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Punjab : MGNREGA कर्मचारियों की मांगों पर विचार करेगी मान सरकार, मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दिया भरोसा

पंजाब के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में MGNREGA कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी जायज मांगों और लंबित मुद्दों के समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।

खन्ना / चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने MGNREGA कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों को उनकी जायज मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करने और लंबित मुद्दों का समयबद्ध समाधान करने का आश्वासन दिया है। खन्ना में यूनियन प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उनकी जायज मांगों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं की समीक्षा की जाएगी और उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

ग्रामीण विकास में MGNREGA कर्मचारियों की भूमिका अहम

कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को लागू करने और सरकारी सुविधाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में MGNREGA कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गांवों में लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में इन कर्मचारियों का योगदान अहम है।

उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और कर्मचारी हितैषी प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। राज्य में ग्रामीण विकास, रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने और नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

वित्तीय मामलों पर वित्त विभाग से होगी चर्चा

तरुणप्रीत सिंह सौंद ने यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर उचित कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जिन मांगों का संबंध नीतिगत फैसलों या वित्तीय मामलों से है, उनके व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान तलाशने के लिए वित्त विभाग के साथ भी विचार-विमर्श किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार यूनियनों के साथ सकारात्मक बातचीत जारी रखते हुए जायज मांगों का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान करने की दिशा में काम करेगी।

यूनियन के पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक में MGNREGA कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सेवक सिंह, चेयरमैन अमनदीप कुमार, वित्त सचिव रमनदीप सिंह, हरविंदर सिंह, बंटी बैंस, किशोर कुमार और जगदेव सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Nabha : BJP नेता सुनील जे सिंघी का पंजाब सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

नाभा दौरे पर बीजेपी नेता सुनील जे सिंघी ने परमजीत कैंथ की मौजूदगी में पंजाब की कानून-व्यवस्था, नशे और व्यापारिक माहौल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्टर: चेतन मेहता

नाभा: भारतीय जनता पार्टी के नेता सुनील जे सिंघी अपने पहले नाभा दौरे पर पहुंचे। इस दौरान बीजेपी के नाभा इंचार्ज परमजीत कैंथ भी विशेष रूप से मौजूद रहे। दौरे के दौरान सुनील जे सिंघी ने खेती और किसानों से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों का जायजा लिया और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ दिवाली की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर चर्चा की। उन्होंने भारत सरकार के नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड की ओर से सभी व्यापारियों और उद्योगपतियों को दिवाली की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

सुनील जे सिंघी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के 21 राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगियों की सरकारों का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में विकास के प्रयासों से पंजाब के व्यापारी भी बदलाव और तरक्की की उम्मीद कर रहे हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार के जीएसटी सुधारों, 12 लाख रुपये तक की आय पर शून्य आयकर की व्यवस्था, एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव, ऋण सीमा को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने और उद्यम पोर्टल पर व्यापारियों को जोड़ने से संबंधित पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने जालंधर रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों की भी सराहना की।

पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

पंजाब के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए सुनील जे सिंघी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और इसका असर व्यापार तथा औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि दिन-दहाड़े हत्याओं, फिरौती की मांग और नशे की समस्या के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उनके मुताबिक, ऐसे माहौल में कारोबारियों के लिए निवेश करना और उद्योगों का विस्तार करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने पंजाब पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का भी जिक्र करते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए।

सुनील जे सिंघी ने कहा कि पंजाब के आम लोग सुरक्षा और नशे की समस्या से राहत चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली की आलोचना की। साथ ही, उन्होंने आम आदमी पार्टी पर दिल्ली में त्योहारों के दौरान व्यापारियों और आम लोगों को परेशान करने तथा अव्यवस्था पैदा करने के आरोप लगाए।

पंजाब में राजनीतिक बदलाव का दावा

बीजेपी नेता ने कहा कि जिस तरह दूसरे राज्यों में राजनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं, उसी तरह पंजाब में भी बदलाव की संभावना है। उन्होंने आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंजाब में डबल इंजन सरकार बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अपने संबोधन के अंत में सुनील जे सिंघी ने कहा कि पंजाब को महाराजा रणजीत सिंह और हीरा सिंह के समय जैसी तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए विकास, सुरक्षा और उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है।

Punjab Politics 2027: पंजाब की सियासत में बदला मुद्दों का केंद्र, 2027 चुनाव से पहले नशे पर बढ़ी राजनीतिक जंग

Punjab Politics 2027: अमित शाह के पंजाब दौरे के बाद नशे का मुद्दा फिर चर्चा में है। जानिए भाजपा, आप, अकाली दल और कांग्रेस के सामने क्या चुनौतियां हैं।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा प्रमुखता से उभर रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया पंजाब दौरे और नशे से जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद राज्य में राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नशे के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुखता दे रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के सामने इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने और अपने रिकॉर्ड का हिसाब देने की चुनौती है।

एक समय पंजाब की राजनीति में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी, लापता पावन स्वरूपों और अन्य धार्मिक विवादों से जुड़े पंथक मुद्दे प्रमुख भूमिका निभाते थे। इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों को लगातार जवाब देना पड़ता था। अब नशा तस्करी, गैंगस्टरवाद, हत्याएं, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे सवाल भी राजनीतिक बहस के केंद्र में आ रहे हैं।

अमित शाह ने 20 अक्टूबर को पंजाब दौरे के दौरान नशे से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले तीन लोगों के परिवारों से मुलाकात की। इनमें मानसा के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का परिवार भी शामिल था। इस दौरे के दौरान शाह ने पंजाब में नशे की समस्या और नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। इससे पहले भी भाजपा नशे के मुद्दे पर पंजाब में अपनी राजनीतिक मुहिम तेज कर चुकी है।

नशे का मुद्दा केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है। पंजाब के अनेक परिवारों के लिए यह युवाओं के भविष्य, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों से जुड़े मामलों ने भी प्रशासन की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था पर बहस को तेज किया है।

प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने क्या हैं चुनौतियां?

भाजपा के लिए नशे का मुद्दा पंजाब में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बढ़ाने और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का अवसर बना है। पार्टी ने पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए वर्ष 2029 तक का लक्ष्य घोषित किया है। अब उसके सामने यह स्पष्ट करने की चुनौती भी है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ठोस कदम क्या होंगे और नशे की आपूर्ति तथा तस्करी पर किस तरह प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।

आम आदमी पार्टी की सरकार के सामने नशे के खिलाफ अपनी कार्रवाई और उसके परिणामों को सामने रखने की चुनौती है। सरकार ने फरवरी 2025 में ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था। अब राजनीतिक बहस के बीच सरकार की कार्रवाई के आंकड़ों के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि नशे की उपलब्धता, तस्करी के नेटवर्क और नशे की लत से जूझ रहे युवाओं के पुनर्वास के मोर्चे पर कितनी प्रगति हुई है।

शिरोमणि अकाली दल के लिए भी नशे का मुद्दा महत्वपूर्ण है। पार्टी को अपने शासनकाल से जुड़े पुराने आरोपों पर अपना पक्ष रखने के साथ-साथ नशे की समस्या से निपटने के लिए अपनी नीतियों और प्रस्तावित कदमों को स्पष्ट करना होगा। कांग्रेस के सामने भी पिछली सरकार के कार्यकाल में किए गए वादों और नशे के खिलाफ कार्रवाई के रिकॉर्ड को लेकर सवालों का जवाब देने की चुनौती है।

पिछली सरकारों की कार्रवाई और आंकड़ों पर भी होगी चर्चा

पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा नया नहीं है। अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में नशीले पदार्थों की बरामदगी, गिरफ्तारियों और तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई के आंकड़े सामने आते रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक बहस में इन आंकड़ों की तुलना की जा रही है, लेकिन किसी भी सरकार के प्रदर्शन का आकलन केवल बरामदगी या गिरफ्तारी की संख्या से नहीं किया जा सकता।

इसके लिए यह देखना भी जरूरी है कि नशे की आपूर्ति कितनी कम हुई, बड़े तस्करी नेटवर्क पर कितनी प्रभावी कार्रवाई हुई, नशे की लत से पीड़ित लोगों को उपचार और पुनर्वास की कितनी सुविधाएं मिलीं तथा युवाओं के लिए रोजगार और रोकथाम से जुड़े कार्यक्रमों का क्या असर पड़ा। विभिन्न वर्षों के आंकड़ों की तुलना करते समय संबंधित अवधि, दर्ज मामलों की प्रकृति और आंकड़ों के आधिकारिक स्रोत को ध्यान में रखना भी आवश्यक है।

2027 के चुनाव में नशा कितना अहम रहेगा?

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नशे का मुद्दा राजनीतिक दलों के बीच बहस का प्रमुख विषय बनता दिखाई दे रहा है। अमित शाह के दौरे ने इस बहस को और तेज किया है। हालांकि, चुनाव में विभिन्न मुद्दों का वास्तविक महत्व मतदाताओं की प्राथमिकताओं, राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों और जमीनी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

पंजाब को नशे से मुक्त करने की बात तभी सार्थक होगी, जब राजनीतिक घोषणाओं के साथ प्रभावी कार्रवाई भी दिखाई दे। तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना, युवाओं को नशे से बचाना, प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना और कानून-व्यवस्था में सुधार लाना इस चुनौती के महत्वपूर्ण पहलू हैं। आखिरकार, नशे के खिलाफ किसी भी अभियान की सफलता का आकलन उसके दावों से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों से किया जाना चाहिए।

कपूरथला में राज्य स्तरीय सूफी संत सम्मेलन, दीपक बाली ने गिनाईं पंजाब सरकार की पहल

कपूरथला में राज्य स्तरीय सूफी संत सम्मेलन आयोजित हुआ। दीपक बाली ने धार्मिक सद्भाव, सूफी संत समाज कल्याण बोर्ड और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पर बात रखी।

कपूरथला / सत्ता संदेश

दिनांक : 10 अक्टूबर 2026

पंजाब के कपूरथला में राज्य स्तरीय सूफी संत सम्मेलन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक माहौल के बीच आयोजित किया गया। सम्मेलन में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से संतों, महापुरुषों, पीर-फकीरों और संगतों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन सूफी संत समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन बाबा दीपक शाह के संरक्षण और मुख्य आयोजक पहलवान सुखजिंदर सिंह बरिंदपुर के नेतृत्व में किया गया।

सम्मेलन में पंजाब सरकार के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार और आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव दीपक बाली मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार अमन-शांति, धार्मिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है।

दीपक बाली ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सूफी संत समाज कल्याण बोर्ड का गठन सूफी और संत समाज को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सूफी संत समाज के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का जिक्र करते हुए दीपक बाली ने कहा कि इस योजना के माध्यम से विभिन्न धर्मों के श्रद्धालुओं को पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बाबा दीपक शाह और पहलवान सुखजिंदर सिंह बरिंदपुर के प्रयासों की सराहना की और उन्हें बधाई दी।

सम्मेलन में धार्मिक एकता, आपसी सद्भाव और सूफी परंपरा के संदेश को प्रमुखता दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने आयोजन को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया।

ED मामले पर बिक्रम मजीठिया का पंजाब सरकार पर हमला, बोले- हाई कोर्ट के आदेश से उठे गंभीर सवाल

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

ED की चिट्ठियों और उनसे जुड़े मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने हाई कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा है।

मजीठिया ने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान पंजाब पुलिस और पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की भूमिका सवालों के घेरे में रही। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर सबूतों को नुकसान पहुंचाने और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया।

अकाली नेता के मुताबिक, हाई कोर्ट के आदेश में पंजाब पुलिस की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि ED की ओर से भेजे गए पत्रों और उनकी वैधता की जांच में पुलिस को करीब दो महीने लग गए, जबकि इसी अवधि में कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। मजीठिया ने सवाल उठाया कि यदि ED के पत्र वैध नहीं थे तो उनके आधार पर अधिकारियों को नोटिस क्यों जारी किए गए।

नितिन गोयल की कथित चैट का हवाला

बिक्रम मजीठिया ने नितिन गोयल की कथित चैट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों, गोपनीय फाइलों, लाइसेंस और टेंडर से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी का इस्तेमाल कुछ निजी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया।

उन्होंने OSD राजबीर घुमन समेत कई लोगों को लेकर भी आरोप लगाए। मजीठिया ने दावा किया कि हाई कोर्ट के आदेश में राजबीर घुमन का कई बार उल्लेख किया गया है।

CBI जांच और FIR का दावा

मजीठिया ने दावा किया कि हाई कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने और FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस मामले में बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है।

अकाली नेता ने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर कथित तौर पर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। उन्होंने इस मामले में कई अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

भगवंत मान सरकार पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए मजीठिया ने कहा कि एक तरफ सरकार ईमानदार मुख्यमंत्री और गुड गवर्नेंस की बात करती है, जबकि दूसरी ओर हाई कोर्ट के आदेश के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि पंजाब के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े इतने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को सौंपी गई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है और मामले में आगे होने वाली जांच व कानूनी प्रक्रिया से स्थिति और स्पष्ट होगी।

प्रताप सिंह बाजवा को दी बधाई

कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा को लेकर पूछे गए सवाल पर मजीठिया ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि बाजवा के सामने अपनी पार्टी को एकजुट रखने की चुनौती होगी।

वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकार के वादे पूरे करने के बयान पर मजीठिया ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार के दावों के बारे में जनता को खुद फैसला करना चाहिए।

ड्रग्स और अवैध माइनिंग पर भी सरकार को घेरा

बिक्रम मजीठिया ने पंजाब में ड्रग्स और अवैध माइनिंग के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने रावी नदी में कथित माइनिंग गतिविधियों का मुद्दा उठाते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ने का दावा किया। मजीठिया ने कहा कि ऐसी गतिविधियों से सीमा क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं।

फिलहाल ED से जुड़े इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले समय में जांच और अदालती प्रक्रिया के साथ इस मामले में नए तथ्य सामने आने की संभावना है।

1984 Sikh Victims: 84 पीड़ित परिवारों का भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा, अकाल तख्त से इंसाफ की मांग

अमृतसर में 1984 के सिख विरोधी हिंसा के पीड़ित परिवारों ने भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। परिवारों ने श्री अकाल तख्त साहिब से इंसाफ, पुनर्वास और अपनी मांगों के समाधान की अपील की।

अमृतसर / सत्ता संदेश

1984 के सिख विरोधी हिंसा के पीड़ित परिवारों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की मांग उठाई है। अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि उन्हें अभी भी परेशानियों और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब से हस्तक्षेप की मांग की है।

पीड़ित परिवारों की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि 42 साल बीत जाने के बावजूद कई परिवारों का पुनर्वास पूरी तरह नहीं हो पाया है और उनके सामने रोजगार तथा आवास से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। एक महिला प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकार की ओर से ऐसे पत्र मिले हैं, जिनमें उन्हें आवंटित घर खाली करने के लिए कहा गया है।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से अपने अधिकारों और पुनर्वास की मांग उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछली सरकारों के बाद मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में भी उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

मामले को लेकर पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधि श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और सिंह साहिब से मुलाकात की। उनके अनुसार, अकाल तख्त साहिब पर उनकी समस्याओं को सुना गया और उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनके मुद्दे पर पंथ स्तर पर विचार किया जाएगा।

पीड़ित परिवारों ने कहा कि 1 नवंबर को 1984 की घटनाओं की बरसी के मौके पर आगे की रणनीति और बड़े ऐलान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार के मंत्रियों और विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में जाकर लोगों के बीच अपनी समस्याएं उठाएंगे और सरकार के खिलाफ अपने आरोपों को जनता के सामने रखेंगे।

परिवारों ने पंजाब के लोगों से भी अपील की कि वे 1984 के पीड़ितों के मुद्दे पर उनका साथ दें और सरकार से उनके पुनर्वास, अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर जवाब मांगें।

गौरतलब है कि 2026 में भी श्री अकाल तख्त साहिब और भगवंत मान सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर सार्वजनिक तौर पर मतभेद सामने आए हैं। जून में अकाल तख्त ने गुरु ग्रंथ साहिब से संबंधित कानून में संशोधन को लेकर पंजाब सरकार को निर्देश दिए थे, जबकि सितंबर में सरकार ने संबंधित कानून पर अकाल तख्त की ओर से उठाई गई चिंताओं पर विचार के लिए उच्चस्तरीय समिति के साथ बैठक भी की थी।

फिलहाल 84 पीड़ित परिवारों की ओर से लगाए गए आरोपों पर पंजाब सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

नशा मुक्ति केंद्रों में अब होगी Triple H Screening, HIV और हेपेटाइटिस की जांच से जुड़ेगी डि-एडिक्शन प्रक्रिया

पंजाब में नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन सेवाओं को Triple H Screening से जोड़ने की तैयारी है। HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की जांच के साथ उपचार और परामर्श पर भी जोर दिया जाएगा।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार ने नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को रक्त के जरिए फैलने वाले संक्रमणों की जांच से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से जुड़े लोगों की Triple H Screening की जाएगी। इसमें HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की जांच शामिल होगी।

सरकार के अनुसार, यह पहल नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार और पुनर्वास सेवाओं के साथ-साथ संक्रमणों की समय पर पहचान और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराना है।

नशा मुक्ति प्रक्रिया से सीधे जुड़ेगी जांच

पंजाब में पिछले वर्षों से HIV और हेपेटाइटिस की जांच के लिए समय-समय पर कैंप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, केवल कैंप आधारित व्यवस्था में यह पता लगाना मुश्किल था कि कितने लोगों ने जांच करवाई, कौन जांच से छूट गया और किन लोगों को आगे उपचार या मेडिकल निगरानी की जरूरत है।

नई व्यवस्था में जांच को सीधे नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। इससे जांच के अवसर नियमित होंगे और संक्रमण की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति को आगे की चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।

इंजेक्शन से नशा करने वालों में संक्रमण का जोखिम

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इंजेक्शन के माध्यम से नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में रक्त के जरिए फैलने वाले संक्रमणों का जोखिम अधिक होता है। ऐसे में HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की समय रहते पहचान जरूरी है, ताकि मरीज को उचित उपचार, परामर्श और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति का उद्देश्य केवल नशे की आदत से छुटकारा दिलाना नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों को स्वस्थ जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ने में मदद करना भी है।

जांच से लेकर उपचार तक बेहतर होगी निगरानी

नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित जांच शिविर में शामिल नहीं हो पाता था तो उसे अगली स्क्रीनिंग के लिए कई सप्ताह या महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता था। नशा मुक्ति सेवाओं के साथ स्क्रीनिंग को जोड़ने से ऐसे लोगों की पहचान करना आसान होगा, जिन्हें जांच या आगे की चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है।

संक्रमण की पुष्टि होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।

परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहयोग पर भी जोर

सरकार की इस पहल में केवल बीमारी की जांच ही नहीं, बल्कि नशे से उबरने की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर है। इसमें चिकित्सकीय देखभाल के साथ परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहयोग और सामाजिक पुनर्वास को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

राज्य में आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पंजाब के स्वास्थ्य विभाग का ऑनलाइन स्वास्थ्य प्रबंधन तंत्र राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और सुविधाओं की निगरानी करता है।

जानकारी के मुताबिक, निजी नशा मुक्ति केंद्रों में Triple H Screening की व्यवस्था शुरू हो चुकी है, जबकि सरकारी केंद्रों में इसे जल्द लागू किए जाने की उम्मीद है। इस पहल का उद्देश्य नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के लिए जांच, उपचार, परामर्श और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।


MLA मदन लाल बग्गा ने वार्ड नंबर 92 में गली निर्माण कार्य का किया उद्घाटन

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के विधायक मदन लाल बग्गा ने वार्ड नंबर 92 के बिशन एन्क्लेव में गली निर्माण कार्य का उद्घाटन किया। इस मौके पर स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में निर्माण कार्य की शुरुआत की गई।

उद्घाटन अवसर पर पार्षद बिट्टू भारद्वाज, ब्लॉक अध्यक्ष शशि शर्मा, महिला विंग इंचार्ज पूनम अरोड़ा, वरिंदर चोपड़ा समेत बड़ी संख्या में इलाके के लोग मौजूद रहे।

मदन लाल बग्गा ने कहा कि वर्ष 2022 में नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने उन पर भरोसा जताकर सेवा करने का अवसर दिया था। उन्होंने कहा कि लोगों से किए गए वादों को पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है और क्षेत्र में विकास कार्य लगातार करवाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि लुधियाना नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के मामले में आगे बढ़े। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा क्षेत्र और लुधियाना शहर में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।

विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार लुधियाना शहर में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए विकास कार्य जारी रहेंगे।

MLA दलजीत सिंह ने लुधियाना के ईस्ट वार्डों में फहराया तिरंगा, रंगला पंजाब का दोहराया संकल्प

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हलके के विभिन्न वार्डों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

इस मौके पर MLA ग्रेवाल ने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान देने वाले महान शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, करतार सिंह सराभा, मदन लाल ढींगरा, लाला लाजपत राय और शहीद ऊधम सिंह सहित अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।

पंजाबियों की कुर्बानियों को किया याद

MLA दलजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि यह पंजाब और पंजाबियों के लिए गर्व की बात है कि देश की आजादी की लड़ाई में पंजाब के लोगों ने बड़ी संख्या में कुर्बानियां दीं। उन्होंने कहा कि पंजाबी हमेशा देश और समाज के हितों की रक्षा के लिए आगे रहे हैं।

बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले चार वर्षों में राज्य के लोगों से किए गए वादों और गारंटियों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम किया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं और लोगों के हित में लगातार काम किया जा रहा है।

शहीदों के सपनों का पंजाब बनाने का दावा

MLA ग्रेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब को दोबारा ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में काम कर रही है।

इस दौरान MLA ग्रेवाल ने टिब्बा रोड, ताजपुर रोड, शक्ति नगर, सुभाष नगर, राहों रोड, सेक्टर-32 सहित लुधियाना ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में तिरंगा फहराया और लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रमों में AAP नेता और विभिन्न वार्डों के पार्षदों सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें कुलविंदर ग्रेवाल, सुरिंदर सिंह मदान, जसविंदर संधू, राज ग्रेवाल, बाऊ राम शर्मा, पार्षद लखविंदर चौधरी, पार्षद जगदीश लाल दिशा, भूषण शर्मा, पार्षद अनुज चौधरी, जगपाल सिंह लाली, गग्गी शर्मा, पार्षद सुखमेल सिंह ग्रेवाल, पार्षद जसप्रीत कौर, पार्षद अश्विनी शर्मा, सुखवंत सिंह सुखा, दर्शन चावला, अंकुरलती, राजेश पिंका, अमरजीत सिंह पार्षद (लवली मिनोचा) सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

लुधियाना में ट्रेडर्स की शिकायतों पर समीक्षा बैठक, अनिल ठाकुर ने अधिकारियों को दिए तुरंत समाधान के निर्देश

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन के वाइस चेयरमैन अनिल ठाकुर ने मंगलवार को लुधियाना के बचत भवन में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में PSTC पोर्टल पर ट्रेडर्स और इंडस्ट्रियलिस्ट्स की ओर से दर्ज लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई और अधिकारियों को इनके जल्द समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

अनिल ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रेडर्स की पेंडिंग शिकायतों का तुरंत और तय समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को बिना उचित कारण के लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। यदि किसी शिकायत के समाधान में तकनीकी या प्रशासनिक बाधा आ रही है, तो उसे भी प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

ट्रेडर्स को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: अनिल ठाकुर

अनिल ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ट्रेडर्स को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि PSTC पोर्टल व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्लेटफॉर्म के तौर पर काम कर रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए और उनका प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए।

पंजाब में मिलीं करीब 7,000 शिकायतें, 6,000 का समाधान

मीडिया से बातचीत के दौरान अनिल ठाकुर ने दावा किया कि पिछले एक साल के दौरान पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन की ओर से व्यापारियों के साथ सीधे संवाद के लिए विभिन्न स्थानों पर बैठकें की गईं। इन बैठकों के माध्यम से करीब 7,000 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से लगभग 6,000 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि बाकी लंबित शिकायतों के समाधान के लिए जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। कमीशन की ओर से बाजारों में जाकर व्यापारियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा जा रहा है।

अनिल ठाकुर ने कहा कि पिछले कई दशकों से व्यापारियों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन पंजाब सरकार ने पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन का गठन कर इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का तेज और प्रभावी समाधान सरकार के प्रति उनका भरोसा मजबूत करेगा तथा पंजाब में व्यापार और निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने में मदद करेगा।

व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़: शिखा भगत

लुधियाना की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) शिखा भगत ने कहा कि व्यापारी किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समय पर समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि PSTC पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है, ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन के जिला चेयरमैन परमपाल सिंह बावा, वाइस चेयरमैन रोहित वर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर पायल गोयल, DCST लुधियाना रणधीर कौर, एसडीएम लुधियाना ईस्ट जसलीन कौर भुल्लर, एसडीएम लुधियाना वेस्ट कुलदीप बावा, मुख्यमंत्री फील्ड ऑफिसर लुधियाना तुशिता गुलाटी, नगर निगम लुधियाना के जोनल कमिश्नर नीरज जैन और जसदेव सिंह सेखों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।