डूरंड कप 2026: 135वें संस्करण की तैयारी, विरासत को मजबूत करने पर AGBM में चर्चा
दिल्ली/सत्ता संदेश
डूरंड फुटबॉल टूर्नामेंट सोसाइटी की सालाना आम बैठक 30 अप्रैल को मानेकशॉ सेंटर में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने की, जो सोसाइटी के अध्यक्ष भी है। एजीबीएम में डूरंड कप के आगामी 135वें संस्करण से जुड़े प्रमुख संगठनात्मक, प्रशासनिक और परिचालन पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
जानकारी के मुताबिक डूरंड कप एशिया के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है। सदस्यों ने पिछले संस्करणों के आयोजन की समीक्षा की और टूर्नामेंट के पैमाने, प्रतिस्पर्धात्मकता और पहुंच को और बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की। बैठक के दौरान टूर्नामेंट की संरचना, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टीमों की भागीदारी, आयोजन स्थल को अंतिम रूप देने और प्रचार गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा की गई और उन्हें मंजूरी दी गई।
टूर्नामेंट की विरासत को किया जाएगा मजबूत
टूर्नामेंट की विरासत को मजबूत करने और भारत के कई शहरों में इसकी पहुंच का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया गया। अपने संबोधन में सीडीएस ने भारत में फुटबॉल को बढ़ावा देने में डूरंड कप के महत्व पर प्रकाश डाला और खेल के माध्यम से खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के प्रति सशस्त्र बलों की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया।
डूरंड कप का 135 वां संस्करण
सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों, संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधियों और सोसाइटी के सदस्यों ने बैठक में भाग लिया और चर्चाओं में अपना योगदान दिया। डूरंड कप का 135वां संस्करण अपनी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने और उभरती प्रतिभाओं के साथ-साथ स्थापित क्लबों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करना जारी रखने की उम्मीद है।

