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संगरुर में CM मान ने 9.50 करोड़ की लागत से बने वर्ल्ड क्लास स्विमिंग पुल का किया उद्घाटन

संगरुर / सत्ता संदेश

पंजाब को भारत का खेल केंद्र बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर में 9.50 करोड़ रुपये की लागत से बने ओलंपिक स्तर के स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संगरूर जिला एशियन, विश्व और ओलंपिक चैंपियनों की नर्सरी के रूप में उभरेगा। खेलों के बुनियादी ढांचे में सरकार द्वारा किए गए अभूतपूर्व निवेश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी पंजाब का खेल बजट 200 करोड़ रुपये से अधिक नहीं बढ़ाया था, जबकि हमारी सरकार ने खेल बजट को बढ़ाकर 1,790 करोड़ रुपये कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पहली बार पंजाब को एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी मिली है और राज्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाओं को निखारने के लिए क्रिकेट और हॉकी प्रीमियर लीग शुरू करने के लिए भी तैयार है।

इस कार्यक्रम का वीडियो ‘एक्स’ पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज संगरूर के लोगों को खेलों के क्षेत्र में बड़ा प्रोत्साहन मिला है क्योंकि वार हीरोज स्टेडियम में ओलंपिक स्तर के आधुनिक स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया गया है। 9.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 50×21 मीटर आकार का स्विमिंग पूल खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण ढांचा उपलब्ध कराएगा।”

उन्होंने आगे लिखा, “पंजाब की खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए हमारी सरकार ने खेल बजट को 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,790 करोड़ रुपये कर दिया है। खिलाड़ियों को अब प्रशिक्षण के लिए अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक के लिए 1 करोड़ रुपये, रजत पदक के लिए 75 लाख रुपये और कांस्य पदक के लिए 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।”

उद्घाटन के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज का दिन संगरूर के लोगों, विशेष रूप से युवाओं के लिए अत्यंत गौरव और खुशी का दिन है, क्योंकि यह नया अत्याधुनिक स्विमिंग पूल उन्हें समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह स्विमिंग पूल मात्र एक इमारत नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य के ओलंपियन खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में उभरेगा।”
खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वस्तरीय स्विमिंग पूल पंजाब को देश का नंबर एक खेल राज्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह स्विमिंग पूल अंतरराष्ट्रीय मानकों और ओलंपिक विनिर्देशों के अनुरूप 9.50 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसका आकार 50 मीटर × 21 मीटर है, इसकी गहराई 4.5 फीट से 7.5 फीट तक है तथा इसमें 2.5 लाख लीटर पानी की क्षमता है।”

इस परिसर में विकसित सुविधाओं का विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों और खिलाड़ीाओं की सुविधा के लिए अलग-अलग आधुनिक शॉवर, चेंजिंग रूम, प्रशिक्षकों के लिए विशेष कक्ष तथा स्टोर रूम बनाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और फिटनेस बढ़ाने के लिए आधुनिक जिमनेजियम भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “7 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक विशेष मिनी स्विमिंग पूल भी तैयार किया गया है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्विमिंग पूल का निर्माण विश्वस्तरीय ‘मिर्था रेनोवएक्शन’ और ‘क्लासिक मॉड्यूलर सिस्टम’ तकनीक का उपयोग करके किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इसमें लैमिनेटेड पीवीसी और स्टेनलेस स्टील के पैनल लगाए गए हैं, जो इसे देश के सबसे आधुनिक स्विमिंग पूलों में से एक बनाते हैं। स्वच्छ और सुरक्षित पानी सुनिश्चित करने के लिए यूरोपीय मानकों के अनुरूप फिल्ट्रेशन और डिसइन्फेक्शन सिस्टम स्थापित किया गया है।”

संगरूर तथा आसपास के क्षेत्रों के अभिभावकों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपने बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करें। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि खेलों के विकास के लिए सुविधाओं अथवा धन की कभी कोई कमी न आने पाए।”

राज्यभर में खेलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार खेलों को बढ़ावा देने तथा युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखने के उद्देश्य से पूरे पंजाब में 3,100 खेल मैदानों का निर्माण कर रही है।

नशा मुक्त राज्य बनने की ओर बढ़ रहा पंजाब, CM मान ने नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘सूरमे’ के रूप में किया सम्मानित
  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की; नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘सूरमा’ छाप और टी-शर्ट देकर किया सम्मानित
  • पंजाब सरकार सूबे को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध; नशों की गिरफ्त में से निकले नौजवान इस मुहिम में रोल मॉडल के रूप में काम करेंगे-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशा एक बीमारी है, कोई अपराध नहीं, यह सजा की नहीं, इलाज की मांग करता है-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशा मुक्त हुए नौजवानों को आत्म-निर्भर बनाने के लिए सरकार पुनर्वास केंद्रों में सकारात्मक माहौल और हुनर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशों के खिलाफ जंग में खेल अहम भूमिका निभा सकते हैं; हमारा मकसद हर नौजवान को खेलों से जोड़ना है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • 15 जुलाई तक पूरे पंजाब में 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • पिछली सरकारों की गलत नीतियों और नशा तस्करी ने पंजाब के नौजवानों को विदेश जाने के लिए मजबूर किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • आप सरकार क्रांतिकारी कदमों के जरिए पंजाब के माथे से नशों का कलंक मिटा रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपनी सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम को अगले पड़ाव पर ले जाते हुए ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्त हुए नौजवानों को विशेष तौर पर तैयार की गई ‘सूरमा’ छाप (रिंग) और टी-शर्ट से सम्मानित किया।

इसे सूबे की नशा विरोधी मुहिम का अगला पड़ाव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपराले का उद्देश्य नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘उम्मीद के दूत’ के रूप में पेश करना है, जो जमीनी स्तर पर नशों के खिलाफ जंग की अगवानी करेंगे। दो साल से अधिक समय से नशा मुक्त रहने वाले व्यक्तियों का सम्मान करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि ये नौजवान न सिर्फ दूसरों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे, बल्कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें रोजगार के मौके भी मुहैया करवाए जाएंगे।

खेलों को नशों की बीमारी के खिलाफ सबसे कारगर हथियार बताते हुए उन्होंने ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू कर दिए जाएंगे ताकि नौजवानों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की ओर से मानक शिक्षा, सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, खेलों के बुनियादी ढांचे और पुनर्वास पर एक साथ ध्यान दिया जा रहा है जो नशा-मुक्त और रंगला पंजाब की नींव रख रहा है।

कुछ मुख्य नुक्ते साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज हमने ‘सूरमा मुहिम’ की शुरुआत की है और उन नौजवानों को सम्मानित किया है जो नशों के चंगुल में से निकलकर नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं। दूसरों के लिए रोल मॉडल बने इन प्रेरणादायक नौजवानों को पंजाब सरकार की ओर से रोजगार के मौके भी दिए जाएंगे।

15 जुलाई तक पंजाब भर के नौजवानों के लिए 3,100 नए खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे। आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में पहले नंबर पर है और 47 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज के लिए 10 लाख रुपये के ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना कार्ड’ मिल चुके हैं।

सड़क सुरक्षा फोर्स (एस.एस.एफ.) ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को 50 फीसदी तक कम कर दिया है, जिससे हर साल करीब 2,700 कीमती जानें बच रही हैं। जब नीयत साफ हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। आओ सब मिलकर रंगला पंजाब बनाएं।”

इकट्ठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि समागम में मौजूद नौजवानों ने नशों की वजह से सब कुछ गंवाने के बाद इस दलदल में से बाहर निकलकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि आज इनका सम्मान इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सामाजिक बदनामी के बावजूद इन्होंने नशे को हराने का असाधारण साहस दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “नशे की लत एक सामाजिक कलंक है। जब लोगों को पता चलता है कि कोई नशा करता है तो वे उस शख्स से बात करना भी बंद कर देते हैं। इन नौजवानों ने उस दर्द और मानसिक पीड़ा को झेला है, लेकिन आज वे नई शुरुआत करने और समाज की सेवा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये नौजवान नशे की बीमारी पर जीत हासिल कर चुके हैं और अब अपने तजुर्बे साझा करके दूसरों की मदद कर सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए लगातार कोशिशें कर रही है और राज्य भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्व स्तरीय पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू हो जाएंगे ताकि नौजवानों की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में बदला जा सके।

समागम में मौजूद नशा मुक्त हुए सभी नौजवानों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दुखद अतीत को पीछे छोड़कर सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार इस नेक मिशन में उन्हें हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा, “रंगला पंजाब के सपने को पूरा करने के लिए अब सिर्फ एक ही रंग बाकी रह गया है और वह भी जल्द ही भर दिया जाएगा क्योंकि पंजाब जल्द ही पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा।”

राज्य की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में मानक शिक्षा यकीनी बनाकर शिक्षा के क्षेत्र का काया-कल्प किया है, जिसके कारण पंजाब, केरल और कई अन्य सूबों को पछाड़कर 27वें नंबर से पहले नंबर पर आया है।

उन्होंने कहा कि गरीबी को खत्म करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। “हमारे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कल ऊंचे अधिकारी बनेंगे और अपने परिवारों को गरीबी में से निकालने में मदद करेंगे। सिर्फ कार्ड या मुफ्त की सुविधाएं गरीबी खत्म नहीं कर सकतीं, लेकिन शिक्षा में ऐसा करने की ताकत और समर्थता जरूर है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के करीब 65 लाख परिवारों में से 17.47 लाख परिवारों को पहले ही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड’ मिल चुके हैं, जिससे वे मुफ्त इलाज का फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक करीब 650 करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज मुहैया करवाया जा चुका है।

राज्य सरकार की अन्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब अब सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग कर रहा है, किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) ने अब तक सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 3,000 लोगों की जान बचाई है, लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को बड़ा लाभ पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह में उन लोगों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने नशे की लत पर सफलतापूर्वक काबू पाया है और दो वर्षों से अधिक समय से नशा मुक्त (संयमित) जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति वास्तविक ‘सूरमा’ हैं क्योंकि इन्होंने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ नशे पर विजय प्राप्त की है। आज का यह समारोह पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में एक नए अध्याय की शुरुआत है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये सूरमा अब ‘एम्बेसडर ऑफ रिकवरी’ के रूप में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे, जो अन्य लोगों को नशे की लत से छुटकारा पाने और अपने जीवन की नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरमा कार्यक्रम की शुरुआत पूरे पंजाब में व्यापक पुनर्वास कार्यक्रमों और मजबूत सामाजिक सहायता प्रणालियों के सकारात्मक प्रभाव का एक बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंजाब की विरासत में गहराई से रचा-बसा ‘सूरमा’ शब्द अदम्य साहस का प्रतीक है, जो इन व्यक्तियों द्वारा अपनी अटूट इच्छाशक्ति के बल पर अपने जीवन को पुनः संवारने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

सरकार के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार नशों के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित कर रही है कि नशे से प्रभावित प्रत्येक परिवार को उपचार के लिए आवश्यक सहायता मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह केवल इन व्यक्तियों की रिकवरी का नहीं, बल्कि उनके नए जीवन को समर्पित है। उन्होंने कहा, “ये सूरमा अपने परिवारों और समाज के लिए आशा की किरण हैं। इनकी यात्रा यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, पारिवारिक सहयोग और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के माध्यम से नशे से मुक्ति संभव है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को उचित उपचार मिले और वह समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सूरमा इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि समय पर सहायता मिलने से उन जीवनों को फिर से संवारा जा सकता है, जो शायद नशे के कारण बर्बाद हो सकते थे। उन्होंने कहा, “स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों को विशेष रूप से तैयार की गई ‘प्रॉमिस रिंग्स’ (छल्लों) और बाज के प्रतीक वाली वर्दियों से सम्मानित किया गया है, जो नशा मुक्त पंजाब के मिशन में साहस, शक्ति और पंजाबियत के प्रतीक हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सूरमा पहल पंजाब सरकार की नशों के खात्मे के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसने पिछले कई वर्षों से राज्य में तबाही मचा रखी थी। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की वास्तविक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनकी कड़ी मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प रंगला पंजाब के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सूरमा को सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे अब दूसरों को नशे की लत से छुटकारा दिलाने में मदद करके आशा के दूत बनेंगे। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार नशा मुक्ति केंद्रों, कौशल विकास कार्यक्रमों में निवेश करना जारी रखेगी और नशे की लत से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के लिए प्रयासरत रहेगी, ताकि प्रत्येक स्वस्थ हो चुका व्यक्ति बेहतर रोजगार के अवसरों के साथ सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी दोहराया कि जहां सरकार नशों के माध्यम से पंजाब को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, वहीं सहायता मांगने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पूरा सहयोग देना भी जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “यही ‘युद्ध नशों विरुद्ध चरण-2’ का वास्तविक उद्देश्य है।”

मुख्यमंत्री ने नशों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को समर्पित एक प्रेरणादायक गीत भी लॉन्च किया और घोषणा की कि सूरमा कार्यक्रम अब पंजाब के प्रत्येक जिले और गांव तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों ने नशा मुक्ति उपचार सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और कम से कम दो वर्षों से नशे से दूर हैं, वे व्हाट्सएप पर 9779142200 पर “Soorma” संदेश भेजकर इस कार्यक्रम के लिए स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पात्र व्यक्तियों को उनके अद्वितीय साहस के लिए सम्मानित किया जाएगा और वे पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में चैंपियन के रूप में सेवा देंगे। उन्होंने कहा, “सूरमा पहल के माध्यम से पंजाब सरकार एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रही है, जो नशे के कारण फैली निराशा को चुनौती देते हुए पीड़ितों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने और उनका सम्मान बहाल करने में मदद करेगा।”

उन्होंने कहा कि लगभग एक वर्ष तीन महीने पहले ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की शुरुआत से लेकर अब तक पंजाब ने अपने नशा विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आधुनिक उपचार सुविधाओं, परामर्श सेवाओं और फॉलो-अप सहायता से लैस अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘सूरमा रिकग्निशन प्रोग्राम’ नशे और रिकवरी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर कर इन उपलब्धियों को और मजबूत करता है तथा ऐसा सहयोगी नेटवर्क तैयार करता है, जो नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे अन्य लोगों को उपचार के लिए प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय खेल 2027 की तैयारियों की समीक्षा, मेघालय में बनेगा 150 करोड़ रुपये का हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर

शिलांग / सत्ता संदेश

केंद्रीय खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने अगले वर्ष आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और मेघालय में 150 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक हाई-एल्टीट्यूड (ऊंचाई पर स्थित) प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।

शिलांग में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में Conrad Sangma, केंद्रीय खेल एवं युवा कार्य राज्य मंत्री Raksha Khadse, P. T. Usha, मेघालय के खेल मंत्री तथा पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के खेल विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं, खेल अवसंरचना, खिलाड़ियों के आवास, परिवहन, सुरक्षा और प्रतियोगिता स्थलों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

मांडविया ने कहा कि मेघालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और अन्य खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे में हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना क्षेत्र के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेने से खिलाड़ियों की सहनशक्ति, फेफड़ों की क्षमता और प्रदर्शन में सुधार होता है। यही कारण है कि दुनिया के कई प्रमुख खेल राष्ट्र अपने एथलीटों को ऐसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं। मेघालय में प्रस्तावित केंद्र भारतीय खिलाड़ियों को विदेश जाने के बजाय देश में ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा।

बैठक में राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से पूर्वोत्तर राज्यों में खेल पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि इस आयोजन से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और खेलों के प्रति युवाओं की रुचि और मजबूत होगी।

Indian Olympic Association की अध्यक्ष पी. टी. उषा ने कहा कि राष्ट्रीय खेल भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। उन्होंने आयोजन की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मेघालय खेल आयोजन की मेजबानी के लिए तेजी से आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित कर रहा है।

केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया’ और अन्य खेल विकास योजनाओं के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। खेल मंत्रालय का मानना है कि बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और आधुनिक अवसंरचना के जरिए भारत वैश्विक खेल प्रतिस्पर्धाओं में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।

राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों के साथ-साथ हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर की घोषणा को भारतीय खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

खेल परिसरों को मिलेगा नया जीवन, बिहार सरकार अपनाएगी PPP और CSR मॉडल : खेल मंत्री श्रेयसी सिंह

पटना / सत्ता संदेश

बिहार सरकार अब राज्य के खेल परिसरों को केवल निर्माण तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें खिलाड़ियों के लिए पूरी तरह सक्रिय और उपयोगी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। बिहार की खेल मंत्री Shreyasi Singh ने बुधवार को कहा कि जिला खेल भवन-सह-व्यायामशाला, स्टेडियम, खेल मैदान और अन्य खेल परिसरों के प्रभावी संचालन के लिए खेल विभाग सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल तथा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) सहयोग को अपनाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में खेल अवसंरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है, लेकिन अब समय आ गया है कि इन परिसरों को नियमित गतिविधियों, प्रशिक्षण शिविरों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से जीवंत बनाया जाए। सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और ग्रामीण स्तर तक खेल संस्कृति को मजबूत करना है।

खेल मंत्री ने कहा कि कई खेल परिसर निर्माण के बाद पर्याप्त उपयोग नहीं होने के कारण अपनी क्षमता के अनुरूप लाभ नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में निजी संस्थाओं और कॉरपोरेट कंपनियों के सहयोग से इन परिसरों का संचालन, रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं से विकास किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों, फिटनेस सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों और बेहतर खेल वातावरण का लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि PPP मॉडल के तहत निजी एजेंसियों की भागीदारी से खेल परिसरों में पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं CSR फंड के जरिए कंपनियां खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, खेल सामग्री उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग कर सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य में नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी।

Bihar सरकार की इस पहल को राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो बिहार राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं का बड़ा केंद्र बन सकता है।

मंत्रिमंडल मंत्री संजीव अरोरा ने श्री गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल में खेल मैदान का उद्घाटन किया

अरोरा ने युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और नशे से दूर रखने के लिए खेलों को एक शक्तिशाली साधन बताया

लुधियाना / सत्ता संदेश

रविवार को मंत्रिमंडल मंत्री संजीव अरोरा ने श्री गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल में नवनिर्मित खेल मैदान का उद्घाटन किया, जो क्षेत्र में खेल अवसंरचना और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर और कुलवंत सिंह सिद्धू सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए अरोरा ने युवाओं में शारीरिक फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर दिया कि खेलों में सक्रिय भागीदारी युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक और उत्पादक मार्ग की ओर निर्देशित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा, “खेल युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक तरीके से इस्तेमाल करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करते हैं। यह न केवल अनुशासन और टीम वर्क का निर्माण करता है, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी मदद करता है।”

मंत्रिमंडल मंत्री ने आगे घोषणा की कि पंजाब सरकार राज्य भर के गांवों में खेल के मैदानों के विकास पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य दोपहर 3 बजे के बाद खेल अवसंरचना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामुदायिक पहल गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाओं तक पहुंच को काफी हद तक बढ़ाती हैं।
अरोरा ने यह भी बताया कि नवउद्घाटित मैदान वॉलीबॉल, क्रिकेट, फुटबॉल और पिकलबॉल सहित कई खेलों के लिए सुविधाओं से सुसज्जित है, जो उभरते हुए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए एक व्यापक स्थान प्रदान करता है।