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नोएडा के मामूरा गांव के पीजी में लगी आग, 2 लोगों की हुई मौत, बचाव अभियान जारी

नोएडा / सत्ता संदेश

यूपी के नोएडा में मंगलवार को एक पीजी में भीषण आग लग गई। फेज-3 थाना इलाके के मामूरा गांव स्थित पीजी में लगी आग की चपेट में दो लोगों की मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत एक इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में हुए धमाके से हुई थी।

आग तेजी से फैल गई और आसपास खड़े कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। आग लगने के समय भवन के अंदर करीब 50 परिवार मौजूद थे। धुआं और लपटें फैलने से वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग और पुलिस का दल मौके पर पहुंचा। 

दमकल कर्मियों ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, मृतकों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अग्निशमन विभाग ने कई दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया। 

प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में चिंगारी को आग लगने की वजह माना जा रहा है। पुलिस और अग्निशमन विभाग मामले की जांच कर रहे हैं तथा मृतकों की पहचान और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
नोएडा के सेक्टर 66 में एक इमारत में आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने घायलों को उचित इलाज मुहैया कराने के भी निर्देश दिए।

प्रशासन को निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सभी स्तरों पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने घायलों के उचित इलाज को सुनिश्चित करने के लिए कहा।

आधी रात को बिजली की तारों में लगी आग के कारण एक हार्डवेयर की दुकान जलकर पूरी तरह राख हो गई।

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दुकानदार ने इस घटना के लिए पावरकॉम को जिम्मेदार ठहराया है।

गुरदासपुर के गीता भवन रोड पर स्थित एक हार्डवेयर की दुकान में, दुकान के बाहर से गुजर रही बिजली की तारों में लगी आग के कारण पूरी दुकान जलकर राख हो गई। रात करीब 2 बजे बिजली की तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया।

दुकान के अंदर रखे केमिकल, फेवीकोल और प्लाईवुड भी आग की वजह से धू-धू कर जलने लगे। हालांकि फायर ब्रिगेड को सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंच गई और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया, लेकिन केमिकल की वजह से आग तेजी से फैल गई और तमाम कोशिशों के बावजूद दुकान को बचाया नहीं जा सका।

करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया और आसपास की दुकानों तथा रिहायशी इलाकों को नुकसान होने से बचा लिया।

दुकानदार के अनुसार लगभग 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन उनका आरोप है कि पावरकॉम को सूचना देने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक बिजली की सप्लाई बंद नहीं की गई, जिससे बड़ा नुकसान हुआ। यदि समय रहते सप्लाई बंद कर दी जाती तो तारों में लगी आग इतनी नहीं फैलती।

दुकानदार राहुल के अनुसार उनकी “रमन प्लाईवुड” नाम से गीता भवन रोड पर हार्डवेयर और प्लाईवुड की दुकान है और उनका आवास भी दुकान के ऊपर ही है। रात करीब 2 बजे उन्हें अचानक जलने की गंध महसूस हुई। जब उन्होंने दुकान के अंदर से धुआं उठता देखा तो वे तुरंत बाहर आए और देखा कि दुकान के बाहर गुजर रही दो बिजली की तारों में आग लगी हुई है।

उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड और पावरकॉम को सूचना दी। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई, लेकिन पावरकॉम के किसी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई और पूरी दुकान जलकर राख हो गई। उन्होंने बताया कि उनका लगभग 30 लाख रुपये का सामान जल गया और भवन को हुए नुकसान का अलग से आकलन किया जाएगा। वे पूरी तरह पावरकॉम को जिम्मेदार मानते हैं।

वहीं फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बताया कि दुकान के अंदर केमिकल और फेवीकोल होने के कारण आग तेजी से फैल गई। इसी वजह से सामान को बचाया नहीं जा सका, लेकिन आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर आसपास के रिहायशी इलाके और दुकानों को सुरक्षित बचा लिया गया।