नेपाल में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: पूर्व PM केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री गिरफ्तार; जेन-जी प्रदर्शनों में मौतों का है मामला
इंटरनेशनल डेस्क: नेपाल की राजनीति में शनिवार, 28 मार्च 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके भक्तपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई के तहत पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है।
यह कार्रवाई नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन शाह के शपथ लेने के तुरंत बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला? द सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी सितंबर 2025 में हुए ‘जेन-जी’ (Gen-Z) विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मौतों से जुड़ी है।हिंसा और मौतें: उन प्रदर्शनों के दौरान महज दो दिनों में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
सरकार का पतन: उस समय देश में केपी शर्मा ओली की सरकार थी, लेकिन इन हिंसक प्रदर्शनों के दबाव के कारण उनकी सरकार गिर गई थी।
सख्त सजा का प्रावधान: यदि ओली इस मामले में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह का सख्त संदेश: महज 35 साल की उम्र में नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने बालेन शाह ने पद संभालते ही यह सख्त कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन, जो कभी एक रैपर और फिर मेयर रहे, इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि वह जेन-जी मामलों और न्याय व्यवस्था पर किसी तरह के समझौते के मूड में नहीं हैं।
ओली का राजनीतिक सफर: केपी शर्मा ओली नेपाल की राजनीति का एक कद्दावर नाम रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने से पहले वह देश के गृह मंत्री, उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। साल 2026 के आम चुनावों में भी वह अपनी पार्टी CPN (UML) की ओर से प्रधानमंत्री पद के मुख्य दावेदार के रूप में सक्रिय थे।

