद नौजवानों ने नशों की वजह से सब कुछ गंवाने के बाद इस दलदल में से बाहर निकलकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि आज इनका सम्मान इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सामाजिक बदनामी के बावजूद इन्होंने नशे को हराने का असाधारण साहस दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “नशे की लत एक सामाजिक कलंक है। जब लोगों को पता चलता है कि कोई नशा करता है तो वे उस शख्स से बात करना भी बंद कर देते हैं। इन नौजवानों ने उस दर्द और मानसिक पीड़ा को झेला है, लेकिन आज वे नई शुरुआत करने और समाज की सेवा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये नौजवान नशे की बीमारी पर जीत हासिल कर चुके हैं और अब अपने तजुर्बे साझा करके दूसरों की मदद कर सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए लगातार कोशिशें कर रही है और राज्य भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्व स्तरीय पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू हो जाएंगे ताकि नौजवानों की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में बदला जा सके।

समागम में मौजूद नशा मुक्त हुए सभी नौजवानों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दुखद अतीत को पीछे छोड़कर सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार इस नेक मिशन में उन्हें हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा, “रंगला पंजाब के सपने को पूरा करने के लिए अब सिर्फ एक ही रंग बाकी रह गया है और वह भी जल्द ही भर दिया जाएगा क्योंकि पंजाब जल्द ही पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा।”

राज्य की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में मानक शिक्षा यकीनी बनाकर शिक्षा के क्षेत्र का काया-कल्प किया है, जिसके कारण पंजाब, केरल और कई अन्य सूबों को पछाड़कर 27वें नंबर से पहले नंबर पर आया है।

उन्होंने कहा कि गरीबी को खत्म करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। “हमारे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कल ऊंचे अधिकारी बनेंगे और अपने परिवारों को गरीबी में से निकालने में मदद करेंगे। सिर्फ कार्ड या मुफ्त की सुविधाएं गरीबी खत्म नहीं कर सकतीं, लेकिन शिक्षा में ऐसा करने की ताकत और समर्थता जरूर है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के करीब 65 लाख परिवारों में से 17.47 लाख परिवारों को पहले ही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड’ मिल चुके हैं, जिससे वे मुफ्त इलाज का फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक करीब 650 करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज मुहैया करवाया जा चुका है।

राज्य सरकार की अन्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब अब सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग कर रहा है, किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) ने अब तक सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 3,000 लोगों की जान बचाई है, लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को बड़ा लाभ पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह में उन लोगों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने नशे की लत पर सफलतापूर्वक काबू पाया है और दो वर्षों से अधिक समय से नशा मुक्त (संयमित) जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति वास्तविक ‘सूरमा’ हैं क्योंकि इन्होंने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ नशे पर विजय प्राप्त की है। आज का यह समारोह पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में एक नए अध्याय की शुरुआत है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये सूरमा अब ‘एम्बेसडर ऑफ रिकवरी’ के रूप में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे, जो अन्य लोगों को नशे की लत से छुटकारा पाने और अपने जीवन की नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरमा कार्यक्रम की शुरुआत पूरे पंजाब में व्यापक पुनर्वास कार्यक्रमों और मजबूत सामाजिक सहायता प्रणालियों के सकारात्मक प्रभाव का एक बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंजाब की विरासत में गहराई से रचा-बसा ‘सूरमा’ शब्द अदम्य साहस का प्रतीक है, जो इन व्यक्तियों द्वारा अपनी अटूट इच्छाशक्ति के बल पर अपने जीवन को पुनः संवारने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

सरकार के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार नशों के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित कर रही है कि नशे से प्रभावित प्रत्येक परिवार को उपचार के लिए आवश्यक सहायता मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह केवल इन व्यक्तियों की रिकवरी का नहीं, बल्कि उनके नए जीवन को समर्पित है। उन्होंने कहा, “ये सूरमा अपने परिवारों और समाज के लिए आशा की किरण हैं। इनकी यात्रा यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, पारिवारिक सहयोग और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के माध्यम से नशे से मुक्ति संभव है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को उचित उपचार मिले और वह समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सूरमा इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि समय पर सहायता मिलने से उन जीवनों को फिर से संवारा जा सकता है, जो शायद नशे के कारण बर्बाद हो सकते थे। उन्होंने कहा, “स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों को विशेष रूप से तैयार की गई ‘प्रॉमिस रिंग्स’ (छल्लों) और बाज के प्रतीक वाली वर्दियों से सम्मानित किया गया है, जो नशा मुक्त पंजाब के मिशन में साहस, शक्ति और पंजाबियत के प्रतीक हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सूरमा पहल पंजाब सरकार की नशों के खात्मे के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसने पिछले कई वर्षों से राज्य में तबाही मचा रखी थी। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की वास्तविक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनकी कड़ी मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प रंगला पंजाब के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सूरमा को सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे अब दूसरों को नशे की लत से छुटकारा दिलाने में मदद करके आशा के दूत बनेंगे। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार नशा मुक्ति केंद्रों, कौशल विकास कार्यक्रमों में निवेश करना जारी रखेगी और नशे की लत से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के लिए प्रयासरत रहेगी, ताकि प्रत्येक स्वस्थ हो चुका व्यक्ति बेहतर रोजगार के अवसरों के साथ सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी दोहराया कि जहां सरकार नशों के माध्यम से पंजाब को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, वहीं सहायता मांगने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पूरा सहयोग देना भी जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “यही ‘युद्ध नशों विरुद्ध चरण-2’ का वास्तविक उद्देश्य है।”

मुख्यमंत्री ने नशों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को समर्पित एक प्रेरणादायक गीत भी लॉन्च किया और घोषणा की कि सूरमा कार्यक्रम अब पंजाब के प्रत्येक जिले और गांव तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों ने नशा मुक्ति उपचार सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और कम से कम दो वर्षों से नशे से दूर हैं, वे व्हाट्सएप पर 9779142200 पर “Soorma” संदेश भेजकर इस कार्यक्रम के लिए स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पात्र व्यक्तियों को उनके अद्वितीय साहस के लिए सम्मानित किया जाएगा और वे पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में चैंपियन के रूप में सेवा देंगे। उन्होंने कहा, “सूरमा पहल के माध्यम से पंजाब सरकार एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रही है, जो नशे के कारण फैली निराशा को चुनौती देते हुए पीड़ितों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने और उनका सम्मान बहाल करने में मदद करेगा।”

उन्होंने कहा कि लगभग एक वर्ष तीन महीने पहले ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की शुरुआत से लेकर अब तक पंजाब ने अपने नशा विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आधुनिक उपचार सुविधाओं, परामर्श सेवाओं और फॉलो-अप सहायता से लैस अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘सूरमा रिकग्निशन प्रोग्राम’ नशे और रिकवरी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर कर इन उपलब्धियों को और मजबूत करता है तथा ऐसा सहयोगी नेटवर्क तैयार करता है, जो नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे अन्य लोगों को उपचार के लिए प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।