Punjab Band News: पंजाब बंद का व्यापक असर, सरवन सिंह पंधेर ने CM भगवंत मान और DGP से मांगा इस्तीफा
पंजाब बंद के दौरान अमृतसर के गोल्डन गेट पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने नशा माफिया के खिलाफ प्रदर्शन किया। झोटा हत्याकांड में इंसाफ और CM-DGP के इस्तीफे की मांग उठाई।
अमृतसर / सत्ता संदेश
दिनांक : 15 नवंबर 2026
पंजाब में नशे के कारोबार के विरोध और परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग को लेकर किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी समेत विभिन्न किसान संगठनों की ओर से पंजाब बंद का आह्वान किया गया। अमृतसर के गोल्डन गेट पर प्रदर्शन के दौरान किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के DGP से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है और सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। किसान संगठनों ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में आरोपियों और कथित साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग भी उठाई।
झोटा हत्याकांड में इंसाफ की मांग
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में जांच के दौरान सभी पहलुओं को सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों और साजिश में कथित तौर पर शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन को जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। किसान संगठनों ने नशा तस्करी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से बचाने की मांग की।
पंजाब बंद के दौरान आपातकालीन सेवाओं को छूट
किसान संगठनों ने बंद के दौरान आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाओं के लिए छूट देने की बात कही। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, मरीजों और अस्पताल जाने वाले लोगों, शादी-विवाह में शामिल होने वाले परिवारों तथा एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को आने-जाने की अनुमति दी गई।
सरवन सिंह पंधेर ने प्रदर्शनकारियों और युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ शरारती तत्व आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में उन्होंने सभी से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने को कहा।
जिला स्तर पर रोष मार्च और पुतला दहन
किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में अमृतसर के गोल्डन गेट सहित पंजाब के विभिन्न जिलों और प्रदर्शन केंद्रों पर रोष मार्च तथा पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए। बंद के निर्धारित समय सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बाजारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों पर असर पड़ने का दावा किया गया।
किसान संगठनों ने लोगों से नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग देने और पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की। नेताओं ने बंद के समर्थन के लिए पंजाब की जनता का आभार भी जताया।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने दोहराया कि नशा तस्करी पर रोक लगाने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।

