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मानेसर में EV कलपुर्जा विक्रेता विकास कार्यक्रम, BIS ने मानकों और प्रमाणन पर दी जानकारी

गुरुग्राम / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), हरियाणा शाखा कार्यालय ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DFO), करनाल की ओर से मानेसर में आयोजित दो दिवसीय विद्युत वाहन (EV) कलपुर्जा विक्रेता विकास कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन 1 और 2 सितंबर 2026 को आईसीएटी कन्वेंशन सेंटर-2, मानेसर, गुरुग्राम में किया गया।

इस कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), ऑटोमोबाइल उद्योग, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों, नवोदित उद्यमों और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में व्यावसायिक अवसरों, तकनीकी आवश्यकताओं, परीक्षण, प्रमाणन, गुणवत्ता मानकों और नियामक प्रावधानों को लेकर उद्योग जगत को जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

BIS ने लगाया जागरूकता स्टॉल

कार्यक्रम में BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने BIS फरीदाबाद शाखा कार्यालय के सहयोग से विशेष स्टॉल स्थापित किया। स्टॉल पर इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित भारतीय मानकों, शोध प्रकाशनों और अध्ययन सामग्री को प्रदर्शित किया गया। इनमें भारत का राष्ट्रीय विद्युत संहिता भी शामिल रही।

इसके अलावा BIS के प्रकाशन ‘विद्युत वाहन चार्जिंग अवसंरचना एवं मानक : एक अवलोकन’ को भी प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मानकों, सुरक्षा आवश्यकताओं और गुणवत्ता के महत्व को लेकर उद्योग प्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों को जानकारी दी गई।

BIS स्टॉल पर विभिन्न उद्योगों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर अधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, BIS प्रमाणन और अनुरूपता मूल्यांकन से जुड़ी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी हासिल की।

MSME की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर चर्चा

MSME-DFO, करनाल के अपर विकास आयुक्त संजीव चावला ने भी अपने सहयोगियों के साथ BIS स्टॉल का दौरा किया। इस दौरान खास तौर पर तेजी से उभर रहे इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में काम कर रहे MSMEs की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार में स्वीकार्यता को मजबूत करने में भारतीय मानकों तथा अनुरूपता मूल्यांकन की भूमिका पर चर्चा हुई।

EV मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों पर तकनीकी सत्र

कार्यक्रम के पहले दिन 1 सितंबर को BIS हरियाणा शाखा कार्यालय की ओर से ‘विद्युत वाहनों के लिए मानक एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में नवीनतम विकास’ विषय पर तकनीकी सत्र में भाग लिया गया।

इस सत्र में BIS के वैज्ञानिक-डी सौरभ चंद्र ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने MSMEs और अन्य हितधारकों को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर लागू भारतीय मानकों, अनिवार्य प्रमाणन आवश्यकताओं और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में हुए नवीनतम विकास की जानकारी दी।

प्रतिभागियों को इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जों और संबंधित उत्पादों के लिए लागू मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछने और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिला।

‘मानक बाधा नहीं, गुणवत्ता और सुरक्षा का माध्यम’

कार्यक्रम में ‘हरियाणा में विद्युत वाहन पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा’ विषय पर भी सत्र आयोजित किया गया। इसमें हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण/नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, हरियाणा सरकार के परियोजना अधिकारी सुख चैन सिंह ने भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मानकों को किसी बाधा या समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मानक गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने तथा बेहतर भविष्य के निर्माण का माध्यम हैं। उन्होंने मानकों को व्यापक रूप से अपनाने को भारत को गुणवत्ता-सचेत राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इनमें विक्रेता विकास, निवेश एवं संयुक्त उपक्रम के अवसर, ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रिक वाहनों के परीक्षण की आवश्यकताएं और MSMEs के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाएं प्रमुख रहीं।

दूसरे दिन उद्योग और हितधारकों के साथ व्यापक संवाद

कार्यक्रम के दूसरे दिन 2 सितंबर को BIS अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक संवाद किया। इनमें शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों, स्टार्टअप्स, विनिर्माताओं और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

हितधारकों ने BIS प्रमाणन, लागू भारतीय मानकों, प्रमाणन प्राप्त करने की प्रक्रिया और विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादों के लिए अनुरूपता मूल्यांकन से संबंधित जानकारी हासिल की। BIS अधिकारियों ने प्रतिभागियों के सवालों और आवश्यकताओं के आधार पर मानकों तथा प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस दौरान उपभोक्ता शिकायतों और उनकी रिपोर्टिंग प्रक्रिया को लेकर भी व्यावहारिक सवाल उठाए गए। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर चर्चा हुई, जब BIS प्रमाणित उत्पाद में बाद में गुणवत्ता या प्रदर्शन से जुड़ी समस्या सामने आती है। अधिकारियों ने शिकायतों की रिपोर्टिंग और समाधान के लिए उपलब्ध माध्यमों की जानकारी दी।

66 प्रदर्शनी स्टॉल, 1,000 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रदर्शनी हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोटिव इकोसिस्टम से जुड़े उत्पादों, तकनीकों, सेवाओं और पहलों को प्रदर्शित करने वाले करीब 66 स्टॉल लगाए गए।

प्रदर्शनी में 1,000 से अधिक आगंतुकों ने हिस्सा लिया। इनमें उद्योग प्रतिनिधि, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और अन्य हितधारक शामिल रहे।

EV सेक्टर में गुणवत्ता और मानक जागरूकता को बढ़ावा

मानेसर में आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, MSMEs, स्टार्टअप्स, तकनीकी संस्थानों और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना। BIS की सहभागिता के माध्यम से भारतीय मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन, प्रमाणन आवश्यकताओं, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और उपभोक्ता शिकायतों से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

विक्रेता विकास कार्यक्रम के माध्यम से BIS हरियाणा शाखा कार्यालय ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में गुणवत्ता, मानक जागरूकता और नियामक अनुपालन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही BIS और MSME-DFO, करनाल के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा उद्योगों को प्रासंगिक भारतीय मानकों और वैधानिक आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए मार्गदर्शन देने का अवसर भी मिला।

हरियाणा में BIS का जागरूकता अभियान, महिलाओं को सिखाया असली ISI और हॉलमार्क की पहचान

हरियाणा / सत्ता संदेश

महिलाओं को जागरूक एवं सशक्त उपभोक्ता बनाने के उद्देश्य से भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), हरियाणा शाखा कार्यालय ने आज तहसील कार्यालय, रायपुर रानी में शाइन (Standards Help Inform & Nurture Empowered Women) कार्यक्रम का आयोजन किया। रायपुर रानी महिला ब्लॉक संगठन (क्लस्टर स्तरीय संघ) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) एवं क्लस्टर स्तरीय संघ की 27 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को बीआईएस मानकों, गुणवत्ता प्रमाणन, हॉलमार्किंग तथा उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें सुरक्षित एवं सूचित खरीदारी के लिए सक्षम बनाना था।

बीआईएस मानकों एवं बीआईएस केयर ऐप की दी जानकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री आरती चौधरीमानक संवर्धन अधिकारीबीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय ने भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका एवं कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आईएसआई मार्क, हॉलमार्किंग, अनिवार्य पंजीकरण योजना (सीआरएस) तथा घरेलू उत्पादों, पोषण, स्वच्छता एवं महिला एवं बाल कल्याण से संबंधित भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला।प्रतिभागियों को खरीदारी से पूर्व आईएसआई चिन्ह वाले उत्पादों की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बीआईएस केयर ऐप का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं को बीआईएस प्रमाणित उत्पादों तथा स्वर्ण आभूषणों की हॉलमार्किंग की ऑनलाइन जांच करने की प्रक्रिया समझाई गई।

हॉलमार्किंग शुल्क एवं उपभोक्ता अधिकारों पर जागरूकता

संवादात्मक सत्र के दौरान कई प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित हॉलमार्किंग शुल्क की जानकारी नहीं थी तथा वे यह मानती थीं कि ज्वैलर्स अपनी इच्छानुसार कोई भी शुल्क वसूल सकते हैं। इस पर उन्हें बताया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित हॉलमार्किंग शुल्क स्वर्ण आभूषण पर ₹45 प्रति आभूषण (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) तथा रजत (चांदीआभूषण पर ₹35 प्रति आभूषण (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) है, जो आभूषण के वजन पर निर्भर नहीं करता।प्रतिभागियों को यह भी जानकारी दी गई कि वे अपने पहले से हॉलमार्क किए गए आभूषणों की शुद्धता की जांच किसी भी बीआईएस मान्यता प्राप्त असेइंग एवं हॉलमार्किंग केंद्र में फायर असे विधि से ₹200 प्रति आभूषण के निर्धारित शुल्क पर करवा सकते हैं। इस सत्र ने हॉलमार्किंग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए महिलाओं को उपभोक्ता अधिकारों एवं अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से बचाव संबंधी व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।

हरियाणा में 41 शाइन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 1,080 महिलाओं तक पहुंच

बीआईएस का शाइन कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक उपभोक्ता एवं सामुदायिक नेतृत्वकर्ता के रूप में सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा राज्यभर में 41 शाइन कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1,080 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बीआईएस मानकों, गुणवत्ता प्रमाणन, हॉलमार्किंग एवं उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाएं न केवल स्वयं सूचित खरीदारी के निर्णय लेने में सक्षम बन रही हैं, बल्कि अपने समुदाय में भी गुणवत्ता एवं मानकों के प्रति जागरूकता का प्रसार कर रही हैं।

हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा RWA एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपभोक्ता जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन

पंचकूला / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा वरिष्ठ नागरिक परिषद की मदद से बीती मंगलवार को सेक्टर 15 पंचकूला में स्थित डे केयर सेंटर कम वृद्दाश्रम में केयर सेंटर कम वृद्धाश्रम में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपभोक्ता जागरुकता एवं संवेदनशील कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में 40 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों एवं विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भारतीय मानकों, गुणवत्ता, सुरक्षा तथा उपभोक्ता के प्रति जागरुक करना था।

कार्यक्रम के दौरान श्यांतोनी शोम, कंसल्टेंट, बीआईएस, हरियाणा शाखा कार्यालय ने बीआईएस की भूमिका, मानकीकरण एवं प्रमाणन प्रणाली तथा उपभोक्ता हितों की सुरक्षा में बीआईएस के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपभोक्ताओं को खरीददारी से पूर्व आईएसएआई मार्क, सोने के आभूषणों पर हॉलमार्क तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत उत्पादों  सीआरएस प्रमाणन चिन्हों की जांच करने के महत्व के बारें में जानकारी दी।

प्रतिभागियों को बीआईएस केयर ऐप का भी प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से उपभोक्ता किसी भी बीआईएस प्रमाणित उत्पाद, हॉलमार्क युक्त आभूषण तथा लाइसेंसधारी निर्माता की प्रामणिकता की जांच कर सकते है तथा आवश्यक होने पर शिकायत भी दर्ज करा सकते है।

कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने उत्पादों की गुणवत्ता, हॉलमार्किंग, प्रमाण चिन्हों एवं उपभोक्ताओं अधिकारियों से संबंधित कई प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों द्वारा सभी प्रश्नों का संतोषजनक समाधान दिया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों से अपने परिवार, समाज में भारतीय मानको तथा सुरक्षित खरीददारी के प्रति जागरुकता फैलाने का आग्रह किया गया।

कार्यक्रम का समापन उपभोक्ताओं से यह अपील करते हुए किया कि वे किसी भी उत्पाद की खरीद से पहले बीआईएस प्रमाणन चिन्ह अवश्य जांचे तथा गुणवत्ता एवं सुरक्षा के प्रति सजग उपभोक्ता बने। यह कार्यक्रम उपभोक्ता जागरूकता को सुदृढ़ करने तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के प्रति विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

मोरनी महिला ब्लॉक संगठन के द्वारा स्वयं सहायता समूह के लिए ‘शाइन’ कार्यक्रम का आयोजन

हरियाणा / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो, हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा मोरनी महिला ब्लॉक संगठन की स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के लिए शाइन स्टेंडर्स हेल्प इनफॉर्म एंड नर्चर इंपावर्ड वुमेन कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक मोरनी में किया गया। कार्यक्रम में 45 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं संगठन के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय के मानक संवर्धन अधिकारी आरती चौधरी ने प्रतिभागियों को भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका एवं कार्यों से अवगत कराया तथा गुणवत्ता, सुरक्षा और उपभोक्ता जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आईएसआई मार्क, हॉलमार्किंग, अनिवार्य पंजीकरण योजना तथा घरेलू उत्पादों, पोषण, स्वच्छता, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित विभिन्न भारतीय मानकों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान बीआईएस केयर ऐप का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को बीआईएस प्रमाणित उत्पादों की सत्यता जांचने तथा HUID के माध्यम से हॉलमार्कयुक्त स्वर्ण आभूषणों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने की प्रक्रिया समझाई गई। विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं ने छोटे उद्यमों एवं उपभोक्ता उत्पादों से संबंधित मानकों के बारे में विशेष रुचि दिखाई।

प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि इस जागरूकता कार्यक्रम से उन्हें उपभोक्ता अधिकारों, गुणवत्ता मानकों तथा प्रमाणित उत्पादों की पहचान करने की बेहतर जानकारी प्राप्त हुई, जिससे वे सुरक्षित एवं जागरूक उपभोक्ता के रूप में सही खरीद निर्णय लेने में सक्षम होंगी।

BIS ने करनाल के बाजीदा जट्टान में ग्राम चौपाल लगाकर मानकों के प्रति किया जागरूक

करनाल / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा गांव बाजीदाजट्टान, जिला करनाल, हरियाणा में दिनांक 10 जुलाई 2026 को ग्रामचौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 35 ग्रामीणों, जिसमेंग्राम सरपंच भी शामिल थे, ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों एवं किसानों को गुणवत्ता मानकों, उपभोक्ता अधिकारों तथा बीआईएस द्वारा संचालित विभिन्न पहलों के प्रतिजागरूक करना था।

सुश्री आरती चौधरी, मानक संवर्धन अधिकारी, बीआईएस हरियाणा शाखाकार्यालय ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए बीआईएस प्रमाणित उत्पादों केमहत्व, उपभोक्ता सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के चयन के बारे मेंजानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को बीआईएस केयर ऐप के माध्यम सेउत्पादों की प्रामाणिकता जांचने एवं शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारेमें भी अवगत कराया।

चूंकि धान की खेती का मौसम शुरू होने वाला है, इस अवसर पर किसानोंको कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले गुणवत्तापूर्ण एवं मानकीकृत उपकरणोंके महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। किसानों को खेती के लिए कृषिट्रैक्टर (IS 12207), फसल सुरक्षा हेतु नैपसैक स्प्रेयर (IS 1970 / IS 3906), धान की मड़ाई के लिए पावर थ्रेशर (IS 9020) तथा कटाई के लिएकंबाइन हार्वेस्टर (IS 15806) जैसे उपकरणों के उपयोग एवं गुणवत्तामानकों के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान हॉलमार्किंग एवं HUID सत्यापन के संबंध में भीजागरूकता प्रदान की गई, जिसमें ग्रामीणों को असली हॉलमार्क वाले सोनेके आभूषणों की पहचान एवं उनकी प्रामाणिकता जांचने की जानकारी दीगई।

बीआईएस, हरियाणा शाखा कार्यालय, पानीपत द्वारा ग्राम चौपाल का आयोजन 

हरियाणा / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), हरियाणा शाखा कार्यालय, पानीपत द्वारा 5 जुलाई 2026 को ग्राम बबैल, जिला पानीपत में एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आदर्श महिला मंडल (एनजीओ) तथा ग्राम सरपंच के सहयोग से किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को दैनिक जीवन, विशेषकर घरेलू एवं कृषि उपयोग की वस्तुओं में भारतीय मानकों के महत्व के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में 57 ग्रामीणों ने भाग लिया।

आदर्श महिला मंडल (एनजीओ) की प्रतिनिधि सुश्री आशु अरोड़ा ने ग्राम चौपाल के उद्देश्यों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने उपभोक्ता जागरूकता, उपभोक्ता अधिकारों तथा खरीदारी करते समय सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि गुणवत्ता एवं प्रामाणिकता की जांच किए बिना उत्पाद खरीदने से उपभोक्ताओं को किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

संवादात्मक सत्र के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा नकली एवं निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने बीआईएस केयर ऐप का प्रदर्शन करते हुए बताया कि आईएसआई मार्क युक्त उत्पादों की प्रामाणिकता कैसे जांची जा सकती है तथा ऐप के माध्यम से उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई।

प्रतिभागियों को हॉलमार्क युक्त स्वर्ण आभूषणों की पहचान, आभूषणों पर अंकित हॉलमार्क एवं एचयूआईडी (HUID) को पहचानने तथा बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से उनकी प्रामाणिकता सत्यापित करने की जानकारी भी दी गई।

सामान्य इंजीनियरिंग उत्पादों एवं फास्टनर्स पर विशेष ध्यान के साथ संवाद” विषय पर MSME मीट का आयोजन

रोहतक / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा “सामान्य इंजीनियरिंग उत्पादों एवं फास्टनर्स पर विशेष ध्यान के साथ संवाद” विषय पर एक एमएसएमई मीट का आयोजन एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, रोहतक में किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई, विनिर्माताओं, उद्योग संघों एवं अन्य हितधारकों के बीच भारतीय मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs), उत्पाद प्रमाणन तथा मानकीकरण गतिविधियों में सहभागिता के अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इस कार्यक्रम में 62 हितधारकों ने भाग लिया, जिनमें एमएसएमई प्रतिनिधि, विनिर्माण इकाइयाँ, उद्योग संघ एवं अन्य संबंधित संगठन शामिल थे। इस इंटरैक्टिव सत्र में प्रतिभागियों को BIS अधिकारियों से सीधे संवाद करने, मानकों एवं प्रमाणन प्रक्रियाओं पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा गुणवत्ता अनुपालन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री चंदन कुमार, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक, BIS हरियाणा शाखा कार्यालय के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने गुणवत्ता एवं मानकीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।

इसके पश्चात श्री मोनार्क जोशी, वैज्ञानिक-सी/उप निदेशक, उत्पादन एवं सामान्य इंजीनियरिंग विभाग (PGD), BIS द्वारा तकनीकी सत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें सामान्य इंजीनियरिंग उत्पादों, विशेषकर फास्टनर्स के लिए मानकीकरण ढांचे, संबंधित भारतीय मानकों तथा गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों की जानकारी दी गई। उन्होंने वापस लिए गए QCOs की नियामकीय स्थिति को भी स्पष्ट किया।

इसके बाद श्री सौरभ चंद्र, वैज्ञानिक-सी/उप निदेशक, BIS हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा BIS उत्पाद प्रमाणन योजना, प्रमाणन प्रक्रिया, मानक ऑनलाइन पोर्टल एवं हालिया सुधारों पर प्रस्तुति दी गई। इस सत्र में एमएसएमई एवं महिला उद्यमियों हेतु उपलब्ध छूट, प्रयोगशाला रियायतें, गुणवत्ता आश्वासन योजना तथा शुल्क लाभों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को BIS मानक पोर्टल तथा तकनीकी समितियों में शामिल होने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।

एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, रोहतक की ओर से सुश्री रचना त्रिपाठी, सहायक निदेशक ने केंद्र सरकार की एमएसएमई योजनाओं पर प्रस्तुति दी।

इंटरैक्टिव सत्र के दौरान हितधारकों ने QCO कार्यान्वयन, प्रमाणन एवं अनुपालन से संबंधित मुद्दे उठाए, जिनका BIS अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक एवं उपयोगी चर्चाओं के साथ हुआ, जिससे उद्योग एवं BIS के बीच सहयोग को मजबूती मिली तथा गुणवत्ता एवं मानकीकरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिला।

BIS हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा जींद में जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

जींद / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो हरियाणा शाखा कार्यालय चंडीगढ़ द्वारा 29 जून को मिनी सचिवालय, जींद के सम्मेलन कक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं जागरुकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जिला स्तरीय सरकारी विभागों के 23 अधिकारियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री आरती चौधरी, मानक संवर्धन अधिकारी, बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने देश में गुणवत्ता, सुरक्षा एवं मानकीकरण को बढ़ावा देने में भारतीय मानक ब्यूरो की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम के उद्देश्य, आईएसआई प्रमाणन योजना, एचयूआईडी सहित हॉलमार्किंग, अनिवार्य पंजीकरण योजना (CRS), बीआईएस केयर ऐप, उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम, स्टैंडर्ड्स क्लब, एमएसएमई मीट, ग्राम पंचायत कार्यक्रम, SHINE कार्यक्रम तथा विभिन्न क्षमता निर्माण पहलों की जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रदीप कुमार–II, एचसीएस, अतिरिक्त उपायुक्त, जींद ने की। उन्होंने अपने संबोधन में सरकारी कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा, पारदर्शिता तथा मानक आधारित खरीद सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानकों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सभी सरकारी विभागों से अपने कार्यों में भारतीय मानकों को अपनाने एवं प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।

तकनीकी सत्र का संचालन श्री सौरभ चंद्रा, वैज्ञानिक-सी एवं उप निदेशक, बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा किया गया। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के कार्यों, भारतीय मानकों के निर्माण की प्रक्रिया, उत्पाद प्रमाणन योजना (आईएसआई मार्क), हॉलमार्किंग, अनिवार्य पंजीकरण योजना (CRS) तथा गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs) के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने Know Your Standards Portal, Manakonline Portal तथा BIS Care App का प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को भारतीय मानकों तक पहुंच, प्रमाणित उत्पादों के सत्यापन तथा उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया से अवगत कराया।

कार्यक्रम का समापन सरकारी विभागों में भारतीय मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन पर आयोजित एक संवादात्मक चर्चा के साथ हुआ। चर्चा के दौरान सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता (XEN) एवं अन्य अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा अपने निर्माण एवं अन्य आधिकारिक कार्यों में आईएस 456, आईएस 800 सहित अन्य प्रासंगिक भारतीय मानकों का अनुपालन किया जा रहा है, जो गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह कार्यक्रम सरकारी विभागों के बीच भारतीय मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करने की दिशा में भारतीय मानक ब्यूरो की सतत प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।