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आधी रात को बिजली की तारों में लगी आग के कारण एक हार्डवेयर की दुकान जलकर पूरी तरह राख हो गई।

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दुकानदार ने इस घटना के लिए पावरकॉम को जिम्मेदार ठहराया है।

गुरदासपुर के गीता भवन रोड पर स्थित एक हार्डवेयर की दुकान में, दुकान के बाहर से गुजर रही बिजली की तारों में लगी आग के कारण पूरी दुकान जलकर राख हो गई। रात करीब 2 बजे बिजली की तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया।

दुकान के अंदर रखे केमिकल, फेवीकोल और प्लाईवुड भी आग की वजह से धू-धू कर जलने लगे। हालांकि फायर ब्रिगेड को सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंच गई और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया, लेकिन केमिकल की वजह से आग तेजी से फैल गई और तमाम कोशिशों के बावजूद दुकान को बचाया नहीं जा सका।

करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया और आसपास की दुकानों तथा रिहायशी इलाकों को नुकसान होने से बचा लिया।

दुकानदार के अनुसार लगभग 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन उनका आरोप है कि पावरकॉम को सूचना देने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक बिजली की सप्लाई बंद नहीं की गई, जिससे बड़ा नुकसान हुआ। यदि समय रहते सप्लाई बंद कर दी जाती तो तारों में लगी आग इतनी नहीं फैलती।

दुकानदार राहुल के अनुसार उनकी “रमन प्लाईवुड” नाम से गीता भवन रोड पर हार्डवेयर और प्लाईवुड की दुकान है और उनका आवास भी दुकान के ऊपर ही है। रात करीब 2 बजे उन्हें अचानक जलने की गंध महसूस हुई। जब उन्होंने दुकान के अंदर से धुआं उठता देखा तो वे तुरंत बाहर आए और देखा कि दुकान के बाहर गुजर रही दो बिजली की तारों में आग लगी हुई है।

उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड और पावरकॉम को सूचना दी। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई, लेकिन पावरकॉम के किसी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई और पूरी दुकान जलकर राख हो गई। उन्होंने बताया कि उनका लगभग 30 लाख रुपये का सामान जल गया और भवन को हुए नुकसान का अलग से आकलन किया जाएगा। वे पूरी तरह पावरकॉम को जिम्मेदार मानते हैं।

वहीं फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बताया कि दुकान के अंदर केमिकल और फेवीकोल होने के कारण आग तेजी से फैल गई। इसी वजह से सामान को बचाया नहीं जा सका, लेकिन आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर आसपास के रिहायशी इलाके और दुकानों को सुरक्षित बचा लिया गया।

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