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खन्ना : ‘खेलां वतन पंजाब दियां-2026’ सीजन-4 का आगाज, 10 लाख खिलाड़ियों का लक्ष्य

खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब को खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार द्वारा आयोजित ‘खेलां वतन पंजाब दियां-2026’ सीजन-4 का खन्ना में आगाज किया गया। पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत, श्रम, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों और बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने नरेश चंद्र स्टेडियम, खन्ना में ब्लॉक स्तरीय खेल मुकाबलों की शुरुआत करवाई।

खन्ना में ब्लॉक स्तरीय मुकाबले 12 से 14 सितंबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी नेशनल, कबड्डी सर्कल, खो-खो, पुरुष टेनिस बॉल क्रिकेट, वॉलीबॉल स्मैशिंग और वॉलीबॉल शूटिंग सहित आठ खेलों के मुकाबले करवाए जा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘खेलां वतन पंजाब दियां’ जैसे खेल आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और उसे निखारने के लिए बड़ा मंच प्रदान कर रहे हैं।

मंत्री सौंद ने कहा कि खेल युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का उद्देश्य गांव स्तर से खेल प्रतिभाओं की पहचान करके उन्हें जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने बताया कि खन्ना में आयोजित हो रहे मुकाबलों में अंडर-14, अंडर-17, अंडर-21, 21-30, 31-40, 41-50, 51-60, 61-70 और 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने और अपनी मेहनत एवं लगन से पंजाब का नाम रोशन करने की अपील की।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ‘खेलां वतन पंजाब दियां’ का पहला सीजन वर्ष 2022 में शुरू किया गया था। पिछले सीजनों में खिलाड़ियों और आम लोगों की ओर से इस पहल को भारी समर्थन मिला और करीब 5 लाख खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया। इस वर्ष सरकार ने खेलों में 10 लाख तक खिलाड़ियों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने कहा कि इन खेल मुकाबलों के विजेता खिलाड़ियों को 12 करोड़ रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि के साथ ग्रेडेशन सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। इससे खिलाड़ियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ उनके भविष्य को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।

तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने में खेलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि गांवों में 3,100 मॉडल प्ले ग्राउंड तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें से करीब 1,000 मॉडल प्ले ग्राउंड बनकर लोगों को समर्पित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इन खेल मैदानों में खेलने वाले बच्चे और युवा ब्लॉक स्तर से जिला स्तर, जिला स्तर से राज्य स्तर, राज्य स्तर से राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं खेल मैदानों से पंजाब के भविष्य के खिलाड़ी और ओलंपियन निकलेंगे, जो पंजाब और देश का नाम रोशन करेंगे।

इस अवसर पर मार्केट कमेटी खन्ना के चेयरमैन जगतार सिंह गिल, ब्लॉक समिति खन्ना के चेयरमैन लखवीर सिंह गिल, नगर काउंसिल खन्ना के प्रधान जतिंदर पाठक, वाइस प्रधान करमजीत सिंह सिफती, जिला परिषद चेयरमैन मास्टर अवतार सिंह दैहड़ू, एसडीएम खन्ना स्वाति टिवाणा, नायब तहसीलदार खन्ना गुरचरण सिंह, कार्यकारी अधिकारी खन्ना चरणजीत सिंह, खेल कोऑर्डिनेटर शैलजा सहित शहर के पार्षद, बड़ी संख्या में खिलाड़ी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

पंजाब कैबिनेट में बड़ा फेरबदल: गिरफ्तार मंत्री संजीव अरोड़ा के विभाग 3 मंत्रियों में बंटे; तरूणप्रीत को मिला बिजली विभाग

चंडीगढ़: पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के विभागों का नया बंटवारा कर दिया है। अरोड़ा के पास रहे तीन महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अब सरकार के तीन मौजूदा मंत्रियों—तरुणप्रीत सिंह सौंध, हरजोत सिंह बैंस और अमन अरोड़ा को सौंपी गई है।

किसे क्या मिला?

तरुणप्रीत सिंह सौंध: वर्तमान में पर्यटन, सांस्कृतिक मामले और श्रम मंत्रालय संभाल रहे तरुणप्रीत सिंह सौंध को अब पावर (बिजली) विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

हरजोत सिंह बैंस: शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को लोकल बॉडी (स्थानीय निकाय) विभाग सौंपा गया है। गौरतलब है कि मार्च 2022 में सरकार बनने के बाद से इस विभाग के नेतृत्व में यह 7वीं बार बदलाव है।

अमन अरोड़ा: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा को अब उद्योग एवं वाणिज्य (Industries & Commerce) तथा निवेश प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इस विभाग में मौजूदा सरकार के दौरान यह चौथा बड़ा बदलाव है।

कैबिनेट का वर्तमान गणित: संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी और विभागों के पुनर्वितरण के बाद 11 मई 2026 तक पंजाब मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित कुल 16 मंत्री कार्यरत हैं। संवैधानिक नियमों के अनुसार पंजाब में अधिकतम 18 मंत्री हो सकते हैं, जिसका अर्थ है कि अभी भी दो पद खाली हैं। सरकार में हरपाल सिंह चीमा अभी भी सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में शामिल हैं, जो वित्त और आबकारी जैसे अहम विभाग देख रहे हैं।