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Gold Silver Price Fall: सोने-चांदी के दाम गिरने से ग्राहक खरीदारी से कर रहे परहेज, व्यापारी निराश

त्योहारों के सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट से सर्राफा बाजार में सुस्ती है। ग्राहक और व्यापारी दोनों कीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हैं।

खुशीपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : लवप्रीत सिंह

त्योहारों के सीजन में आमतौर पर सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन इस बार कीमतों में लगातार गिरावट के चलते सर्राफा बाजार में सुस्ती देखने को मिल रही है। पिछले साल से सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेजी के बाद बीते करीब एक महीने से इनके दामों में गिरावट का दौर जारी है। इससे जहां सोने-चांदी के व्यापारी ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं, वहीं कीमतें और नीचे आने की उम्मीद में ग्राहक भी खरीदारी करने से बच रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, सोने की कीमत एक समय 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई थी, जबकि चांदी के दाम 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक जा पहुंचे थे। हालांकि, अब कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सोने के दाम करीब 1.42 लाख रुपये प्रति तोला और चांदी की कीमत लगभग 1.95 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है।

करीब 30 दिनों से लगातार घट रहे दामों ने बाजार में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। ग्राहकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सोना-चांदी और सस्ता हो सकता है। इसी उम्मीद में कई लोग फिलहाल खरीदारी का फैसला टाल रहे हैं। दूसरी ओर, त्योहारों के दौरान अच्छी बिक्री की आस लगाए बैठे सर्राफा कारोबारी ग्राहकों की कम आवाजाही से निराश हैं।

त्योहारों के समय सोने-चांदी के आभूषणों की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर खरीदारी पर दिखाई दे रहा है। अब बाजार के कारोबारियों की नजर आने वाले दिनों में कीमतों की चाल और ग्राहकों की प्रतिक्रिया पर टिकी है।

डेरा बाबा नानक में पुलिस और संदिग्धों के बीच फायरिंग, दो गिरफ्तार, एक फरार

डेरा बाबा नानक की अनाज मंडी में पुलिस और संदिग्धों के बीच फायरिंग हुई। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया, जबकि एक फरार है। डीएसपी जोगा सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की।

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

पंजाब के डेरा बाबा नानक की अनाज मंडी में पुलिस और संदिग्ध युवकों के बीच गोलीबारी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि तीनों युवक इलाके में किस वारदात को अंजाम देने के इरादे से पहुंचे थे।

जानकारी के अनुसार, डेरा बाबा नानक पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में तीन संदिग्ध युवक घूम रहे हैं। सूचना मिलने के बाद डेरा बाबा नानक के थाना प्रभारी (SHO) और पुलिस टीम ने संदिग्धों का पीछा करना शुरू किया। बताया जा रहा है कि तीनों युवक अनाज मंडी की तरफ भागे और इस दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया, जबकि तीसरा युवक फरार होने में कामयाब रहा।

डीएसपी जोगा सिंह ने दो युवकों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस को इलाके में तीन संदिग्धों के घूमने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। फिलहाल गिरफ्तार युवकों से पूछताछ की जा रही है और फरार संदिग्ध की तलाश जारी है।

बताया जा रहा है कि तीनों युवक अनाज मंडी में एक व्यापारी को निशाना बनाने के इरादे से आए थे। हालांकि, इस संबंध में पुलिस जांच जारी है और वारदात की मंशा को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

चंडीगढ़: बिक्रम मजीठिया की AAP नेताओं को चेतावनी, बोले- छवि खराब करने पर करेंगे कानूनी कार्रवाई

चंडीगढ़ में SAD नेता बिक्रम मजीठिया ने AAP नेताओं को छवि खराब करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। अमित शाह और अमन अरोड़ा को लेकर भी दिया बयान।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को कानूनी अंजाम तक पहुंचाएंगे।

मजीठिया ने आरोप लगाया कि AAP नेताओं की ओर से सोशल मीडिया पर की जा रही पोस्ट केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की छवि खराब करने की भी कोशिश की जा रही है।

SAD नेता ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी को आशंका है कि भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

मजीठिया ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को भी चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें अपने बयानों में तार्किक और तथ्यात्मक बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ गलत या छवि खराब करने वाले बयान दिए गए तो वह अमन अरोड़ा के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।

ESTIC 2026: पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों से 3 साल में ठोस नतीजे देने को कहा, 5,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल

ESTIC 2026 के पहले दिन भारत मंडपम में 5,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों से तीन साल में ठोस तकनीकी परिणाम देने का आह्वान किया।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC 2026) का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है। 27 अक्टूबर को सम्मेलन के पहले दिन 5,000 से अधिक वैश्विक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें प्रमुख वैज्ञानिक, नीति निर्माता, शोधकर्ता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और डीप-टेक स्टार्टअप शामिल रहे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान को औद्योगिक विकास, जनहित और व्यावहारिक तकनीकी समाधानों से जोड़ना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन संबोधन में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवा नवप्रवर्तकों से तीन साल की परिचालन अवधि के भीतर ठोस, मापने योग्य और व्यापक तकनीकी परिणाम हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक उपलब्धियां केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान करने, आत्मनिर्भर भारत को मजबूत बनाने और मानव कल्याण में योगदान देने वाला होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारत की वैश्विक क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

भारत विज्ञान और तकनीक का वैश्विक सह-निर्माता बन रहा है: डॉ. जितेंद्र सिंह

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने सम्मेलन में कहा कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी भूमिका को लगातार विस्तार दे रहा है। उन्होंने बताया कि देश अब केवल तकनीकों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि अत्याधुनिक वैज्ञानिक समाधानों के विकास में योगदान देने वाला वैश्विक सह-निर्माता बन रहा है।

उन्होंने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश में लगभग 400 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 2.3 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अनुमानित 50 से 60 प्रतिशत स्टार्टअप श्रेणी-2 और श्रेणी-3 शहरों में स्थित हैं, जो देश में तकनीकी उद्यमिता के व्यापक प्रसार को दर्शाता है।

डॉ. सिंह ने जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की आनुवंशिक और फीनोटाइपिक विविधता को महत्वपूर्ण संसाधन बताते हुए जीन संश्लेषण, सिस्टम बायोलॉजी और परमाणु चिकित्सा में स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने साझा किए वैज्ञानिक शोध के नए आयाम

सम्मेलन के पहले दिन दो नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने प्रमुख व्याख्यान दिए। वर्ष 2017 के रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर जोआचिम फ्रैंक ने क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (Cryo-EM) के माध्यम से जैविक अणुओं की संरचना को समझने और औषधि विकास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उच्च-रिजॉल्यूशन इमेजिंग और कम्प्यूटेशनल तकनीकों की मदद से जटिल आणविक संरचनाओं का त्रि-आयामी अध्ययन किया जा सकता है, जिससे दवाओं के विकास और जैविक लक्ष्यों की पहचान में मदद मिलती है।

वहीं, वर्ष 1993 के फिजियोलॉजी या मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार विजेता सर रिचर्ड जे. रॉबर्ट्स ने जीन स्प्लिसिंग, माइक्रोबियल जीनोमिक्स और प्रतिबंध-संशोधन एंजाइमों से जुड़ी वैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर चर्चा की। उनके व्याख्यान में जैव प्रौद्योगिकी की मदद से कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य और रोग निदान के क्षेत्र में संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया।

AI, उन्नत विनिर्माण और सिंथेटिक बायोलॉजी पर विशेष चर्चा

ESTIC 2026 के पहले दिन विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों पर समानांतर सत्र आयोजित किए गए। उन्नत विनिर्माण सत्र में डिजिटल ट्विन, सहयोगी रोबोटिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और मेट्रोलॉजी जैसी तकनीकों पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य शोध और इंजीनियरिंग को औद्योगिक उत्पादन से जोड़ना तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करना था।

जनरेटिव और ऑटोनॉमस AI सत्र में स्वदेशी बड़े भाषा मॉडल, उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुरक्षित AI अनुप्रयोगों पर विचार-विमर्श किया गया। सत्र में घरेलू AI क्षमताओं के विकास और इन तकनीकों के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए जरूरी ढांचे पर जोर दिया गया।

सिस्टम और सिंथेटिक बायोलॉजी सत्र में जैविक प्रणालियों के डिजाइन, परीक्षण और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसमें सटीक बायोथेरेप्यूटिक्स, बायोफोर्टिफाइड फसलें, मेटाबोलिक पाथवे डिजाइन और कचरे से उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली बायोमैन्युफैक्चरिंग जैसी संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

स्टार्टअप प्रदर्शनी में दिखे नई तकनीकों के प्रोटोटाइप

डॉ. जितेंद्र सिंह ने सम्मेलन के दौरान स्टार्टअप प्रदर्शनी और पोस्टर ट्रैक का उद्घाटन किया। यहां डीप-टेक अनुसंधान, तकनीकी प्रोटोटाइप और शोध परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी ने स्टार्टअप्स, निवेशकों, उद्योग जगत, अकादमिक संस्थानों और नीति निर्माताओं को एक-दूसरे से जुड़ने तथा तकनीकी सहयोग के अवसर तलाशने का मंच दिया।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय के. सूद ने मूलभूत वैज्ञानिक अनुसंधान, औद्योगिक विस्तार और नियामक नीतियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने क्वांटम संचार, जनरेटिव AI, सेमीकंडक्टर निर्माण, उन्नत विनिर्माण और डीप ओशन मिशन सहित सम्मेलन के 12 प्रमुख विषयगत प्राथमिकता क्षेत्रों का उल्लेख किया।

आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान और विघटनकारी तकनीकों पर मंथन

सम्मेलन के पहले दिन शाम को “आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान और विघटनकारी प्रौद्योगिकियां” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता प्रोफेसर अजय के. सूद ने की। चर्चा में रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता, बौद्धिक संपदा का व्यावसायीकरण, डीप-टेक फंडिंग और शोध संस्थानों से उद्योग तक तकनीक के हस्तांतरण जैसे मुद्दों पर विचार किया गया।

सम्मेलन में एक लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास एवं नवाचार कोष तथा अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) जैसे तंत्रों के माध्यम से शोध को व्यावसायिक उत्पादों में बदलने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।

ESTIC 2026 विज्ञान, सरकार, उद्योग और स्टार्टअप जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने का मंच है। सम्मेलन का व्यापक उद्देश्य भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं को बढ़ावा देना, स्वदेशी तकनीकों के विकास को गति देना और अनुसंधान के परिणामों को देश के आर्थिक विकास तथा मानव कल्याण से जोड़ना है।

Ludhiana : पूर्व सैनिकों और पेंशनरों के लिए 2 से 20 नवंबर तक विशेष कैंप, SPARSH पर अपलोड होगा लाइफ सर्टिफिकेट

लुधियाना में पूर्व सैनिकों, विधवाओं और पात्र पेंशनरों के लिए 2 से 20 नवंबर 2026 तक विशेष कैंप लगेगा। यहां SPARSH सिस्टम पर लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड किया जाएगा।

लुधियाना / सत्ता संदेश

जिले के पूर्व सैनिकों, उनकी विधवाओं और आश्रितों की सुविधा के लिए डिस्ट्रिक्ट डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर ऑफिस, लुधियाना में 2 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक विशेष कैंप लगाया जाएगा। इस कैंप में नवंबर 2026 के दौरान वार्षिक उपस्थिति के लिए पात्र पेंशनर अपना लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) SPARSH सिस्टम के माध्यम से अपलोड करवा सकेंगे।

डिस्ट्रिक्ट डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर ऑफिस, लुधियाना के सुपरिटेंडेंट ने बताया कि यह कैंप कार्यालय में घंटा घर के पास आयोजित किया जाएगा। कैंप में पूर्व सैनिक पेंशनर, उनकी विधवाएं, आर्मी फैमिली पेंशनरों के आश्रित और अन्य पात्र लाभार्थी जीवन प्रमाण पत्र अपलोड करवाने की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा 2 नवंबर से 20 नवंबर तक सरकारी छुट्टियों को छोड़कर उपलब्ध रहेगी।

लाइफ सर्टिफिकेट के लिए ये दस्तावेज लाना जरूरी

कार्यालय की ओर से पात्र पेंशनरों को कैंप में आते समय कुछ जरूरी दस्तावेज साथ लाने की सलाह दी गई है। इनमें आर्मी पेंशन का PPO (पेंशन भुगतान आदेश), आधार कार्ड, बैंक पासबुक और वह मोबाइल फोन शामिल है, जिस पर हर महीने पेंशन से संबंधित संदेश प्राप्त होते हैं।

जिले के पूर्व सैनिकों, उनकी विधवाओं और आश्रितों से अपील की गई है कि जिनका नवंबर 2026 का लाइफ सर्टिफिकेट SPARSH सिस्टम के माध्यम से अपलोड होना है, वे निर्धारित अवधि के दौरान विशेष कैंप में पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठाएं।

कैंप की महत्वपूर्ण जानकारी:

  • तारीख: 2 नवंबर से 20 नवंबर 2026
  • समय: सरकारी छुट्टियों को छोड़कर
  • स्थान: डिस्ट्रिक्ट डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर ऑफिस, घंटा घर के पास, लुधियाना
  • उद्देश्य: SPARSH सिस्टम के माध्यम से लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड करना
  • जरूरी दस्तावेज: PPO, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पेंशन संबंधी SMS प्राप्त करने वाला मोबाइल फोन
Ludhiana News: नगर निगम इंस्पेक्टर शुभम 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

लुधियाना में विजिलेंस ब्यूरो ने नगर निगम जोन-B के इंस्पेक्टर शुभम को 25,000 रुपये की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। पुश्तैनी संपत्ति ट्रांसफर का मामला।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नगर निगम जोन-B, लुधियाना में तैनात इंस्पेक्टर शुभम को कथित तौर पर 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई अजीत नगर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर की गई। आरोपी पर शिकायतकर्ता और उसके भाइयों की पुश्तैनी संपत्ति उनके नाम पर ट्रांसफर करवाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

पुश्तैनी संपत्ति ट्रांसफर करवाने के बदले मांगी रिश्वत

विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता की मृत्यु के बाद उसने पुश्तैनी संपत्ति अपने और अपने भाइयों के नाम पर ट्रांसफर करवाने के लिए नगर निगम जोन-B, लुधियाना में जरूरी दस्तावेज जमा करवाए थे। ये दस्तावेज संबंधित इंस्पेक्टर शुभम को सौंपे गए थे।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि संपत्ति ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी करवाने के बदले इंस्पेक्टर उससे और उसके भाइयों से 25,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के लिए तैयार नहीं था, जिसके बाद उसने विजिलेंस ब्यूरो रेंज, लुधियाना से संपर्क किया और मामले की शिकायत दर्ज करवाई।

दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी इंस्पेक्टर शुभम को शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन, लुधियाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच जारी है

Khanna News: दूध के 63 सैंपल की जांच, 29 में पानी की मात्रा तय सीमा से ज्यादा; केमिकल नहीं मिला

खन्ना के नई आबादी और आजाद नगर में दूध जांच कैंपों के दौरान 63 सैंपलों में से 29 में पानी की मात्रा तय सीमा से ज्यादा मिली। किसी सैंपल में हानिकारक केमिकल नहीं मिला।

लुधियाना / खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब के डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की ओर से लोगों को दूध की गुणवत्ता और शुद्धता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत खन्ना शहर के नई आबादी और आजाद नगर इलाकों में दूध उपभोक्ता जागरूकता कैंप लगाए गए। इन दोनों कैंपों में कुल 63 दूध के सैंपलों की मौके पर जांच की गई, जिनमें से 29 सैंपलों में पानी की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान किसी भी सैंपल में हानिकारक केमिकल नहीं मिला।

दो कैंपों में 63 दूध के सैंपलों की जांच

डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता के अनुसार, विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों पर दूध जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों में आम लोग अपने घरों से दूध के सैंपल लेकर पहुंच सकते हैं, जिनकी मौके पर ही जांच की जाती है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को दूध की गुणवत्ता के बारे में जागरूक करना और उन्हें शुद्ध दूध की पहचान के प्रति जानकारी देना है।

इसी कड़ी में खन्ना के नई आबादी क्षेत्र में लगाए गए पहले कैंप में दूध के 32 सैंपलों की जांच की गई। इनमें से 15 सैंपलों में पानी की मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाई गई।

वहीं, आजाद नगर में आयोजित दूसरे कैंप में दूध के 31 सैंपल जांचे गए। इनमें से 14 सैंपलों में पानी की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक मिली।

इस तरह दोनों कैंपों में जांचे गए कुल 63 सैंपलों में से 29 में पानी की मात्रा ज्यादा पाई गई। विभाग के मुताबिक, किसी भी सैंपल में हानिकारक केमिकल नहीं मिला।

दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए कैंपों का लाभ उठाने की अपील

डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि वे दूध की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर जागरूक रहें तथा विभाग की ओर से समय-समय पर लगाए जाने वाले जागरूकता कैंपों का लाभ उठाएं। इन कैंपों के माध्यम से उपभोक्ता अपने दूध के सैंपल की जांच करवाकर उसकी गुणवत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

विभाग का यह अभियान दूध में पानी की अधिक मात्रा जैसी मिलावट के प्रति लोगों को सचेत करने और उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Punjab : MGNREGA कर्मचारियों की मांगों पर विचार करेगी मान सरकार, मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दिया भरोसा

पंजाब के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में MGNREGA कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी जायज मांगों और लंबित मुद्दों के समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।

खन्ना / चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने MGNREGA कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों को उनकी जायज मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करने और लंबित मुद्दों का समयबद्ध समाधान करने का आश्वासन दिया है। खन्ना में यूनियन प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उनकी जायज मांगों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं की समीक्षा की जाएगी और उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

ग्रामीण विकास में MGNREGA कर्मचारियों की भूमिका अहम

कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को लागू करने और सरकारी सुविधाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में MGNREGA कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गांवों में लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में इन कर्मचारियों का योगदान अहम है।

उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और कर्मचारी हितैषी प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। राज्य में ग्रामीण विकास, रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने और नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

वित्तीय मामलों पर वित्त विभाग से होगी चर्चा

तरुणप्रीत सिंह सौंद ने यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर उचित कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जिन मांगों का संबंध नीतिगत फैसलों या वित्तीय मामलों से है, उनके व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान तलाशने के लिए वित्त विभाग के साथ भी विचार-विमर्श किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार यूनियनों के साथ सकारात्मक बातचीत जारी रखते हुए जायज मांगों का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान करने की दिशा में काम करेगी।

यूनियन के पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक में MGNREGA कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सेवक सिंह, चेयरमैन अमनदीप कुमार, वित्त सचिव रमनदीप सिंह, हरविंदर सिंह, बंटी बैंस, किशोर कुमार और जगदेव सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।