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धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा पद से दिया इस्तीफा,CJP के प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, NEET विवाद और छात्र आंदोलन के बीच बड़ा फैसला

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। जिस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नीट छात्र धरना प्रदर्शन दे रहे थे, उन्होंने आखिरकर इस्तीफा दे दिया है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

 युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं का सम्मान

मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभार प्रकट करता हूं।

सीबीटी मोड में परीक्षा कराने का लिया निर्णय

किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।

इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।

पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

मेधावी छात्रों को मिली सफलता

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।

मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।

यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।

जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र (इस्तीफा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

मैं प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा।

प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा।

केंद्र सरकार पंजाब को विकसित राज्य बनाने के लिए करेगी बड़ी पहल : जंगी लाल महाजन

टांडा / होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह सैनी

भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर टांडा में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष योगेश सपरा और मुकेरियां विधानसभा क्षेत्र के विधायक जंगी लाल महाजन विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ आगामी रणनीति तथा संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक जंगी लाल महाजन ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देशभर के साथ-साथ पंजाब के विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार तालमेल बनाकर संगठन को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब को विकसित राज्य बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है। जालंधर में विकसित आधुनिक रेलवे स्टेशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दोआबा क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और केंद्र सरकार की विकासवादी सोच का उदाहरण है।

जंगी लाल महाजन ने दावा किया कि पंजाब में हो रहे अधिकांश बड़े विकास कार्य केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हो रहे हैं। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और इस संबंध में पार्टी का पक्ष रखा। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में NEET परीक्षा से जुड़े छात्रों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।

बैठक के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए पूरी सक्रियता के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

India-UK CETA: भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता आज से लागू, 99% भारतीय निर्यात पर होगा शून्य शुल्क

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) आज से लागू हो गया है। इसे पिछले कुछ सालों में भारत के सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे किसानों, श्रमिकों, एमएसएमई, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र को जबरदस्त लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला यह छठा मुक्त व्यापार समझौता है। इससे पहले भारत मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) और ओमान के साथ ऐसे समझौते लागू कर चुका है।

भारत-यूके सीईटीए केवल टैरिफ घटाने वाला समझौता नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, सेवाओं और रोजगार के नए अवसरों का व्यापक ढांचा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, यह भारत के व्यापारिक इतिहास का एक अहम पड़ाव है। इससे टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम होंगी। भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों, उद्योगों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप तथा युवा पेशेवरों को नए अवसर मिलेंगे।

भारत को ये होंगे लाभ
इस करार से भारत के करीब 99 फीसदी निर्यात को ब्रिटिश बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इसके अलावा ब्रिटेन से आने वाले कई उत्पादों पर आयात शुल्क घटाया जाएगा। इससे कीमतों में कमी आएगी। पहली बार ब्रिटेन की कंपनियों को भारत सरकार की करीब 40 हजार उच्च मूल्य वाली निविदाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। परिवहन, हरित ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में कामकाज की गुणवत्ता में सुधार होगा।

क्या है सीईटीए?
सीईटीए के तहत भारत और ब्रिटेन सैकड़ों उत्पादों पर आयात शुल्क कम या समाप्त करेंगे। इसके अलावा डिजिटल व्यापार, सरकारी खरीद, एमएसएमई, निवेश, बौद्धिक संपदा, श्रम, पर्यावरण और सेवा क्षेत्र से जुड़े नियमों को भी सरल बनाया गया है। समझौते में कुल 30 अध्याय शामिल हैं, जिससे इसे भारत का सबसे व्यापक एफटीए माना जा रहा है।

स्कॉच व्हिस्की के दाम घटेंगे
स्कॉच व्हिस्की समेत कई प्रीमियम विदेशी शराबों पर भी आयात शुल्क में कटौती होगी। स्कॉच व्हिस्की पर मौजूदा 150 फीसदी शुल्क पहले चरण में 75 फीसदी और दस वर्षों में घटकर 40 फीसदी रह जाएगा।

संवेदनशील उत्पाद समझौते से बाहर
भारत ने सेब, अखरोट, व्हे, कुछ बीज, सोने की ईंटों व स्मार्टफोन जैसे संवेदनशील उत्पादों पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है। वहीं ब्रिटेन ने भी चावल, चीनी व कुछ मांस उत्पादों को समझौते के दायरे से बाहर रखा है।

आईटी कंपनियों के लिए बड़ी राहत
समझौते के साथ लागू हुए डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन के तहत भारत से ब्रिटेन जाने वाले कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं को पांच वर्ष तक ब्रिटेन में सोशल सिक्योरिटी योगदान नहीं देना होगा।

सबसे बड़ा बदलाव ऑटो सेक्टर में
यह पहला मौका है, जब भारत ने किसी एफटीए में ब्रिटेन में बनी पूरी तरह तैयार कारों और ट्रकों पर इतनी बड़ी सीमा शुल्क रियायत दी है। पूरी तरह बनी कारों पर आयात शुल्क 110 फीसदी से चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10 फीसदी किया जाएगा। पेट्रोल और डीजल कारों को शुरुआत से ही रियायत मिलेगी।

इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन कारों को छठे वर्ष से रियायत मिलेगी, ताकि भारतीय ईवी उद्योग को शुरुआती पांच वर्षों तक सुरक्षा मिल सके। पहले 15 वर्षों में रियायती शुल्क पर 3.78 लाख ब्रिटिश यात्री वाहनों के आयात की अनुमति होगी। ट्रकों पर शुल्क 44 फीसदी से घटकर पांचवें वर्ष तक 8.8 फीसदी हो जाएगा।

किन उद्योगों को फायदा?
रेडीमेड गारमेंट और टेक्सटाइल, फुटवियर, कालीन उद्योग, प्रोसेस्ड फूड, अनाज, फल और सब्जियां, मसाले, मछली और समुद्री उत्पाद, मांस एवं प्रोसेस्ड फूड, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिरेमिक, ग्लास, सीमेंट एवं स्टोन उत्पाद

क्या हो सकता है सस्ता?
सैल्मन मछली, लैम्ब (भेड़ का मांस), मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक्स, कॉस्मेटिक्स, साबुन, परफ्यूम, शेविंग क्रीम, नेल पॉलिश

Parliament Monsoon Session : 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान में क्या?

केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर लिखा, भारत सरकार की अनुशंसा पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मानसून सत्र 2026 में संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने की स्वीकृति दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई, 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त, 2026 तक चलेगा। रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे।

किन मुद्दों पर हंगामा कर सकता है विपक्ष?

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। नजरें स्पीकर ओम बिरला के फैसले पर टिकी हैं। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

बजट सत्र में कितना कामकाज हुआ?

इससे पहले संसद का बजट सत्र विगत 18 अप्रैल को समाप्त हुआ था। 28 जनवरी, 2026 को शुरू हुए संसद के बजट सत्र में कई अहम विधेयक पारित कराए गए थे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के मुताबिक सत्र के दौरान 31 बैठकें हुईं। लगभग 151 घंटे 42 मिनट तक चली कार्यवाही के दौरान कई अहम विधेयकों पर चर्चा कराई गई थी। 

बजट सत्र के दौरान कौन से विधेयक पारित हुए थे?

  • औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026
  • उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026
  • वित्त विधेयक, 2026
  • दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026
  • आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026
  • जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026
  • केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026

93 प्रतिशत उत्पादकता, चर्चा में कितने सदस्यों ने भाग लिया?

सदन की कार्यवाही स्थगित किए जाने से पहले स्पीकर ओम बिरला ने बताया था कि सत्र के दौरान 12 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किए गए और 09 विधेयक पारित किए गए। 131वें संविधान संशोधन विधेयक, 2026; संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2026; और परिसीमन विधेयक, 2026 पर 21 घंटे 27 मिनट तक चर्चा हुई। इस चर्चा में 131 सदस्यों ने भाग लिया था। कुल कार्य-उत्पादकता लगभग 93 प्रतिशत रही थी।

यमुनानगर में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का किया गया आयोजन
  • यमुनानगर में ‘वार्तालाप’ कार्यशाला का आयोजन; कल्याणकारी योजनाओं और 12 वर्षों की उपलब्धियों पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श
  • केंद्र सरकार की जनहित योजनाएं यमुनानगर के विकास में साबित हुई मील का पत्थर: सुश्री प्रीती, उपायुक्त, यमुनानगर
  • पीएम सूर्य घर योजना से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आई नई क्रांति: श्री नवीन कुमार अहुजा, एडीसी, यमुनानगर
  • पीएमएसएम योजना से यमुनानगर में मातृ मृत्यु दर में आई भारी गिरावट: डॉ. दिव्या मंगला, सिविल सर्जन, यमुनानगर

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़ द्वारा हरियाणा के यमुनानगर में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला, ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय “केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के 12 वर्षों की उपलब्धियां” था, जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन और पिछले 12 वर्षों में हासिल किए गए महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

यमुनानगर के उपायुक्त, सुश्री प्रीति, मुख्य अतिथि के रूप में ‘वार्तालाप’ में शामिल हुईं। कार्यशाला में मीडिया जगत के प्रतिष्ठित पत्रकारों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।

अपने संबोधन में यमुनानगर की उपायुक्त, प्रीति, आईएएस ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं ने नागरिकों, विशेष रूप से समाज के अंतिम छोर पर मौजूद लोगों के जीवन को काफी आसान और समृद्ध बनाया है। उन्होंने जिले के सभी विभागों के ठोस प्रयासों की सराहना की और विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए प्रशासन और मीडिया के बीच निरंतर संवाद और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, मुद्रा योजना, पीएम किसान सम्मान निधी योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में बहुत उपलब्धियां हासिल की हैं।

इस दौरान मीडियाकर्मियों के साथ चर्चा करते हुए उपायुक्त महोदया ने पत्रकारों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सामाजिक ज़िम्मेदारी को ध्यान में रखने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न पीढ़ियों के लोग, युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई मोबाइल फोन और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा है, इसलिए, यह बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं। उन्होंने लोगों, विशेषकर मीडियाकर्मियों से अधिक सतर्क रहने और सोशल मीडिया के सकतरात्मक उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।

इस मौके पर नवीन कुमार अहुजा, अतिरिक्त उपायुक्त, यमुनानगर, ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की जनहित योजनाएं यमुनानगर के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इन कल्याणकारी योजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, और रोज़गार सृजन में सराहनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए, पुनीत सक्सेना, आईआईएस, पीआईबी मुख्यालय, दिल्ली ने इस बात का संक्षिप्त विवरण दिया कि पीआईबी फैक्ट चेक इकाई कितनी कुशलता से काम करती है और पत्र सूचना कार्यालय जनता और सरकार के बीच एक मध्यस्थ के रूप में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इसी तरह, अहमद खान, आईआईएस, मीडिया एवं संचार अधिकारी, पीआईबी चंडीगढ़ ने वार्तालाप के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से जनकल्याण की योजनाओं को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने में यह एक सार्थक कदम है। उन्होंने क्षेत्र में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाली विभिन्न मीडिया इकाइयों की संरचना और कामकाज पर विस्तृत पेशकारी प्रस्तुत की, और जमीनी स्तर तक विकास से संबंधित जानकारी को प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका पर जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान, विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा पिछले 12 वर्षों के अपने-अपने रिपोर्ट कार्ड और उपलब्धियों को प्रस्तुत करने के लिए कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसी कड़ी के तहत यमुनानगर के सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला और उप सिविल सर्जन, डॉ. चारू कालरा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY), आयुष्मान भारत, टीबी मुक्त भारत अभियान और एचपीवी टीकाकरण सहित प्रमुख स्वास्थ्य पहलों पर व्यापक प्रगति रिपोर्ट साझा की।

डॉ. दिव्या मंगला ने रेखांकित किया कि यमुनानगर में मातृ मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है और इसका बड़ा श्रेय प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY) को जाता है। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि अप्रैल से यमुनानगर के सरकारी अस्पतालों में एक भी मातृ मृत्यु की सूचना नहीं मिली है। एचपीवी टीकाकरण के बारे में उन्होंने कहा कि यमुनानगर का लक्ष्य चार्ट में शीर्ष पर रहना नहीं है बल्कि 100% उपलब्धि हासिल करना है, क्योंकि वे एक भी लड़की को पीछे नहीं छोड़ना चाहते हैं। डॉ. कालरा ने यह भी बताया कि जिले में लिंग अनुपात में भी सराहनीय काम किया गया है और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।

इस दौरान जिला परिषद, यमुनानगर के श्री मनोज कुमार, एपीओ, डीआरडीए ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत हासिल किए गए परिवर्तनकारी संरचनात्मक सुधारों और ग्रामीण आवास के सफल कार्यान्वयन पर जानकारी साझा की। इसके साथ वित्तीय सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यमुनानगर के अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), सुभाष चंद ने मुद्रा (MUDRA) योजना और स्टैंड अप इंडिया के बारे में बताते हुए कहा कि ने स्थानीय युवाओं और उभरते उद्यमियों के बीच आत्मनिर्भरता को बल मिला है।

इसी तरह एमएसएमई विभाग के औद्योगिक विस्तार अधिकारी रोहित टिंडल ने औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (FME) के माध्यम से उत्पन्न आजीविका के नए अवसरों के बारे में जानकारी दी।

कृषि विभाग, यमुनानगर के वरिष्ठ अधिकारी श्री आदित्य प्रताप ने भी पिछले 12 वर्षों के कृषि सुधारों पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से ‘प्राकृतिक खेती’ को बढ़ावा देने और अनूठी जल संरक्षण पहल, ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ की सफलता पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि अब तक प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रति किसान 30,000 रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जल को एक विरासत माना है और इसे सुरक्षित करने के लिए सरकार ने ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि राज्य में कम पानी का उपयोग करने वाली खेती करने वाले किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ से पुरस्कृत किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जिला पराली जलाने को कम करने के लिए कुशलतापूर्वक काम कर रहा है, अब योजनाओं एवं सरकार के प्रयासों के कारण पराली ‘वेस्ट से वेल्थ’ के रूप में परिवर्तित हो रही है। उन्होंने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल की भी सराहना की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह इस योजना से किसानों को यूरिया प्राप्त करने में मददगार साबित हुई है एवं यूरिया की कालाबाज़ारी पर भी रोक लगी है। इससे सरकार एवं किसानों को काफी मुनाफा हुआ है।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के प्रतिनिधि ने कहा कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ सौर ऊर्जा और हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा हासिल करने में मददगार साबित हुई है।

कार्यशाला का समापन श्री अहमद खान, मीडिया एवं संचार अधिकारी, पीआईबी चंडीगढ़, द्वारा दिए गए औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने इस कार्यक्रम को एक बड़ी सफलता बनाने के लिए जिला प्रशासन और पत्रकारों कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने अमृतसर में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व मंत्री और पूर्व MLA डॉ. राज कुमार वेरका ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए और आम लोगों को हो रही आर्थिक मुश्किलों का मुद्दा उठाया।


मीडिया से बात करते हुए डॉ. राज कुमार वेरका ने कहा कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें चरम पर पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई ने आम लोगों की ज़िंदगी पर बुरा असर डाला है। उन्होंने दावा किया कि घर का बजट बिगड़ गया है और बढ़ते खर्चों से लोग परेशान हैं।


डॉ. वेरका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान रसोई गैस और पेट्रोल की कीमतें कम थीं, तो BJP सरकार की तीखी आलोचना करती थी। उन्होंने कहा कि आज जब ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, तो केंद्र सरकार लोगों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण किसान, युवा और आम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।


पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोगों के मुद्दों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि देश के लोग बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव से तंग आ चुके हैं। डॉ. वेरका ने अपने भाषण के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय देश की अर्थव्यवस्था मजबूत थी और वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद भारत ने स्थिरता बनाए रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए और महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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