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TMC राज्यसभा सांसद कल्याण बनर्जी पूरे मानसून सत्र के लिए हुए निलंबित

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। उन्हें असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए निलंबित किया गया।  

मानसून सत्र का लगातार तीसरा दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। विपक्षी सदस्य नीट पेपर लीक, सीजेपी के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर चर्चा के लिए अड़े रहे। 

कल्याण बनर्जी पर क्या आरोप लगा?
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को बुधवार को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई तब हुई, जब आरोप है कि बनर्जी ने टीएमसी के बागी सांसद को ‘चोर’ कहा। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के बीच स्थगित हुई। फिर सदन के अंदर टकराव की स्थिति बन गई।विज्ञापन

किन सांसदों से हुआ कल्याण बनर्जी का विवाद?
आज पहले कल्याण बनर्जी का एनसीपीआई सांसदों मिताली बैग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार समेत अन्य सांसदों के साथ बहस हुई थी। ये तीनों पहले टीएमसी से जुड़ी थीं। लेकिन बाद में पार्टी से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हो गईं।

विवाद के दौरान क्या हुआ?
कल्याण बनर्जी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के साथ बने हुए हैं। उनको सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद इन सांसदों के साथ बहस करते हुए देखा गया। हालांकि, इस विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। कई विपक्षी सांसदों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। कुछ सदस्यों ने जब कल्याण बनर्जी से पूछा कि आखिर क्या हुआ था, तो वह लोकसभा कक्ष से बाहर चले गए।

मामले को लेकर स्पीकर से क्यों मिले सांसद?
इस विवाद के बाद मिताली बैग, काकोली घोष दस्तीदार और अन्य एनसीपीआई सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया।

स्पीकर ने क्या कदम उठाया?
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने एनसीपीआई सांसदों से इस घटना को लेकर लिखित शिकायत देने को कहा है। यह विवाद तृणमूल कांग्रेस में हुए विभाजन की पृष्ठभूमि में सामने आया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए थे। बागी सांसदों ने लोकसभा में टीएमसी सांसदों से अलग बैठना शुरू कर दिया और सार्वजनिक रूप से सत्तारूढ़ एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन देने का एलान किया।

NEET पेपर लीक पर दोषियों को होगी सजा, नहीं होगा छात्रों का भविष्य बर्बाद : पीएम मोदी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

  • PM मोदी ने कहा कि छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे.
  • छात्रों को लेकर सरकार संवेदनशील है, दलगत राजनीति न हो.
  • PM मोदी ने कहा- पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी.

संसद के मानसूस सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर बड़ी बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे। पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी।

रिजिजू ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। नीट पेपर लीक पर पीएम मोदी ने सख्ती, सजा और फुलप्रुफ सिस्टम की बात की. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार छात्रों को लेकर काफी संवेदनशील है. नीट पेपर लीक के मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. री-एग्जाम कराया गया और रिजल्ट में भी कोई विलंब नहीं हुआ. आगे पेपर लीक ना हो, इसके लिए सख्ती से कदम उठाया जाए.

NEET मामले में दलगत राजनीति नहीं हो

आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए. ये सिर्फ एक राज्य नहीं पूरे देश का मामला है. इस मामले में दलगत राजनीति नहीं होना चाहिए. इसके अलावा फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट की चर्चा हुई. पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के हित को ध्यान में रखा जाएगा. कोई नुकसान नहीं होने देंगे. रिजिजू ने कहा कि पीएम मोदी ने मार्गदर्शन दिया, देश ने पिछले महीनों में जो सफलता हासिल की उसका जिक्र किया.

नीट पेपर लीक के मुद्दों पर छात्रों का प्रदर्शन

नीट पेपर लीक के मुद्दों पर पिछले करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हो रहा है. इसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके कर रहे हैं. छात्रों की एक बड़ी तादाद कुछ विपक्षी दल इसका पुरजोर समर्थन कर रहे हैं. सोमवार को CJP के समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाल रहे थे. पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इसमें कई लोग घायल हुए, जिसमें छात्र और पुलिस के जवान भी शामिल हैं.

हिंसक प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के डेलिगेशन ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. इस दौरान सीजेपी ने सरकार ने मुख्य तीन मांगें रखीं. इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की अस्पताल से रिहाई और नीट के जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उसे 1 करोड़ का मुआवजा. हालांकि, इन मांगों को लेकर सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. मगर सीजेपी का कहना है कि नड्डा ने उनसे कहा कि वो अपने शीर्ष नेतृत्व से इस मसले पर बात करेंगे.