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प्रधानमंत्री ने देश भर में बढ़ते तापमान के मद्देनजर देशवासियों से सावधानी बरतने का आग्रह किया

प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के दौरान सतर्क रहने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और संवेदनशील लोगों की देखभाल करने का आह्वान किया

प्रधानमंत्री ने लोगों से पशु-पक्षियों और भीषण गर्मी से प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते तापमान के मद्देनजर देशवासियों से हर संभव सावधानी बरतने का आग्रह किया है।

श्री मोदी ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने और अत्यधिक गर्मी की स्थिति में दूसरों को पानी देकर उनकी मदद करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने चक्कर आना, मतली और अत्यधिक थकान के लक्षणों के प्रति लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ दिखाई दे, कमजोरी या सिरदर्द महसूस कर रहा हो तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाकर पानी और ओआरएस उपलब्ध कराएं।

श्री मोदी ने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और बाहर धूप में काम करने वाले लोग भीषण गर्मी के दौरान विशेष रूप से प्रभावित होते हैं और चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज़ करना हीटस्ट्रोक का कारण बन सकता है।

श्री मोदी ने लोगों से इस दौरान बुजुर्ग माता-पिता, दादा-दादी, नानी-नानी और अपने अन्य प्रियजनों का नियमित रूप से हालचाल पूछने तथा उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त आराम करने की सलाह देने का भी आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने करुणा पर बल देते हुए, नागरिकों से अपील की कि वे इस गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए घरों, बालकनियों, छतों, दुकानों और कार्यालयों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखें।

श्री मोदी ने श्रृंखलाबद्ध ‘एक्स’ पोस्ट में कहा:

“देश के विभिन्न हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है और इसके साथ कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। यह गर्मी हम सभी के लिए कष्टदायी है और मैं आप सभी से यथासंभव सावधानी बरतने का आग्रह करता हूं। कृपया पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, बाहर निकलते समय अपने साथ पानी जरूर रखें। दूसरों को भी पानी पिलाएं। ऐसे मौसम में ऐसी करुणा बहुत मायने रखती है।”

“गर्मी से होने वाली परेशानी जैसे चक्कर आना, मतली या अत्यधिक थकान पर ध्यान दें। अगर आपके आस-पास किसी को असामान्य रूप से अस्वस्थता, कमजोरी महसूस हो या सिरदर्द हो, तो उन्हें तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाना सबसे अच्छा है। उन्हें पानी, ओआरएस आदि उपलब्ध कराएं जिससे उन्हें आराम मिले। बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इन चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है और यहां तक ​​कि हीटस्ट्रोक का कारण भी बन सकता है। ऐसे मौसम में, समय पर देखभाल और ध्यान देना बहुत जरूरी है।”

“जब भी संभव हो, इस भीषण गर्मी के दौरान अपने बुजुर्ग माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और प्रियजनों को फोन करके उनका हालचाल पूछें। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और जब भी संभव हो, आराम करने की सलाह दें।”

“आइए हम इस भीषण गर्मी में, अपने आसपास के पशु-पक्षी और जानवरों का भी ख्‍याल रखें। घर, बालकनी, छत, दुकान या दफ्तर के बाहर रखा एक छोटा कटोरा पानी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। इन कठिन दिनों में करुणा हमारा मार्गदर्शन करे।”

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं, कहा- भारत विकास और आत्मविश्वास के नए दौर में

छत्तीसगढ़ / सत्ता संदेश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश आत्मविश्वास, सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को राष्ट्रसेवा और गरीब कल्याण को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और भारत की वैश्विक पहचान पहले से अधिक मजबूत हुई है।

साय ने अपने संदेश में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचा है। गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को भारतीय राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलावों के दौर के रूप में देखा जा रहा है। डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन और बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे कई अभियानों ने देश के विकास मॉडल को नई दिशा दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वर्ष 2019 में दोबारा केंद्र की सत्ता संभाली और लगातार तीसरे कार्यकाल में भी उनकी सरकार विकास, सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कह रही है।

भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने दिल्ली पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, पीएम मोदी से करेंगे अहम मुलाकात

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio शनिवार को आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। उनकी यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव को कम करने और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दिल्ली पहुंचने के बाद रूबियो कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। वह भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ द्विपक्षीय संबंधों, रक्षा सहयोग, व्यापार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों समेत कई अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे।

इसके अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

रूबियो नई दिल्ली में आयोजित होने वाली ‘क्वाड’ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों, समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूबियो का यह दौरा भारत-अमेरिका रिश्तों में नई ऊर्जा भरने और दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

PM मोदी की ‘मेलोडी’ कूटनीति का शेयर बाजार पर असर: इस कंपनी के शेयरों में लगा ‘अपर सर्किट’

बिजनेस डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल “मेलोडी” (Melody) मूमेंट का असर अब भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी द्वारा इटली यात्रा के दौरान पीएम मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट करने के बाद एक विशेष कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है।

नाम के भ्रम में निवेशकों की चांदी : दिलचस्प बात यह है कि असली ‘मेलोडी’ टॉफी बनाने वाली कंपनी ‘पारले प्रोडक्ट्स’ (Parle Products) शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। लेकिन निवेशकों के बीच नाम को लेकर पैदा हुए भ्रम के कारण ‘पारले इंडस्ट्रीज’ (Parle Industries) के शेयरों में पिछले तीन दिनों से लगातार अपर सर्किट लग रहा है। निवेशक पारले प्रोडक्ट्स समझकर पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद रहे हैं।

तीन दिनों में करोड़ों की कमाई : इस कन्फ्यूजन का फायदा पारले इंडस्ट्रीज को मिला है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर 4.90% की बढ़त के साथ 5.78 रुपये पर पहुंच गए। तीन दिन पहले तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 25 करोड़ रुपये से कम था, जो अब बढ़कर लगभग 28.23 करोड़ रुपये हो गया है। यानी महज तीन दिनों में निवेशकों ने इस शेयर के जरिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी बाजार : विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी पूरी तरह से रिटेल ट्रेडर्स की गतिविधि और भ्रम पर आधारित है। रिकॉर्ड बताते हैं कि हालिया तेजी के बावजूद, यह शेयर लंबी अवधि में काफी कमजोर रहा है। पिछले एक साल में इसमें 68% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इसलिए, किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद लेना जरूरी है।

PM मोदी ने जियोर्जिया मेलोनी को गिफ्ट की ‘मेलोडी’ टॉफी, भारत में मची लूट; ब्लिंकिट-जेप्टो पर हुई ‘आउट ऑफ स्टॉक’

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने पांच देशों के यूरोपीय दौरे के अंतिम चरण में इटली में हैं। इस यात्रा के दौरान एक ऐसी दिलचस्प घटना घटी, जिसने न केवल सोशल मीडिया पर धूम मचा दी, बल्कि भारत के क्विक कॉमर्स बाजार को भी हिला कर रख दिया।

क्या है मामला? इटली दौरे के दौरान पीएम मोदी ने वहां की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को पारले (Parle) कंपनी की मशहूर कैंडी ‘मेलोडी’ (Melody) का एक पैकेट तोहफे में दिया। मेलोनी ने इस मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें वे इस चॉकलेट और कैरेमेल टॉफी के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करती नजर आ रही हैं। यह पल डिनर और कोलोसियम के दौरे के बाद का था।

भारत में ‘मेलोडी’ के लिए मची होड़ : जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, भारत में ‘मेलोडी’ टॉफी ट्रेंड करने लगी। भारतीय कंज्यूमर्स इस कैंडी को खरीदने के लिए इस कदर टूट पड़े कि बुधवार को ब्लिंकिट (Blinkit), जेप्टो (Zepto) और इंस्टामार्ट (Instamart) जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर यह टॉफी ‘आउट ऑफ स्टॉक’ हो गई। एक रुपये से भी कम कीमत वाली इस टॉफी को खोजने और ऑर्डर करने के लिए हजारों लोगों के बीच होड़ मच गई।

रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा : गिफ्ट के आदान-प्रदान के अलावा, दोनों नेताओं ने भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इटली के संबंध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं और दोनों देश सुरक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।

विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल में खिला ‘कमल’, केरल में कांग्रेस की वापसी और तमिलनाडु में अभिनेता विजय का धमाका

नई दिल्ली/कोलकाता: भारत के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी—के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर दी है,। 4 मई 2026 को हुई मतगणना के रुझानों और नतीजों ने कई दिग्गजों को चौंका दिया है।

1. पश्चिम बंगाल: बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘जनता की ताकत की जीत’ बताते हुए कहा कि बंगाल में अब “कमल खिल गया है” और लोगों ने सुशासन की राजनीति को चुना है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा और उनकी पार्टी टीएमसी (TMC) राज्य में पिछड़ गई,। मतगणना के दौरान भवानीपुर केंद्र पर हंगामे की खबरें भी सामने आईं, जहाँ ममता बनर्जी ने अपने एजेंटों पर हमले का आरोप लगाया।

2. केरल: यूडीएफ (UDF) की सत्ता में वापसी केरल में शुरुआती रुझानों से ही कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। जीत की खबर मिलते ही तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाना शुरू कर दिया। सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) इस बार पिछड़ती नजर आई।

3. तमिलनाडु: अभिनेता विजय की पार्टी TVK का बड़ा प्रभाव तमिलनाडु के नतीजों ने सबको सबसे ज्यादा चौंकाया है, जहाँ अभिनेता विजय की नई पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कज़गम) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। शुरुआती रुझानों में TVK 96 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि एआईएडीएमके (AIADMK) 62-69 सीटों के साथ दूसरे और सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) 50 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गई है

4. असम: भाजपा का किला बरकरार असम में भाजपा एक बार फिर सरकार बनाने के करीब है। पार्टी 126 में से 74 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस केवल 28 सीटों पर सिमटती दिख रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता गौरव गोगोई को जोरहाट सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा, जो उनके पिता तरुण गोगोई का गढ़ मानी जाती थी।

5. पुडुचेरी: एनडीए की बढ़त केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों में से भाजपा 22 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे वहां एनडीए (NDA) की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस यहाँ भी केवल 6 सीटों तक सीमित रह गई है।

नारी शक्ति वंदन’ की राह में आने वाली हर बाधा को दूर करेंगे: प्रधानमंत्री मोदी

‘नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महिला आरक्षण के मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक अत्यंत भावुक और आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने देश की महिलाओं को विश्वास दिलाया कि उनका इरादा पूरी तरह से अडिग है और वे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के मार्ग में आने वाली हर रुकावट को जड़ से समाप्त कर देंगे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देश की माताओं, बहनों और बेटियों से क्षमा मांगते हुए की, क्योंकि सरकार के भरसक प्रयासों के बावजूद यह बिल संसद में पास नहीं हो सका।

विपक्ष पर तीखा हमला: “ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या” पीएम मोदी ने संसद में विपक्ष के आचरण पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे विपक्ष द्वारा एक “ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या” करार दिया। प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), टीएमसी और डीएमके जैसे दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इन दलों के लिए “दलहित” हमेशा “देशहित” से बड़ा रहा है, जिसका खामियाजा आज देश की नारी शक्ति को भुगतना पड़ रहा है। मोदी ने आरोप लगाया कि जब संसद में महिलाओं के अधिकार छीने जा रहे थे, तब ये परिवारवादी पार्टियां मेजें थपथपाकर खुशियां मना रही थीं, जो असल में नारी के आत्मसम्मान पर गहरी चोट थी।

परिवारवाद और महिलाओं के प्रति डर : संबोधन के दौरान पीएम ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा महिला आरक्षण का विरोध करने के पीछे एक गहरा डर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये परिवारवादी पार्टियां नहीं चाहतीं कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं सशक्त हों और नेतृत्व संभालें, क्योंकि इससे उनका अपना अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ने राममनोहर लोहिया के आदर्शों को भुला दिया है और उनके सपनों को अपने पैरों तले रौंद दिया है।

कांग्रेस की ‘एंटी-रिफॉर्म’ मानसिकता और भ्रम की राजनीति: प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को एक ‘एंटी-रिफॉर्म’ पार्टी करार दिया, जो देश को मजबूत करने वाले हर फैसले में बाधा डालती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर देश में झूठ और भ्रम फैलाया है। पीएम के अनुसार, यह लड़ाई केवल एक बिल की नहीं बल्कि कांग्रेस की उस नकारात्मक मानसिकता के खिलाफ है, जो सुधार का नाम सुनते ही विरोध की तख्तियां लेकर खड़ी हो जाती है।

2029 का लक्ष्य और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प : पीएम मोदी ने कहा कि 40 साल से लटके हुए इस हक को 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने का लक्ष्य एक “पवित्र महायज्ञ” के समान है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि 21वीं सदी के भारत की नारी को नई उड़ान देने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। अंत में उन्होंने कहा, “नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती” और देश की महिलाएं विपक्ष के इस व्यवहार का जवाब जरूर देंगी।

ईरान-इजराइल युद्ध का बढ़ा असर: दुबई में फंसी अभिनेत्री सोनल चौहान और पीवी सिंधु, भारत सरकार से मांगी मदद

मनोरंजन डेस्क : मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और भारतीय हस्तियों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। शनिवार को ईरान पर हुए भीषण हमलों के बाद दुबई और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सभी उड़ानों पर रोक लगा दी गई है, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल है।

हस्तियां फंसीं, पीएम मोदी से गुहार: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनल चौहान इस समय दुबई एयरपोर्ट पर फंसी हुई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए अपनी सुरक्षित वापसी के लिए मार्गदर्शन और सहायता की अपील की है। सोनल ने बताया कि तनाव के कारण सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और भारत लौटने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। उनके अलावा, बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई में ही फंसी हुई हैं, जिन्होंने वहां के हालातों को बेहद चिंताजनक और अफरा-तफरी वाला बताया है।

सुप्रीम लीडर खामेनेई पर सस्पेंस: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की स्थिति को लेकर विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं। जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों में उनकी मौत का दावा किया है और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है, वहीं भारत में ईरानी प्रतिनिधि ने इन खबरों को अफवाह बताते हुए कहा है कि खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं।

भारत की कूटनीतिक पहल: इस गंभीर संकट के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सक्रियता दिखाई है। उन्होंने इजराइल, ईरान, यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की है। भारत ने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने और शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि हालात और न बिगड़ें।

AI इम्पैक्ट समिट 2026: पीएम मोदी ने भारत को बताया दुनिया का सबसे बड़ा टेक टैलेंट हब, वैश्विक दिग्गजों का लगा जमावड़ा

नेशनल डेस्क: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और टेक दिग्गजों को संबोधित किया,। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक हस्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया में सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से मानव सामर्थ्य कई गुना बढ़ गया है, लेकिन हमें विजन और जिम्मेदारी दोनों को बड़ा रखना होगा।

मैक्रों के ‘नमस्ते’ और UPI की तारीफ ने बटोरीं सुर्खियां : समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई वैश्विक नेता शामिल हुए,। राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘नमस्ते’ से की, जिसने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने भारत में तेजी से हो रहे बदलावों और यूपीआई (UPI) की सफलता की जमकर सराहना की। वहीं, यूएन महासचिव गुटेरेस ने ग्लोबल साउथ में पहले एआई शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत के नेतृत्व को बधाई दी,।

टाटा और गूगल की बड़ी घोषणाएं : टेक जगत के दिग्गजों ने भी भारत में बड़े निवेश और साझेदारी के संकेत दिए। टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने घोषणा की कि टाटा ग्रुप ओपनएआई (OpenAI) के साथ साझेदारी में भारत का पहला बड़े पैमाने पर एआई-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बना रहा है। दूसरी ओर, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया कि गूगल भारत में अपने 15 अरब डॉलर के निवेश के तहत विशाखापत्तनम में एक पूर्ण-स्टैक एआई हब स्थापित कर रहा है, जिससे रोजगार और अत्याधुनिक तकनीक के अवसर पैदा होंगे।

टेक्नोलॉजी का लोकतंत्रीकरण : केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन टेक्नोलॉजी को डेमोक्रेटाइज़ (democratize) करना है ताकि इसका लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके। इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जहाँ स्टार्टअप्स और टेक कंपनियां अपनी अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन कर रही हैं।

बांग्लादेश चुनाव: बीएनपी की बंपर जीत, 17 साल के निर्वासन के बाद प्रधानमंत्री बनेंगे तारिक रहमान; पीएम मोदी ने दी बधाई

इंटरनेशनल डेस्क : बांग्लादेश के संसदीय चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। 12 फरवरी को हुए 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 200 से अधिक सीटों पर ऐतिहासिक ‘लैंडस्लाइड’ जीत हासिल की है। इस बड़ी जीत के साथ ही पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान का अगला प्रधानमंत्री बनना तय हो गया है, जो 36 साल बाद देश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएनपी की इस निर्णायक जीत पर तारिक रहमान को हार्दिक बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि यह जीत बांग्लादेश के लोगों द्वारा उनके नेतृत्व में व्यक्त किए गए गहरे विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में निरंतर खड़ा रहेगा और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को तैयार है।

निर्वासन से सत्ता के शीर्ष तक: 60 वर्षीय तारिक रहमान का प्रधानमंत्री की कुर्सी तक का सफर संघर्षों से भरा रहा है। वे पिछले 17 वर्षों से लंदन में स्वनिर्वासन में थे और उनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज थे। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार गिरने और कार्यवाहक सरकार आने के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली, जब अदालतों ने उनके खिलाफ चल रहे सभी मुकदमे रद्द कर दिए। इसके बाद 25 दिसंबर 2025 को वे वतन लौटे, जहां लाखों समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया।

भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की उम्मीद: अगस्त 2024 के बाद से भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में काफी कड़वाहट आ गई थी। शेख हसीना के भारत में शरण लेने और बांग्लादेश में बढ़ते कट्टरपंथ के बीच दोनों देशों के रिश्ते लगभग टूटने की कगार पर थे। अब तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी की सत्ता में वापसी के बाद विशेषज्ञों को उम्मीद है कि दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में फिर से सुधार होगा। तारिक रहमान ने भी अपनी जीत के बाद ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ और ‘लोकतंत्र की बहाली’ का वादा किया है।