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आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय

दिल्ली / सत्ता संदेश

सरकार के संज्ञान में आया है कि “जेजी बिल्डिंग ग्रुप” नामक एक संस्था द्वारा कुछ धोखाधड़ी वाली गतिविधियां की जा रही हैं, जिसमें आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) से संबंध होने का झूठा दावा करके फर्जी भर्ती अभियान चलाए जा रहे हैं।

2. उक्त संस्था कथित तौर पर:

(i). एमओएचयूए के नाम का उपयोग करके फर्जी रिक्ति नोटिस जारी कर रही है;

(ii). मंत्रालय से प्राधिकरण/सहयोग का दावा करके उम्मीदवारों को गुमराह कर रही है;

(iii). रोजगार प्रदान करने के बहाने आवेदकों से कथित तौर पर मौद्रिक लाभ की मांग कर रही है;

(iv). ऐसे झूठे दावों को बढ़ावा देने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म/वेबसाइट का संचालन कर रही है।

3. इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि:

(क). आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने ऐसी कोई भर्ती सूचना जारी नहीं की है;

(ख) मंत्रालय ने किसी भी निजी एजेंसी/संस्था को अपनी ओर से भर्ती करने के लिए अधिकृत नहीं किया है;

(ग). इसके विपरीत दावा करने वाले किसी भी संचार को कपटपूर्ण और भ्रामक माना जाना चाहिए।

4. आम जनता, विशेषकर नौकरी चाहने वालों को सलाह दी जाती है:

(i). ऐसे फर्जी भर्ती प्रस्तावों का जवाब न दें

(ii). ऐसी संस्थाओं के साथ व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें;

(iii). ऐसे प्रस्तावों के संबंध में कोई भुगतान न करें;

(iv). ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर या स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों को करें।

5. यह विज्ञप्ति जनहित में जागरूकता पैदा करने और भोले-भाले नागरिकों के शोषण को रोकने के लिए जारी की जा रही है।

इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम अपनाने वाला लुधियाना पंजाब का तीसरा शहर बना

– डीजीपी गौरव यादव द्वारा लुधियाना में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) का उद्घाटन
– इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम 9 ट्रैफिक उल्लंघनों का पता लगा सकता है: डीजीपी गौरव यादव
– डीजीपी पंजाब ने फील्ड अधिकारियों के साथ व्यापक बैठक की, जन शिकायतों के त्वरित और नागरिक-केंद्रित समाधान पर जोर
– डीजीपी ने दोपहर के ‘वड्डे खाने’ के दौरान 550 से अधिक पुलिस कर्मियों के साथ भोजन किया

लुधियाना / सत्ता संदेश

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह की सोच के अनुरूप पंजाब पुलिस को आधुनिक बनाने की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के तहत जालंधर और मोहाली के बाद अब लुधियाना राज्य का तीसरा ऐसा शहर बन गया है, जहां इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) स्थापित किया गया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने अत्याधुनिक भावी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) के उद्घाटन के अवसर पर दी।

डीजीपी ने बताया कि आइसीसीसी परियोजना के तहत शहर की निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए 259 स्थानों पर 1,700 हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं।

शहर भर में 46 स्थानों पर स्थापित यह आइटीएमएस 9 प्रकार के ट्रैफिक उल्लंघनों का पता लगा सकता है, जिनमें लाल बत्ती पार करना, स्टॉप लाइन का उल्लंघन, बिना हेलमेट वाहन चलाना, पीछे बैठने वाले यात्री द्वारा हेलमेट न पहनना, तीन सवारी बैठाना, ओवरस्पीडिंग, ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उल्लंघन, गलत दिशा में वाहन चलाना और गलत पार्किंग शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव, जो ग्राउंड-जीरो दौरे के तहत लुधियाना में थे, ने अपग्रेड किए गए अत्याधुनिक आइसीसीसी को निवारक पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, “नए उद्घाटित आइसीसीसी में एक ही छत के नीचे कई यूनिट्स को शामिल किया गया है, जिनमें ट्रैफिक, पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर), सेफ सिटी और वायरलेस यूनिट शामिल हैं। इससे पुलिस के कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और पीसीआर रेस्पोंस समय 15 मिनट से घटाकर मात्र 7-8 मिनट कर दिया गया है।”

डीजीपी, जिनके साथ कमिश्नर ऑफ पुलिस (सीपी) लुधियाना स्वप्न शर्मा और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीआईजी) लुधियाना रेंज सतिंदर सिंह भी मौजूद थे, ने फील्ड अधिकारियों के साथ एक विस्तृत बैठक भी की, जिसमें जन शिकायतों के त्वरित और नागरिक-केंद्रित समाधान पर जोर दिया गया।

आपसी समन्वय और एकजुटता को और मजबूत करने के लिए डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस लाइंस में आयोजित ‘वड्डे खाने’ के दौरान पंजाब पुलिस के सभी रैंक के 550 से अधिक कर्मियों के साथ भोजन किया। उन्होंने कहा, “ऐसे अवसर आपसी सहयोग, एकता और जनसेवा के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।”

इस दौरान डीजीपी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रेरित हो सकें।

इस अवसर पर अन्य के अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) लुधियाना (ग्रामीण) अंकुर गुप्ता, एसएसपी एसबीएस नगर तुषार गुप्ता, एसएसपी खन्ना दरपन आहलूवालिया और डीजीपी पंजाब के स्टाफ ऑफिसर ऋषभ भोला भी उपस्थित थे।