ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीश नियुक्त हुए

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिनांक 01 जून 2026 की एक अधिसूचना के माध्यम से निम्नलिखित चार मुख्य न्यायाधीशों व एक वरिष्ठ अधिवक्ता को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है:

इनमें हाईकोर्ट पंजाब और हरियाणा के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति शील नागू, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुंबई उच्चा न्यायलय के न्यायधीश चंद्रशेखर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय की न्यायधीश न्यायमूर्ति अरुण पल्ली और वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना है।

पंजाब के 10 साल के लाडले ने देश का नाम किया रोशन, राष्ट्रपति मुर्मू ने श्रवण सिंह को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से किया सम्मानित

पंजाब डेस्क: पंजाब के बॉर्डर जिले फिरोजपुर के एक युवा हीरो ने पूरे देश में राज्य का नाम रोशन किया है। फिरोजपुर के बॉर्डर गांव चक तार वाली के रहने वाले 10 साल के श्रवण सिंह को शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया।

श्रवण को यह प्रतिष्ठित सम्मान उनकी असाधारण बहादुरी और निस्वार्थ सेवा के लिए दिया गया है।दुश्मन के ड्रोन पर ध्यान दिए बिना सैनिकों की सेवा कीश्रवण सिंह ने मई 2025 में भारत-पाक बॉर्डर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान बेमिसाल साहस दिखाया था। उस समय बॉर्डर पर बहुत ज़्यादा तनाव था और दुश्मन के ड्रोन लगातार घुसपैठ कर रहे थे।

इतने खतरनाक माहौल में भी श्रवण हर दिन फ्रंट पोस्ट पर तैनात सैनिकों तक पानी, दूध, लस्सी, चाय, खाना और बर्फ जैसी ज़रूरी चीज़ें पहुंचाता रहा। उसके इस जुनून ने लंबे समय से तैनात सैनिकों के लिए ‘लाइफलाइन’ का काम किया और उनका हौसला बढ़ाया।

CM भगवंत मान ने बधाई दी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्रवण सिंह की इस कामयाबी पर खुशी जताई और कहा कि यह पंजाबियों के लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए देश के लिए बच्चे के इस जुनून को सलाम किया और कहा कि श्रवण ने हमारे गुरुओं की सीख पर चलकर सैनिकों की सेवा की है, जो तारीफ़ के काबिल है।

इंडियन आर्मी करवा रही है पढ़ाई

श्रवण की बहादुरी को देखते हुए इंडियन आर्मी पहले ही उसे सम्मानित कर चुकी है। खास बात यह है कि आर्मी अब खुद श्रवण सिंह की पढ़ाई का खर्च भी उठा रही है ताकि यह बहादुर बच्चा भविष्य में और आगे बढ़ सके।