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देशव्यापी PM-VBRY उत्सव में शामिल होगा चंडीगढ़; पीएम करेंगे 2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि के वितरण का नेतृत्व

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के सफल कार्यान्वयन के उपलक्ष्य में,  श्रम और रोजगार मंत्रालय 19 जून, 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के माननीय प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में एक राष्ट्रीय PM-VBRY कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान, भारत के माननीय प्रधानमंत्री प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों को लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे।

PM-VBRY के तहत प्रोत्साहन राशि के इस वितरण से 15 लाख से अधिक लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार को समर्थन मिलने की उम्मीद है। नई दिल्ली में मुख्य कार्यक्रम में लगभग 1,200 आमंत्रित लोगों के शामिल होने की आशा है, जिनमें नियोक्ता और कर्मचारी, लाभार्थी तथा अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। माननीय प्रधानमंत्री देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे। इस कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन पर किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया तथा श्रम और रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे के साथ-साथ श्रम और रोजगार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

देशव्यापी पहुंच अभियान के हिस्से के रूप में, देश भर में 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। क्षेत्रीय कार्यक्रमों में जन प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होगी, जिनमें 2 राज्यपाल, 5 मुख्यमंत्री, 12 केंद्रीय मंत्री, 1 उपमुख्यमंत्री, 13 राज्य श्रम मंत्री, 39 राज्य मंत्री, 59 सांसद, 56 विधायक और 2 महापौर शामिल हैं। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, नियोक्ताओं और कर्मचारियों के साथ उनकी भागीदारी PM-VBRY की देशव्यापी पहुंच को और मजबूत करेगी और रोजगार सृजन तथा कार्यबल के औपचारिककरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। देशव्यापी भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए विज्ञान भवन में मुख्य कार्यक्रम की कार्यवाही का प्रसारण सभी क्षेत्रीय स्थानों पर किया जाएगा।

देश भर में आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 65,000 से 70,000 प्रतिभागियों के शामिल होने की आशा है, जिनमें लगभग 9,000 नियोक्ता प्रतिनिधि और लगभग 45,000 कर्मचारी शामिल हैं।

इसी क्रम में, क्षेत्रीय कार्यालय, चण्डीगढ़ द्वारा दिनांक 19.06.2026 को जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, सैक्टर 32-सी, चण्डीगढ़ – 160030 में PM-VBRY कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें मुख्य अतिथि श्री सौरभ जोशी, मेयर, चण्डीगढ़ होंगे। अन्य गणमान्य व्यक्तियों में श्री राजीव कुमार गुप्ता, आई.ए.एस., श्रम आयुक्त, पंजाब सरकार, श्री हेमांग डिमजेल, उप मुख्य श्रम आयुक्त, चण्डीगढ़, श्री आकाश मित्तल, सहायक श्रम आयुक्त, चण्डीगढ़, श्री पंकज वोहरा, संयुक्त निदेशक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, श्री एस एस नेगी, डी.जी., श्रम ब्यूरो, श्री हुक्म सिंह, सदस्य, क्षेत्रीय समिति शामिल हैं। इनके अतिरिक्त, विभिन्न स्थापनाओं के कर्मचारी, नियोक्ता, कर्मचारी एसोसिएशन तथा नियोक्ता एसोसिएशन के सदस्य भाग लेंगे।

PM-VBRY  के बारे में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) भारत सरकार की एक प्रमुख रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (ELI) योजना है। इसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, संगठित कार्यबल में पहली बार शामिल होने वालों की मदद करना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त नौकरियां पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पहली बार नौकरी पाने वाले पात्र कर्मचारियों को एक महीने का वेतन (अधिकतम ₹15,000 तक) मिलता है, जबकि नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार पैदा करने के लिए दो साल तक प्रोत्साहन दिया जाता है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अतिरिक्त दो साल के लिए बढ़ा हुआ सहयोग मिलता है, जिससे श्रम-प्रधान उद्योगों में लगातार नौकरियां पैदा करने को बढ़ावा मिलता है।

कुल ₹99,446 करोड़ के बजट के साथ, PM-VBRY का लक्ष्य दो साल की अवधि में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां पैदा करना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थियों के औपचारिक कार्यबल में पहली बार शामिल होने की आशा है। इस योजना के तहत लाभ 1 अगस्त, 2025 और 31 जुलाई 2027 के बीच पैदा हुई नौकरियों पर लागू होते हैं। इस योजना का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना, गुणवत्तापूर्ण रोजगार को बढ़ावा देना और समावेशी व टिकाऊ आर्थिक विकास के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के विजन में योगदान देना है।

इस योजना के दो हिस्से हैं:

भाग A – पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन:

इस हिस्से के तहत, EPFO  में पंजीकृत और ₹ 1 लाख प्रति माह तक वेतन पाने वाले पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारी, एक महीने के वेतन के बराबर प्रोत्साहन (अधिकतम ₹15,000 तक) दो किस्तों में प्राप्त करने के पात्र हैं। पहली किस्त लगातार छह महीने की सेवा पूरी होने के बाद दी जाती है, जबकि दूसरी किस्त बारह महीने की सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा होने के बाद दी जाती है। जो कर्मचारी छह महीने से अधिक समय तक लगातार नौकरी में रहते हैं, वे इस योजना के तहत लाभ पाने के पात्र हो जाते हैं, जिससे कार्यबल को बनाए रखने और लगातार औपचारिक रोजगार को बढ़ावा मिलता है। प्रोत्साहन की दूसरी किस्त को एक निश्चित अवधि के लिए बचत साधन/जमा खाते में रखा जाएगा ताकि युवा श्रमिकों में लंबी अवधि की बचत की आदत को बढ़ावा दिया जा सके।

भाग B – नियोक्ताओं के लिए सहयोग:

यह हिस्सा सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार पैदा करने के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करता है। नियोक्ताओं को हर अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो साल तक ₹3,000 प्रति माह तक का प्रोत्साहन मिलेगा, बशर्ते कर्मचारी कम से कम छह महीने तक लगातार नौकरी पर बना रहे। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए, ये प्रोत्साहन दो और साल के लिए बढ़ा दिए गए हैं, जिसमें तीसरा और चौथा साल भी शामिल है। इस हेतु पात्र होने के लिए, EPFO के अंतर्गत रजिस्टर्ड स्थापनाओं को कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (50 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों के लिए) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (50 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाले संस्थानों के लिए) भर्ती करने होंगे।

पार्ट A के तहत पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को सभी भुगतान “आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम” (ABPS) का प्रयोग करके प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के ज़रिए किए जाते हैं, जबकि पार्ट B के तहत नियोक्ताओं को प्रोत्साहन सीधे उनके PAN-लिंक्ड बैंक अकाउंट में क्रेडिट किए जाते हैं।

आशा है कि PMVBRY योजना से नौकरियां बढ़ेंगी, विशेषकर मैन्युफैक्चरिंग सैक्टर में, और साथ ही औपचारिक कार्यबल में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। यह योजना देश भर में लाखों कामगारों के बीच रोज़गार को औपचारिक बनाने और सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने में भी काफी मदद करेगी।

PMVBRY योजना ने औपचारिक रोज़गार को बढ़ावा देने और कामगारों और नियोक्ताओं, दोनों को मदद करने में पहले ही काफी शुरुआती सफलता प्रदर्शित की है। मार्च 2026 में, योजना के पार्ट A के तहत 4.41 लाख पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को ₹ 247 करोड़ के फायदे दिए गए, जिससे औपचारिक कार्यबल में आने वाले युवा कामगारों को सीधी वित्तीय मदद मिली। पार्ट B के तहत, 17,551 स्थापनाओं को ₹ 214 करोड़ के प्रोत्साहन दिए गए, जिससे लगभग 6.46 लाख कामगारों को अतिरिक्त रोज़गार मिला।

क्षेत्रीय कार्यालय, चण्डीगढ़ के हिस्से सहित पंजाब और हिमाचल प्रदेश अंचल की समेकित कुल स्थिति का विवरण नीचे दिया गया है:

1.  दूसरे वितरण चक्र के लिए संभावित भाग-B लाभार्थी (नियोक्ता)

विवरण                                                      स्थापनाओं की संख्या            राशि (₹)
पंजाब और हिमाचल प्रदेश अंचल                          2,428                    56,85,77,793
क्षेत्रीय कार्यालय, चण्डीगढ़                                      794                    26,63,94,224

2. दूसरे वितरण चक्र के लिए संभावित भाग-A लाभार्थी (कर्मचारी)

विवरण                                          लाभार्थियों की संख्या       राशि (₹)
पंजाब और हिमाचल प्रदेश अंचल                15,287           8,38,03,235
क्षेत्रीय कार्यालय, चण्डीगढ़                           5,435           3,26,38,831

“नोट: पार्ट-A के पहले चरण के दौरान बांटी गई राशि से संबंधित विवरण अभी उपलब्ध नहीं हैं।”

आने वाले समय में मिलने वाला लाभ PM-VBRY को लागू करने की दिशा में एक और अहम पड़ाव है। यह देशव्यापी कार्यक्रम रोज़गार पैदा करने, कार्यबल को औपचारिक बनाने और सामाजिक सुरक्षा कवरेज का दायरा बढ़ाने के प्रति सरकार की लगातार प्रतिबद्धता को दिखाता है। कर्मचारियों और नियोक्ताओं, दोनों को लगातार मदद देकर PM-VBRY भारत की रोज़गार रणनीति के एक अहम स्तंभ और ‘विकसित भारत’ के विज़न में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के तौर पर उभर रहा है।

नारी शक्ति का दशक, विकसित भारत का उत्कर्ष

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

देश के किसी भी गाँव, बस्ती या सुदूर इलाके में जाइए- हर घर की रसोई में एक जैसी बदली हुई हवा महसूस होगी l चूल्हे के जिस काले धुएँ ने कभी नई दुल्हन की आँखों में आँसू भरे थे, उज्ज्वला की नीली लौ ने उसे विदा कह दिया है। जो माँ कभी कोसों दूर से पानी ढोती थी, आज उसकी बेटी के पास ‘हर घर जल’ का अपना नल है। खेत के पीछे की वह शर्मनाक मजबूरी अब इतिहास है- आँगन में स्वच्छ भारत का शौचालय गरिमा के साथ खड़ा है। सिर पर पक्की छत है, और उसके मालिकाना हक पर पहली बार- घर की महिला का नाम लिखा है। पर्स में जन-धन की पासबुक है और फोन में यूपीआई का ऐप है।


यह किसी पोस्टर पर छपी कोई काल्पनिक तस्वीर नहीं, बल्कि मोदी सरकार के बारह वर्षों में महिला सशक्तिकरण का एक ऐसा सच है, जिसे देश की करोड़ों महिलाएँ हर रोज़ जी रही हैं। यह उस दौर की दास्तान है जिसमें Women Led Development के विजन के साथ भारतीय नारी विकसित भारत की शिल्पकार बन रही है। इस बदलाव की विशालता को समझने के लिए एक दशक पीछे लौटिए। एक समय मातृ मृत्यु दर 212 थी। निर्भया जैसी घटना पर देश का आक्रोश सड़कों पर था, लेकिन व्यवस्था में नीतिगत इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता की कमी दिखाई देती थी। महिला आरक्षण विधेयक 1996 से चार बार अधर में लटका रहा और ट्रिपल तलाक पर दशकों तक कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई। चूल्हा साँसों में कालिख घोलता था। दूरस्थ हैंडपंप रोज़मर्रा की बेबसी का प्रतीक था l भारतीय नारी एक नई सुबह की प्रतीक्षा में अपने हिस्से की उम्मीद बचाए हुए थी l


शुरुआत करते हैं सबसे पवित्र आँकड़े—जीवन का अधिकार से। देश में मातृ मृत्यु दर तेजी से घटकर 212 से 88 पर आ गई है। UN-MMEIG के अनुसार जहाँ वैश्विक स्तर पर मातृ मृत्यु दर में महज़ 48% की कमी आई, वहीं भारत ने 86% की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की है। संस्थागत प्रसव 38.7% से बढ़कर 90.6% हो चुका है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने चार करोड़ से अधिक माताओं के बैंक खातों में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक सीधे हस्तांतरित कर सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ बचपन की नींव मजबूत की है।


देश में बने 12 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालयों ने महिलाओं को गरिमा दी l10.5 करोड़ से अधिक उज्ज्वला कनेक्शनों ने धुएँ से मुक्ति दी। आज 16 करोड़ से अधिक घरों तक नल का पानी पहुँच चुका है—जबकि 2014 में महज 17% परिवारों के पास यह सुविधा थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के लगभग 4 करोड़ घरों में से 73% घर महिलाओं के नाम पर हैं। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार सरकारी रिकॉर्ड्स पर माँ-बहनों का नाम गर्व से दर्ज है।


गरिमा से स्वामित्व आया, और स्वामित्व ने निर्णय लेने का आत्मविश्वास दिया। आर्थिक भागीदारी का यह विस्तार बैंक खाते से शुरू होकर उद्यमिता तक पहुँचा है l लगभग 56 करोड़ जन-धन खातों में 56% खाते महिलाओं के नाम पर हैं।


विश्व बैंक मानता है- भारत ने एक दशक में खाता-स्वामित्व के जेंडर गैप को शून्य पर ला दिया है, जो वैश्विक वित्तीय समावेशन के इतिहास में अभूतपूर्व है। मुद्रा योजना के तहत 52 करोड़ से अधिक जमानत-मुक्त ऋणों में से 68% ऋण महिलाओं को मिले हैं। स्टैंड-अप इंडिया ने महिला उद्यमियों को 43,000 करोड़ रुपये से अधिक दिए हैं और दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत 91 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHGs) ने 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाई है।” निर्धारित समय से पहले 3 करोड़ बहनें ‘लखपति दीदियाँ’ बन चुकी हैं।


यह बदलाव शिक्षा और रोजगार में भी स्पष्ट है l देश में महिला श्रम शक्ति भागीदारी (LFPR) वर्ष 2017-18 के 23.3% से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 41.7% हो गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह भागीदारी 47.6% तक पहुँच चुकी है । सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अब तक 4.53 करोड़ खातों में 3.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है । उच्च शिक्षा में हमारा जेंडर समानता सूचकांक (GPI) 1 के पार है और STEM शिक्षा में बेटियों की भागीदारी 43% है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक में से एक है। यह परिवर्तन केवल अनुभवों में नहीं, SRS, NFHS, PLFS, विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र—हर रिपोर्ट एक ही दिशा की ओर इशारा करती है: भारतीय महिला के लिए पहुँच बढ़ी है और आत्मनिर्भरता का नया आसमान खुला है।


इसी आर्थिक-सामाजिक चेतना का विस्तार राजनैतिक और लोकतांत्रिक भागीदारी में दिख रहा है। वर्ष 2019 के आम चुनावों में पहली बार महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में 31.2 करोड़ महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया—यह वैश्विक स्तर पर महिलाओं की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक भागीदारी थी l इसी के फलस्वरूप दशकों से लंबित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ संसद में ऐतिहासिक सर्वसम्मति से पास हुआ। आजजमीनी स्तर पर 14.5 लाख से अधिक महिला प्रतिनिधि पंचायतों का नेतृत्व कर रही हैं। देश की रक्षा की अग्रिम पंक्ति में भी महिलाएँ राफेल उड़ा रही हैं और नौसेना की कमान संभाल रही हैं।


मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 ने ट्रिपल तलाक पर प्रभावी रोक लगाई, जिससे ऐसे मामलों में 82% की कमी आई है।देशभर में स्थापित 973 वन स्टॉप सेंटर्स पर संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी सहायता और काउंसलिंग मिल रही है l Women Helpline-181 ने अब तक 1 करोड़ से अधिक महिलाओं की मदद की है । मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आँगनवाड़ी—ये नारी-नेतृत्व वाले भारत की रीढ़ हैं। बेशक, महिला सशक्तिकरण की राह में अभी भी चुनौतियाँ हैं, जिन पर सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। इसके साथ ही, नारी शक्ति वंदन अधिनियम आगामी परिसीमन की प्रक्रिया की प्रतीक्षा में है।


हमारे गणतंत्र के इतिहास में पहली बार भारतीय महिला अब नीति निर्धारण के पटल पर केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि उसकी सक्रिय ‘सह-निर्माता’ है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में वह अब राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया की सहयात्री है, सहभागी है और सूत्रधार भी।
(SHGs) ने 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाई है।” निर्धारित समय से पहले 3 करोड़ बहनें ‘लखपति दीदियाँ’ बन चुकी हैं।


यह बदलाव शिक्षा और रोजगार में भी स्पष्ट है l देश में महिला श्रम शक्ति भागीदारी (LFPR) वर्ष 2017-18 के 23.3% से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 41.7% हो गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह भागीदारी 47.6% तक पहुँच चुकी है । सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अब तक 4.53 करोड़ खातों में 3.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है । उच्च शिक्षा में हमारा जेंडर समानता सूचकांक (GPI) 1 के पार है और STEM शिक्षा में बेटियों की भागीदारी 43% है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक में से एक है। यह परिवर्तन केवल अनुभवों में नहीं, SRS, NFHS, PLFS, विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र—हर रिपोर्ट एक ही दिशा की ओर इशारा करती है: भारतीय महिला के लिए पहुँच बढ़ी है और आत्मनिर्भरता का नया आसमान खुला है।


इसी आर्थिक-सामाजिक चेतना का विस्तार राजनैतिक और लोकतांत्रिक भागीदारी में दिख रहा है। वर्ष 2019 के आम चुनावों में पहली बार महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में 31.2 करोड़ महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया—यह वैश्विक स्तर पर महिलाओं की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक भागीदारी थी l इसी के फलस्वरूप दशकों से लंबित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ संसद में ऐतिहासिक सर्वसम्मति से पास हुआ। आजजमीनी स्तर पर 14.5 लाख से अधिक महिला प्रतिनिधि पंचायतों का नेतृत्व कर रही हैं। देश की रक्षा की अग्रिम पंक्ति में भी महिलाएँ राफेल उड़ा रही हैं और नौसेना की कमान संभाल रही हैं।


मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 ने ट्रिपल तलाक पर प्रभावी रोक लगाई, जिससे ऐसे मामलों में 82% की कमी आई है।देशभर में स्थापित 973 वन स्टॉप सेंटर्स पर संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी सहायता और काउंसलिंग मिल रही है l Women Helpline-181 ने अब तक 1 करोड़ से अधिक महिलाओं की मदद की है । मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आँगनवाड़ी—ये नारी-नेतृत्व वाले भारत की रीढ़ हैं।


बेशक, महिला सशक्तिकरण की राह में अभी भी चुनौतियाँ हैं, जिन पर सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। इसके साथ ही, नारी शक्ति वंदन अधिनियम आगामी परिसीमन की प्रक्रिया की प्रतीक्षा में है। हमारे गणतंत्र के इतिहास में पहली बार भारतीय महिला अब नीति निर्धारण के पटल पर केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि उसकी सक्रिय ‘सह-निर्माता’ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में वह अब राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया की सहयात्री है, सहभागी है और सूत्रधार भी।


(लेखिका भारत सरकार में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं।)

प्रधानमंत्री ने देश भर में बढ़ते तापमान के मद्देनजर देशवासियों से सावधानी बरतने का आग्रह किया

प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के दौरान सतर्क रहने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और संवेदनशील लोगों की देखभाल करने का आह्वान किया

प्रधानमंत्री ने लोगों से पशु-पक्षियों और भीषण गर्मी से प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते तापमान के मद्देनजर देशवासियों से हर संभव सावधानी बरतने का आग्रह किया है।

श्री मोदी ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने और अत्यधिक गर्मी की स्थिति में दूसरों को पानी देकर उनकी मदद करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने चक्कर आना, मतली और अत्यधिक थकान के लक्षणों के प्रति लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ दिखाई दे, कमजोरी या सिरदर्द महसूस कर रहा हो तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाकर पानी और ओआरएस उपलब्ध कराएं।

श्री मोदी ने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और बाहर धूप में काम करने वाले लोग भीषण गर्मी के दौरान विशेष रूप से प्रभावित होते हैं और चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज़ करना हीटस्ट्रोक का कारण बन सकता है।

श्री मोदी ने लोगों से इस दौरान बुजुर्ग माता-पिता, दादा-दादी, नानी-नानी और अपने अन्य प्रियजनों का नियमित रूप से हालचाल पूछने तथा उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त आराम करने की सलाह देने का भी आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने करुणा पर बल देते हुए, नागरिकों से अपील की कि वे इस गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए घरों, बालकनियों, छतों, दुकानों और कार्यालयों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखें।

श्री मोदी ने श्रृंखलाबद्ध ‘एक्स’ पोस्ट में कहा:

“देश के विभिन्न हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है और इसके साथ कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। यह गर्मी हम सभी के लिए कष्टदायी है और मैं आप सभी से यथासंभव सावधानी बरतने का आग्रह करता हूं। कृपया पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, बाहर निकलते समय अपने साथ पानी जरूर रखें। दूसरों को भी पानी पिलाएं। ऐसे मौसम में ऐसी करुणा बहुत मायने रखती है।”

“गर्मी से होने वाली परेशानी जैसे चक्कर आना, मतली या अत्यधिक थकान पर ध्यान दें। अगर आपके आस-पास किसी को असामान्य रूप से अस्वस्थता, कमजोरी महसूस हो या सिरदर्द हो, तो उन्हें तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाना सबसे अच्छा है। उन्हें पानी, ओआरएस आदि उपलब्ध कराएं जिससे उन्हें आराम मिले। बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इन चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है और यहां तक ​​कि हीटस्ट्रोक का कारण भी बन सकता है। ऐसे मौसम में, समय पर देखभाल और ध्यान देना बहुत जरूरी है।”

“जब भी संभव हो, इस भीषण गर्मी के दौरान अपने बुजुर्ग माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और प्रियजनों को फोन करके उनका हालचाल पूछें। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और जब भी संभव हो, आराम करने की सलाह दें।”

“आइए हम इस भीषण गर्मी में, अपने आसपास के पशु-पक्षी और जानवरों का भी ख्‍याल रखें। घर, बालकनी, छत, दुकान या दफ्तर के बाहर रखा एक छोटा कटोरा पानी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। इन कठिन दिनों में करुणा हमारा मार्गदर्शन करे।”

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं, कहा- भारत विकास और आत्मविश्वास के नए दौर में

छत्तीसगढ़ / सत्ता संदेश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश आत्मविश्वास, सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को राष्ट्रसेवा और गरीब कल्याण को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और भारत की वैश्विक पहचान पहले से अधिक मजबूत हुई है।

साय ने अपने संदेश में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचा है। गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को भारतीय राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलावों के दौर के रूप में देखा जा रहा है। डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन और बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे कई अभियानों ने देश के विकास मॉडल को नई दिशा दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वर्ष 2019 में दोबारा केंद्र की सत्ता संभाली और लगातार तीसरे कार्यकाल में भी उनकी सरकार विकास, सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कह रही है।

भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने दिल्ली पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, पीएम मोदी से करेंगे अहम मुलाकात

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio शनिवार को आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। उनकी यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव को कम करने और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दिल्ली पहुंचने के बाद रूबियो कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। वह भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ द्विपक्षीय संबंधों, रक्षा सहयोग, व्यापार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों समेत कई अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे।

इसके अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

रूबियो नई दिल्ली में आयोजित होने वाली ‘क्वाड’ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों, समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूबियो का यह दौरा भारत-अमेरिका रिश्तों में नई ऊर्जा भरने और दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

PM मोदी की ‘मेलोडी’ कूटनीति का शेयर बाजार पर असर: इस कंपनी के शेयरों में लगा ‘अपर सर्किट’

बिजनेस डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल “मेलोडी” (Melody) मूमेंट का असर अब भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी द्वारा इटली यात्रा के दौरान पीएम मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट करने के बाद एक विशेष कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है।

नाम के भ्रम में निवेशकों की चांदी : दिलचस्प बात यह है कि असली ‘मेलोडी’ टॉफी बनाने वाली कंपनी ‘पारले प्रोडक्ट्स’ (Parle Products) शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। लेकिन निवेशकों के बीच नाम को लेकर पैदा हुए भ्रम के कारण ‘पारले इंडस्ट्रीज’ (Parle Industries) के शेयरों में पिछले तीन दिनों से लगातार अपर सर्किट लग रहा है। निवेशक पारले प्रोडक्ट्स समझकर पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद रहे हैं।

तीन दिनों में करोड़ों की कमाई : इस कन्फ्यूजन का फायदा पारले इंडस्ट्रीज को मिला है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर 4.90% की बढ़त के साथ 5.78 रुपये पर पहुंच गए। तीन दिन पहले तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 25 करोड़ रुपये से कम था, जो अब बढ़कर लगभग 28.23 करोड़ रुपये हो गया है। यानी महज तीन दिनों में निवेशकों ने इस शेयर के जरिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी बाजार : विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी पूरी तरह से रिटेल ट्रेडर्स की गतिविधि और भ्रम पर आधारित है। रिकॉर्ड बताते हैं कि हालिया तेजी के बावजूद, यह शेयर लंबी अवधि में काफी कमजोर रहा है। पिछले एक साल में इसमें 68% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इसलिए, किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद लेना जरूरी है।

PM मोदी ने जियोर्जिया मेलोनी को गिफ्ट की ‘मेलोडी’ टॉफी, भारत में मची लूट; ब्लिंकिट-जेप्टो पर हुई ‘आउट ऑफ स्टॉक’

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने पांच देशों के यूरोपीय दौरे के अंतिम चरण में इटली में हैं। इस यात्रा के दौरान एक ऐसी दिलचस्प घटना घटी, जिसने न केवल सोशल मीडिया पर धूम मचा दी, बल्कि भारत के क्विक कॉमर्स बाजार को भी हिला कर रख दिया।

क्या है मामला? इटली दौरे के दौरान पीएम मोदी ने वहां की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को पारले (Parle) कंपनी की मशहूर कैंडी ‘मेलोडी’ (Melody) का एक पैकेट तोहफे में दिया। मेलोनी ने इस मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें वे इस चॉकलेट और कैरेमेल टॉफी के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करती नजर आ रही हैं। यह पल डिनर और कोलोसियम के दौरे के बाद का था।

भारत में ‘मेलोडी’ के लिए मची होड़ : जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, भारत में ‘मेलोडी’ टॉफी ट्रेंड करने लगी। भारतीय कंज्यूमर्स इस कैंडी को खरीदने के लिए इस कदर टूट पड़े कि बुधवार को ब्लिंकिट (Blinkit), जेप्टो (Zepto) और इंस्टामार्ट (Instamart) जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर यह टॉफी ‘आउट ऑफ स्टॉक’ हो गई। एक रुपये से भी कम कीमत वाली इस टॉफी को खोजने और ऑर्डर करने के लिए हजारों लोगों के बीच होड़ मच गई।

रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा : गिफ्ट के आदान-प्रदान के अलावा, दोनों नेताओं ने भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इटली के संबंध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं और दोनों देश सुरक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।

विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल में खिला ‘कमल’, केरल में कांग्रेस की वापसी और तमिलनाडु में अभिनेता विजय का धमाका

नई दिल्ली/कोलकाता: भारत के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी—के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर दी है,। 4 मई 2026 को हुई मतगणना के रुझानों और नतीजों ने कई दिग्गजों को चौंका दिया है।

1. पश्चिम बंगाल: बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘जनता की ताकत की जीत’ बताते हुए कहा कि बंगाल में अब “कमल खिल गया है” और लोगों ने सुशासन की राजनीति को चुना है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा और उनकी पार्टी टीएमसी (TMC) राज्य में पिछड़ गई,। मतगणना के दौरान भवानीपुर केंद्र पर हंगामे की खबरें भी सामने आईं, जहाँ ममता बनर्जी ने अपने एजेंटों पर हमले का आरोप लगाया।

2. केरल: यूडीएफ (UDF) की सत्ता में वापसी केरल में शुरुआती रुझानों से ही कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। जीत की खबर मिलते ही तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाना शुरू कर दिया। सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) इस बार पिछड़ती नजर आई।

3. तमिलनाडु: अभिनेता विजय की पार्टी TVK का बड़ा प्रभाव तमिलनाडु के नतीजों ने सबको सबसे ज्यादा चौंकाया है, जहाँ अभिनेता विजय की नई पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कज़गम) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। शुरुआती रुझानों में TVK 96 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि एआईएडीएमके (AIADMK) 62-69 सीटों के साथ दूसरे और सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) 50 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गई है

4. असम: भाजपा का किला बरकरार असम में भाजपा एक बार फिर सरकार बनाने के करीब है। पार्टी 126 में से 74 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस केवल 28 सीटों पर सिमटती दिख रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता गौरव गोगोई को जोरहाट सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा, जो उनके पिता तरुण गोगोई का गढ़ मानी जाती थी।

5. पुडुचेरी: एनडीए की बढ़त केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों में से भाजपा 22 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे वहां एनडीए (NDA) की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस यहाँ भी केवल 6 सीटों तक सीमित रह गई है।

नारी शक्ति वंदन’ की राह में आने वाली हर बाधा को दूर करेंगे: प्रधानमंत्री मोदी

‘नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महिला आरक्षण के मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक अत्यंत भावुक और आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने देश की महिलाओं को विश्वास दिलाया कि उनका इरादा पूरी तरह से अडिग है और वे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के मार्ग में आने वाली हर रुकावट को जड़ से समाप्त कर देंगे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देश की माताओं, बहनों और बेटियों से क्षमा मांगते हुए की, क्योंकि सरकार के भरसक प्रयासों के बावजूद यह बिल संसद में पास नहीं हो सका।

विपक्ष पर तीखा हमला: “ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या” पीएम मोदी ने संसद में विपक्ष के आचरण पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे विपक्ष द्वारा एक “ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या” करार दिया। प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), टीएमसी और डीएमके जैसे दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इन दलों के लिए “दलहित” हमेशा “देशहित” से बड़ा रहा है, जिसका खामियाजा आज देश की नारी शक्ति को भुगतना पड़ रहा है। मोदी ने आरोप लगाया कि जब संसद में महिलाओं के अधिकार छीने जा रहे थे, तब ये परिवारवादी पार्टियां मेजें थपथपाकर खुशियां मना रही थीं, जो असल में नारी के आत्मसम्मान पर गहरी चोट थी।

परिवारवाद और महिलाओं के प्रति डर : संबोधन के दौरान पीएम ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा महिला आरक्षण का विरोध करने के पीछे एक गहरा डर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये परिवारवादी पार्टियां नहीं चाहतीं कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं सशक्त हों और नेतृत्व संभालें, क्योंकि इससे उनका अपना अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ने राममनोहर लोहिया के आदर्शों को भुला दिया है और उनके सपनों को अपने पैरों तले रौंद दिया है।

कांग्रेस की ‘एंटी-रिफॉर्म’ मानसिकता और भ्रम की राजनीति: प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को एक ‘एंटी-रिफॉर्म’ पार्टी करार दिया, जो देश को मजबूत करने वाले हर फैसले में बाधा डालती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर देश में झूठ और भ्रम फैलाया है। पीएम के अनुसार, यह लड़ाई केवल एक बिल की नहीं बल्कि कांग्रेस की उस नकारात्मक मानसिकता के खिलाफ है, जो सुधार का नाम सुनते ही विरोध की तख्तियां लेकर खड़ी हो जाती है।

2029 का लक्ष्य और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प : पीएम मोदी ने कहा कि 40 साल से लटके हुए इस हक को 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने का लक्ष्य एक “पवित्र महायज्ञ” के समान है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि 21वीं सदी के भारत की नारी को नई उड़ान देने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। अंत में उन्होंने कहा, “नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती” और देश की महिलाएं विपक्ष के इस व्यवहार का जवाब जरूर देंगी।

ईरान-इजराइल युद्ध का बढ़ा असर: दुबई में फंसी अभिनेत्री सोनल चौहान और पीवी सिंधु, भारत सरकार से मांगी मदद

मनोरंजन डेस्क : मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने अब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और भारतीय हस्तियों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। शनिवार को ईरान पर हुए भीषण हमलों के बाद दुबई और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सभी उड़ानों पर रोक लगा दी गई है, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल है।

हस्तियां फंसीं, पीएम मोदी से गुहार: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनल चौहान इस समय दुबई एयरपोर्ट पर फंसी हुई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए अपनी सुरक्षित वापसी के लिए मार्गदर्शन और सहायता की अपील की है। सोनल ने बताया कि तनाव के कारण सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और भारत लौटने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। उनके अलावा, बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई में ही फंसी हुई हैं, जिन्होंने वहां के हालातों को बेहद चिंताजनक और अफरा-तफरी वाला बताया है।

सुप्रीम लीडर खामेनेई पर सस्पेंस: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की स्थिति को लेकर विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं। जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों में उनकी मौत का दावा किया है और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है, वहीं भारत में ईरानी प्रतिनिधि ने इन खबरों को अफवाह बताते हुए कहा है कि खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं।

भारत की कूटनीतिक पहल: इस गंभीर संकट के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सक्रियता दिखाई है। उन्होंने इजराइल, ईरान, यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की है। भारत ने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने और शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि हालात और न बिगड़ें।