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अकाली दल का AAP सरकार पर हमला, सुखबीर बादल बोले- सत्ता में आए तो ड्रग तस्करों की संपत्ति होगी जब्त

सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था, नशे, अवैध माइनिंग, भ्रष्टाचार और OPS को लेकर निशाना साधा। सुखबीर ने ड्रग तस्करों पर सख्त कानून का ऐलान किया।

अमृतसर / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर कानून-व्यवस्था, नशे, अवैध माइनिंग, भ्रष्टाचार और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और आगामी समय में पार्टी की सरकार बनने पर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानून लाने की बात कही।

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर है और उनके अनुसार मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ड्रग्स की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अगर शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनती है तो ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाएगा।

ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्त करने का ऐलान

सुखबीर बादल ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ड्रग तस्करों को कम से कम 10 साल तक जमानत नहीं मिल सकेगी और उन्हें उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के कारोबार से जुड़ी उनकी संपत्तियों को सरकार जब्त करेगी। उनके इस बयान की हालिया रिपोर्टों में भी पुष्टि हुई है।

उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई में महिलाओं और परिवारों की भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि समाज को मिलकर इस समस्या के खिलाफ आवाज उठानी होगी।

मजीठिया ने अवैध माइनिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए

बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब में कानून-व्यवस्था और प्रशासन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध माइनिंग का नेटवर्क सक्रिय है और स्थानीय स्तर पर पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

मजीठिया ने GMADA और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े मामलों को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) कथित वित्तीय लेन-देन की मनी ट्रेल की जांच करे तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ये आरोप मजीठिया की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किसानों की फसल खरीद का मुद्दा भी उठाया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अकाली नेताओं ने मंडियों में किसानों की फसल खरीद से जुड़े मुद्दे भी उठाए। मजीठिया ने आरोप लगाया कि खरीद में देरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और कुछ किसानों को कम कीमत पर फसल बेचने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

OPS और कर्मचारियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

सुखबीर बादल ने पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग दोहराई। अकाली नेताओं ने कर्मचारियों के DA और अन्य लंबित मांगों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

सुखबीर बादल ने कहा कि OPS कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग है और इसे बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों से किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।

कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार AAP सरकार को घेर रहा है। हाल में पुलिस की कथित सुरक्षा एडवाइजरी को लेकर भी विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए थे, हालांकि पंजाब पुलिस ने उस वायरल दस्तावेज को फर्जी बताया था।

अकाली दल की ओर से लगाए गए आरोपों पर सरकार की प्रतिक्रिया इस मामले में अलग से सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

अमृतसर में बड़ी ड्रग्स और हथियार बरामदगी: AAP नेताओं के साथ फोटो वाले ‘सरपंच’ समेत 3 गिरफ्तार

पंजाब डेस्क: पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक कथित नेता लवप्रीत सिंह और उसके दो साथियों, सिमरप्रीत सिंह और बलवंत सिंह को भारी मात्रा में हेरोइन और हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक VIP नंबर वाली स्कॉर्पियो (PB02-BD-9300) में सवार होकर नशा बेचने जा रहे थे।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई मेहता थाने के एएसआई पलविंदर सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी लवप्रीत और उसके साथी नशा बेचने का धंधा करते हैं और उनके पास नाजायज हथियार भी हैं। पुलिस ने ओएटी (OAT) सेंटर के पास नाकाबंदी कर उनकी स्कॉर्पियो को रोका और तलाशी ली।

तलाशी के दौरान गाड़ी से 4 किलो 300 ग्राम हेरोइन, 30 बोर का पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।सियासी गलियारों में हड़कंप गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी लवप्रीत सिंह की आम आदमी पार्टी (AAP) के कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि वह पार्टी के एक हलका इंचार्ज का करीबी है और हाल ही में अकाली दल छोड़कर आप में शामिल हुआ था।

हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।सरपंच होने का दावा निकला फर्जी मुख्य आरोपी खुद को गांव का सरपंच बताता था, लेकिन पुलिस की जांच में यह दावा गलत निकला है। डीएसपी रविंदर पाल सिंह संधू ने स्पष्ट किया कि लवप्रीत खुद सरपंच नहीं है, बल्कि उसके परिवार की एक महिला गांव की सरपंच है। पुलिस ने हेरोइन, हथियार और लग्जरी गाड़ी को जब्त कर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और आगे की पूछताछ जारी है।