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‘अपना पिंड संभालो’ मुहिम तेज, 50 गांवों की पंचायतों ने लिया ‘चिट्टा मुक्त’ बनाने का संकल्प

कपूरथला / सत्ता संदेश

सुल्तानपुर लोधी: गांवों को नशे की लत से मुक्त करने और युवा पीढ़ी को चिट्टा जैसे जानलेवा नशे से बचाने के लिए राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की ओर से शुरू की गई ‘अपना पिंड संभालो’ मुहिम तेजी से आगे बढ़ रही है। मुहिम के तहत अब गांवों के लोग खुद नशा तस्करों के खिलाफ सक्रिय हो रहे हैं और गांव स्तर पर चेकिंग प्वाइंट बनाकर नशे की सप्लाई रोकने का प्रयास कर रहे हैं।

पिछले सप्ताह गांववासियों की ओर से अपने स्तर पर की गई कार्रवाई में करीब 150 ग्राम हेरोइन बरामद किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा, कथित तौर पर नशा तस्करी से जुड़ी 8 मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं, जबकि एक कथित नशा तस्कर को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।

50 गांवों की पंचायतों के साथ हुई अहम बैठक

इसी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए गुरुवार को निर्मल कुटिया, सुल्तानपुर लोधी में करीब 50 गांवों की पंचायतों और सरपंचों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने की।

बैठक में कपूरथला के SSP गौरव तूरा, सुल्तानपुर लोधी के DSP धीरेंद्र वर्मा और सुल्तानपुर लोधी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के इंचार्ज एवं अर्जुन अवॉर्डी सज्जन सिंह चीमा भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान पंचायतों ने नशे के खिलाफ अभियान को अपने-अपने गांवों में और मजबूत करने का संकल्प लिया। पंचायतों ने कहा कि नशे की लत में फंसे युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने और उनके इलाज एवं पुनर्वास में हरसंभव मदद की जाएगी।

वहीं, नशा बेचने या तस्करी में शामिल लोगों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया, ताकि उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सके।

‘नशे के खिलाफ लड़ाई सबकी जिम्मेदारी’

संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पंजाब के लोगों से ‘अपना पिंड संभालो’ अभियान से अधिक से अधिक जुड़ने और अपने गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए आगे आने की अपील की।

उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को नफरत नहीं, बल्कि सहयोग, इलाज और पुनर्वास की जरूरत है। साथ ही समाज को एकजुट होकर नशा बेचने वालों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

पुलिस ने भी पंचायतों को दिया कार्रवाई का भरोसा

SSP कपूरथला गौरव तूरा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस और आम लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने पंचायतों से अपील की कि वे नशा तस्करी से संबंधित जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। पुलिस की ओर से ऐसी सूचनाओं पर कानून के मुताबिक कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ नशा तस्करी पर रोक लगाना नहीं, बल्कि नशे की लत में फंसे युवाओं को इलाज और पुनर्वास के जरिए दोबारा मुख्यधारा में लाना भी है।

हर गांव को ‘चिट्टा मुक्त’ बनाने का लक्ष्य

विधानसभा क्षेत्र इंचार्ज सज्जन सिंह चीमा ने ‘अपना पिंड संभालो’ अभियान को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि गांवों के लोगों का खुद नशे के खिलाफ आगे आना जागरूकता बढ़ने का संकेत है। उन्होंने अभियान को हर गांव तक पहुंचाने में सहयोग का भरोसा दिया।

गांवों की पंचायतों और सरपंचों की सक्रिय भागीदारी से ‘अपना पिंड संभालो’ मुहिम को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलती दिखाई दे रही है। अब आने वाले दिनों में यह अभियान सुल्तानपुर लोधी और आसपास के गांवों में नशे के खिलाफ कितना बड़ा जनआंदोलन बनता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

संत बलबीर सिंह सीचेवाल के नेतृत्व में बुद्धा दरिया और कवि दरबार

लुधियाना / सत्ता संदेश

आइए धरती, जल, वायु और पंजाबियत को बचाएं – प्रो. गुरभजन सिंह गिल

बैसाखी के पवित्र दिन को समर्पित तीसरा कवि दरबार लुधियाना के ताजपुर रोड स्थित केंद्रीय जेल के संगत घाट (बेस कैंप) के पास पंजाबी लोक विरासत अकादमी लुधियाना के सहयोग से आयोजित किया गया। इस कवि दरबार में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने भाषण दिया। उन्होंने कहा कि आइए हम गुरु नानक पातशाह से जुड़ी इस पवित्र नदी की पवित्रता को बहाल करने के लिए चल रहे कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लें और इन ऐतिहासिक क्षणों के प्रत्यक्षदर्शी बनें। प्रख्यात साहित्यकार प्रोफेसर गुरभजन सिंह गिल ने संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा किए जा रहे महान कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आइए हम पंजाबी अपने जल, वायु, भूमि, संस्कृति, स्वच्छ गीतों और पंजाबियत को बचाने का प्रयास करें। आइए हम उच्च और शुद्ध कर्म योगी बनें। आइए हम अपने गांवों और शहरों को एक नई दिशा दें। श्रीमती नीरू कत्याल गुप्ता (आईएएस) कमिश्नर निगम लुधियाना ने भी बुड्ढा नदी की सफाई में लुधियाना निवासियों को सहयोग का संदेश दिया। नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर विनीत कुमार ने भी बुड्ढा नदी शुद्धिकरण अभियान को लुधियाना के लिए वरदान बताया। मंच का संचालन करते हुए, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कवि करमजीत सिंह ग्रेवाल ने कवि दरबार में कवियों की उपस्थिति सुनिश्चित की। प्रख्यात लेखिका डॉ. गुरचरण कौर कोचर द्वारा श्री गुरु गोविंद सिंह जी की स्तुति में पढ़ी गई रचना ने दर्शकों को बहुत प्रभावित किया। अपने स्वच्छ और अर्थपूर्ण गायन के लिए जाने जाने वाले, गायक पाली देतवालिया ने ‘गिव अस बैक रंगला पंजाब’, ‘चली गोलम दी जमीन लुधियाना खा गए’ और ‘मावां गीत’ सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद प्रोफेसर गुरभजन सिंह गिल, अमरजीत सिंह शेरपुरी, जगपाल सिंह जग्गा जमालपुरी, करमजीत ग्रेवाल, सुखबीर संधे, दविंदर सिंह खासी कलां जेई और दलबीर कलेर ने ऊंची आवाज में गीत और कविताएं सुनाकर रचनात्मक संदेश दिया। संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल और संत सुखजीत सिंह सीचेवाल ने कवियों और सेवकों को पौध, सिरोपा, पगड़ी और अन्य कई सम्मान देकर उनका आदर और आशीर्वाद किया। बुढ़ा नदी के किनारे आयोजित इस सफल कवि सम्मेलन ने श्रोताओं के मन पर गहरी छाप छोड़ी। इस अवसर पर सेवक सुखजीत सिंह सीचेवाल, हरदेव सिंह दाउधर, पाल सिंह नौली, क्षेत्र के पंचायत सदस्य और कई अन्य प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित थे।

लुधियाना के बुड्ढे नाले का कायाकल्प: राज्यपाल कटारिया ने नाव में सवार होकर लिया जायजा, बोले- ‘हालात पहले से बेहतर’

पंजाब डेस्क : पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया शनिवार को लुधियाना के ताजपुर रोड इलाके में पहुंचे, जहाँ उन्होंने बुड्ढे नाले की सफाई मुहिम का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ राज्यसभा सदस्य और प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल भी मौजूद थे।

नाव में सवार होकर देखा सफाई का काम: राज्यपाल ने खुद एक किश्ती (नाव) में सवार होकर नाले के उस हिस्से का मुआयना किया, जिसे संत सीचेवाल और उनकी टीम ने अपनी कड़ी मेहनत से एक सुंदर घाट के रूप में विकसित किया है। राज्यपाल ने सीचेवाल की टीम के प्रयासों की जमकर सराहना की और कहा कि जिस जगह पर कभी गंदगी के ढेर और भारी बदबू रहती थी, आज उसे एक पिकनिक स्पॉट की तरह बदला जा रहा है।

हालात सुधरे, पर अभी बहुत काम बाकी: जायजा लेने के बाद राज्यपाल कटारिया ने बताया कि पानी को प्राकृतिक तरीके से साफ रखने के लिए इसमें जल-जीवों को भी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि हालात पहले की तुलना में काफी सुधरे हैं, लेकिन वे अभी भी पूरी तरह से संतोषजनक नहीं हैं। इस गंभीर मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए वे जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे।

एक ‘दरिया’ से ‘गंदे नाले’ तक का दुखद सफर: गौरतलब है कि यह नाला कभी ‘बुड्ढा दरिया’ के नाम से जाना जाता था और इसका पानी पीने योग्य था। यह दशकों पहले सतलुज दरिया की एक सहायक धारा थी, लेकिन उद्योगों (विशेषकर डाइंग यूनिट्स) के जहरीले कचरे ने इसे देश के सबसे प्रदूषित जल स्रोतों में से एक बना दिया। इस प्रदूषित पानी के कारण मालवा क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं।

राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि पूरे नाले को साफ करने के लिए प्रशासन और जनता को एकजुट होना पड़ेगा और वे खुद इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करेंगे।

रशियन आर्मी में भर्ती हुए 10 भारतीय युवकों की मौत की पुष्टि: युद्ध में तीन पंजाबी युवकों की चली गई जान

पंजाब डेस्क : रोजी-रोटी की तलाश में रूस गए भारतीय युवकों के बारे में एक बहुत दुखद खबर सामने आई है। रशियन अधिकारियों ने ऑफिशियली 10 भारतीय युवकों की मौत की पुष्टि की है, जो रशियन आर्मी में शामिल हुए और यूक्रेन-रूस युद्ध का शिकार हो गए। इन मरने वाले युवकों में से तीन पंजाब के हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की मुख्य डिटेल्स इस तरह हैं:

जगदीप सिंह का खुलासा: पंजाब के जगदीप सिंह, जिनका भाई मंदीप भी रशिया में फंसा हुआ था, खुद रशिया गए और मॉस्को और दूसरे इलाकों में भारतीय युवकों को ढूंढा। उन्हें रशियन अधिकारियों से ऐसे डॉक्यूमेंट्स मिले जिनसे 10 भारतीयों की मौत कन्फर्म हुई है।

मरने वाले और लापता युवकों की डिटेल्स: मरने वालों में अमृतसर के तेजपाल सिंह, लखनऊ के अरविंद कुमार और उत्तर प्रदेश के धीरेंद्र कुमार, विनोद यादव और योगेंद्र यादव शामिल हैं। इसके अलावा दीपक, योगेश्वर प्रसाद, अजहरुद्दीन खान और रामचंद्र अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

संत सीचेवाल की कोशिश: राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने जगदीप सिंह को रूस जाने में मदद की और विदेश मंत्री को पत्र लिखकर युवाओं की सुरक्षित वापसी की मांग की।

सरकार से मांग: संत सीचेवाल ने भारत सरकार से मांग की है कि रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती तुरंत रोकी जाए, मृतकों के शव वापस लाए जाएं और युवाओं को धोखे से भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।इन युवाओं के परिवार लंबे समय तक अपने बेटों की वापसी का इंतजार करते रहे, लेकिन आखिरकार उन्हें यह दर्दनाक सच मानना पड़ा।