Railway Bonus 2026: 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन के बोनस की मंजूरी, IDBI बैंक की हिस्सेदारी बेचने पर भी कैबिनेट की मुहर
नई दिल्ली / सत्ता संदेश
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को कई अहम फैसलों को मंजूरी दी। इनमें रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) और IDBI बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री का फैसला शामिल है। रेलवे बोनस पर सरकार लगभग 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जबकि IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री का सौदा 52,878.08 करोड़ रुपये का है।
रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, 11.40 लाख से अधिक लोगों को लाभ
त्योहारों से पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने बोनस को मंजूरी दी है। इस फैसले से लगभग 11,40,770 पात्र रेलवे कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे मेहनत करने वाले रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली का तोहफा बताया।
सरकार के मुताबिक, इस बोनस पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पात्र कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जाएगा। प्रत्येक पात्र कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये तक बोनस मिल सकता है।
रेलवे कर्मचारियों के काम को सम्मान देने का फैसला
रेलवे कर्मचारी यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और माल ढुलाई से लेकर रेलवे ट्रैक, इंजन, स्टेशन और कार्यशालाओं में दिन-रात सेवाएं देते हैं। त्योहारों के दौरान भी रेलवे संचालन जारी रखने में कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है।
सरकार ने इस बोनस को रेलवे कर्मचारियों के प्रदर्शन और योगदान की मान्यता बताया है। इस तरह का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस पात्र गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को दिया जाता है। इसमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर, तकनीशियन और अन्य संबंधित श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी 52,878 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी
कैबिनेट ने IDBI बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह हिस्सेदारी Fairfax Financial Holdings की सहायक कंपनी M/s 10955230 Canada Inc. को 52,878.08 करोड़ रुपये में बेची जाएगी।
इस सौदे में केंद्र सरकार की 30.48 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने कनाडा स्थित कंपनी को रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी दी है।
सौदे के बाद सरकार और LIC के पास कितनी हिस्सेदारी रहेगी?
प्रस्तावित सौदे के पूरा होने के बाद केंद्र सरकार के पास IDBI बैंक की 15 प्रतिशत और LIC के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी रहने का प्रस्ताव है। इस प्रकार दोनों की संयुक्त हिस्सेदारी 34 प्रतिशत होगी।
यह फैसला IDBI बैंक के स्वामित्व ढांचे में बड़े बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, हिस्सेदारी की बिक्री और स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सौदे का अंतिम प्रभाव स्पष्ट होगा।

